*'विश्व हिंदी दिवस' पर साहित्य सम्मेलन में 'हिंदी-रत्न' सम्मान से विभूषित कवि हुए हिंदी-सेवी, हुई-गोष्ठी।* बिहार 10 जनवरी। इस समय दुनिया में सबसे तेज़ से बढ़ती भाषा है 'हिन्दी'। यह विश्व की दूसरी भाषा है। विश्व के 150 से अधिक देशों के 200 से अधिक स्टूडियो में इसकी पढ़ाई हो रही है। सबा अरब से अधिक लोग हिंदी पढ़, बोल और लिख सकते हैं। ये बातें शनिवार को विश्व हिंदी दिवस पर बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन में आयोजित समारोह का उद्घाटन करते हुए बिहार विधान सभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कही। उन्होंने कहा कि हिन्दी केवल एक भाषा ही नहीं, हमारी संस्कृति उन्नायक है। हमें गर्व से हिंदी बोलना, लिखना और पढ़ना चाहिए। समारोह के मुख्य अतिथि एवं उपभोक्ता संरक्षण आयोग, बिहार के अध्यक्ष संजय कुमार ने कहा कि विश्व के सभी देशों में हिंदी का अध्यापन हो, इस दिशा में हमें भी चेष्टा करनी चाहिए। हमारा पूरा प्रयास है कि 'हिन्दी' विश्व भाषा बने। आत्म-निर्भर भारत बनाने के लिए हमें हिंदी का आश्रय लेना होगा। सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए सम्मेलन के अध्यक्ष अनिल सहज ने कहा कि हिंदी एक पुरातन वैज्ञानिक और सरस भाषा है। यह अपनी वैज्ञानिकता, माधुर्य और बाजार की मांग के कारण पूरी दुनिया में बहुत तेजी से विस्तृत हो रही है। पीड़ा और पीड़ा का विषय यह है कि यह आज तक वह स्थान प्राप्त नहीं कर सका, जो इसे भारत का संविधान 14 सितंबर, 1949 को प्रस्तुत किया गया था। यदि हिन्दी को, चीन की 'मंदारिन' की भाँति, भारत की 'राष्ट्रभाषा' बनाई गई तो आज, संख्या की दृष्टि से बोली जानेवाली यह विश्व की सबसे बड़ी भाषा है। सम्मेलन के उपाध्यक्ष डा. शंकर प्रसाद, डा. मधु वर्मा, डा. रत्नेश्वर सिंह, डा. अशोक प्रियदर्शन, दा. इस अवसर पर, 16 हिंदी सेवियों, बनारस की शाहीन जौहरी, बीसी के दा जनार्दन प्रसाद सिंह, दा सुलोचना कुमारी, डा वीणा अमृत, दा अनुराग शर्मा, रेड्डी कुमार मंडल, गार्गी राय, एबीडी कुमार गंभीरता, सीमा, दा रानी अर्पणा, अपराजिता रायना, अनुभा गुप्ता, दा भागवत कुमार, ऋचा रंजन, दा स्मृति, इंद्रदेव प्रसाद, डा. जंग ब्रेवेंडे और आस्था दीपाली को 'हिंदी-रत्न' अलंकरण से विभूषित किया गया। इस अवसर पर आयोजित कवि-सम्मेलन का उद्घाटन चंदा मिश्र की वाणी-वंदना से हुआ। वयोवृद्ध कवि दा सुमेधा पाठक, डा. आरती कुमारी, प्रो सुनील कुमार उपाध्याय, डा. विद्या चौधरी, इं. कुमार आदि चिकित्सकों और काव्यत्रियों ने अपनी स्वतंत्रता का पाठ किया। मंच का संचालन कवि ब्रह्मानंद पांडे और धन्यवाद-ज्ञपन कृष्ण रंजन सिंह ने किया।
*'विश्व हिंदी दिवस' पर साहित्य सम्मेलन में 'हिंदी-रत्न' सम्मान से विभूषित कवि हुए हिंदी-सेवी, हुई-गोष्ठी।* बिहार 10 जनवरी। इस समय दुनिया में सबसे तेज़ से बढ़ती भाषा है 'हिन्दी'। यह विश्व की दूसरी भाषा है। विश्व के 150 से अधिक देशों के 200 से अधिक स्टूडियो में इसकी पढ़ाई हो रही है। सबा अरब से अधिक लोग हिंदी पढ़, बोल और लिख सकते हैं। ये बातें शनिवार को विश्व हिंदी दिवस पर बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन में आयोजित समारोह का उद्घाटन करते हुए बिहार विधान सभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कही। उन्होंने कहा कि हिन्दी केवल एक भाषा ही नहीं, हमारी संस्कृति उन्नायक है। हमें गर्व से हिंदी बोलना, लिखना और पढ़ना चाहिए। समारोह के मुख्य अतिथि एवं उपभोक्ता संरक्षण आयोग, बिहार के अध्यक्ष संजय कुमार ने कहा कि विश्व के सभी देशों में हिंदी का अध्यापन हो, इस दिशा में हमें भी चेष्टा करनी चाहिए। हमारा पूरा प्रयास है कि 'हिन्दी' विश्व भाषा बने। आत्म-निर्भर भारत बनाने के लिए हमें हिंदी का आश्रय लेना होगा। सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए सम्मेलन के अध्यक्ष अनिल सहज ने कहा कि हिंदी एक पुरातन वैज्ञानिक और सरस भाषा है। यह अपनी वैज्ञानिकता, माधुर्य और बाजार की मांग के कारण पूरी दुनिया में बहुत तेजी से विस्तृत हो रही है। पीड़ा और पीड़ा का विषय यह है कि यह आज तक वह स्थान प्राप्त नहीं कर सका, जो इसे भारत का संविधान 14 सितंबर, 1949 को प्रस्तुत किया गया था। यदि हिन्दी को, चीन की 'मंदारिन' की भाँति, भारत की 'राष्ट्रभाषा' बनाई गई तो आज, संख्या की दृष्टि से बोली जानेवाली यह विश्व की सबसे बड़ी भाषा है। सम्मेलन के उपाध्यक्ष डा. शंकर प्रसाद, डा. मधु वर्मा, डा. रत्नेश्वर सिंह, डा. अशोक प्रियदर्शन, दा. इस अवसर पर, 16 हिंदी सेवियों, बनारस की शाहीन जौहरी, बीसी के दा जनार्दन प्रसाद सिंह, दा सुलोचना कुमारी, डा वीणा अमृत, दा अनुराग शर्मा, रेड्डी कुमार मंडल, गार्गी राय, एबीडी कुमार गंभीरता, सीमा, दा रानी अर्पणा, अपराजिता रायना, अनुभा गुप्ता, दा भागवत कुमार, ऋचा रंजन, दा स्मृति, इंद्रदेव प्रसाद, डा. जंग ब्रेवेंडे और आस्था दीपाली को 'हिंदी-रत्न' अलंकरण से विभूषित किया गया। इस अवसर पर आयोजित कवि-सम्मेलन का उद्घाटन चंदा मिश्र की वाणी-वंदना से हुआ। वयोवृद्ध कवि दा सुमेधा पाठक, डा. आरती कुमारी, प्रो सुनील कुमार उपाध्याय, डा. विद्या चौधरी, इं. कुमार आदि चिकित्सकों और काव्यत्रियों ने अपनी स्वतंत्रता का पाठ किया। मंच का संचालन कवि ब्रह्मानंद पांडे और धन्यवाद-ज्ञपन कृष्ण रंजन सिंह ने किया।
- सीतामढ़ी घर है मेरा....मुझे सीतामढ़ी जाना है ..वीडियो वायरल अगर कोई इन्हें जानते हैं तो सीतामढ़ी उनके घर-परिवार से मिलाने में मदद करें। #sitamarhi #exposesitamarhi1
- Post by Shivlala Kumar1
- सामुदायिक बैठक कर मशरूम उत्पादन व मृदा परीक्षण को लेकर किसानों को किया गया जागरूक (अखिलेश कुमार जिला ब्यूरो चीफ दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार समस्तीपुर बिहार) सरायरंजन प्रखंड के हर्षिंहपुर टाड़ी पंचायत अंतर्गत हर्षिंहपुर टाड़ी गांव स्थित सामुदायिक भवन के प्रांगण में दिनांक 11 जनवरी 2025 को किसानों के लिए सामुदायिक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का आयोजन डॉ. रेड्डी फाउंडेशन के सौजन्य से किया गया, जिसमें संस्था के कार्यकर्ता अखिलेश कुमार उपस्थित रहे।पहले चरण में आयोजित बैठक में कुल 52 किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत उपस्थित किसानों के स्वागत के साथ की गई। इसके पश्चात संस्था का परिचय एवं उद्देश्य को विस्तारपूर्वक किसानों के समक्ष रखा गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य किसानों को कृषि कार्य से संबंधित नवीन जानकारियाँ प्रदान करना तथा ऐसे प्रगतिशील किसानों की पहचान करना था, जो प्रशिक्षण प्राप्त कर आगे चलकर अन्य किसानों को कृषि कार्य में सहयोग कर सकें।इस अवसर पर कार्यकर्ता अखिलेश कुमार द्वारा मशरूम उत्पादन, मृदा परीक्षण एवं एफपीसी (FPC) के विषय में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि मृदा परीक्षण के माध्यम से किसान अपनी भूमि की उर्वरता की जानकारी प्राप्त कर उचित फसल एवं उर्वरक का चयन कर सकते हैं, जिससे उत्पादन में वृद्धि संभव है। वहीं मशरूम उत्पादन को कम लागत में अतिरिक्त आय का एक सशक्त साधन बताया गया।इसके उपरांत उसी गांव में दूसरे चरण की बैठक का भी आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 45 किसानों ने भाग लिया। इस बैठक में भी किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, मृदा परीक्षण के लाभ एवं मशरूम उत्पादन से जुड़ी जानकारियाँ दी गईं। किसानों ने कार्यक्रम में गहरी रुचि दिखाई और कई प्रश्न पूछे, जिनका समाधान संस्था के कार्यकर्ता द्वारा किया गया।बैठक में हर्षिंहपुर गांव के बैंकू साहनी, बलवंत सिंह, नियाज अहमद, सुरेंद्र साहनी, बबीता देवी, महेश साहनी, रामसखी देवी सहित अन्य किसान उपस्थित थे। वहीं दूसरे पंचायत से हेमंत प्रसाद सिंह, माया मिश्रा, बिपुल कुमार, दिनेश प्रसाद सिंह, विजय कुमार सिंह, सुशील कुमार मिश्रा, देवकांत मिश्रा सहित कई किसान कार्यक्रम में मौजूद थे।कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी किसानों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा गया कि भविष्य में भी इस प्रकार की जागरूकता एवं प्रशिक्षण से संबंधित बैठकें निरंतर आयोजित की जाती रहेंगी।2
- Post by Kundan Kumar1
- सोशल मीडिया क्या सिर्फ़ फालतू कंटेंट दिखाने और झूठ परोसने का मंच बनकर रह जाएगा? या फिर यही प्लेटफ़ॉर्म लोगों को न्याय दिलाने और सच सामने लाने का माध्यम भी बनेगा? सच दिखाने वाले का आईडी बंद कर देना, उसकी आवाज़ दबा देना — यह बिल्कुल गलत है। अगर सच बोलने की सज़ा मिलेगी, तो झूठ और ताक़तवर होता जाएगा। 👉 आप लोग क्या सोचते हैं? अपनी प्रतिक्रिया ज़रूर दीजिए। हमारे आईडी को मेंशन करते हुए अपनी बात रखें। और अगर अब तक फॉलो नहीं किया है, तो सच के साथ खड़े रहने के लिए फ़ॉलो ज़रूर कर लीजिए। #सच_की_आवाज़ #सोशल_मीडिया_की_जिम्मेदारी #न्याय_या_झूठ #आवाज़_दबाओगे_तो_गूंज_बढ़ेगी #निष्पक्ष_ख़बरें_अब_तक_बिहार #Ankesh_Thakur1
- Post by Santosh kumar1
- comedy juari Bihar Muzaffarpur. #Bihar #Muzaffarpur #trending #vi1
- सीतामढ़ी जिले के बथनाहा पश्चिमी वार्ड नंबर 10 में शाम लगभग 8 बजे अचानक आग लगने से अफरातफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि लपटों के कारण कई बच्चे झुलस गए, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ितों को प्राथमिक चिकित्सा देने के बाद प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। आग लगने के कारणों का पता अब तक नहीं चल पाया है। #exposesitamarhi #sitamarhi #firefighter #bathnaha #news1