*"सतना स्मार्ट सिटी" क्या 48,000 करोड़ के 'प्रचार' में दब गई ज़मीनी हकीकत?* *आंकड़ों के मायाजाल में उलझ गया सतना का विकास~ सोनू पाल* *सतना:* आम आदमी पार्टी के जिला मीडिया प्रभारी सोनू पाल ने सतना स्मार्ट सिटी को लेकर बड़ा खुलासा किया है जिसमें बताया गया है कि प्रधानमंत्री मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट 'स्मार्ट सिटी मिशन' के समापन की बेला में जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, वे चौंकाने वाले और जनता के साथ एक बड़े 'धोखे' की ओर इशारा कर रहे हैं। संसद में सरकार से पूछे गए तीखे सवालों के जवाब में जो दस्तावेज सामने आए हैं, उनमें सतना जिले की स्थिति विकास के दावों की कलई खोलती नजर आ रही है। *सतना का 'स्मार्ट' सच~* कागजों पर 97%, जमीन पर अधूरापन? जारी की गई आधिकारिक सूची के क्रमांक 49 पर दर्ज 'सतना' के आंकड़े बताते हैं कि कैसे जनता को विकास की एक आधी-अधूरी कहानी 'बदलाव' के नाम पर बेची गई। *सतना के चौंकाने वाले आंकड़े~* दावा की गई निधि ₹490 करोड़ (भारत सरकार से मांगी गई राशि) उपयोग की गई निधि~ ₹483 करोड़ (करीब 98% राशि खपा दी गई), कुल परियोजनाएं 86, पूर्ण बताई गई परियोजनाएं 83, अभी भी अधर में 3 मुख्य परियोजनाएं (लागत ₹101 करोड़), बड़ा सवाल यह है कि जब सरकार कह रही है कि 86 में से 83 प्रोजेक्ट्स पूरे हो चुके हैं और ₹483 करोड़ खर्च हो चुके हैं, तो फिर सतना की सड़कों पर जलभराव, धूल और खुले सीवर की समस्या जस की तस क्यों है? क्या करोड़ों रुपए सिर्फ 'स्मार्ट' बोर्ड लगाने और सौंदर्यीकरण के नाम पर फूंक दिए गए? *सिर्फ 3 प्रोजेक्ट, लेकिन ₹101 करोड़ का पेंच!* हैरानी की बात यह है कि सतना में जो 3 प्रोजेक्ट 'कार्यान्वयन' के चरण में बताए गए हैं, उनकी कुल लागत ₹101 करोड़ है। यानी एक तरफ सरकार 97% काम पूरा होने का ढिंढोरा पीट रही है, वहीं दूसरी ओर भारी भरकम बजट वाले अहम काम अभी भी अधूरे हैं। *क्या कागजों में स्मार्ट हुआ सतना* ये आंकड़े केवल कागजों को 'स्मार्ट' बनाने के लिए हैं। ज़मीनी हकीकत में, दूषित पानी, क्या ₹483 करोड़ खर्च होने के बाद भी सतना के हर घर को स्वच्छ पेयजल मिल सका? बुनियादी ढांचा,गिरते पुल और धंसती सड़कें क्या इस 'स्मार्ट' निवेश का परिणाम हैं? *आखिर किसकी जवाबदेही?* 97% प्रोजेक्ट पूरे होने के बाद भी नागरिकों के जीवन स्तर में कोई ठोस सुधार क्यों नहीं दिखा? *प्रचार बड़ा, परिणाम शून्य?* यह रिपोर्ट मोदी सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाती है। ₹48,000 करोड़ के इस राष्ट्रव्यापी मिशन में सतना जैसे शहरों को एक ऐसे सपने के जाल में फंसाया गया, जिसकी वास्तविकता अब 'शून्य जवाबदेही' पर आकर टिक गई है। आम जनता का सीधा सवाल है क्या आपके वार्ड की टूटी सड़कें और जाम नालियां सरकार के '97% पूर्ण' होने के दावों से मेल खाती हैं? क्या यह वही स्मार्ट सिटी है जिसका सपना आपको बेचा गया था, या फिर यह करोड़ों की लागत से तैयार किया गया केवल एक 'डिजिटल धोखा' है?
*"सतना स्मार्ट सिटी" क्या 48,000 करोड़ के 'प्रचार' में दब गई ज़मीनी हकीकत?* *आंकड़ों के मायाजाल में उलझ गया सतना का विकास~ सोनू पाल* *सतना:* आम आदमी पार्टी के जिला मीडिया प्रभारी सोनू पाल ने सतना स्मार्ट सिटी को लेकर बड़ा खुलासा किया है जिसमें बताया गया है कि प्रधानमंत्री मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट 'स्मार्ट सिटी मिशन' के समापन की बेला में जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, वे चौंकाने वाले और जनता के साथ एक बड़े 'धोखे' की ओर इशारा कर रहे हैं। संसद में सरकार से पूछे गए तीखे सवालों के जवाब में जो दस्तावेज सामने आए हैं, उनमें सतना जिले की स्थिति विकास के दावों की कलई खोलती नजर आ रही है। *सतना का 'स्मार्ट' सच~* कागजों पर 97%, जमीन पर अधूरापन? जारी की गई आधिकारिक सूची के क्रमांक 49 पर दर्ज 'सतना' के आंकड़े बताते हैं कि कैसे जनता को विकास की एक आधी-अधूरी कहानी 'बदलाव' के नाम पर बेची गई। *सतना के चौंकाने वाले आंकड़े~* दावा की गई निधि ₹490 करोड़ (भारत सरकार से मांगी गई राशि) उपयोग की गई निधि~ ₹483 करोड़ (करीब 98% राशि खपा दी गई), कुल परियोजनाएं 86, पूर्ण बताई गई परियोजनाएं 83, अभी भी अधर में 3 मुख्य परियोजनाएं (लागत ₹101 करोड़), बड़ा सवाल यह है कि जब सरकार कह रही है कि 86 में से 83 प्रोजेक्ट्स पूरे हो चुके हैं और ₹483 करोड़ खर्च हो चुके हैं, तो फिर सतना की सड़कों पर जलभराव, धूल और खुले सीवर की समस्या जस की तस क्यों है? क्या करोड़ों रुपए सिर्फ 'स्मार्ट' बोर्ड लगाने और सौंदर्यीकरण के नाम पर फूंक दिए गए? *सिर्फ 3 प्रोजेक्ट, लेकिन ₹101 करोड़ का पेंच!* हैरानी की बात यह है कि सतना में जो 3 प्रोजेक्ट 'कार्यान्वयन' के चरण में बताए गए हैं, उनकी कुल लागत ₹101 करोड़ है। यानी एक तरफ सरकार 97% काम पूरा होने का ढिंढोरा पीट रही है, वहीं दूसरी ओर भारी भरकम बजट वाले अहम काम अभी भी अधूरे हैं। *क्या कागजों में स्मार्ट हुआ सतना* ये आंकड़े केवल कागजों को 'स्मार्ट' बनाने के लिए हैं। ज़मीनी हकीकत में, दूषित पानी, क्या ₹483 करोड़ खर्च होने के बाद भी सतना के हर घर को स्वच्छ पेयजल मिल सका? बुनियादी ढांचा,गिरते पुल और धंसती सड़कें क्या इस 'स्मार्ट' निवेश का परिणाम हैं? *आखिर किसकी जवाबदेही?* 97% प्रोजेक्ट पूरे होने के बाद भी नागरिकों के जीवन स्तर में कोई ठोस सुधार क्यों नहीं दिखा? *प्रचार बड़ा, परिणाम शून्य?* यह रिपोर्ट मोदी सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाती है। ₹48,000 करोड़ के इस राष्ट्रव्यापी मिशन में सतना जैसे शहरों को एक ऐसे सपने के जाल में फंसाया गया, जिसकी वास्तविकता अब 'शून्य जवाबदेही' पर आकर टिक गई है। आम जनता का सीधा सवाल है क्या आपके वार्ड की टूटी सड़कें और जाम नालियां सरकार के '97% पूर्ण' होने के दावों से मेल खाती हैं? क्या यह वही स्मार्ट सिटी है जिसका सपना आपको बेचा गया था, या फिर यह करोड़ों की लागत से तैयार किया गया केवल एक 'डिजिटल धोखा' है?
- *काली नृत्य करते युवक को आया साइलेंट अटैक, हुई मौत।* रामनवमी के पावन अवसर पर जवारे विसर्जन के दौरान एक दुखद घटना सामने। ग्राम पठारी में पारंपरिक काली नृत्य कर रहे एक युवक की अचानक साइलेंट अटैक आने से मौत हो गई।1
- *प्रेस विज्ञप्ति* *दिनांक – 31/03/26* *थाना चित्रकूट जिला सतना (म.प्र.)* *थाना चित्रकूट पुलिस की बडी कार्यवाही* *– कन्टेनर ट्रक मे 53 नग भैस एवं पडवा को क्रूरतापूर्वक भरकर परिवहन करते हुये 04 पशु तस्करो को ट्रक सहित पकडा गया -* *श्रीमान हंसराज सिंह पुलिस अधीक्षक महोदय सतना के कुशल निर्देशन एवं श्री प्रेमलाल कुर्वे अति. पुलिस अधीक्षक महोदय ग्रामीण /देहात सतना एवं श्री राजेश कुमार बंजारे अनुविभागीय अधिकारी पुलिस चित्रकूट जिला सतना (म.प्र.) के मार्गदर्शन एवं थाना चित्रकूट प्रभारी श्री निरी जी.एस. वाजपेयी के नेतृत्व में थाना स्टाफ के द्वारा बगदरा घाटी तरफ से आ रहे रजौला तिराहा के पास एक कन्टेनर ट्रक मे क्रूरतापूर्वक भरे 53 नग भैस एवं पडवा के साथ ट्रक सहित रंगे हाथ 04 पशु तस्करो को पकडा गया *घटना विवरण* दिनाक 31/03/26 को प्र.आर.853 अंकित सिंह मय हमराह स्टाफ के दौरान भ्रमण जरिये मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि एक लाल सफेद रंग का कन्टेनर ट्रक क्र. MH04GC5024 मे पड़ा/ भैंस लादकर बिक्री करने हेतु बगदरा घाटी रोड़ से होते हुए उत्तरप्रदेश तरफ ले जा रहे है । हमराही बल के बगदरा घाटी तरफ से एक लाल सफेद रंग का कन्टेनर ट्रक आते हुये दिखा जिसे रजौला तिराहा के पास रोका गया जो चालक कन्टेनर ट्रक खड़ा कर भागने का प्रयास किया तब हमराह स्टाफ द्वारा चालक को घेराबन्दीकर पकडा गया एक लाल सफेद रंग का कन्टेनर ट्रक. क्र. MH04GC5024 पाया गया एवं कन्टेनर ट्रक के ऊपर चढ़कर देखा गया तो कुल 53 नग भैस पड़वा ठसाठस भरे मिले । जिनके खड़े व बैठने की पर्याप्त जगह उपलब्ध नही थी भैसो को क्रुरतापूर्वक बांधकर कन्टेनर ट्रक के अंदर लोडकर परिवहन करते पाया गया चालक से नाम पता पुछने पर अपना नाम आयाज खान पिता रहीश खान उम्र 40 वर्ष निवासी अमरौधा भोगनीपुर थाना भोगनीपुर जिला कानपुर देहात उ.प्र का होना बताया व उसके साथी सफरूद्दीन पिता मुफ्तार खान उम्र 27 वर्ष निवासी छोटी मलहटी हाल निवासी सिंधि कैम्प थाना हनुमानताल जिला जबलपुर म.प्र, सलमान कुरैशी पिता मो.सफीक उम्र 22 वर्ष निवासी बोराबाग टक्कर थाना हनुमानताल जिला जबलपुर म.प्र , सरीफ पिता अब्दुल सईद उम्र 35 वर्ष निवासी गढ़ी मोहल्ला कसाई मण्डी के पास वार्ड नं. 02 थाना कोतवाली जिला दमोह म.प्र. के होना बताये । आरोपीगणो के कब्जे से 53 नग भैस पडवा एवं लादकर ले जाने वाले वाहन कन्टेनर ट्रक क्र. MH04GC5024 को जब्त किया गया है । आरोपी गणो के विरुद्ध अपराध क्र 137/26 धारा 11(घ) पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 4/6 म.प्र. कृषक पशु परिक्षण अधिनियम 3/181 एमव्ही एक्ट के तहत पंजीबद्ध किया गया। प्रकरण की विवेचना जारी है । जब्ती- 1. कनटेनर ट्रक क्र. MH04GC5024 कीमती 10,00,000/-(दस लाख) रूपये एवं कुल 53 नग भैस व पडवा कीमती 13,00,000/-(तेरह लाख) कुल कीमती तेरह लाख (23,00,000/-) । आरोपी- 1. आयाज खान पिता रहीश खान उम्र 40 वर्ष निवासी अमरौधा भोगनीपुर थाना भोगनीपुर जिला कानपुर देहात उ.प्र. 2. सफरूद्दीन पिता मुफ्तार खान उम्र 27 वर्ष निवासी छोटी मलहटी हाल निवासी सिंधि कैम्प थाना हनुमानताल जिला जबलपुर म.प्र. 3. सलमान कुरैशी पिता मो.सफीक उम्र 22 वर्ष निवासी बोराबाग टक्कर थाना हनुमानताल जिला जबलपुर मध्यप्रदेश 4. सरीफ पिता अब्दुल सईद उम्र 35 वर्ष निवासी गढ़ी मोहल्ला कसाई मण्डी के पास वार्ड नं. 02 थाना कोतवाली जिला दमोह म.प्र. *सराहनीय भूमिका* थाना प्रभारी चित्रकूट निरी.जी.एस.वाजपेयी, प्र.आर. 853 अंकिंत सिंह ,आर 298 रामबगस नेताम ,आर 394 तरुण सेन , निखिल सिंह, आर 205 अनुज सिंह , आर 1094 विकास पाल ,आर 49 मानवेन्द्र सिंह1
- Post by Dileep bunkar1
- Post by Unchehra news1
- प्रशासन के अधिकारी सूचना तक नहीं दे रहे? क्या गरीबों को सूचना का भी नहीं है अधिकार ? #sntnewspinch #shardaprabandhaksamiti #maihartemple❣️🚩💫🌺🌎1
- जिले के रामपुर बाघेलान विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाली कोटर तहसील में कांग्रेस के नेताओं ने तहसीलदार की मौजूदगी नहीं होने पर कुत्ते को सौंपा ज्ञापन बोले तहसीलदार भ्रष्टाचार में है लिप्त जिससे ज्ञापन लेने की वजाए तहसील कार्यालय से रहे नदारद जिससे कांग्रेस नेताओं ने कुत्ते को ज्ञापन सौप कर धरना किया समाप्त।1
- ग्राम पंचायत बिहार क्रमांक 2 में पानी का संकट गहराया हैंड पंप खराब सरपंच परेशान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी उपखंड सतना उपयंत्री आर पटेल जी रामपुर बघेलान हैंड पंप बनाने के लिए आश्वासन दिया गया लेकिन एक महापूर्व पूर्व से लगातार जनता के चुने हुए प्रतिनिधि आदरणीय सरपंच नीरज साकेत जी के द्वारा बोला गया लेकिन गया प्रसाद साकेत जी मोबाइल नंबर 79 87 39 89 09 जो हैंडपंप सुधारने का कार्य देखते हैंवह सुनने को तैयार नहीं सरकार के द्वारा सिर्फ मुफ्त में माह में पेमेंट लेकर बैठने का कार्य कर रहे हैं ऐसे मनमानी कर्मचारियों को तत्काल कार्यवाही होनी चाहिए जिला अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह परिहार गया प्रसाद जी से बात किया उन्होंने आश्वासन दिया कि मैं रामनवमी के बाद बनवा दूंगा लेकिन अब फोन लगाने पर फोन नहीं उठाते हैं ऐसे कर्मचारियों को पदभार मुक्त कर देना चाहिए इस समाचार के माध्यम से मैं माननीय मुख्यमंत्री जी से आग्रह करता हूं कि ऐसे कर्मचारियों को जो कार्य न करें उन्हें पद से हटा देना चाहिए गर्मी में लोग प्याऊ खुलवाते हैं तालाब में पानी जीव जंतु के लिए भरा रहता है पर गया प्रसाद जी मनमानी पर उतर आए हैं भूपेंद्र सिंह परिहार जिला अध्यक्ष सतना भारतीय जन् मोर्चा पार्टी2
- 📍 भोपाल के आईएसबीटी क्षेत्र में 31 मार्च रात 10 बजे का ये वीडियो बहुत कुछ बयां करता है… एक चार्टर्ड बस चालक और कार सवार के बीच मामूली बात को लेकर इतना बड़ा विवाद हो गया कि मामला हाथापाई तक पहुंच गया। सबसे दुखद बात ये रही कि एक बुजुर्ग व्यक्ति के साथ भी मारपीट की गई—लात-घूंसे तक चलाए गए। 😡 ❗ सवाल ये है कि राजधानी भोपाल में आखिर कानून का डर क्यों खत्म होता जा रहा है? जहाँ तुरंत पुलिस पहुंचनी चाहिए थी, वहाँ आम लोगों को बीच-बचाव करना पड़ा। पुलिस बाद में पहुंची, लेकिन तब तक स्थिति काफी बिगड़ चुकी थी। 🚨 महिलाओं के साथ बदतमीजी और बुजुर्गों पर हाथ उठाना—क्या यही हमारी समाज की पहचान बनती जा रही है? 👉 ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई बहुत जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति कानून को हाथ में लेने की हिम्मत न करे। 🙏 @bhopalpolice @mp_police_official कृपया ऐसे मामलों में तुरंत और कड़ी कार्रवाई करें, ताकि शहर में कानून का डर बना रहे और आम जनता सुरक्षित महसूस कर सके। 📢 अगर आप भी1