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एमसीबी कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सुश्री संतन देवी जांगड़े ने शुक्रवार सुबह 8 बजे मनेंद्रगढ़ शहर की गलियों में पहुंचकर स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने घर-घर जाकर नागरिकों से सीधे संवाद किया और उनसे घरों का कचरा खुले में नहीं फेंकने तथा निर्धारित स्थान पर ही कचरा देने की अपील की। कलेक्टर ने इस बात पर जोर दिया कि एक स्वच्छ और स्वस्थ शहर के निर्माण में आमजन की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों को कचरा पृथक्करण, सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई और स्वच्छता नियमों के पालन के लिए जागरूक किया। अपने निरीक्षण के दौरान, सुश्री जांगड़े ने स्वच्छता कर्मियों के कार्यों की भी जानकारी ली और उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। लोगों ने कलेक्टर की इस पहल की सराहना की, यह कहते हुए कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से आह्वान किया है कि वे स्वच्छता अभियान में सक्रिय सहयोग कर मनेंद्रगढ़ को एक स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण अनुकूल शहर बनाने में मदद करें।

8 hrs ago
user_Ashok Shrivastava Khabar Fast
Ashok Shrivastava Khabar Fast
Local News Reporter Manendragarh, Manendragarh Chirimiri Bharatpur•
8 hrs ago

एमसीबी कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सुश्री संतन देवी जांगड़े ने शुक्रवार सुबह 8 बजे मनेंद्रगढ़ शहर की गलियों में पहुंचकर स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने घर-घर जाकर नागरिकों से सीधे संवाद किया और उनसे घरों का कचरा खुले में नहीं फेंकने तथा निर्धारित स्थान पर ही कचरा देने की अपील की। कलेक्टर ने इस बात पर जोर दिया कि एक स्वच्छ और स्वस्थ शहर के निर्माण में आमजन की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों को कचरा पृथक्करण, सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई और स्वच्छता नियमों के पालन के लिए जागरूक किया। अपने निरीक्षण के दौरान, सुश्री जांगड़े ने स्वच्छता कर्मियों के कार्यों की भी जानकारी ली और उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। लोगों ने कलेक्टर की इस पहल की सराहना की, यह कहते हुए कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से आह्वान किया है कि वे स्वच्छता अभियान में सक्रिय सहयोग कर मनेंद्रगढ़ को एक स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण अनुकूल शहर बनाने में मदद करें।

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  • केसीआर के विरोध पर अब 'सही उत्तर' मिलने का दावा किया गया है। इसे 'जैसे को तैसा' की नीति के समान बताया गया है, जो अमेरिका और उसके लोगों पर भी लागू होती है।
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    केसीआर के विरोध पर अब 'सही उत्तर' मिलने का दावा किया गया है। इसे 'जैसे को तैसा' की नीति के समान बताया गया है, जो अमेरिका और उसके लोगों पर भी लागू होती है।
    user_BHIMGE BUSSINESS GROUP. KCR
    BHIMGE BUSSINESS GROUP. KCR
    Entrepreneur मरवाही, गौरेला पेंड्रा मरवाही, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिला प्रशासन ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अमरकंटक के शंभूधारा में जिला स्तरीय पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान कलेक्टर हर्षल पंचोली ने शंभूधारा तट पर बरगद का पौधा रोपा, जबकि वनमंडलाधिकारी डेविड व्यंकटराव चनाप ने साल का पौधा लगाया। अमरकंटक नगर परिषद अध्यक्ष पार्वती सिंह और पुष्पराजगढ़ के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व वसीम अहमद भट्ट ने भी पौधरोपण किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और एनसीसी कैडेट्स ने मिलकर आम, जामुन, बरगद, पीपल, साल, रुद्राक्ष, अर्जुन, गुलबकावली सहित लगभग 50 विभिन्न पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन का संदेश दिया। इस अवसर पर कलेक्टर हर्षल पंचोली ने अपने संबोधन में कहा कि पेड़-पौधों का संरक्षण और संवर्धन हम सभी का दायित्व है, क्योंकि ये हमें जीवन प्रदान करते हैं। उन्होंने नागरिकों से ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के तहत अपनी मां के नाम एक पौधा लगाने का आह्वान किया। कलेक्टर ने वृक्षों के संरक्षण और अधिक से अधिक पौधरोपण के माध्यम से धरती को हरा-भरा बनाने में योगदान देने पर जोर दिया, क्योंकि पेड़-पौधे मानव जीवन की मूल आवश्यकता हैं। उन्होंने जलवायु परिवर्तन और वनों की अंधाधुंध कटाई पर चिंता व्यक्त करते हुए असमय बाढ़, भूस्खलन, सूखा और जल संकट जैसी प्राकृतिक आपदाओं में वृद्धि को इसका परिणाम बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो जलवायु परिवर्तन का दुष्प्रभाव और गंभीर रूप ले सकता है, जिसके लिए वृक्षों की कटाई पर रोक लगाना और व्यापक स्तर पर पौधरोपण करना आवश्यक है। कलेक्टर ने नदियों और वनों के पारस्परिक संबंधों पर भी प्रकाश डाला, नर्मदा नदी का उदाहरण देते हुए इसे करोड़ों लोगों के लिए जीवनदायिनी बताया, जो अमरकंटक से निकलकर गुजरात की खंभात की खाड़ी तक प्रवाहित होती है। उन्होंने कहा कि नदियों की निरंतरता और समृद्धि के लिए सघन वनों का होना आवश्यक है। वनमंडलाधिकारी डेविड व्यंकटराव चनाप ने विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए बताया कि 5 जून से 21 जून तक पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अवधि में स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण गतिविधियां तथा नगर वन सिटी परियोजना के अंतर्गत लगभग 3 हजार पौधों का रोपण किया जाएगा। उन्होंने प्रकृति के संतुलन और पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर पौधरोपण की आवश्यकता पर बल देते हुए सभी नागरिकों से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। कार्यक्रम को कर्नल श्री ए.के. शर्मा ने भी संबोधित किया, जबकि शशिधर अग्रवाल ने एनसीसी कैडेट्स को सर्पदंश के उपचार और बचाव के साथ-साथ अन्य वन्य प्राणियों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में अनुविभागीय अधिकारी वन, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग, डीपीएम एनआरएलएम, जनजातीय कार्य विभाग के क्षेत्र संयोजक सहित वन विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी, स्वसहायता समूह की दीदियां और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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    मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिला प्रशासन ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अमरकंटक के शंभूधारा में जिला स्तरीय पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान कलेक्टर हर्षल पंचोली ने शंभूधारा तट पर बरगद का पौधा रोपा, जबकि वनमंडलाधिकारी डेविड व्यंकटराव चनाप ने साल का पौधा लगाया। अमरकंटक नगर परिषद अध्यक्ष पार्वती सिंह और पुष्पराजगढ़ के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व वसीम अहमद भट्ट ने भी पौधरोपण किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और एनसीसी कैडेट्स ने मिलकर आम, जामुन, बरगद, पीपल, साल, रुद्राक्ष, अर्जुन, गुलबकावली सहित लगभग 50 विभिन्न पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन का संदेश दिया।

इस अवसर पर कलेक्टर हर्षल पंचोली ने अपने संबोधन में कहा कि पेड़-पौधों का संरक्षण और संवर्धन हम सभी का दायित्व है, क्योंकि ये हमें जीवन प्रदान करते हैं। उन्होंने नागरिकों से ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के तहत अपनी मां के नाम एक पौधा लगाने का आह्वान किया। कलेक्टर ने वृक्षों के संरक्षण और अधिक से अधिक पौधरोपण के माध्यम से धरती को हरा-भरा बनाने में योगदान देने पर जोर दिया, क्योंकि पेड़-पौधे मानव जीवन की मूल आवश्यकता हैं। उन्होंने जलवायु परिवर्तन और वनों की अंधाधुंध कटाई पर चिंता व्यक्त करते हुए असमय बाढ़, भूस्खलन, सूखा और जल संकट जैसी प्राकृतिक आपदाओं में वृद्धि को इसका परिणाम बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो जलवायु परिवर्तन का दुष्प्रभाव और गंभीर रूप ले सकता है, जिसके लिए वृक्षों की कटाई पर रोक लगाना और व्यापक स्तर पर पौधरोपण करना आवश्यक है।

कलेक्टर ने नदियों और वनों के पारस्परिक संबंधों पर भी प्रकाश डाला, नर्मदा नदी का उदाहरण देते हुए इसे करोड़ों लोगों के लिए जीवनदायिनी बताया, जो अमरकंटक से निकलकर गुजरात की खंभात की खाड़ी तक प्रवाहित होती है। उन्होंने कहा कि नदियों की निरंतरता और समृद्धि के लिए सघन वनों का होना आवश्यक है।

वनमंडलाधिकारी डेविड व्यंकटराव चनाप ने विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए बताया कि 5 जून से 21 जून तक पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अवधि में स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण गतिविधियां तथा नगर वन सिटी परियोजना के अंतर्गत लगभग 3 हजार पौधों का रोपण किया जाएगा। उन्होंने प्रकृति के संतुलन और पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर पौधरोपण की आवश्यकता पर बल देते हुए सभी नागरिकों से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। कार्यक्रम को कर्नल श्री ए.के. शर्मा ने भी संबोधित किया, जबकि शशिधर अग्रवाल ने एनसीसी कैडेट्स को सर्पदंश के उपचार और बचाव के साथ-साथ अन्य वन्य प्राणियों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में अनुविभागीय अधिकारी वन, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग, डीपीएम एनआरएलएम, जनजातीय कार्य विभाग के क्षेत्र संयोजक सहित वन विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी, स्वसहायता समूह की दीदियां और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
    user_Rajesh Shukla
    Rajesh Shukla
    Salesperson Anuppur, Madhya Pradesh•
    3 hrs ago
  • अनूपपुर में सिंहस्थ-2028 ड्यूटी के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन और बचाव संबंधी विभिन्न व्यावहारिक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सिंहस्थ महाकुंभ-2028 के दौरान संभावित अत्यधिक भीड़, विशेषकर घाटों और अन्य स्थानों पर, को देखते हुए आपदा या आकस्मिक परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करना है, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा हो सके और जन-धन की हानि को कम किया जा सके। प्रशिक्षण के दौरान प्लाटून कमांडर होमगार्ड रामनरेश भवेदी ने आपदा प्रबंधन के कई विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। इसमें आग एवं उसके प्रकार, आग बुझाने के विभिन्न तरीके, और फायर एक्सटिंग्विशर के सुरक्षित तथा प्रभावी उपयोग की विधि सिखाई गई। इसके अतिरिक्त, भगदड़ जैसी स्थितियों से निपटने के लिए पूर्व-तैयारियों, जोखिम कम करने के उपायों और बचाव संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियों से भी प्रतिभागियों को अवगत कराया गया। कार्यशाला में सर्पदंश से बचाव, सर्पदंश होने पर प्राथमिक उपचार और सुरक्षा उपायों पर भी जानकारी प्रदान की गई। जल दुर्घटनाओं में बचाव कार्य हेतु प्रतिभागियों को ड्राय रेस्क्यू और वेट रेस्क्यू की तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिला। साथ ही, रेस्क्यू रिंग का सही उपयोग करके डूबते हुए व्यक्ति तक पहुंचाने और उसे सुरक्षित बाहर निकालने के तरीकों का प्रदर्शन भी किया गया। आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षक उपायों के अंतर्गत, प्रतिभागियों को सीपीआर देने की विधि का अभ्यास कराया गया ताकि अचेत होने या हृदय गति रुकने की स्थिति में तत्काल सहायता दी जा सके। चोकिंग की स्थिति में श्वास मार्ग अवरुद्ध होने पर प्रभावित व्यक्ति को सुरक्षित बचाने के उपाय और तकनीकों का भी अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, विभिन्न बचाव तकनीकों का अभ्यास किया और आपदा प्रबंधन के प्रति अपनी तत्परता एवं दक्षता में वृद्धि की। इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण में सैनिक क्रमांक 12 सुनील सिंह, सैनिक क्रमांक 13 अनुज कुमार और सैनिक क्रमांक 1204 प्रहलाद सिंह की भूमिका अहम रही।
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    अनूपपुर में सिंहस्थ-2028 ड्यूटी के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन और बचाव संबंधी विभिन्न व्यावहारिक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सिंहस्थ महाकुंभ-2028 के दौरान संभावित अत्यधिक भीड़, विशेषकर घाटों और अन्य स्थानों पर, को देखते हुए आपदा या आकस्मिक परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करना है, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा हो सके और जन-धन की हानि को कम किया जा सके।

प्रशिक्षण के दौरान प्लाटून कमांडर होमगार्ड रामनरेश भवेदी ने आपदा प्रबंधन के कई विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। इसमें आग एवं उसके प्रकार, आग बुझाने के विभिन्न तरीके, और फायर एक्सटिंग्विशर के सुरक्षित तथा प्रभावी उपयोग की विधि सिखाई गई। इसके अतिरिक्त, भगदड़ जैसी स्थितियों से निपटने के लिए पूर्व-तैयारियों, जोखिम कम करने के उपायों और बचाव संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियों से भी प्रतिभागियों को अवगत कराया गया।

कार्यशाला में सर्पदंश से बचाव, सर्पदंश होने पर प्राथमिक उपचार और सुरक्षा उपायों पर भी जानकारी प्रदान की गई। जल दुर्घटनाओं में बचाव कार्य हेतु प्रतिभागियों को ड्राय रेस्क्यू और वेट रेस्क्यू की तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिला। साथ ही, रेस्क्यू रिंग का सही उपयोग करके डूबते हुए व्यक्ति तक पहुंचाने और उसे सुरक्षित बाहर निकालने के तरीकों का प्रदर्शन भी किया गया। आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षक उपायों के अंतर्गत, प्रतिभागियों को सीपीआर देने की विधि का अभ्यास कराया गया ताकि अचेत होने या हृदय गति रुकने की स्थिति में तत्काल सहायता दी जा सके। चोकिंग की स्थिति में श्वास मार्ग अवरुद्ध होने पर प्रभावित व्यक्ति को सुरक्षित बचाने के उपाय और तकनीकों का भी अभ्यास कराया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, विभिन्न बचाव तकनीकों का अभ्यास किया और आपदा प्रबंधन के प्रति अपनी तत्परता एवं दक्षता में वृद्धि की। इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण में सैनिक क्रमांक 12 सुनील सिंह, सैनिक क्रमांक 13 अनुज कुमार और सैनिक क्रमांक 1204 प्रहलाद सिंह की भूमिका अहम रही।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • प्राकृतिक सौंदर्य और ठंडी जलवायु के कारण "सरगुजा का शिमला" कहलाने वाले मैनपाट क्षेत्र के नर्मदापुर में विकास के दावों की सच्चाई सामने आई है। नर्मदापुर से अंबिकापुर तथा नर्मदापुर से सीतापुर को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग की हालत अत्यंत दयनीय हो चुकी है। सड़क जगह-जगह से उखड़ गई है और बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गई है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह मार्ग मैनपाट क्षेत्र के कई गांवों को जिला मुख्यालय और अन्य क्षेत्रों से जोड़ता है, जिस पर प्रतिदिन सैकड़ों लोग आवागमन करते हैं। खराब सड़क के कारण उनका सफर जोखिम भरा बन गया है, और बरसात के दिनों में गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटनाओं की आशंका और भी बढ़ जाती है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि मैनपाट प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है, जहां देश-प्रदेश से पर्यटक पहुंचते हैं, लेकिन मुख्य मार्ग की ऐसी बदहाल स्थिति क्षेत्र की छवि को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित कर रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कई बार शिकायतों के बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। उन्होंने प्रशासन एवं लोक निर्माण विभाग से शीघ्र सड़क मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार कार्य नहीं कराया गया तो आने वाले समय में आंदोलन करने पर भी विचार किया जाएगा।
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    प्राकृतिक सौंदर्य और ठंडी जलवायु के कारण "सरगुजा का शिमला" कहलाने वाले मैनपाट क्षेत्र के नर्मदापुर में विकास के दावों की सच्चाई सामने आई है। नर्मदापुर से अंबिकापुर तथा नर्मदापुर से सीतापुर को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग की हालत अत्यंत दयनीय हो चुकी है। सड़क जगह-जगह से उखड़ गई है और बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गई है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

यह मार्ग मैनपाट क्षेत्र के कई गांवों को जिला मुख्यालय और अन्य क्षेत्रों से जोड़ता है, जिस पर प्रतिदिन सैकड़ों लोग आवागमन करते हैं। खराब सड़क के कारण उनका सफर जोखिम भरा बन गया है, और बरसात के दिनों में गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटनाओं की आशंका और भी बढ़ जाती है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि मैनपाट प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है, जहां देश-प्रदेश से पर्यटक पहुंचते हैं, लेकिन मुख्य मार्ग की ऐसी बदहाल स्थिति क्षेत्र की छवि को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित कर रही है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कई बार शिकायतों के बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। उन्होंने प्रशासन एवं लोक निर्माण विभाग से शीघ्र सड़क मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार कार्य नहीं कराया गया तो आने वाले समय में आंदोलन करने पर भी विचार किया जाएगा।
    user_Akhil Mittal
    Akhil Mittal
    उदयपुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • एक वीडियो सामने आया है जिसमें एक पिता अपने बेटे के जन्मदिन के अवसर पर उसे आशीर्वाद देते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो को साझा करने वाले ने बताया है कि माता-पिता से ज्यादा अपने बच्चों को कोई प्यार नहीं कर सकता, और वह इस बात को समझ गए हैं। दर्शकों से अपील की गई है कि वे इस वीडियो को लाइक करें, कमेंट करें, शेयर करें और ज्यादा से ज्यादा फॉलो करें।
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    एक वीडियो सामने आया है जिसमें एक पिता अपने बेटे के जन्मदिन के अवसर पर उसे आशीर्वाद देते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो को साझा करने वाले ने बताया है कि माता-पिता से ज्यादा अपने बच्चों को कोई प्यार नहीं कर सकता, और वह इस बात को समझ गए हैं। दर्शकों से अपील की गई है कि वे इस वीडियो को लाइक करें, कमेंट करें, शेयर करें और ज्यादा से ज्यादा फॉलो करें।
    user_Rajendra Gawle
    Rajendra Gawle
    Artist पुष्पराजगढ़, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक का दौरा किया, जहाँ उन्होंने विभिन्न नई पहलों की शुरुआत की। इस यात्रा के दौरान, प्रधान मंत्री मोदी ने बेंगलुरु में ध्याण मंदिर का लोकार्पण किया। यह आध्यात्मिक केंद्र अब राष्ट्र को समर्पित कर दिया गया है।
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    प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक का दौरा किया, जहाँ उन्होंने विभिन्न नई पहलों की शुरुआत की। इस यात्रा के दौरान, प्रधान मंत्री मोदी ने बेंगलुरु में ध्याण मंदिर का लोकार्पण किया। यह आध्यात्मिक केंद्र अब राष्ट्र को समर्पित कर दिया गया है।
    user_Pradesh Khabar News Network
    Pradesh Khabar News Network
    Media company अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • अनूपपुर में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अमरकंटक के शंभूधारा में एक जिला स्तरीय पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ कलेक्टर हर्षल पंचोली ने कहा कि पेड़-पौधों का संरक्षण और संवर्धन हम सभी का दायित्व है क्योंकि वे हमें जीवन प्रदान करते हैं। उन्होंने शासन द्वारा संचालित ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के तहत जिले के सभी नागरिकों से अपनी मां के नाम पर एक पौधा अवश्य रोपने का आह्वान किया। कलेक्टर पंचोली ने अधिक से अधिक पौधरोपण कर धरती को हरा-भरा बनाने और पेड़ों को मानव जीवन की मूल आवश्यकता बताया। अपने संबोधन में, कलेक्टर हर्षल पंचोली ने तेजी से हो रहे जलवायु परिवर्तन और वनों की अंधाधुंध कटाई को चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि असामयिक बाढ़, भूस्खलन, सूखा और जल संकट जैसी प्राकृतिक आपदाओं में वृद्धि के प्रमुख कारणों में वृक्षों की निरंतर कटाई शामिल है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो जलवायु परिवर्तन का दुष्प्रभाव और अधिक गंभीर रूप ले सकता है, जिससे निपटने के लिए वृक्षों की कटाई पर रोक लगाना और व्यापक स्तर पर पौधरोपण करना आवश्यक है। कलेक्टर ने नर्मदा नदी का उदाहरण देते हुए पेड़-पौधों और जल स्रोतों के पारस्परिक संबंधों पर प्रकाश डाला, यह कहते हुए कि नदियां और वन मानव सभ्यता के विकास एवं संरक्षण का आधार रहे हैं। कार्यक्रम में वनमंडलाधिकारी श्री डेविड व्यंकटराव चनाप ने बताया कि 5 जून से 21 जून तक पर्यावरण संरक्षण और जन जागरूकता से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों और नगर वन सिटी परियोजना के अंतर्गत लगभग 3 हजार पौधों का रोपण किया जाएगा। कर्नल श्री ए.के. शर्मा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया, जबकि श्री शशिधर अग्रवाल ने एनसीसी कैडेट्स को सर्पदंश के उपचार एवं बचाव तथा अन्य वन्य प्राणियों के बारे में जानकारी दी। इसी अवसर पर कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने शंभूधारा तट पर बरगद का पौधा रोपा, वनमंडलाधिकारी श्री डेविड व्यंकटराव चनाप ने साल का पौधा, नगर परिषद अध्यक्ष अमरकंटक श्रीमती पार्वती सिंह तथा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पुष्पराजगढ़ श्री वसीम अहमद भट्ट ने भी पौधरोपण किया। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और एनसीसी कैडेट्स सहित अन्य प्रतिभागियों ने आम, जामुन, बरगद, पीपल, साल, रुद्राक्ष, अर्जुन, गुलबकावली जैसे लगभग 50 विभिन्न पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया। कार्यक्रम में अनुविभागीय अधिकारी वन, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग, डीपीएम एनआरएलएम, जनजातीय कार्य विभाग के क्षेत्र संयोजक सहित वन विभाग एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी तथा स्वसहायता समूह की दीदियां और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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    अनूपपुर में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अमरकंटक के शंभूधारा में एक जिला स्तरीय पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ कलेक्टर हर्षल पंचोली ने कहा कि पेड़-पौधों का संरक्षण और संवर्धन हम सभी का दायित्व है क्योंकि वे हमें जीवन प्रदान करते हैं। उन्होंने शासन द्वारा संचालित ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के तहत जिले के सभी नागरिकों से अपनी मां के नाम पर एक पौधा अवश्य रोपने का आह्वान किया। कलेक्टर पंचोली ने अधिक से अधिक पौधरोपण कर धरती को हरा-भरा बनाने और पेड़ों को मानव जीवन की मूल आवश्यकता बताया।

अपने संबोधन में, कलेक्टर हर्षल पंचोली ने तेजी से हो रहे जलवायु परिवर्तन और वनों की अंधाधुंध कटाई को चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि असामयिक बाढ़, भूस्खलन, सूखा और जल संकट जैसी प्राकृतिक आपदाओं में वृद्धि के प्रमुख कारणों में वृक्षों की निरंतर कटाई शामिल है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो जलवायु परिवर्तन का दुष्प्रभाव और अधिक गंभीर रूप ले सकता है, जिससे निपटने के लिए वृक्षों की कटाई पर रोक लगाना और व्यापक स्तर पर पौधरोपण करना आवश्यक है। कलेक्टर ने नर्मदा नदी का उदाहरण देते हुए पेड़-पौधों और जल स्रोतों के पारस्परिक संबंधों पर प्रकाश डाला, यह कहते हुए कि नदियां और वन मानव सभ्यता के विकास एवं संरक्षण का आधार रहे हैं।

कार्यक्रम में वनमंडलाधिकारी श्री डेविड व्यंकटराव चनाप ने बताया कि 5 जून से 21 जून तक पर्यावरण संरक्षण और जन जागरूकता से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों और नगर वन सिटी परियोजना के अंतर्गत लगभग 3 हजार पौधों का रोपण किया जाएगा। कर्नल श्री ए.के. शर्मा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया, जबकि श्री शशिधर अग्रवाल ने एनसीसी कैडेट्स को सर्पदंश के उपचार एवं बचाव तथा अन्य वन्य प्राणियों के बारे में जानकारी दी। इसी अवसर पर कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने शंभूधारा तट पर बरगद का पौधा रोपा, वनमंडलाधिकारी श्री डेविड व्यंकटराव चनाप ने साल का पौधा, नगर परिषद अध्यक्ष अमरकंटक श्रीमती पार्वती सिंह तथा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पुष्पराजगढ़ श्री वसीम अहमद भट्ट ने भी पौधरोपण किया। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और एनसीसी कैडेट्स सहित अन्य प्रतिभागियों ने आम, जामुन, बरगद, पीपल, साल, रुद्राक्ष, अर्जुन, गुलबकावली जैसे लगभग 50 विभिन्न पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया। कार्यक्रम में अनुविभागीय अधिकारी वन, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग, डीपीएम एनआरएलएम, जनजातीय कार्य विभाग के क्षेत्र संयोजक सहित वन विभाग एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी तथा स्वसहायता समूह की दीदियां और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित थे।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • एक स्थानीय गांव में जन्मदिन समारोहों को एक अनूठे तरीके से मनाया जाता है, जहाँ वीडियो में दिखाए अनुसार किसी के जन्मदिन पर उनका विशेष स्वागत किया जाता है। इस अवसर पर, गांव की लड़कियाँ अपने छोटे भाइयों को प्यार से केक खिलाकर उनका जन्मदिन मनाती हैं, जो इस जश्न का एक ख़ास हिस्सा है। इस प्यारे और अनूठे पलों को ज़्यादा से ज़्यादा लाइक, कमेंट और शेयर करके वायरल करने की अपील की गई है।
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    एक स्थानीय गांव में जन्मदिन समारोहों को एक अनूठे तरीके से मनाया जाता है, जहाँ वीडियो में दिखाए अनुसार किसी के जन्मदिन पर उनका विशेष स्वागत किया जाता है। इस अवसर पर, गांव की लड़कियाँ अपने छोटे भाइयों को प्यार से केक खिलाकर उनका जन्मदिन मनाती हैं, जो इस जश्न का एक ख़ास हिस्सा है। इस प्यारे और अनूठे पलों को ज़्यादा से ज़्यादा लाइक, कमेंट और शेयर करके वायरल करने की अपील की गई है।
    user_Rajendra Gawle
    Rajendra Gawle
    Artist पुष्पराजगढ़, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • सिंहस्थ महाकुंभ-2028 की व्यापक तैयारियों के मद्देनजर अनूपपुर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नज़र आ रहा है। पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराब (भा.पु.से.) और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जगनाथ मरकाम के मार्गदर्शन में, सिंहस्थ ड्यूटी के लिए चयनित जवानों और प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन एवं बचाव कार्य का विशेष व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान होमगार्ड के प्लाटून कमांडर श्री रामनरेश भवेदी ने प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन से संबंधित विभिन्न गंभीर विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। इसमें जवानों को आग के प्रकार, उन्हें बुझाने के तरीके और अग्निशामक यंत्रों के सुरक्षित व प्रभावी उपयोग का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। सिंहस्थ के दौरान अत्यधिक भीड़ की संभावना को देखते हुए भगदड़ जैसी स्थितियों से निपटने, जोखिम को कम करने और पूर्व तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण गुर भी सिखाए गए। इसके अतिरिक्त, सिंहस्थ के दौरान घाटों पर होने वाली संभावित जल दुर्घटनाओं से निपटने के लिए जवानों को 'ड्राय रेस्क्यू' (तट से बचाव) और 'वेट रेस्क्यू' (पानी में उतरकर बचाव) तकनीकों का कड़ा अभ्यास कराया गया। रेस्क्यू रिंग के सही इस्तेमाल से डूबते हुए व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रदर्शन भी किया गया। साथ ही, सर्पदंश की स्थिति में किए जाने वाले आवश्यक प्राथमिक उपचार और सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी भी दी गई। आपातकालीन स्थितियों में लोगों की जान बचाने के लिए प्रतिभागियों को सीपीआर (CPR) देने की सही विधि सिखाई गई, ताकि किसी व्यक्ति के अचेत होने या हृदय गति रुकने पर उसे तत्काल प्राथमिक चिकित्सा देकर बचाया जा सके। गले में कुछ फंसने (चोकिंग) के कारण श्वास मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों का भी अभ्यास कराया गया। इस पूरे प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सिंहस्थ-2028 के दौरान घाटों और प्रमुख स्थलों पर उमड़ने वाली भारी भीड़ की सुरक्षा सुनिश्चित करना, त्वरित राहत कार्य पहुंचाना और किसी भी आकस्मिक स्थिति में जन-धन की हानि को न्यूनतम करना है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने और जवानों को तकनीकी रूप से दक्ष करने में सैनिक क्रमांक 12 सुनील सिंह, सैनिक क्रमांक 13 अनुज कुमार एवं सैनिक क्रमांक 1204 प्रहलाद सिंह की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रशिक्षण में शामिल सभी प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया और आपदा प्रबंधन के प्रति अपनी दक्षता को मजबूत किया, जो सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर अनूपपुर पुलिस की मुस्तैदी को दर्शाता है।
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    सिंहस्थ महाकुंभ-2028 की व्यापक तैयारियों के मद्देनजर अनूपपुर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नज़र आ रहा है। पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराब (भा.पु.से.) और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जगनाथ मरकाम के मार्गदर्शन में, सिंहस्थ ड्यूटी के लिए चयनित जवानों और प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन एवं बचाव कार्य का विशेष व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान होमगार्ड के प्लाटून कमांडर श्री रामनरेश भवेदी ने प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन से संबंधित विभिन्न गंभीर विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। इसमें जवानों को आग के प्रकार, उन्हें बुझाने के तरीके और अग्निशामक यंत्रों के सुरक्षित व प्रभावी उपयोग का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। सिंहस्थ के दौरान अत्यधिक भीड़ की संभावना को देखते हुए भगदड़ जैसी स्थितियों से निपटने, जोखिम को कम करने और पूर्व तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण गुर भी सिखाए गए।

इसके अतिरिक्त, सिंहस्थ के दौरान घाटों पर होने वाली संभावित जल दुर्घटनाओं से निपटने के लिए जवानों को 'ड्राय रेस्क्यू' (तट से बचाव) और 'वेट रेस्क्यू' (पानी में उतरकर बचाव) तकनीकों का कड़ा अभ्यास कराया गया। रेस्क्यू रिंग के सही इस्तेमाल से डूबते हुए व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रदर्शन भी किया गया। साथ ही, सर्पदंश की स्थिति में किए जाने वाले आवश्यक प्राथमिक उपचार और सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी भी दी गई।

आपातकालीन स्थितियों में लोगों की जान बचाने के लिए प्रतिभागियों को सीपीआर (CPR) देने की सही विधि सिखाई गई, ताकि किसी व्यक्ति के अचेत होने या हृदय गति रुकने पर उसे तत्काल प्राथमिक चिकित्सा देकर बचाया जा सके। गले में कुछ फंसने (चोकिंग) के कारण श्वास मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों का भी अभ्यास कराया गया। इस पूरे प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सिंहस्थ-2028 के दौरान घाटों और प्रमुख स्थलों पर उमड़ने वाली भारी भीड़ की सुरक्षा सुनिश्चित करना, त्वरित राहत कार्य पहुंचाना और किसी भी आकस्मिक स्थिति में जन-धन की हानि को न्यूनतम करना है।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने और जवानों को तकनीकी रूप से दक्ष करने में सैनिक क्रमांक 12 सुनील सिंह, सैनिक क्रमांक 13 अनुज कुमार एवं सैनिक क्रमांक 1204 प्रहलाद सिंह की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रशिक्षण में शामिल सभी प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया और आपदा प्रबंधन के प्रति अपनी दक्षता को मजबूत किया, जो सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर अनूपपुर पुलिस की मुस्तैदी को दर्शाता है।
    user_JIYAUDDIN ANSARI
    JIYAUDDIN ANSARI
    Voice of people Budar, Shahdol•
    4 hrs ago
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