देहरादून पुलिस ने अपने 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल की है, जिसमें हत्या के प्रयास मामले में वांछित चल रहे ₹10 हजार के इनामी आरोपी एकलव्य को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी दून पुलिस द्वारा अपराधियों के खिलाफ चलाई जा रही लगातार सख्त कार्रवाई का हिस्सा है। यह मामला थाना प्रेमनगर क्षेत्र से जुड़ा है, जहाँ 23 मई 2026 को एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला किया गया था। इस हमले में आरोपी एकलव्य अपने साथियों के साथ शामिल था। पुलिस ने इस मामले में पहले ही एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन एकलव्य लगातार फरार चल रहा था। फरार चल रहे आरोपी एकलव्य और उसके एक साथी पर एसएसपी देहरादून द्वारा ₹10-10 हजार का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस टीम ने मुखबिर से मिली सूचना पर तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी एकलव्य को डाको वाली रोड से धर दबोचा। एसएसपी देहरादून के निर्देशन में यह 'ऑपरेशन प्रहार' लगातार जारी है, जिसका उद्देश्य अपराधियों पर नकेल कसना है।
देहरादून पुलिस ने अपने 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल की है, जिसमें हत्या के प्रयास मामले में वांछित चल रहे ₹10 हजार के इनामी आरोपी एकलव्य को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी दून पुलिस द्वारा अपराधियों के खिलाफ चलाई जा रही लगातार सख्त कार्रवाई का हिस्सा है। यह मामला थाना प्रेमनगर क्षेत्र से जुड़ा है, जहाँ 23 मई 2026 को एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला किया गया था। इस हमले में आरोपी एकलव्य अपने साथियों के साथ शामिल था। पुलिस ने इस मामले में पहले ही एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन एकलव्य लगातार फरार चल रहा था। फरार चल रहे आरोपी एकलव्य और उसके एक साथी पर एसएसपी देहरादून द्वारा ₹10-10 हजार का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस टीम ने मुखबिर से मिली सूचना पर तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी एकलव्य को डाको वाली रोड से धर दबोचा। एसएसपी देहरादून के निर्देशन में यह 'ऑपरेशन प्रहार' लगातार जारी है, जिसका उद्देश्य अपराधियों पर नकेल कसना है।
- डोईवाला नगर पालिका में कार्यरत कूड़ा वाहन चालक और हेल्पर कथित वेतन कटौती के विरोध में हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा पूर्व निर्धारित वेतन से अनावश्यक कटौती की जा रही है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने कई बार संबंधित पक्षों को अपनी समस्या से अवगत कराया, लेकिन इसका कोई समाधान नहीं निकला। इसी के चलते सभी कूड़ा गाड़ी चालक और हेल्परों ने कार्य बहिष्कार कर आंदोलन शुरू कर दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक वेतन कटौती का मामला स्पष्ट नहीं हो जाता और उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। इस मामले पर नगर पालिका परिषद डोईवाला के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि किसी कर्मचारी के साथ गलत हुआ है, तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी, ताकि किसी भी कर्मचारी के हितों के साथ अन्याय न हो। इस हड़ताल के कारण नगर क्षेत्र में कूड़ा उठान व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है, और स्थिति प्रशासन व कर्मचारियों के बीच वार्ता के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1
- जिले में हाई-टेक पेन को लेकर उच्च स्तर का अलर्ट जारी किया गया है। यह अलर्ट वायरल खबरों के बीच सामने आया है।1
- देहरादून के मसूरी-धनोल्टी रोड पर स्थित एक होमस्टे में दिल्ली की 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर पी. राधा गायत्री का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ है। पुलिस को 15 जून की सुबह करीब 7:30 बजे महिला के अचेत होने की सूचना मिली, जिसके बाद मौके पर पहुंचने पर गायत्री का शव बिना कपड़ों के फर्श पर पड़ा मिला। कमरे में बिस्तर की चादर पर खून के धब्बे पाए गए और दो खाली शराब की बोतलें भी बरामद हुईं। मृतका के पति, सौम्या श्रीचरण, जो पुणे में आईटी प्रोफेशनल हैं, ने पुलिस को बताया कि उन्होंने रात में शराब पी थी और सुबह करीब 3:30 बजे सो गए थे। उनके मुताबिक, सुबह उठने पर उन्होंने गायत्री को फर्श पर अचेत पाया और उनकी नाक से खून बह रहा था। पी. राधा गायत्री दिल्ली के किदवई नगर ईस्ट की निवासी थीं और गुरुग्राम की एक आईटी कंपनी में कार्यरत थीं, जो अपने पति के साथ छुट्टियां मनाने मसूरी आई हुई थीं। जोड़े का विवाह 8 नवंबर 2025 को हुआ था और दोनों परिवार मूल रूप से विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश) के रहने वाले हैं। इस मामले में देहरादून के कोरोनेशन अस्पताल में डॉक्टरों के एक पैनल द्वारा वीडियोग्राफी के साथ शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, शरीर पर कोई बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं, जिसके चलते मौत की सटीक वजह जानने के लिए विसरा सुरक्षित रख लिया गया है। मृतका के पिता ने मामले की गहन जांच की मांग करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।1
- हरिद्वार के भगवानपुर में हत्या के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों पर पुलिस ने शिकंजा कसा है। माननीय न्यायालय के आदेश पर भगवानपुर पुलिस ने आरोपियों के गिरफ्तारी से बचने के प्रयासों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ढोल-नगाड़ों के साथ आरोपियों के घरों पर 84 BNSS (भारतीय न्याय संहिता) के अंतर्गत उद्घोषणा की कार्रवाई को अंजाम दिया, यह सुनिश्चित करते हुए कि अपराध कर फरार होने वालों को हर हाल में सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा। यह मामला दिनांक 17.05.2026 का है, जब होटल धरोहर में कलीम नामक युवक की होटल संचालकों द्वारा मारपीट के कारण मृत्यु हो गई थी। इस घटना के संबंध में दर्ज अभियोग में भगवानपुर पुलिस पहले ही 05 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज चुकी है। हालांकि, इस गंभीर हत्याकांड में नामजद आरोपी अर्पित, जो प्रवीण चौहान का पुत्र और खुब्बनपुर, कोतवाली भगवानपुर, जनपद हरिद्वार का निवासी है, तथा ऋषिकेश सिंह, जो रमेश सिंह का पुत्र और खुब्बनपुर, कोतवाली भगवानपुर, जनपद हरिद्वार का निवासी है, लगातार गिरफ्तारी से बचते हुए फरार चल रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देश पर इन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। इसी क्रम में, माननीय न्यायालय रुड़की से प्राप्त आदेश के अनुपालन में, आज दिनांक 17.06.2026 को पुलिस टीम द्वारा मुकदमा अपराध संख्या 207/26, धारा 103(1)/115(2)/127(2)/352/238(1)/61(2)/315 BNS से संबंधित दोनों फरार आरोपियों के निवास स्थानों पर पहुंचकर ढोल-नगाड़ों के साथ उद्घोषणा की गई। इस उद्घोषणा के माध्यम से आम जनता को सूचित किया गया कि उक्त अभियुक्त न्यायालय द्वारा निर्धारित अवधि में उपस्थित हों। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उनके विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। हरिद्वार पुलिस अपराधियों की गिरफ्तारी और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।1
- दिनांक 17.05.2026 को होटल धरोहर में कलीम नामक एक युवक की होटल संचालकों द्वारा की गई मारपीट के कारण मृत्यु हो गई थी। इस घटना के संबंध में दर्ज किए गए अभियोग में भगवानपुर पुलिस द्वारा पूर्व में ही पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा जा चुका है। हत्या के इस गंभीर मामले में नामित आरोपी अर्पित पुत्र प्रवीण चौहान और ऋषिकेश सिंह पुत्र रमेश सिंह, दोनों निवासी खुब्बनपुर, कोतवाली भगवानपुर, जनपद हरिद्वार, लगातार गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देशों के अनुसार, इन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में, माननीय न्यायालय रुड़की से प्राप्त आदेश का पालन करते हुए, आज दिनांक 17.06.2026 को पुलिस टीम ने धारा 84 BNSS के अंतर्गत मुकदमा अपराध संख्या 207/26, धारा 103(1)/115(2)/127(2)/352/238(1)/61(2)/315 BNS से संबंधित दोनों फरार आरोपियों के निवास स्थानों पर पहुंचकर ढोल-नगाड़ों के साथ उद्घोषणा की कार्रवाई की। इस उद्घोषणा के माध्यम से आम जनता को सूचित किया गया कि अभियुक्त न्यायालय द्वारा निर्धारित अवधि में उपस्थित हों, अन्यथा उनके विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। हरिद्वार पुलिस अपराधियों की गिरफ्तारी और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।1
- उज्ज्वल भविष्य के निर्माण हेतु लोगों से रोबराज दाव शाहपुर शितला खेड़ा में एक बार अवश्य पधारने का आग्रह किया गया है। यह आमंत्रण एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए दिया गया है।1
- हरिद्वार पुलिस ने किसानों को नुकसान पहुंचा रहे मोटर चोरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पथरी थाना पुलिस ने इस मामले का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए चोरी की गई पांच पानी की मोटरें बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार, क्षेत्र में खेतों से लगातार पानी की मोटर चोरी होने की शिकायतें मिल रही थीं, जिससे किसानों में चिंता का माहौल बना हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पथरी पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और मुखबिर तंत्र की मदद से दोनों आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर ही पुलिस ने चोरी की गई पांच मोटरें बरामद करने में सफलता पाई। पुलिस की इस सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से चोरी की वारदातों का पर्दाफाश हुआ है, जिससे क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत मिली है। इस कार्रवाई से किसानों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है, वहीं अपराधियों को भी यह कड़ा संदेश गया है कि कानून से बच निकलना आसान नहीं है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस प्रभावी कार्रवाई की सराहना करते हुए उनकी तत्परता की प्रशंसा की है।1
- चंपावत पुलिस ने एक वायरल वीडियो कांड में बड़ा एक्शन लेते हुए टैक्सी चालक से मारपीट, धमकी देने और मोबाइल छीनने के मामले में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक रेखा यादव के निर्देशन में चलाए गए अभियान के तहत, पुलिस ने पीड़ित का छीना गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है। दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में कुछ लोगों द्वारा एक टैक्सी चालक के साथ मारपीट करने, अभद्र व्यवहार करने, जान से मारने की धमकी देने और उसका मोबाइल फोन छीनने की घटना सामने आई थी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, थाना लोहाघाट और एसओजी की एक संयुक्त टीम लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। पुलिस टीम ने दिगालीचौड़ क्षेत्र और लोहाघाट बाजार में दबिश देकर नामजद आरोपी वीरेंद्र सिंह बोहरा और मोहन चंद, साथ ही प्रकाश में आए आरोपी कमल राम को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से पीड़ित का ओप्पो मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। इससे पहले, मामले में आरोपी हरीश सिंह बोहरा की गिरफ्तारी हो चुकी थी। इस घटना से जुड़ा एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। चंपावत पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून अपने हाथ में लेने वाले और गुंडागर्दी करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, जिससे यह एक्शन एक मिसाल बन गया है।1