दिल्ली से मीनाक्षी नटराजन जी पर राज्यसभा नामांकन के फॉर्म 26 में जानकारी छिपाने का आरोप लगाया गया है। इस आरोप के जवाब में, उन्होंने स्पष्ट किया है कि उन्होंने कोई भी जानकारी नहीं छिपाई है। उन्होंने बताया कि फॉर्म 26 में राजनीतिक दल की जानकारी, मतदाता सूची में उम्मीदवार का क्रमांक, फोन नंबर, ई-मेल, पैन और इनकम टैक्स रिटर्न की जानकारी, तथा संपत्ति और अन्य चीजों का विवरण मांगा जाता है। हालाँकि, विवाद उन बिंदुओं पर केंद्रित है जहाँ उम्मीदवार के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों और किसी दंडनीय अपराध के लिए दोषी ठहराए जाने संबंधी मामलों का विवरण मांगा जाता है। मीनाक्षी नटराजन जी ने कहा कि उन्होंने फॉर्म 26 में यह जानकारी दी थी कि उन पर ऐसा कुछ भी लागू नहीं है, क्योंकि उन पर केवल एक 'लीगल नोटिस' है, जिसका अदालत ने अभी तक संज्ञान तक नहीं लिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी 'प्राइवेट कंप्लेंट' की जानकारी देने के लिए फॉर्म 26 में कोई विशेष कॉलम नहीं था। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि ऐसा कोई कॉलम होता, तो वे निश्चित रूप से यह सूचना देतीं। नटराजन जी के अनुसार, यह बिल्कुल स्पष्ट है कि न तो फॉर्म में कोई कमी थी और न ही कोई मांगी गई जानकारी छिपाई गई; जो भी जानकारी मांगी गई, वह फॉर्म 26 के तहत पूर्ण रूप से दी गई थी।
दिल्ली से मीनाक्षी नटराजन जी पर राज्यसभा नामांकन के फॉर्म 26 में जानकारी छिपाने का आरोप लगाया गया है। इस आरोप के जवाब में, उन्होंने स्पष्ट किया है कि उन्होंने कोई भी जानकारी नहीं छिपाई है। उन्होंने बताया कि फॉर्म 26 में राजनीतिक दल की जानकारी, मतदाता सूची में उम्मीदवार का क्रमांक, फोन नंबर, ई-मेल, पैन और इनकम टैक्स रिटर्न की जानकारी, तथा संपत्ति और अन्य चीजों का विवरण मांगा जाता है। हालाँकि, विवाद उन बिंदुओं पर केंद्रित है जहाँ उम्मीदवार के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों और किसी दंडनीय अपराध के लिए दोषी ठहराए जाने संबंधी मामलों का विवरण मांगा जाता है। मीनाक्षी नटराजन जी ने कहा कि उन्होंने फॉर्म 26 में यह जानकारी दी थी कि उन पर ऐसा कुछ भी लागू नहीं है, क्योंकि उन पर केवल एक 'लीगल नोटिस' है, जिसका अदालत ने अभी तक संज्ञान तक नहीं लिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी 'प्राइवेट कंप्लेंट' की जानकारी देने के लिए फॉर्म 26 में कोई विशेष कॉलम नहीं था। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि ऐसा कोई कॉलम होता, तो वे निश्चित रूप से यह सूचना देतीं। नटराजन जी के अनुसार, यह बिल्कुल स्पष्ट है कि न तो फॉर्म में कोई कमी थी और न ही कोई मांगी गई जानकारी छिपाई गई; जो भी जानकारी मांगी गई, वह फॉर्म 26 के तहत पूर्ण रूप से दी गई थी।
- सीतापुर शहर में जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. ने 16 जून 2026 को आवास विकास बी ब्लॉक का औचक निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सीवर टैंक में गंदगी पाए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और उसकी पिछली सफाई की जानकारी भी माँगी। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी न्यायिक सदर (अतिरिक्त प्रभार) सीमा को तत्काल सफाई और अन्य संबंधित कार्यों की पत्रावली अपने समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने आवास विकास की नालियों की साफ-सफाई का भी निरीक्षण किया। वर्षा के दौरान जिन सड़कों पर जलभराव की स्थिति बनती है, उन्हें देखते हुए संबंधित अधिकारियों को उचित जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया, ताकि मोहल्लेवासियों को किसी तरह की परेशानी न हो। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने नालियों पर अतिक्रमण करने वालों को नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने के भी आदेश दिए, जिससे जलभराव की समस्या को रोका जा सके।1
- सीतापुर में पुलिस की मुस्तैदी और किस्मत की एक चूक के कारण एक बड़े मादक पदार्थ तस्कर की चालाकी विफल हो गई, जिसके बाद रामकोट थाना पुलिस ने उसे मिर्जापुर मोड़ के पास घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध गांजा और घटना में इस्तेमाल की गई हॉन्डा सिटी कार बरामद की है। बरामद नशीले पदार्थ की बाजार में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। गिरफ्तार आरोपी का शाहजहाँपुर तक फैला नेटवर्क बताया जा रहा है। वह चेकिंग देखकर भागने की कोशिश कर रहा था, तभी उसकी हॉन्डा सिटी कार नाली में फंस गई। पुलिस के अनुसार, इस शातिर तस्कर पर पहले से ही हत्या और तस्करी के मुकदमे दर्ज हैं।3
- मोहर्रम के त्योहार से पहले नानपारा पुलिस पूरी तरह से अलर्ट हो गई है। पुलिस प्रशासन का मुख्य लक्ष्य क्षेत्र में शांति व्यवस्था को सफलतापूर्वक कायम रखना है, जिसके लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं।1
- राम मंदिर ट्रस्ट के दस्तावेजों से चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिनके अनुसार बीते 11 महीनों में ट्रस्ट को दान में मिली राशि से ज़्यादा ब्याज के रूप में प्राप्त हुआ है। इन तथ्यों से यह सवाल उठता है कि क्या राम मंदिर आने वाला हर श्रद्धालु मात्र ₹5 का ही दान कर रहा है।1
- बाराबंकी के फतेहपुर-सूरतगंज मार्ग पर बुधवार सुबह गनेशपुरवा गांव के पास एक भीषण सड़क हादसा हो गया। फतेहपुर से सवारियां लेकर सूरतगंज जा रहे एक सीएनजी ऑटो रिक्शा की सामने से आ रही मोटरसाइकिल से आमने-सामने की टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में कुल सात लोग घायल हुए, जिनमें एक मां-बेटा गंभीर रूप से जख्मी हो गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो रिक्शा अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक गहरे गड्ढे में पलट गया, जबकि मोटरसाइकिल भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए। सूचना मिलते ही पीआरबी पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायलों को 108 और 102 एंबुलेंस की सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) फतेहपुर भेजा गया।1
- सीतापुर जनपद के सिधौली विकासखंड क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध श्री बालेश्वर महादेव धाम इन दिनों एक गंभीर समस्या को लेकर चर्चा में है, जहाँ लाखों रुपये के सौंदर्यीकरण कार्यों के बावजूद धाम परिसर में बना सुलभ शौचालय लंबे समय से बंद पड़ा है। गोमती नदी के तट पर स्थित इस प्राचीन धार्मिक और पर्यटक स्थल पर आने वाले हजारों श्रद्धालुओं, साधु-संतों और पर्यटकों को खुले में शौच करने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, ग्राम पंचायत द्वारा निर्मित इस शौचालय के मुख्य द्वार पर अधिकतर समय ताला लगा रहता है और न तो कोई केयरटेकर है और न ही इसकी नियमित साफ-सफाई की कोई व्यवस्था है। प्रत्येक सोमवार, अमावस्या और बड़े मंगल जैसे विशेष अवसरों पर यहाँ हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं, जिनमें रात में रुकने वाले और दूर-दराज से आने वाले साधु-संत व कल्पवासी भी शामिल हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि शौचालय बंद होने से सबसे अधिक परेशानी महिला श्रद्धालुओं और साध्वियों को हो रही है, जिन्हें शौच के लिए जंगलों और झाड़ियों का सहारा लेना पड़ता है। यह स्थिति उनकी सुरक्षा और सम्मान को प्रभावित करती है, जिस पर ग्रामीणों ने महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के दावों के बीच चिंता व्यक्त की है। शौचालय की सुविधा न मिलने के कारण लोग खुले में शौच करने पर विवश हैं, और कई बार श्रद्धालु गोमती नदी के किनारों पर भी शौच करते देखे जाते हैं, जिससे नदी की स्वच्छता और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। यह स्थिति स्वच्छ भारत मिशन और ग्रामीण स्वच्छता अभियान के उद्देश्यों पर सवाल उठा रही है। स्थानीय श्रद्धालुओं, ग्रामीणों और साधु-संतों ने प्रशासन तथा ग्राम पंचायत से तत्काल सुलभ शौचालय को संचालित करने, नियमित केयरटेकर नियुक्त करने और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि 'विकास तभी सार्थक होगा, जब श्रद्धालुओं को सम्मानजनक और स्वच्छ सुविधाएं भी उपलब्ध हों,' और लाखों के सौंदर्यीकरण के बीच मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।1
- उद्धव के नेतृत्व वाली पार्टी में एक बड़ी टूट सामने आई है, जहाँ उनके कुल 9 में से 6 सांसद बागी हो गए हैं। इन बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को एक चिट्ठी भी सौंपी है, जो इस आंतरिक कलह का स्पष्ट संकेत है। इस घटनाक्रम के बीच, संजय राउत ने एक प्रेस-कॉन्फ्रेंस के दौरान गाली दी, जिससे स्थिति और गरमा गई। फिलहाल ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि ये बागी सांसद शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं, जो इस राजनीतिक उथल-पुथल का अगला चरण हो सकता है।1
- लखनऊ के जानकीपुरम स्थित जानकी वाटिका पार्क मंदिर में मंगलवार को भक्ति और सेवा का एक अनूठा संगम देखने को मिला। सातवें बड़े मंगल के अवसर पर मंदिर परिसर में सुंदरकांड का भव्य पाठ आयोजित किया गया, जिसके साथ ही एक विशाल भंडारे का भी आयोजन हुआ। मंदिर के पुजारी ने बताया कि यहाँ हर मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस आयोजन की एक खास बात यह है कि IAS, PCS, जज और IPS जैसे वरिष्ठ अधिकारी भी नियमित रूप से इसमें आते हैं और बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। पुजारी के अनुसार, सबसे खास नज़ारा तब दिखता है जब ये अधिकारी अपने पद और रुतबे को किनारे रखकर एक भिक्षुक की तरह मंदिर में सेवा करते हैं। कोई झाड़ू लगाता है, कोई प्रसाद बांटता है, तो कोई भंडारे में बर्तन साफ करने में जुट जाता है। सेवा की यह भावना मंदिर के माहौल को और भी सादगी भरा बना देती है। इस विशाल भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। जानकीपुरम के लोगों के लिए यह मंगलवार का आयोजन अब एक नियमित परंपरा बन गया है, जो भक्ति और निःस्वार्थ सेवा का प्रतीक है।1
- सीतापुर जिले के महमूदाबाद में एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यहां कबाड़ में भीषण आग लग गई थी, जिस पर दमकल विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सफलतापूर्वक काबू पा लिया। दमकल की मुस्तैदी के चलते कोई बड़ी अनहोनी होने से बच गई।1