प्रतापगढ़ के कोहंड़ौर थाना क्षेत्र में एक मजदूर की मौत के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक की पत्नी यशोदा ने थाना कोहंड़ौर में एक शिकायती पत्र देते हुए गांव के एक व्यक्ति पर उनके पति को मजदूरी के लिए बुलाकर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने, दबाव बनाने और जोखिमपूर्ण कार्य कराने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, काम के दौरान पेड़ से गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल हुए मजदूर को समय पर सहायता नहीं मिली, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। यशोदा ने आदित्य मिश्रा नामक व्यक्ति को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है और मामले में SC/ST एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराएं लगाने की गुहार लगाई है। उनके मुताबिक, उनके पति घनश्याम, जो दिहाड़ी मजदूर थे, को 17 जून 2026 की सुबह आदित्य मिश्रा ने कई बार फोन कर बुलाया। जब घनश्याम ने निजी काम करने से मना किया तो आरोपी स्वयं उनके घर पहुंच गया और कथित तौर पर जातिसूचक गालियां देने लगा। आरोप है कि दबाव बनाकर घनश्याम से लकड़ी कटवाने, सफाई कराने और पेड़ की टहनियां कटवाने का काम कराया गया, जिसमें उचित सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से घनश्याम नीचे गिर गए, जिससे उनकी कमर और गर्दन में गंभीर चोटें आईं। शिकायत पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि दुर्घटना दोपहर करीब दो बजे हुई, लेकिन परिजनों को इसकी सूचना शाम पांच से साढ़े पांच बजे के बीच, कई घंटे बाद दी गई। आरोप है कि न तो तुरंत एम्बुलेंस बुलाई गई और न ही घायल को समय पर चिकित्सा सहायता मिली। परिजनों ने घायल मजदूर को पहले प्रतापगढ़ के एक निजी अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया, जहां रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट का पता चला। बाद में उन्हें प्रयागराज स्थित स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल रेफर किया गया, जहाँ डॉक्टरों ने रीढ़ और सर्वाइकल स्पाइन में गंभीर क्षति की पुष्टि करते हुए स्थायी विकलांगता की आशंका जताई थी। पीड़िता का यह भी आरोप है कि घटना के बाद आरोपी ने इलाज का खर्च उठाने से इनकार कर दिया और मृतक की मजदूरी का भुगतान भी नहीं किया। घनश्याम परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, और उनके तीन नाबालिग बच्चे हैं, जिससे परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। शिकायती पत्र के अनुसार, 22 जून को घनश्याम को लखनऊ PGI रेफर किया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने तक उनकी हालत अत्यंत गंभीर हो चुकी थी और ट्रॉमा सेंटर में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस मौत के बाद मामला केवल एक दुर्घटना न होकर कथित लापरवाही, समय पर मदद न मिलने और जातीय उत्पीड़न के आरोपों के कारण कानूनी एवं सामाजिक बहस का विषय बन गया है। पीड़िता ने कोहंड़ौर पुलिस से निष्पक्ष जांच कर भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं तथा SC/ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। हालांकि, ये सभी आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए हैं, और मामले में पुलिस जांच तथा संबंधित पक्ष का बयान सामने आना बाकी है।
प्रतापगढ़ के कोहंड़ौर थाना क्षेत्र में एक मजदूर की मौत के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक की पत्नी यशोदा ने थाना कोहंड़ौर में एक शिकायती पत्र देते हुए गांव के एक व्यक्ति पर उनके पति को मजदूरी के लिए बुलाकर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने, दबाव बनाने और जोखिमपूर्ण कार्य कराने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, काम के दौरान पेड़ से गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल हुए मजदूर को समय पर सहायता नहीं मिली, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। यशोदा ने आदित्य मिश्रा नामक व्यक्ति को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है और मामले में SC/ST एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराएं लगाने की गुहार लगाई है। उनके मुताबिक, उनके पति घनश्याम, जो दिहाड़ी मजदूर थे, को 17 जून 2026 की सुबह आदित्य मिश्रा ने कई बार फोन कर बुलाया। जब घनश्याम ने निजी काम करने से मना किया तो आरोपी स्वयं उनके घर पहुंच गया और कथित तौर पर जातिसूचक गालियां देने लगा। आरोप है कि दबाव बनाकर घनश्याम से लकड़ी कटवाने, सफाई कराने और पेड़ की टहनियां कटवाने का काम कराया गया, जिसमें उचित सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से घनश्याम नीचे गिर गए, जिससे उनकी कमर और गर्दन में गंभीर चोटें आईं। शिकायत पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि दुर्घटना दोपहर करीब दो बजे हुई, लेकिन परिजनों को इसकी सूचना शाम पांच से साढ़े पांच बजे के बीच, कई घंटे बाद दी गई। आरोप है कि न तो तुरंत एम्बुलेंस बुलाई गई और न ही घायल को समय पर चिकित्सा सहायता मिली। परिजनों ने घायल मजदूर को पहले प्रतापगढ़ के एक निजी अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया, जहां रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट का पता चला। बाद में उन्हें प्रयागराज स्थित स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल रेफर किया गया, जहाँ डॉक्टरों ने रीढ़ और सर्वाइकल स्पाइन में गंभीर क्षति की पुष्टि करते हुए स्थायी विकलांगता की आशंका जताई थी। पीड़िता का यह भी आरोप है कि घटना के बाद आरोपी ने इलाज का खर्च उठाने से इनकार कर दिया और मृतक की मजदूरी का भुगतान भी नहीं किया। घनश्याम परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, और उनके तीन नाबालिग बच्चे हैं, जिससे परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। शिकायती पत्र के अनुसार, 22 जून को घनश्याम को लखनऊ PGI रेफर किया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने तक उनकी हालत अत्यंत गंभीर हो चुकी थी और ट्रॉमा सेंटर में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस मौत के बाद मामला केवल एक दुर्घटना न होकर कथित लापरवाही, समय पर मदद न मिलने और जातीय उत्पीड़न के आरोपों के कारण कानूनी एवं सामाजिक बहस का विषय बन गया है। पीड़िता ने कोहंड़ौर पुलिस से निष्पक्ष जांच कर भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं तथा SC/ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। हालांकि, ये सभी आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए हैं, और मामले में पुलिस जांच तथा संबंधित पक्ष का बयान सामने आना बाकी है।
- आगामी मुहर्रम पर्व को सकुशल, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से प्रतापगढ़ पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर प्रशांत राज के साथ थाना कोतवाली नगर क्षेत्रान्तर्गत चिलबिला, प्रमुख बाजारों और आसपास के क्षेत्रों में पैदल गश्त की। इस गश्त के दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पैदल गश्त के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने आमजन, व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने सभी से शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने हेतु लोगों को जागरूक भी किया गया।1
- आज अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी में आठवां बड़ा मंगल पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। इस विशेष अवसर पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े, जिन्होंने पहले सरयू नदी में पवित्र स्नान किया। स्नान के उपरांत, भक्तों ने भगवान हनुमान के दरबार में पहुंचकर दर्शन किए और अपनी मनोकामनाएं मांगीं। उन्होंने भव्य पूजा-अर्चना के साथ-साथ विशेष आरती में भी भाग लिया। प्रभु श्री राम के भक्तों ने भी इस दौरान दर्शन किए और सरयू नदी में स्नान किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए, प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया था ताकि सभी भक्त सुरक्षित रूप से दर्शन कर सकें। यह दिन आस्था और भक्ति का एक अद्भुत संगम सिद्ध हुआ।1
- सुल्तानपुर के लंभुआ अस्पताल में बिजली कटौती के दौरान मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि अस्पताल में जनरेटर की सुविधा मौजूद है। भीषण गर्मी के बावजूद, इस जनरेटर का समुचित उपयोग नहीं किया जा रहा है, जिससे मरीज, उनके तीमारदार और अस्पताल कर्मी सभी बेहाल हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में यह लापरवाही अत्यंत चिंताजनक है और संबंधित अधिकारियों से तत्काल संज्ञान लेकर व्यवस्था में सुधार करने की अपेक्षा की गई है ताकि मरीजों को राहत मिल सके।1
- महरौली थाना पुलिस ने रेप और हत्या के एक आरोपी को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया है, जिसे एक बड़ी कार्रवाई बताया जा रहा है। थाना एसएचओ रितेश शर्मा की टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। यह आरोपी एक 11 साल की नाबालिग बच्ची के साथ घिनौना रेप और हत्या का अपराध करने का आरोपी था। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश कर रहा था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।1
- अलीगंज अग्निकांड मामले में निलंबित एफएसएसओ कमलेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर उनके खिलाफ हुई कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताया है। सिंह ने अपने पत्र में कहा कि उनका कार्यक्षेत्र सीमित है, जबकि एनओसी जारी करने सहित अन्य सभी अधिकार मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) के पास हैं। उन्होंने दमकल के देर से पहुंचने के लिए भी सीएफओ को ही जिम्मेदार ठहराया है। कमलेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री से सीएफओ की जवाबदेही तय करने और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की मांग की है।1
- रायबरेली जिले के धुरवारा स्थित बालीपुर बाजार में मंगलवार को श्री सुंदरकांड पाठ और एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। समाजसेवी एवं भावी ब्लॉक प्रमुख विकास सिंह डलमऊ (V.C.C.) के संयोजन में हुए इस कार्यक्रम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। पूरे आयोजन स्थल पर "जय श्रीराम" और "जय बजरंगबली" के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ सुबह सुंदरकांड पाठ के साथ हुआ, जिसके बाद आयोजित विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजन, विष्णु, नीरज यादव, हनुमंत बाबा, पुरुषोत्तम शुक्ला, राजेश सिंह, जिला पंचायत सदस्य राघवेंद्र प्रताप सिंह तथा गौरव सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे। इन अतिथियों ने स्वयं प्रसाद वितरण कर अपने सेवा भाव का परिचय दिया और इस भव्य आयोजन की सराहना भी की। कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद, आयोजकों ने ग्रामवासियों और सभी श्रद्धालुओं के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया, और इस सफलता का पूरा श्रेय उनके समर्थन को दिया।1
- प्रतापगढ़ के अंतू थाना क्षेत्र अंतर्गत गड़वारा चौकी के शिवराजपुर में एक लावारिस अपाचे बाइक को कुएं से बाहर निकाला गया है। पुलिस ने खतरनाक जहरीली गैस से भरे कुएं से इस बाइक को निकालने के लिए फायर सर्विस की मदद ली, जिसमें गड़वारा चौकी के कांस्टेबल जितेंद्र यादव और विनोद माथुर ने स्थानीय लोगों के सहयोग से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कुएं में बाइक गिरने के बाद से ही स्थानीय निवासियों के बीच इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही थीं। अब बाइक को बाहर निकालने के बाद पुलिस इसकी गहन जांच-पड़ताल में जुट गई है।1
- रायबरेली जनपद के शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित जहानाबाद चौकी के अंतर्गत दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर परिसर से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करते हुए दिखाया गया है। इस वीडियो में मंदिर के पुजारी बताए जा रहे एक व्यक्ति को उस विक्षिप्त व्यक्ति को जोरदार लात मारते देखा जा सकता है, जिससे वह दूर जा गिरता है। घटना का यह वीडियो सामने आने के बाद लोगों में भारी नाराजगी है और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोगों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि धार्मिक स्थलों को मानवता, करुणा और सेवा का संदेश देना चाहिए, और ऐसे में किसी असहाय या मानसिक रूप से कमजोर व्यक्ति के साथ इस प्रकार का व्यवहार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इन प्रतिक्रियाओं के साथ ही कुछ लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग भी की है। हालांकि, वायरल हो रहे इस वीडियो की सत्यता और घटना की परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। प्रशासन की ओर से भी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। फिलहाल, यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन से मामले का संज्ञान लेने की अपील कर रहे हैं। यदि वीडियो की पुष्टि होती है, तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग और भी तेज हो सकती है।1