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टीकमगढ़ जिले की खरगापुर तहसील में एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा आग लगाए जाने की खबर सामने आई है।
Sukhram Ahiravar
टीकमगढ़ जिले की खरगापुर तहसील में एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा आग लगाए जाने की खबर सामने आई है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- सीएम डॉ मोहन यादव ने हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर सभी पत्रकार बंधुओं को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।1
- बुंदेलखंड के टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ विकास खंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत कोटरा में एक प्राचीन शंकर जी का मंदिर स्थित है। यह मंदिर चंदेली काल का बताया जाता है और इसका निर्माण पत्थरों से हुआ है। आज भी यह ऐतिहासिक मंदिर तालाब की शोभा को बनाए हुए है, जिससे इसकी सुंदरता और बढ़ जाती है।4
- टीकमगढ़ जिले के पलेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर विवादों में घिर गया है, जहाँ मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा और डॉक्टरों के बीच चल रहे विवाद का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार सुरक्षा संगठन के प्रदेश प्रमुख सचिव राम रतन दीक्षित और उनकी टीम ने इन शिकायतों के बाद अस्पताल का औचक निरीक्षण किया और अव्यवस्थाओं को अपनी आँखों से देखने के बाद सीएमएचओ डॉक्टर अनुरागी को भी अवगत कराया। आरोप है कि डॉक्टर मुकेश साहू, जिनका बंधपत्र अप्रैल 2026 में समाप्त हो चुका है, वे अब भी ओपीडी में बैठकर मरीजों का उपचार कर रहे हैं और सरकारी क्वार्टर में निवास कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने चिंता व्यक्त की है कि ऐसी स्थिति में यदि किसी मरीज की हालत बिगड़ती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। इसके अतिरिक्त, मरीजों को अस्पताल में उपलब्ध दवाइयों के बजाय बाहर की कमीशन वाली दवाइयां लिखी जा रही हैं, जिससे गरीब मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। अस्पताल में डॉक्टरों के बीच लगातार विवाद की स्थिति बनी हुई है, जिसके कारण मरीजों को भीषण गर्मी में घंटों भटकना पड़ता है। मरीजों और उनके परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर टी-शर्ट और चप्पल पहने हुए थे, जिससे उन्हें पहचानना मुश्किल हो रहा था। इस पूरे मामले में डॉ. अंकित राजपूत और डॉ. महेंद्र पटेल के नाम भी चर्चा में हैं। कुछ दिनों पहले अस्पताल परिसर में डॉक्टर के चेंबर में एक आवारा कुत्ते के आराम करते हुए फोटो सामने आने के बाद स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अस्पताल में साफ-सफाई और अनुशासन की स्थिति बेहद खराब है, और जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है, चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।2
- टीकमगढ़ शहर के विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। शहर के चहुंमुखी विकास और जनहित के कार्यों को गति देने के उद्देश्य से 34 करोड़ रुपये की एक वृहद विकास योजना प्रस्तावित की गई थी, जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया है। इस बड़ी सौगात से टीकमगढ़ के विकास को एक नया आयाम मिलने की उम्मीद है। इस कदम के लिए एक पूर्व विधायक ने प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।1
- टीकमगढ़ जिले के कुड़ियाला गांव में शनिवार को महिलाओं और ग्रामीणों ने अवैध शराब की बिक्री के विरोध में जतारा पलेरा मार्ग को करीब दो घंटे तक जाम कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन के कारण आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया था, जिसे पुलिस के आश्वासन के बाद खोला गया। जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों और महिलाओं का आरोप था कि कुड़ियाला गांव में अवैध तरीके से शराब बेची जा रही है, जिससे गांव का माहौल खराब हो रहा है। उनकी प्रमुख मांग थी कि गांव में अवैध शराब की बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए। जाम की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को गांव में अवैध शराब न बिकने का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़क से जाम हटा लिया।1
- आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के नगिना सांसद चंद्रशेखर आजाद टीकमगढ़ के काशीराम अस्पताल पहुँचे। उन्होंने अस्पताल में पहुँचकर प्रभावितों को मुआवजा प्रदान किया।1
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के बम्होरी कलां थाना क्षेत्र में अवैध शराब की खुलेआम बिक्री के विरोध में महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है। महिलाओं ने पलेरा-जतारा रोड पर घंटों तक जाम लगाकर अपना आक्रोश व्यक्त किया, जिसके चलते सड़क पर आवागमन बुरी तरह प्रभावित रहा। ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र के गांव-गांव में अवैध शराब परोसी जा रही है, जिसने सरकार के 'नशा मुक्ति अभियान' को पूरी तरह मज़ाक बना दिया है। पुलिस द्वारा समझाइश दिए जाने के बाद ही जाम खोला जा सका और यातायात सुचारु हो पाया। यह घटना स्थानीय स्तर पर अवैध शराब के व्यापक प्रसार और इसके खिलाफ जनता के बढ़ते असंतोष को उजागर करती है।1
- टीकमगढ़ जिले के दिगौड़ा कस्बे के मेन मार्केट में शनिवार, 30 मई को बिजली के करंट की चपेट में आने से एक गौवंश की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में दो महिलाएं भी बिजली का करंट लगने से बाल-बाल बचीं। लोगों ने इस मामले में बिजली विभाग और उसके कर्मचारियों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मुहल्ले वासियों और स्थानीय लोगों ने बताया कि मेन मार्केट में गजेंद्र श्रीवास्तव के मकान के पास लगे बिजली के खंभे में पिछले कई दिनों से बिजली का करंट आ रहा था। लोगों ने इसकी शिकायत बिजली कार्यालय में भी की थी, लेकिन शिकायत के बावजूद बिजली कर्मचारियों ने मौके पर आकर कोई सुधारात्मक कार्य नहीं किया। इसी लापरवाही के कारण, गौवंश बिजली के खंभे के पास पहुंचा और करंट की चपेट में आने से उसकी जान चली गई। घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे मेन मार्केट में जाम की स्थिति बन गई। बाद में ग्राम पंचायत के द्वारा मृत गौवंश को ट्रैक्टर से हटवाया गया। लोगों ने यह भी जानकारी दी कि गांव में कई जगह बिजली की केबलें क्षतिग्रस्त हैं और बिल्कुल नीचे लटक रही हैं, जिससे भविष्य में कोई दूसरी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। उन्होंने मेन मार्केट सहित पूरे गांव में अव्यवस्थित तरीके से डाली गई बिजली केबलों में सुधार कार्य कराने की तत्काल मांग की है।1
- पलेरा-जतारा मार्ग पर महिलाओं ने चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। यह कार्रवाई कुड़याला गांव में अवैध शराब की बिक्री के विरोध में की गई, जिसके कारण महिलाओं ने रास्ता अवरुद्ध कर दिया।1