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- ankit singh Kanpur jila dabali gaon3
- हरदोई: बीच सड़क 'सुल्तान' बने दो युवक, पुलिस लाइन के सामने जमकर चले लात-घूंसे!वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल...... #ViralVideo #RoadFight #DesiDangal #StreetFight #ViralNews #Kalesh #SocialMediaViral #TrendingNow #बीच_सड़क_दंगल #दे_दना_दन #सुल्तान_ऑफ_हरदोई #बिना_बात_का_बवाल #SavageHardoi #CityKotwali #PoliceLineHardoi #UPPolice #LawAndOrder1
- ग्रेटर नोएडा — पाकिस्तान से भारत आई सीमा हैदर ने अपने छठे बच्चे का नाम “भारत” रखा है रबूपुरा कस्बे में गुरुवार को पारंपरिक कुआं पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें स्थानीय लोगों की मौजूदगी रही इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के वकील एपी सिंह भी उनके साथ मौजूद दिखाई दिए1
- रिपोर्टर: रजनीश शर्मा, चन्दन हरदोई हरदोई जनपद के टड़ियावां थाना क्षेत्र में ज्वेलर्स के साथ हुई लूट की सनसनीखेज घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी जोन लखनऊ, किरण एस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आईजी ने पीड़ित ज्वेलर्स से मुलाकात कर घटना की विस्तृत जानकारी ली और उन्हें जल्द न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि घटना का शीघ्र खुलासा किया जाए और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। आईजी किरण एस ने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस टीम को सक्रियता और तत्परता के साथ जांच आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। फिलहाल पुलिस टीम विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है और संदिग्धों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।2
- #हरदोई। जिले के टड़ियावां थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम सर्राफा व्यापारी के साथ लूट की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। बदमाशों ने व्यापारी को घेरकर तमंचे की बट से हमला किया और जेवरात से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। जानकारी के अनुसार, गोपामऊ कस्बे के मोहल्ला मिश्राना निवासी सर्वेश कुमार रस्तोगी कस्बे में सर्राफा की दुकान चलाते हैं। शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे वह रोज की तरह अपनी दुकान बंद कर बड़े पुत्र गौरव के साथ बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान बाजार पूर्व गांव के पास दो बाइकों पर सवार करीब छह बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि बदमाशों ने पीछे से सर्वेश के सिर पर तमंचे की बट से वार कर दिया, जिससे वह और उनका पुत्र बाइक समेत सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद बदमाशों ने बाइक की डिग्गी में रखा जेवरात से भरा झोला लूट लिया। झोले में सोने-चांदी के आभूषणों के साथ करीब डेढ़ लाख रुपये नकद भी मौजूद थे। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के इलाकों में नाकेबंदी कर बदमाशों की तलाश में जुटी है।1
- उत्तरप्रदेश के हरदोई से सबसे बड़ी खबर… धर्म पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर जेल जा चुका एक शख्स…अब करोड़ों की सरकारी जमीन पर कब्जे के आरोपों में घिरा है! इसलिए सवाल सीधा है — 👉 क्या कानून सिर्फ आम लोगों के लिए है? 👉 या रसूखदारों के लिए अलग संविधान चलता है? 👇 समझिए हरदोई के सवायजपुर इलाके से बड़ा खुलासा…आरोप है कि 1975 में ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा कर जनता इंटर कॉलेज की नींव रखी गई…अब भूलेख के रिकॉर्ड खुद गवाही दे रहे हैं — 👉 7.79 हेक्टेयर जमीन 👉 15 खसरे 👉 और करोड़ों की कीमत यानि सवाल सिर्फ कब्जे का नहीं… 👉 पूरा सिस्टम कटघरे में है! 🔥 पहला सवाल: क्या सरकारी जमीन पर कब्जा करके कॉलेज खड़ा करना अपराध नहीं है? 🔥 दूसरा सवाल: 1999 में नामांतरण कैसे हुआ? 👉 किसके दबाव में हुआ? 👉 किसने फाइल पास की? 🔥 तीसरा सवाल: अगर जमीन “नवीन परती” थी… तो “मशरूक” बनने की कहानी क्या है? 🔥 चौथा सवाल: क्या यह पूरा खेल राजनीतिक संरक्षण का है? 🔥 पाँचवां और सबसे बड़ा सवाल: 👉 कब खाली होगी ये जमीन? 👉 कब चलेगा बुलडोज़र? सूत्र बताते हैं… 👉 पहले शिक्षक था… 👉 फिर विवादों में आया… 👉 और अब जमीन के खेल का बड़ा खिलाड़ी बन बैठा! और फिर सनातन समाज पर अपने साथियों के साथ चढ़ बैठा, और आखिर एक सभा में यही अकेला नहीं बल्कि इसके साथ कई सिरफिरे धर्म, सभ्यता, सनातन के विरुद्ध बोले लेकिन अभी तक जो कार्यवाही हुईं 👇 वह मामूली क्यों? कथित नेता के परिवार का दबदबा इतना कि…👇 👉 चुनाव में विरोध करने वालों पर कराए मुकदमे! 👇 क्या यही है लोकतंत्र? प्रशासन से सीधा सवाल 👇 तहसीलदार कहते हैं — “आपत्ति आएगी तो जांच करेंगे…” लेकिन सवाल ये है — 👉 क्या इतनी बड़ी जमीन पर कब्जे के लिए भी “आपत्ति” का इंतजार होगा? 👉 क्या प्रशासन खुद संज्ञान नहीं ले सकता? 👉क्या जनपद के डीएम और इलाके के एसडीएम को सत्ता विरोधी और समाज विरोधी शख्स की तानाशाही के मामलों में भी स्वतः संज्ञान लेने में दिक्क़त है? 👉 क्या डीएम चाहें तो मुख्यमंत्री के संज्ञान में मामले का ज्ञान नहीं दे सकते हैं? 👉क्या डीएम को भी कार्यवाही के लिए किसी अनुमति की आवश्यकता है? 👉देश में बुलडोज़र कार्रवाई की मिसालें दी जाती हैं…लेकिन यहां…👇 👉 दशकों से कब्जा… और सिर्फ जांच की बात! तो क्या ये मान लिया जाए कि — 👉 रसूखदारों के आगे कानून बेबस है? 👉क्या इस जिले में भूमाफियाओं के सामने कानून फेल है? 👉 क्या जिले भर के भूमाफियायों की राजस्व अभिलेखागार तक दखलअंदाजी की चर्चाएं सही है? 👉 क्या भूमाफियाओं के सामने प्रशासन वेवश है? 👉 आखिर कब तक चलता रहेगा जमीनों के कब्जे में प्रशासनिक मिलीभगत का ये खेल? 👉 आखिर कब होगी यदुनंदन एवं अन्य भू माफियाओं तथा मिले हुए अफसरों पर सख्त कार्रवाई? 👉 और कब यदुनंदन के कब्जे से सरकारी जमीन होगी कब्जा मुक्त? कुल मिलाकर जब तक नहीं होगी कब्ज़ामुक्त तब तक 👇 हम पूछेंगे… बार-बार पूछेंगे… क्योंकि ये सवाल सिर्फ जमीन का नहीं… 👉 न्याय और सिस्टम की साख का है! 👉 तो क्या सिस्टम अपनी साख बचाएगा?1
- ■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■■ वायरल अड्डा। सोशल मीडिया पर जहां एक ओर अश्लील और भद्दे कंटेंट को लेकर अक्सर आलोचना होती रहती है, वहीं एक युवक की बनाई गई रील इन दिनों लोगों के बीच सकारात्मक संदेश के चलते तेजी से वायरल हो रही है। वायरल वीडियो में युवक ने ऐसा कंटेंट प्रस्तुत किया है, जो न सिर्फ मनोरंजक है बल्कि समाज को एक अच्छा संदेश भी देता है। यही वजह है कि लोग इस रील की जमकर सराहना कर रहे हैं और इसे “असली रीलबाजी” की मिसाल बता रहे हैं। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि रील सिर्फ वायरल होने के लिए नहीं, बल्कि लोगों के सोच में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए होनी चाहिए। युवक की इस पहल को लोग “प्रेरणादायक” और “काबिल-ए-तारीफ” बता रहे हैं। आज के दौर में जहां लाइक्स और व्यूज की होड़ लगी है, वहां इस तरह के कंटेंट यह साबित करते हैं कि अच्छी सोच और सही संदेश भी लोगों के दिलों तक पहुंच सकता है।1
- दिल दहला देने वाली घटना: मदद की कोशिश बनी काल यह मंजर रूह कंपा देने वाला है… उत्तर प्रदेश के अमरोहा में एक 6 साल की बच्ची पहले सड़क पार कर चुकी थी, लेकिन जब उसने अपनी सहेली को डरा हुआ देखा, तो उसे छोड़ नहीं पाई। वो वापस लौटी, उसका हाथ थामा और उसे सुरक्षित पार कराने लगी… लेकिन तभी एक तेज रफ्तार बाइक ने दोनों को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में मदद करने आई मासूम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी सहेली गंभीर रूप से घायल है। मासूमियत की ये कीमत… और लापरवाही का ये अंजाम—एक बार फिर सड़क सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करता है1
- aapko Shahar ke logon Tak pahunchane ka Bharat ka number gira1