सुरेश चंद्र अग्रवाल ने हरे कृष्ण और हरे राम मंत्रों के जाप के साथ सभी भक्तों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने जीवन की कठिनाइयों के बीच धैर्य रखने का संदेश देते हुए कहा है कि मंज़िल की चिंता करने के बजाय अपने कदमों पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि संघर्ष करने वाला कभी पराजित नहीं होता। उन्होंने कर्म की शक्ति और विश्वास को सफलता का आधार बताया है। इस पोस्ट में भगवद गीता के चौथे अध्याय के 25वें श्लोक की व्याख्या भी शामिल है, जिसमें यज्ञों के विभिन्न प्रकारों का वर्णन है। इसमें बताया गया है कि कैसे कुछ योगी देवताओं की पूजा के लिए यज्ञ करते हैं, जबकि कृष्णभावनाभावित व्यक्ति भगवान श्री कृष्ण को प्रसन्न करने के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर देते हैं, जिससे उनका आत्मस्वरूप नष्ट नहीं होता। धार्मिक कथाओं के संदर्भ में, यहाँ द्वापरयुग की उस घटना का उल्लेख है जब भगवान श्री कृष्ण के सुदर्शन चक्र ने काशी को जलाकर राख कर दिया था। कथा के अनुसार, मथुरा के राजा कंस के वध के बाद मगध के राजा जरासंध ने प्रतिशोध स्वरूप कई बार आक्रमण किए। काशीराज के पुत्र ने श्री कृष्ण से बदला लेने के लिए भगवान शिव की तपस्या की और एक भयंकर कृत्या प्राप्त की। जब उसने कृत्या को द्वारिका भेजा, तो श्री कृष्ण ने सुदर्शन चक्र का प्रयोग किया। सुदर्शन चक्र काशी तक पहुँचा और कृत्या के साथ-साथ पूरी काशी को भस्म कर दिया। बाद में वारा और असि नदियों के मध्य इस नगर के पुनः बसने पर इसे वाराणसी नाम मिला। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाते हुए लौकी के औषधीय गुणों का उल्लेख किया गया है। इसमें वजन प्रबंधन, पाचन सुधारने, रक्तचाप नियंत्रित करने और त्वचा व बालों के स्वास्थ्य के लिए लौकी के लाभ बताए गए हैं।
सुरेश चंद्र अग्रवाल ने हरे कृष्ण और हरे राम मंत्रों के जाप के साथ सभी भक्तों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने जीवन की कठिनाइयों के बीच धैर्य रखने का संदेश देते हुए कहा है कि मंज़िल की चिंता करने के बजाय अपने कदमों पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि संघर्ष करने वाला कभी पराजित नहीं होता। उन्होंने कर्म की शक्ति और विश्वास को सफलता का आधार बताया है। इस पोस्ट में भगवद गीता के चौथे अध्याय के 25वें श्लोक की व्याख्या भी शामिल है, जिसमें यज्ञों के विभिन्न प्रकारों का वर्णन है। इसमें बताया गया है कि कैसे कुछ योगी देवताओं की पूजा के लिए यज्ञ करते हैं, जबकि कृष्णभावनाभावित व्यक्ति भगवान श्री कृष्ण को प्रसन्न करने के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर देते हैं, जिससे उनका आत्मस्वरूप नष्ट नहीं होता। धार्मिक कथाओं के संदर्भ में, यहाँ द्वापरयुग की उस घटना का उल्लेख है जब भगवान श्री कृष्ण के सुदर्शन चक्र ने काशी को जलाकर राख कर दिया था। कथा के अनुसार, मथुरा के राजा कंस के वध के बाद मगध के राजा जरासंध ने प्रतिशोध स्वरूप कई बार आक्रमण किए। काशीराज के पुत्र ने श्री कृष्ण से बदला लेने के लिए भगवान शिव की तपस्या की और एक भयंकर कृत्या प्राप्त की। जब उसने कृत्या को द्वारिका भेजा, तो श्री कृष्ण ने सुदर्शन चक्र का प्रयोग किया। सुदर्शन चक्र काशी तक पहुँचा और कृत्या के साथ-साथ पूरी काशी को भस्म कर दिया। बाद में वारा और असि नदियों के मध्य इस नगर के पुनः बसने पर इसे वाराणसी नाम मिला। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाते हुए लौकी के औषधीय गुणों का उल्लेख किया गया है। इसमें वजन प्रबंधन, पाचन सुधारने, रक्तचाप नियंत्रित करने और त्वचा व बालों के स्वास्थ्य के लिए लौकी के लाभ बताए गए हैं।
- जयपुर के बगरू में एसबीआई से सीधा लाइव दिखाया जा रहा है। इस लाइव कवरेज को देखने के लिए दर्शकों से 'जस्ट जयपुर लाइव' के साथ लगातार जुड़े रहने की अपील की गई है।1
- जयपुर के आमेर क्षेत्र स्थित सागर झील में उस समय हड़कंप मच गया जब एक युवक ने झील में कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया। युवक को पानी में कूदते देख वहां मौजूद लोगों ने तुरंत शोर मचा दिया। इसी दौरान मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने सूझबूझ दिखाते हुए झील में रस्सी डाली और युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे उसकी जान बच गई। घटना की सूचना मिलने पर आमेर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को अपनी निगरानी में ले लिया। पूछताछ के दौरान आमेर के नटाटा गांव निवासी युवक कृष्ण कुमार मीणा ने आरोप लगाया कि वह अपने घरवालों से परेशान है और उसके साथ मारपीट की जाती है, जिसके चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस ने तत्काल युवक के परिजनों को सूचना देकर थाने बुलवाया, जहां युवक की मां ने पुलिस को एक अलग कहानी बताई। मां के अनुसार, कृष्ण कुमार छह बेटियों के बाद परिवार का सबसे छोटा बेटा है और वह पिछले तीन से चार महीनों से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी बीमारी का उपचार ले रहा है, जिसकी दवाइयां भी चल रही हैं। पुलिस ने प्रारंभिक पूछताछ के बाद परिजनों को समझाइश दी और युवक की सुरक्षा व उपचार जारी रखने की सलाह दी। इस मामले में पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सड़क किनारे गिरे एक पेड़ के पास किसी ने दान पेटी रख दी है और पेड़ पर मालाएं चढ़ा दी हैं। इस वीडियो में कई लोग इसे आस्था का स्थान मानकर श्रद्धा से पूजा-अर्चना करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद अब समाज में अंधविश्वास, वैज्ञानिक सोच और सामाजिक जागरूकता को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। कई लोग इसे बिना तथ्यों की पुष्टि किए किसी भी चीज़ को धार्मिक आस्था का रूप देने की गलत प्रवृत्ति बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे व्यक्तिगत आस्था का विषय मान रहे हैं। वहीं, विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि समाज में शिक्षा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तार्किक सोच को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है, ताकि लोग किसी भी दावे या घटना को स्वीकार करने से पहले तथ्यों के आधार पर उसका मूल्यांकन कर सकें।1
- राजस्थान की राजधानी जयपुर में रिश्तों को झकझोर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां सरकारी नौकरी और प्रॉपर्टी हासिल करने की चाहत में एक बेटी ने अपने ही ताऊ और चचेरे भाई के साथ मिलकर अपनी मां की हत्या की साजिश रची। आरोपियों ने 7 लाख रुपये की सुपारी देकर 45 वर्षीय मां नीरज शर्मा को स्कॉर्पियो गाड़ी से कुचलवाकर मार डाला। पुलिस के अनुसार, यह दर्दनाक वारदात 3 जुलाई की शाम करीब 4 बजकर 45 मिनट पर जयपुर के प्रताप नगर थाना क्षेत्र में हुई, जब कोर्ट में एलडीसी के पद पर कार्यरत नीरज शर्मा अपने बेटे को कोचिंग छोड़कर वापस घर लौट रही थीं। इसी दौरान लगभग 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आ रही एक स्कॉर्पियो ने उन्हें ऐसी भीषण टक्कर मारी कि उनका शरीर करीब 100 फीट दूर जाकर गिरा और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद चालक मौके से फरार हो गया था। शुरुआत में यह मामला एक साधारण सड़क हादसा लग रहा था, लेकिन पुलिस की गहराई से की गई जांच और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद हत्या की इस बड़ी साजिश का खुलासा हुआ। डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा के मुताबिक, नीरज शर्मा के पति के निधन के बाद उन्हें अनुकंपा नियुक्ति के तहत एलडीसी की नौकरी मिली थी। उनकी बेटी आयुषी शर्मा की नजर मां की इसी सरकारी नौकरी और संपत्ति पर थी, जिसे लेकर पिछले दो-तीन वर्षों से मां-बेटी में लगातार विवाद चल रहा था। आयुषी चाहती थी कि पिता की जगह उसे नौकरी मिले, लेकिन मां ने खुद नौकरी जॉइन कर ली, जिसके बाद उसने मां को रास्ते से हटाने की साजिश रची। जांच में सामने आया कि आयुषी ने अपने ताऊ मोहन स्वरूप और चचेरे भाई बलराम उर्फ रवि के साथ मिलकर भरतपुर के हेमंत शर्मा को 7 लाख रुपये की सुपारी दी थी। आरोपियों ने पहले एक थार गाड़ी किराए पर लेकर कई दिनों तक रेकी की, लेकिन तब वारदात को अंजाम नहीं दे पाए। इसके बाद करीब एक महीने तक निगरानी रखने के बाद पूरी योजना के तहत स्कॉर्पियो से टक्कर मारी गई। वारदात के दिन मोहित शर्मा लगातार नीरज शर्मा की लोकेशन दे रहा था, जबकि रोहित जाटव बाइक से निगरानी कर रहा था। वारदात के वक्त आकाश शर्मा स्कॉर्पियो चला रहा था और अरविंद शर्मा उसके साथ गाड़ी में बैठा था। वारदात के बाद ये आरोपी गाड़ी छोड़कर बाइक से फरार हो गए। मृतका के भाई राकेश कुमार शर्मा ने शिकायत में बताया कि उनकी बहन पहले भी बेटी, ससुराल पक्ष और जेठ के बेटे द्वारा प्रॉपर्टी विवाद में प्रताड़ित किए जाने और जान से मारने की धमकियां मिलने की बात कह चुकी थीं। पुलिस की पूछताछ में आरोपी बेटी आयुषी शर्मा ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वह पिता की जगह नौकरी और संपत्ति पाना चाहती थी, इसीलिए उसने अपनी मां की हत्या करवाई। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में आयुषी शर्मा, मोहन स्वरूप, मोहित शर्मा, आकाश शर्मा, अरविंद शर्मा, हेमंत शर्मा और रोहित जाटव सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, मुख्य आरोपी बलराम उर्फ रवि फिलहाल फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार तलाश कर रही है।1
- भारत में मस्जिदों और मदरसों के अनावश्यक विध्वंस को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। इसे 1947 के पूजा स्थल अधिनियम और संविधान के विरुद्ध बताते हुए तत्काल प्रभाव से विध्वंस रोकने की मांग की गई है। नमाज पढ़ने के स्थानों और इस्लामिक मदरसों को शिक्षा विकास के लिए जरूरी बताते हुए इन्हें बचाए रखने पर जोर दिया गया है। आरोप है कि बीजेपी सरकार की प्रणाली और तानाशाही के चलते भारत में मुस्लिम समुदाय के लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। इसके साथ ही, भारत में सामाजिक कल्याण गतिविधियों और विकास क्रांति के लिए दान की अपील की गई है।3
- जयपुर के एक रेस्टोरेंट में उस समय भारी हंगामा मच गया, जब एक पति ने अपनी पत्नी को किसी अन्य व्यक्ति के साथ देखा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। हालांकि, केवल वायरल वीडियो के आधार पर इस मामले में शामिल लोगों के आपसी रिश्तों या लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से कोई पुष्टि नहीं की जा सकती है। इस पूरे घटनाक्रम की सच्चाई संबंधित पक्षों के बयानों और मामले की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।1
- नरेंद्र मोदी के संबोधन पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें विश्व की महान शक्ति का प्रतीक बताया गया है। इस दौरान भारत की बढ़ती ताकत की सराहना करते हुए 'भारत जिंदाबाद' के नारों के साथ देश के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया है।1
- राजधानी दिल्ली के गांधी नगर मार्केट क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए बदमाशों ने दिनदहाड़े एक बड़ी लूट की वारदात को अंजाम दिया है। यहाँ बदमाशों ने एक फाइनेंस कारोबारी के स्टाफ से करीब ₹17 लाख की नकदी से भरा बैग लूट लिया और मौके से फरार हो गए। बताया जा रहा है कि पीड़ित कर्मचारी जैसे ही अपने ऑफिस के बाहर पहुंचा था, तभी घात लगाए बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया। दिनदहाड़े हुई इस सनसनीखेज वारदात से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। बदमाशों को पकड़ने के लिए विशेष टीमों का गठन भी किया गया है। पुलिस का कहना है कि वे मामले की हर पहलू से गहनता से जांच कर रहे हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1