बड़े कमर्शियल वाहन मालिकों के साथ बैठक कर प्रशिक्षित वाहन चालकों की तैनाती करें सुनिश्चित:- जिलाधिकारी जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न। हिट एंड रन मामले में 60 प्रकरण चिन्हित,मृतकों को 2 लाख,घायलों को मिलेंगे 50 हजार रुपए की सहायता राशि 70% सड़क दुर्घटना ओवर स्पीडिंग के कारण,जिलाधिकारी ने ओवर स्पीडिंग के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई में तेजी लाने के दिए निर्देश मऊ । जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। बैठक के दौरान अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी ने बताया कि माननीय जनप्रतिनिधि, यातायात पुलिस एवं सेव लाइफ फाउंडेशन द्वारा दिए गए सुझाव पर सड़क निर्माण कार्य से जुड़ी संस्थाओं द्वारा अभी बहुत से कार्य शेष बचे हैं। एन एच ए आई गोरखपुर एवं गाजीपुर द्वारा कुछ स्थलों पर अभी भी कार्य नहीं किया गया है। पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर से फाउंडेशन द्वारा 113 लोकेशन चिन्हित किए गए थे। जिलाधिकारी ने एन एच ए आई गोरखपुर एवं गाज़ीपुर के प्रतिनिधियों को चिन्हित स्थलों पर शेष कार्य शीघ्र पूर्ण करने को कहा। इसके अलावा सेव लाइफ फाउंडेशन द्वारा पी डब्ल्यू डी के लिए चिन्हित 113 लोकेशन का यथाशीघ्र सर्वे कराते हुए डिमांड शासन में भेजने के निर्देश दिए, जिससे चिन्हित स्थलों पर शीघ्र कार्रवाई पूर्ण की जा सके एवं सड़क दुर्घटनाओं में कभी लाई जा सके। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी ऐसे अस्पतालों की सूची उपलब्ध कराने को कहा जिनमें कैशलेस इलाज एवं आयुष्मान कार्ड धारकों के इलाज की सुविधा प्राप्त है। हिट एंड रन मामले की समीक्षा के दौरान सीओ सिटी कृष राजपूत ने बताया कि 2024 के बाद से अब तक हीट एंड रन मामले में 60 लोगों को चिन्हित किया गया है। सरकारी सहायता के रूप में मृतकों को 2 लाख तथा ₹50000 प्रदान किए जाने हैं। जिलाधिकारी ने ऐसे समस्त प्रकरणों में यथाशीघ्र उपजिलाधिकारी के यहां आवेदन देने की अपील की जिससे सरकार द्वारा मिलने वाली सहायता राशि मृतकों एवं घायलों को उपलब्ध कराया जा सके। सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा के दौरान बड़े कमर्शियल वाहनों एवं ओवर स्पीडिंग के कारण सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने एआरटीओ एवं ट्रैफिक इंस्पेक्टर को बड़े कमर्शियल वाहन मालिकों के साथ बैठक कर वाहनों हेतु प्रशिक्षित ड्राइवर की तैनाती सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान यह भी प्रकरण संज्ञान में आया कि पैदल एवं साइकिल चालकों के अलावा दो पहिया वाहन चालकों की लापरवाही भी सड़क दुर्घटना के कारणों में प्रमुख है। उन्होंने सड़क सुरक्षा जुड़े समस्त विभागों को सड़क सुरक्षा एवं यातायात के नियमों से लोगों को जागरूक करने हेतु विशेष प्रयास करने को कहा। बैठक के दौरान ही जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद एवं सीओ सिटी को अभियान के रूप में सड़क के पटरियो पर अतिक्रमण हटाने हेतु नियमित कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने शासन द्वारा जनपद के तीन क्रिटिकल कॉरिडोर एवं 10 क्रिटिकल प्वाइंट्स चिन्हित कर शासन में भेजने को भी कहा। प्रवर्तन कार्रवाई की समीक्षा के दौरान एआरटीओ ने बताया कि जनवरी माह में बिना हेलमेट दो पहिया वाहनों के खिलाफ 304, बिना सीट बेल्ट में 52, रॉन्ग साइड में 17, ड्रंकन ड्राइव में 7 वाहन चलाते समय मोबाइल के प्रयोग में 23 तथा ओवरलोडिंग माल वाहनों में 14 वाहनों के चालान किए गए। इसके अलावा बिना लाइसेंस के वाहन चलाने में 2, स्कूली वाहन मानक के अनुरूप न पाए जाने में 4 तथा बिना फिटनेस वाहन संचालन में 17 वाहनों का चालान किया गया।जिलाधिकारी ने प्रवर्तन कार्रवाई में और तेजी लाने के निर्देश दिए। सड़क दुर्घटना के कारणों की समीक्षा के दौरान 70% मामलों में ओवर स्पीडिंग प्रमुख कारण रहा। इसके दृष्टिगत जिलाधिकारी ने ओवर स्पीडिंग के मामलों में प्रवर्तन कार्रवाई में विशेष प्रयास करने को कहा। इस दौरान पुलिस अधीक्षक इलमारन जी, एआरटीओ सोहेल अहमद, टीआई एस एस पांडे, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी, सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी सौरभ सिंह सहित सड़क सुरक्षा विभाग से जुड़े अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बड़े कमर्शियल वाहन मालिकों के साथ बैठक कर प्रशिक्षित वाहन चालकों की तैनाती करें सुनिश्चित:- जिलाधिकारी जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न। हिट एंड रन मामले में 60 प्रकरण चिन्हित,मृतकों को 2 लाख,घायलों को मिलेंगे 50 हजार रुपए की सहायता राशि 70% सड़क दुर्घटना ओवर स्पीडिंग के कारण,जिलाधिकारी ने ओवर स्पीडिंग के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई में तेजी लाने के दिए निर्देश मऊ । जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। बैठक के दौरान अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी ने बताया कि माननीय जनप्रतिनिधि, यातायात पुलिस एवं सेव लाइफ फाउंडेशन द्वारा दिए गए सुझाव पर सड़क निर्माण कार्य से जुड़ी संस्थाओं द्वारा अभी बहुत से कार्य शेष बचे हैं। एन एच ए आई गोरखपुर एवं गाजीपुर द्वारा कुछ स्थलों पर अभी भी कार्य नहीं किया गया है। पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर से फाउंडेशन द्वारा 113 लोकेशन चिन्हित किए गए थे। जिलाधिकारी ने एन एच ए आई गोरखपुर एवं गाज़ीपुर के प्रतिनिधियों को चिन्हित
स्थलों पर शेष कार्य शीघ्र पूर्ण करने को कहा। इसके अलावा सेव लाइफ फाउंडेशन द्वारा पी डब्ल्यू डी के लिए चिन्हित 113 लोकेशन का यथाशीघ्र सर्वे कराते हुए डिमांड शासन में भेजने के निर्देश दिए, जिससे चिन्हित स्थलों पर शीघ्र कार्रवाई पूर्ण की जा सके एवं सड़क दुर्घटनाओं में कभी लाई जा सके। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी ऐसे अस्पतालों की सूची उपलब्ध कराने को कहा जिनमें कैशलेस इलाज एवं आयुष्मान कार्ड धारकों के इलाज की सुविधा प्राप्त है। हिट एंड रन मामले की समीक्षा के दौरान सीओ सिटी कृष राजपूत ने बताया कि 2024 के बाद से अब तक हीट एंड रन मामले में 60 लोगों को चिन्हित किया गया है। सरकारी सहायता के रूप में मृतकों को 2 लाख तथा ₹50000 प्रदान किए जाने हैं। जिलाधिकारी ने ऐसे समस्त प्रकरणों में यथाशीघ्र उपजिलाधिकारी के यहां आवेदन देने की अपील की जिससे सरकार द्वारा मिलने वाली सहायता राशि मृतकों एवं घायलों को उपलब्ध कराया जा
सके। सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा के दौरान बड़े कमर्शियल वाहनों एवं ओवर स्पीडिंग के कारण सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने एआरटीओ एवं ट्रैफिक इंस्पेक्टर को बड़े कमर्शियल वाहन मालिकों के साथ बैठक कर वाहनों हेतु प्रशिक्षित ड्राइवर की तैनाती सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान यह भी प्रकरण संज्ञान में आया कि पैदल एवं साइकिल चालकों के अलावा दो पहिया वाहन चालकों की लापरवाही भी सड़क दुर्घटना के कारणों में प्रमुख है। उन्होंने सड़क सुरक्षा जुड़े समस्त विभागों को सड़क सुरक्षा एवं यातायात के नियमों से लोगों को जागरूक करने हेतु विशेष प्रयास करने को कहा। बैठक के दौरान ही जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद एवं सीओ सिटी को अभियान के रूप में सड़क के पटरियो पर अतिक्रमण हटाने हेतु नियमित कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने शासन द्वारा जनपद के तीन क्रिटिकल कॉरिडोर एवं 10 क्रिटिकल प्वाइंट्स चिन्हित कर शासन में भेजने को भी कहा। प्रवर्तन
कार्रवाई की समीक्षा के दौरान एआरटीओ ने बताया कि जनवरी माह में बिना हेलमेट दो पहिया वाहनों के खिलाफ 304, बिना सीट बेल्ट में 52, रॉन्ग साइड में 17, ड्रंकन ड्राइव में 7 वाहन चलाते समय मोबाइल के प्रयोग में 23 तथा ओवरलोडिंग माल वाहनों में 14 वाहनों के चालान किए गए। इसके अलावा बिना लाइसेंस के वाहन चलाने में 2, स्कूली वाहन मानक के अनुरूप न पाए जाने में 4 तथा बिना फिटनेस वाहन संचालन में 17 वाहनों का चालान किया गया।जिलाधिकारी ने प्रवर्तन कार्रवाई में और तेजी लाने के निर्देश दिए। सड़क दुर्घटना के कारणों की समीक्षा के दौरान 70% मामलों में ओवर स्पीडिंग प्रमुख कारण रहा। इसके दृष्टिगत जिलाधिकारी ने ओवर स्पीडिंग के मामलों में प्रवर्तन कार्रवाई में विशेष प्रयास करने को कहा। इस दौरान पुलिस अधीक्षक इलमारन जी, एआरटीओ सोहेल अहमद, टीआई एस एस पांडे, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी, सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी सौरभ सिंह सहित सड़क सुरक्षा विभाग से जुड़े अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- घोसी ब्लॉक क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों में महाशिवरात्रि पर्व पर अखंड हरि कीर्तन समापन पर भण्डारे का आयोजन पहुंचे हजारों श्रद्धालु1
- Post by Namrata Shukla1
- ➡️ ट्रक में अचानक लगी भीषण आग ➡️ आग लगने से धू-धू कर जला तेज रफ्तार ट्रक, वीडियो हुआ सोशल मीडिया पर वायरल ➡️ सड़क के बीचो बीच ट्रक में आग लगने से मची अफरा-तफरी ➡️ पूरा मामला मऊ जनपद के दोहरीघाट थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है।1
- Sachin Pali gaon sign bhupat mein Bhagwan ka Pran pratishtha sthapna hua dinank 18 2026 Rath hatyara1
- Post by Dawan विजय टाइम्स पेपर न्यूज1
- आजमगढ़: जनपद के इंटर कॉलेजों में 18/02/2026 से प्रारंभ हुई बोर्ड परीक्षा के पहले दिन सघन और प्रभावी जांच व्यवस्था देखने को मिली। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पूर्व परीक्षार्थियों की गहन तलाशी ली गई और नियमों का कड़ाई से पालन कराया गया। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षा को नकलविहीन एवं पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती और सुरक्षा बलों की मौजूदगी से व्यवस्था मजबूत दिखी। छात्र-छात्राओं ने भी जांच प्रक्रिया में सहयोग किया और अनुशासन बनाए रखा। अभिभावकों ने प्रशासन की व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे निष्पक्ष परीक्षा की दिशा में सकारात्मक कदम बताया। कुल मिलाकर, आज परीक्षा केंद्रों पर जांच बहुत ही अच्छे और व्यवस्थित तरीके से की जा रही है।2
- Post by Kabya Chauhan1
- Post by Namrata Shukla2