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पाली जिले के रानी थाना क्षेत्र के नाडोल के पास बुधवार रात पुलिस और मादक पदार्थ तस्करों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हो गई। पुलिस की नाकाबंदी तोड़कर भाग रहे तस्करों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस द्वारा की गई फायरिंग में एक तस्कर के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। इस दौरान पुलिस ने मौके से एक स्कॉर्पियो जब्त कर उसमें भरा करीब 400 किलो डोडा पोस्त बरामद किया और दो तस्करों को गिरफ्तार किया। एसपी मोनिका सैन ने बताया कि रानी थाना पुलिस को मुखबिर से गुप्त सूचना मिली थी कि दो स्कॉर्पियो गाड़ियां मादक पदार्थ (डोडा पोस्त) से भरकर रानी की तरफ आ रही हैं। इस पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने नाडोल के पास सघन नाकाबंदी की। रात के समय जब दोनों संदिग्ध स्कॉर्पियो गाड़ियां नाकाबंदी स्थल के पास पहुंचीं, तो तस्करों ने पुलिस को देखते ही गाड़ियों की रफ्तार बढ़ा दी और पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ते हुए भागने लगे। पीछा करने पर तस्करों ने पुलिस पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें कई राउंड फायर किए गए, हालांकि इस दौरान कोई भी पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक तस्कर के पैर में गोली लग गई। एएसपी (बाली) चेन सिंह महेचा ने बताया कि घायल तस्कर की पहचान बाड़मेर जिले के तिलक नगर निवासी खेताराम (35) के रूप में हुई है, जिसे गुरुवार सुबह इलाज के लिए पाली के बांगड़ अस्पताल लाया गया है। वहीं, स्कॉर्पियो में मौजूद दूसरे तस्कर भेराराम, जो बाड़मेर का निवासी है, को पुलिस ने मौके से ही हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जब्त की गई स्कॉर्पियो में करीब 400 किलो डोडा पोस्त भरा हुआ था, और आशंका जताई जा रही है कि तस्कर यह मादक पदार्थ चित्तौड़गढ़ या मध्य प्रदेश (MP) की तरफ से लेकर आ रहे थे। पुलिस ने बताया कि दूसरी स्कॉर्पियो में सवार तस्कर फायरिंग करते हुए अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी और वाहन की जब्ती के लिए पुलिस की विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस पकड़े गए तस्करों से इस पूरे नेटवर्क और माल की डिलीवरी के संबंध में पूछताछ कर रही है।

1 day ago
user_B L BHATI
B L BHATI
Court reporter रानी, पाली, राजस्थान•
1 day ago

पाली जिले के रानी थाना क्षेत्र के नाडोल के पास बुधवार रात पुलिस और मादक पदार्थ तस्करों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हो गई। पुलिस की नाकाबंदी तोड़कर भाग रहे तस्करों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस द्वारा की गई फायरिंग में एक तस्कर के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। इस दौरान पुलिस ने मौके से एक स्कॉर्पियो जब्त कर उसमें भरा करीब 400 किलो डोडा पोस्त बरामद किया और दो तस्करों को गिरफ्तार किया। एसपी मोनिका सैन ने बताया कि रानी थाना पुलिस को मुखबिर से गुप्त सूचना मिली थी कि दो स्कॉर्पियो गाड़ियां मादक पदार्थ (डोडा पोस्त) से भरकर रानी की तरफ आ रही हैं। इस पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने नाडोल के पास सघन नाकाबंदी की। रात के समय जब दोनों संदिग्ध स्कॉर्पियो गाड़ियां नाकाबंदी स्थल के पास पहुंचीं, तो तस्करों ने पुलिस को देखते ही गाड़ियों की रफ्तार बढ़ा दी और पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ते हुए भागने लगे। पीछा करने पर तस्करों ने पुलिस पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें कई राउंड फायर किए गए, हालांकि इस दौरान कोई भी पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक तस्कर के पैर में गोली लग गई। एएसपी (बाली) चेन सिंह महेचा ने बताया कि घायल तस्कर की पहचान बाड़मेर जिले के तिलक नगर निवासी खेताराम (35) के रूप में हुई है, जिसे गुरुवार सुबह इलाज के लिए पाली के बांगड़ अस्पताल लाया गया है। वहीं, स्कॉर्पियो में मौजूद दूसरे तस्कर भेराराम, जो बाड़मेर का निवासी है, को पुलिस ने मौके से ही हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जब्त की गई स्कॉर्पियो में करीब 400 किलो डोडा पोस्त भरा हुआ था, और आशंका जताई जा रही है कि तस्कर यह मादक पदार्थ चित्तौड़गढ़ या मध्य प्रदेश (MP) की तरफ से लेकर आ रहे थे। पुलिस ने बताया कि दूसरी स्कॉर्पियो में सवार तस्कर फायरिंग करते हुए अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी और वाहन की जब्ती के लिए पुलिस की विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस पकड़े गए तस्करों से इस पूरे नेटवर्क और माल की डिलीवरी के संबंध में पूछताछ कर रही है।

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  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के अवसर पर 13 जून को सुमेरपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस उस समय विवादों में घिर गई, जब पत्रकारों ने पाली शहर की बदहाल व्यवस्थाओं पर सवाल उठा दिए। पत्रकारों ने शहर की गंदगी, सीवरेज व्यवस्था, डेंगू-मलेरिया के बढ़ते मामलों और अन्य मूलभूत समस्याओं पर सवाल पूछे, जिससे यूडीएच मंत्री और पाली जिला प्रभारी मंत्री झाबर सिंह खर्रा नाराज़ हो गए। प्रेस वार्ता का माहौल तनावपूर्ण हो गया और चर्चा के दौरान मंत्री खर्रा ने पाली को "नकारात्मक सोच" वाला जिला तक बता दिया। इस बहस का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें मंत्री पत्रकारों के सवालों पर नाराज़ होते दिख रहे हैं। मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस केंद्र सरकार की 12 साल की उपलब्धियों को बताने के लिए बुलाई गई थी, और स्थानीय मुद्दों पर अलग से बात की जा सकती है। वहीं, पत्रकारों का कहना था कि जब प्रभारी मंत्री जिले में ही मौजूद हों, तो शहर की समस्याओं पर सवाल पूछना लाज़मी है। पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा का विषय बन गया है कि क्या मंत्री सवालों से बच रहे थे या मीडिया ने ऐसे सवाल पूछ लिए जिनका जवाब देना मुश्किल था। पाली को "नकारात्मक सोच" वाला जिला बताने पर भी स्थानीय लोगों में काफ़ी नाराज़गी है। फ़िलहाल, इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।
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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के अवसर पर 13 जून को सुमेरपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस उस समय विवादों में घिर गई, जब पत्रकारों ने पाली शहर की बदहाल व्यवस्थाओं पर सवाल उठा दिए। पत्रकारों ने शहर की गंदगी, सीवरेज व्यवस्था, डेंगू-मलेरिया के बढ़ते मामलों और अन्य मूलभूत समस्याओं पर सवाल पूछे, जिससे यूडीएच मंत्री और पाली जिला प्रभारी मंत्री झाबर सिंह खर्रा नाराज़ हो गए।

प्रेस वार्ता का माहौल तनावपूर्ण हो गया और चर्चा के दौरान मंत्री खर्रा ने पाली को "नकारात्मक सोच" वाला जिला तक बता दिया। इस बहस का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें मंत्री पत्रकारों के सवालों पर नाराज़ होते दिख रहे हैं।

मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस केंद्र सरकार की 12 साल की उपलब्धियों को बताने के लिए बुलाई गई थी, और स्थानीय मुद्दों पर अलग से बात की जा सकती है। वहीं, पत्रकारों का कहना था कि जब प्रभारी मंत्री जिले में ही मौजूद हों, तो शहर की समस्याओं पर सवाल पूछना लाज़मी है।

पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा का विषय बन गया है कि क्या मंत्री सवालों से बच रहे थे या मीडिया ने ऐसे सवाल पूछ लिए जिनका जवाब देना मुश्किल था। पाली को "नकारात्मक सोच" वाला जिला बताने पर भी स्थानीय लोगों में काफ़ी नाराज़गी है। फ़िलहाल, इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।
    user_ARVIND JOSHI रिपोर्टर
    ARVIND JOSHI रिपोर्टर
    Local News Reporter सुमेरपुर, पाली, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • राज्य सरकार के "शुद्ध आहार, मिलावट पर वार" अभियान के तहत चिकित्सा विभाग की खाद्य सुरक्षा टीम ने शुक्रवार को सुमेरपुर के जाखामाता रीको क्षेत्र में स्थित विनायक कॉरपोरेशन सरसों तेल फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान मिलावट के संदेह में कुल 12,495 किलोग्राम सरसों तेल सीज किया गया, साथ ही तेल की पैकिंग में विभिन्न ब्रांडों के नाम के उपयोग और कई अन्य अनियमितताएं भी सामने आईं। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण टी. शुभमंगला के निर्देश और सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुरेश चंद्र शर्मा और दिलीप सिंह यादव के नेतृत्व वाली टीम ने फैक्ट्री का औचक निरीक्षण किया। जांच में 15 किलो क्षमता वाले 533 टीन "नौ दुर्गा ब्रांड" और 300 टीन "ज्योति ब्रांड" सरसों तेल सीज किए गए, जिनके नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं। डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि विभाग की प्राथमिकता आमजन को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है, और मिलावटखोरों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। निरीक्षण में यह भी पता चला कि फैक्ट्री संचालक खीमाराम माली विभिन्न कंपनियों के खाली टीनों का उपयोग कर "ज्योति" और "नौ दुर्गा" ब्रांड नाम से सरसों तेल की पैकिंग कर रहा था। मौके पर गुलाब, अडानी, रानी, श्रीजी, बनास और अंकुर सहित कई कंपनियों के खाली टीन बड़ी संख्या में मिले, जिनका उपयोग पैकिंग में किया जा रहा था। सीएमएचओ डॉ. मारवाल ने जानकारी दी कि पूर्व में भी इस फर्म से लिए गए खाद्य तेल के नमूने अवमानक पाए गए थे, जिसके आधार पर न्यायालय द्वारा जुर्माना भी लगाया गया था। राजस्थान समेत अन्य राज्यों में भी "नौ दुर्गा ब्रांड" के नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे थे, बावजूद इसके फर्म संचालक नियमों की लगातार अवहेलना कर रहा था। इसके अतिरिक्त, फैक्ट्री परिसर में स्वच्छता व्यवस्था में भी गंभीर खामियां पाई गईं। अंडर ग्राउंड तेल टैंकों के आसपास कीचड़, रेत और गंदगी मौजूद थी, वहीं फिल्टर हाउस में निर्माण कार्य में प्रयुक्त सीमेंट से भरी बाल्टियां और अन्य सामग्री रखी मिलीं। अधिकारियों ने ऐसी परिस्थितियों में तेल में बाहरी अशुद्धियां मिलने की आशंका जताते हुए तत्काल स्वच्छता सुधारने के निर्देश दिए। डॉ. मारवाल के अनुसार, मिलावट और गुणवत्ता संबंधी संदेह के चलते 12,495 किलो सरसों तेल को मौके पर ही सीज कर दिया गया है। पूर्व में नमूनों के फेल होने और वर्तमान निरीक्षण में सामने आई अनियमितताओं को देखते हुए नए कानूनी नमूने लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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    राज्य सरकार के "शुद्ध आहार, मिलावट पर वार" अभियान के तहत चिकित्सा विभाग की खाद्य सुरक्षा टीम ने शुक्रवार को सुमेरपुर के जाखामाता रीको क्षेत्र में स्थित विनायक कॉरपोरेशन सरसों तेल फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान मिलावट के संदेह में कुल 12,495 किलोग्राम सरसों तेल सीज किया गया, साथ ही तेल की पैकिंग में विभिन्न ब्रांडों के नाम के उपयोग और कई अन्य अनियमितताएं भी सामने आईं।

आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण टी. शुभमंगला के निर्देश और सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुरेश चंद्र शर्मा और दिलीप सिंह यादव के नेतृत्व वाली टीम ने फैक्ट्री का औचक निरीक्षण किया। जांच में 15 किलो क्षमता वाले 533 टीन "नौ दुर्गा ब्रांड" और 300 टीन "ज्योति ब्रांड" सरसों तेल सीज किए गए, जिनके नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं। डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि विभाग की प्राथमिकता आमजन को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है, और मिलावटखोरों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

निरीक्षण में यह भी पता चला कि फैक्ट्री संचालक खीमाराम माली विभिन्न कंपनियों के खाली टीनों का उपयोग कर "ज्योति" और "नौ दुर्गा" ब्रांड नाम से सरसों तेल की पैकिंग कर रहा था। मौके पर गुलाब, अडानी, रानी, श्रीजी, बनास और अंकुर सहित कई कंपनियों के खाली टीन बड़ी संख्या में मिले, जिनका उपयोग पैकिंग में किया जा रहा था। सीएमएचओ डॉ. मारवाल ने जानकारी दी कि पूर्व में भी इस फर्म से लिए गए खाद्य तेल के नमूने अवमानक पाए गए थे, जिसके आधार पर न्यायालय द्वारा जुर्माना भी लगाया गया था। राजस्थान समेत अन्य राज्यों में भी "नौ दुर्गा ब्रांड" के नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे थे, बावजूद इसके फर्म संचालक नियमों की लगातार अवहेलना कर रहा था।

इसके अतिरिक्त, फैक्ट्री परिसर में स्वच्छता व्यवस्था में भी गंभीर खामियां पाई गईं। अंडर ग्राउंड तेल टैंकों के आसपास कीचड़, रेत और गंदगी मौजूद थी, वहीं फिल्टर हाउस में निर्माण कार्य में प्रयुक्त सीमेंट से भरी बाल्टियां और अन्य सामग्री रखी मिलीं। अधिकारियों ने ऐसी परिस्थितियों में तेल में बाहरी अशुद्धियां मिलने की आशंका जताते हुए तत्काल स्वच्छता सुधारने के निर्देश दिए। डॉ. मारवाल के अनुसार, मिलावट और गुणवत्ता संबंधी संदेह के चलते 12,495 किलो सरसों तेल को मौके पर ही सीज कर दिया गया है। पूर्व में नमूनों के फेल होने और वर्तमान निरीक्षण में सामने आई अनियमितताओं को देखते हुए नए कानूनी नमूने लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    user_Naresh kumar Malviya
    Naresh kumar Malviya
    Local News Reporter सुमेरपुर, पाली, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • शनिवार सुबह पाली के रोहट क्षेत्र स्थित नेहड़ा बांध का गेट खोले जाने के बाद किसानों के दो पक्ष आमने-सामने आ गए। एक पक्ष ने इसका समर्थन किया क्योंकि उनके खेतों में पानी भर रहा था, वहीं दूसरे पक्ष ने बांध पहुंचकर इसका कड़ा विरोध जताया। विरोध कर रहे किसानों का आरोप है कि बांडी नदी में फैक्ट्रियों का केमिकलयुक्त और रंगीन पानी छोड़ा गया है। किसानों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के निर्देशों के बावजूद यह दूषित पानी नदी में पहुंच रहा है, जिसके कारण सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इसी मुद्दे पर किसान नेता वागाराम विश्नोई शनिवार सुबह 10 बजे से अन्न-जल त्यागकर धरने पर बैठ गए हैं, और वे कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। उधर, सिंचाई विभाग ने सफाई दी है कि गेट को तेल और ग्रीसिंग के लिए खोला गया था, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण वह जाम हो गया, और अब उसे बंद करने के प्रयास जारी हैं।
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    शनिवार सुबह पाली के रोहट क्षेत्र स्थित नेहड़ा बांध का गेट खोले जाने के बाद किसानों के दो पक्ष आमने-सामने आ गए। एक पक्ष ने इसका समर्थन किया क्योंकि उनके खेतों में पानी भर रहा था, वहीं दूसरे पक्ष ने बांध पहुंचकर इसका कड़ा विरोध जताया। विरोध कर रहे किसानों का आरोप है कि बांडी नदी में फैक्ट्रियों का केमिकलयुक्त और रंगीन पानी छोड़ा गया है।

किसानों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के निर्देशों के बावजूद यह दूषित पानी नदी में पहुंच रहा है, जिसके कारण सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इसी मुद्दे पर किसान नेता वागाराम विश्नोई शनिवार सुबह 10 बजे से अन्न-जल त्यागकर धरने पर बैठ गए हैं, और वे कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। उधर, सिंचाई विभाग ने सफाई दी है कि गेट को तेल और ग्रीसिंग के लिए खोला गया था, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण वह जाम हो गया, और अब उसे बंद करने के प्रयास जारी हैं।
    user_Hastpal singh
    Hastpal singh
    पाली, पाली, राजस्थान•
    1 hr ago
  • पाली रेलवे स्टेशन के पास मिलगेट पुलिस चौकी क्षेत्र में मंदिर परिसर के ठीक निकट एक पेशाब घर के निर्माण को लेकर स्थानीय निवासियों और राजनीतिक संगठनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। शिव सेना (शिंदे गुट) - पाली ने इस निर्माण को हिंदू आस्था पर एक गहरा आघात बताते हुए इसका कड़ा विरोध दर्ज कराया है। स्थानीय नागरिकों और शिव सेना (शिंदे गुट) का कहना है कि पवित्र मंदिर परिसर के पास पेशाब घर का निर्माण धार्मिक भावनाओं और मर्यादा के पूरी तरह खिलाफ है। उनका तर्क है कि मिलगेट पुलिस चौकी और रेलवे स्टेशन जैसे व्यस्त और संवेदनशील इलाके में ऐसे निर्माण से आम जनता में काफी नाराजगी है। इस विरोध के चलते, शिव सेना (शिंदे गुट) और समस्त पाली निवासियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है, "मंदिर परिसर के पास पेशाब घर का निर्माण क्यों? हिंदू आस्था पर गहरी चोट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन इस पेशाब घर को तत्काल यहाँ से हटाए।" स्थानीय लोगों ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस मामले पर ध्यान नहीं दिया और इस पेशाब घर को यहाँ से स्थानांतरित नहीं किया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जा सकता है। फिलहाल, इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है और सभी प्रशासन के अगले कदम का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
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    पाली रेलवे स्टेशन के पास मिलगेट पुलिस चौकी क्षेत्र में मंदिर परिसर के ठीक निकट एक पेशाब घर के निर्माण को लेकर स्थानीय निवासियों और राजनीतिक संगठनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। शिव सेना (शिंदे गुट) - पाली ने इस निर्माण को हिंदू आस्था पर एक गहरा आघात बताते हुए इसका कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

स्थानीय नागरिकों और शिव सेना (शिंदे गुट) का कहना है कि पवित्र मंदिर परिसर के पास पेशाब घर का निर्माण धार्मिक भावनाओं और मर्यादा के पूरी तरह खिलाफ है। उनका तर्क है कि मिलगेट पुलिस चौकी और रेलवे स्टेशन जैसे व्यस्त और संवेदनशील इलाके में ऐसे निर्माण से आम जनता में काफी नाराजगी है। इस विरोध के चलते, शिव सेना (शिंदे गुट) और समस्त पाली निवासियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है, "मंदिर परिसर के पास पेशाब घर का निर्माण क्यों? हिंदू आस्था पर गहरी चोट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन इस पेशाब घर को तत्काल यहाँ से हटाए।"

स्थानीय लोगों ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस मामले पर ध्यान नहीं दिया और इस पेशाब घर को यहाँ से स्थानांतरित नहीं किया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जा सकता है। फिलहाल, इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है और सभी प्रशासन के अगले कदम का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
    user_दीपान्शु चौहान
    दीपान्शु चौहान
    Local News Reporter पाली, पाली, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • पाली जिले के सोजत रोड थाना क्षेत्र के रिसाणिया गांव से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक विधवा महिला कौशल्या देवी ने अपने पति के निधन के बाद रिश्तेदारों पर मारपीट करने और उन्हें घर से बेदखल करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता कौशल्या देवी ने पुलिस अधीक्षक को दी गई शिकायत में बताया कि उनके पति श्री भंवरलाल का निधन 01.06.2026 को हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि पति के अंतिम संस्कार के ठीक बाद उसी दिन, गांव के ही कुछ लोग उनके घर आए और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इन लोगों ने कौशल्या देवी और उनके पुत्र दिनेश के साथ मारपीट की और उन्हें पुश्तैनी मकान से बाहर निकाल दिया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है, जिसके चलते उन्हें अपना घर छोड़कर सोजत रोड पर किराए के मकान में रहने को मजबूर होना पड़ा है। कौशल्या देवी का कहना है कि वे अपने पति की हिंदू रीति-रिवाज से होने वाली अंतिम संस्कार की रस्में (धर्म-पुण्य) अपने पुश्तैनी घर रिसाणिया में ही करना चाहती हैं, लेकिन आरोपियों की धमकियों के कारण उन्हें अपनी और अपने पुत्र की जान का खतरा बना हुआ है। उन्होंने सोजत रोड पुलिस पर पहले की गई रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है और अब पुलिस अधीक्षक से इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई करने के साथ-साथ अपनी और अपने पुत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
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    पाली जिले के सोजत रोड थाना क्षेत्र के रिसाणिया गांव से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक विधवा महिला कौशल्या देवी ने अपने पति के निधन के बाद रिश्तेदारों पर मारपीट करने और उन्हें घर से बेदखल करने का गंभीर आरोप लगाया है।

पीड़िता कौशल्या देवी ने पुलिस अधीक्षक को दी गई शिकायत में बताया कि उनके पति श्री भंवरलाल का निधन 01.06.2026 को हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि पति के अंतिम संस्कार के ठीक बाद उसी दिन, गांव के ही कुछ लोग उनके घर आए और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इन लोगों ने कौशल्या देवी और उनके पुत्र दिनेश के साथ मारपीट की और उन्हें पुश्तैनी मकान से बाहर निकाल दिया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है, जिसके चलते उन्हें अपना घर छोड़कर सोजत रोड पर किराए के मकान में रहने को मजबूर होना पड़ा है।

कौशल्या देवी का कहना है कि वे अपने पति की हिंदू रीति-रिवाज से होने वाली अंतिम संस्कार की रस्में (धर्म-पुण्य) अपने पुश्तैनी घर रिसाणिया में ही करना चाहती हैं, लेकिन आरोपियों की धमकियों के कारण उन्हें अपनी और अपने पुत्र की जान का खतरा बना हुआ है। उन्होंने सोजत रोड पुलिस पर पहले की गई रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है और अब पुलिस अधीक्षक से इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई करने के साथ-साथ अपनी और अपने पुत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
    user_Deepanshu lakhara
    Deepanshu lakhara
    Salesperson पाली, पाली, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • Post by District.reporter.babulaljogaw
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    Post by District.reporter.babulaljogaw
    user_District.reporter.babulaljogaw
    District.reporter.babulaljogaw
    Voice of people पाली, पाली, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • पाली के सोजत रोड क्षेत्र के रिसाणिया गांव में एक विधवा महिला ने अपने ससुराल पक्ष के लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाते हुए बताया है कि उसके साथ मारपीट कर उसे घर से बेदखल कर दिया गया है, साथ ही उसके पुश्तैनी मकान और कृषि भूमि पर भी जबरन कब्जा कर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक मोनिका सेन को दिए प्रार्थना पत्र में पीड़िता कोशल्या सिरवी ने बताया कि उसके पति के निधन के अगले ही दिन उसके जेठ, जेठानी, देवर और अन्य परिजनों ने उसके तथा उसके पुत्र दिनेश व पुत्रवधू मंजू सिरवी के साथ मारपीट की और उन्हें घर से बाहर निकाल दिया। महिला का आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने उसके पुश्तैनी मकान और खेत पर भी कब्जा कर लिया। महिला ने पूर्व में सोजत रोड पुलिस को घटना की सूचना देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन आरोप है कि अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। इस कारण आरोपियों के हौसले बढ़ गए हैं और पीड़िता अपने परिवार के साथ बेघर होकर कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन करने को मजबूर है। कोशल्या सिरवी ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि उसके मकान को कब्जे से मुक्त करवाया जाए, ताकि वह अपने दिवंगत पति के धार्मिक कार्य और सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार प्रसादी कार्यक्रम आयोजित कर सके तथा अपने घर में सुरक्षित रह सके। पीड़िता ने अपने और परिवार के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की भी मांग की है। इस दौरान शिवसेना शिंदे गुट के पाली जिला प्रमुख तख्तसिंह सोलंकी और जिला प्रवक्ता राजू देवासी ने भी पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर पीड़ित महिला को न्याय दिलाने और आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग का समर्थन किया।
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    पाली के सोजत रोड क्षेत्र के रिसाणिया गांव में एक विधवा महिला ने अपने ससुराल पक्ष के लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाते हुए बताया है कि उसके साथ मारपीट कर उसे घर से बेदखल कर दिया गया है, साथ ही उसके पुश्तैनी मकान और कृषि भूमि पर भी जबरन कब्जा कर लिया गया है।

पुलिस अधीक्षक मोनिका सेन को दिए प्रार्थना पत्र में पीड़िता कोशल्या सिरवी ने बताया कि उसके पति के निधन के अगले ही दिन उसके जेठ, जेठानी, देवर और अन्य परिजनों ने उसके तथा उसके पुत्र दिनेश व पुत्रवधू मंजू सिरवी के साथ मारपीट की और उन्हें घर से बाहर निकाल दिया। महिला का आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने उसके पुश्तैनी मकान और खेत पर भी कब्जा कर लिया।

महिला ने पूर्व में सोजत रोड पुलिस को घटना की सूचना देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन आरोप है कि अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। इस कारण आरोपियों के हौसले बढ़ गए हैं और पीड़िता अपने परिवार के साथ बेघर होकर कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन करने को मजबूर है।

कोशल्या सिरवी ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि उसके मकान को कब्जे से मुक्त करवाया जाए, ताकि वह अपने दिवंगत पति के धार्मिक कार्य और सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार प्रसादी कार्यक्रम आयोजित कर सके तथा अपने घर में सुरक्षित रह सके। पीड़िता ने अपने और परिवार के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की भी मांग की है। इस दौरान शिवसेना शिंदे गुट के पाली जिला प्रमुख तख्तसिंह सोलंकी और जिला प्रवक्ता राजू देवासी ने भी पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर पीड़ित महिला को न्याय दिलाने और आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग का समर्थन किया।
    user_Praveen singh od
    Praveen singh od
    Actor पाली, पाली, राजस्थान•
    21 hrs ago
  • सुमेरपुर के तखतगढ़ कस्बे में स्थित खेडावास उद्यान लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है, जिससे यहाँ आने वाले नगरवासियों को विभिन्न कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से रात के समय अपर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के कारण उद्यान में अंधेरा छाया रहता है, जिससे सुबह-शाम टहलने और व्यायाम करने वालों को परेशानी होती है। इसके अलावा, उद्यान में लगे झूले, व्यायाम उपकरण और गमले भी क्षतिग्रस्त अवस्था में हैं। स्थानीय लोगों ने उद्यान में असामाजिक तत्वों की गतिविधियों को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी मगराज चौधरी, निवर्तमान उपाध्यक्ष मनोज नामा और समाजसेवी रामसिंह कांबावत ने खेडावास उद्यान का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, उद्यान परिसर में भवन के रंग-रोगन, विद्युत व्यवस्था में सुधार, क्षतिग्रस्त झूलों और व्यायाम उपकरणों की मरम्मत, तथा अन्य आवश्यक विकास कार्यों को शीघ्र पूरा करने पर चर्चा हुई। अधिशासी अधिकारी मगराज चौधरी ने बताया कि उद्यान में भवन का रंग-रोगन किया जाएगा, बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा और बीच में स्थित फव्वारे को भी जल्द शुरू कराया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि नगरवासियों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक सुधार कार्य प्राथमिकता के आधार पर करवाए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि पूर्व अधिशासी अधिकारी योगेश आचार्य के कार्यकाल में इस उद्यान का विकास कर इसे हराभरा बनाया गया था और झूले तथा व्यायाम उपकरण स्थापित किए गए थे। हाल ही में कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत को भी उद्यान की समस्याओं से अवगत कराया गया था, जिसके बाद अब सुधार कार्यों में गति आने की उम्मीद बढ़ गई है।
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    सुमेरपुर के तखतगढ़ कस्बे में स्थित खेडावास उद्यान लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है, जिससे यहाँ आने वाले नगरवासियों को विभिन्न कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से रात के समय अपर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के कारण उद्यान में अंधेरा छाया रहता है, जिससे सुबह-शाम टहलने और व्यायाम करने वालों को परेशानी होती है। इसके अलावा, उद्यान में लगे झूले, व्यायाम उपकरण और गमले भी क्षतिग्रस्त अवस्था में हैं। स्थानीय लोगों ने उद्यान में असामाजिक तत्वों की गतिविधियों को लेकर भी चिंता व्यक्त की है।

इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी मगराज चौधरी, निवर्तमान उपाध्यक्ष मनोज नामा और समाजसेवी रामसिंह कांबावत ने खेडावास उद्यान का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, उद्यान परिसर में भवन के रंग-रोगन, विद्युत व्यवस्था में सुधार, क्षतिग्रस्त झूलों और व्यायाम उपकरणों की मरम्मत, तथा अन्य आवश्यक विकास कार्यों को शीघ्र पूरा करने पर चर्चा हुई। अधिशासी अधिकारी मगराज चौधरी ने बताया कि उद्यान में भवन का रंग-रोगन किया जाएगा, बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा और बीच में स्थित फव्वारे को भी जल्द शुरू कराया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि नगरवासियों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक सुधार कार्य प्राथमिकता के आधार पर करवाए जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि पूर्व अधिशासी अधिकारी योगेश आचार्य के कार्यकाल में इस उद्यान का विकास कर इसे हराभरा बनाया गया था और झूले तथा व्यायाम उपकरण स्थापित किए गए थे। हाल ही में कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत को भी उद्यान की समस्याओं से अवगत कराया गया था, जिसके बाद अब सुधार कार्यों में गति आने की उम्मीद बढ़ गई है।
    user_ARVIND JOSHI रिपोर्टर
    ARVIND JOSHI रिपोर्टर
    Local News Reporter सुमेरपुर, पाली, राजस्थान•
    3 hrs ago
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