सिंगरौली जिले में कलेक्टर श्री गौरव बैनल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान कलेक्टर ने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की निर्धारित मापदंडों में कम प्रगति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार पात्र हितग्राहियों को विभागीय योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए और योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, जिसकी सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। पोषण ट्रैकर पोर्टल के तहत विभिन्न मापदंडों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं, किशोरी बालिकाओं और 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों को निर्धारित पोषण आहार का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, इसकी जानकारी नियमित रूप से पोर्टल में दर्ज करने को कहा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग को संयुक्त रूप से सेक्टर एवं ब्लॉकवार जानकारी का सत्यापन करने, छूटे हुए हितग्राहियों को चिन्हित कर लाभान्वित करने, और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कोई भी पात्र हितग्राही योजनाओं से वंचित न रहे। सभी सुपरवाइजरों को अपने अधीनस्थ आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के वजन एवं लंबाई की दर्ज जानकारी का स्वयं सत्यापन करने और लाभार्थियों की आभा आईडी व बच्चों की अपार आईडी समय पर बनाने के भी निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने सभी सीडीपीओ को निर्देश दिया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के माध्यम से डोर-टू-डोर सर्वे कराकर सैम (Severe Acute Malnutrition), मैम (Moderate Acute Malnutrition) एवं एसयूडब्ल्यू (Severely Underweight) बच्चों का चिन्हांकन कर निर्धारित एप पर उनका पंजीयन सुनिश्चित करें। उन्होंने 6 माह से 59 माह तक के सैम बच्चों की भूख की अनिवार्य रूप से जांच करने और स्वास्थ्य संबंधी समस्या पाए जाने पर उन्हें तत्काल एनआरसी में भर्ती कराने के निर्देश दिए। सीडीपीओ एवं सुपरवाइजरों को सैम बच्चों की नियमित मॉनिटरिंग कर उनकी रिकवरी दर बढ़ाने और बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार की सतत समीक्षा करने को भी कहा गया। उन्होंने प्रगति में पिछड़े हुए सेक्टरों में विशेष शिविर आयोजित कर विभागीय योजनाओं की प्रगति में सुधार लाने का निर्देश दिया। इन शिविरों में परियोजना अधिकारी एवं सुपरवाइजरों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने और हितग्राहियों की समस्याओं का मौके पर निराकरण करने को कहा गया। विशेष रूप से देवसर एवं चितरंगी विकासखंड के दूरस्थ सेक्टरों में शिविर आयोजित करने पर जोर दिया गया, ताकि इन क्षेत्रों के पात्र हितग्राहियों को भी योजनाओं का लाभ मिल सके और कोई भी पात्र हितग्राही वंचित न रहे। सीएम हेल्पलाइन में लंबित आवेदनों के समय पर निराकरण न होने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कड़े निर्देश दिए कि प्रत्येक शनिवार को महिला एवं बाल विकास विभाग के डीपीओ सहित सभी परियोजना अधिकारी एवं सुपरवाइजर सभागार में उपस्थित रहकर लंबित शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित करें। आंगनवाड़ी केंद्रों का समय पर संचालन और निर्धारित मेन्यू के अनुसार बच्चों को नाश्ता तथा गर्भवती व धात्री महिलाओं को पोषण आहार उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने चेतावनी दी कि यदि विभागीय मापदंडों की प्रगति में किसी प्रकार की कमी पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सिंगरौली जिले में कलेक्टर श्री गौरव बैनल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान कलेक्टर ने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की निर्धारित मापदंडों में कम प्रगति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार पात्र हितग्राहियों को विभागीय योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए और योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, जिसकी सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। पोषण ट्रैकर पोर्टल के तहत विभिन्न मापदंडों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं, किशोरी बालिकाओं और 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों को निर्धारित पोषण आहार का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, इसकी जानकारी नियमित रूप से पोर्टल में दर्ज करने को कहा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग को संयुक्त रूप से सेक्टर एवं ब्लॉकवार जानकारी का सत्यापन करने, छूटे हुए हितग्राहियों को चिन्हित कर लाभान्वित करने, और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कोई भी पात्र हितग्राही योजनाओं से वंचित न रहे। सभी सुपरवाइजरों को अपने अधीनस्थ आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के वजन एवं लंबाई की दर्ज जानकारी का स्वयं सत्यापन करने और लाभार्थियों की आभा आईडी व बच्चों की अपार आईडी समय पर बनाने के भी निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने सभी सीडीपीओ को निर्देश दिया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के माध्यम से डोर-टू-डोर सर्वे कराकर सैम (Severe Acute Malnutrition), मैम (Moderate Acute Malnutrition) एवं एसयूडब्ल्यू (Severely Underweight) बच्चों का चिन्हांकन कर निर्धारित एप पर उनका पंजीयन सुनिश्चित करें। उन्होंने 6 माह से 59 माह तक के सैम बच्चों की भूख की अनिवार्य रूप से जांच करने और स्वास्थ्य संबंधी समस्या पाए जाने पर उन्हें तत्काल एनआरसी में भर्ती कराने के निर्देश दिए। सीडीपीओ एवं सुपरवाइजरों को सैम बच्चों की नियमित मॉनिटरिंग कर उनकी रिकवरी दर बढ़ाने और बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार की सतत समीक्षा करने को भी कहा गया। उन्होंने प्रगति में पिछड़े हुए सेक्टरों में विशेष शिविर आयोजित कर विभागीय योजनाओं की प्रगति में सुधार लाने का निर्देश दिया। इन शिविरों में परियोजना अधिकारी एवं सुपरवाइजरों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने और हितग्राहियों की समस्याओं का मौके पर निराकरण करने को कहा गया। विशेष रूप से देवसर एवं चितरंगी विकासखंड के दूरस्थ सेक्टरों में शिविर आयोजित करने पर जोर दिया गया, ताकि इन क्षेत्रों के पात्र हितग्राहियों को भी योजनाओं का लाभ मिल सके और कोई भी पात्र हितग्राही वंचित न रहे। सीएम हेल्पलाइन में लंबित आवेदनों के समय पर निराकरण न होने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कड़े निर्देश दिए कि प्रत्येक शनिवार को महिला एवं बाल विकास विभाग के डीपीओ सहित सभी परियोजना अधिकारी एवं सुपरवाइजर सभागार में उपस्थित रहकर लंबित शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित करें। आंगनवाड़ी केंद्रों का समय पर संचालन और निर्धारित मेन्यू के अनुसार बच्चों को नाश्ता तथा गर्भवती व धात्री महिलाओं को पोषण आहार उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने चेतावनी दी कि यदि विभागीय मापदंडों की प्रगति में किसी प्रकार की कमी पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- सिंगरौली में पुलिस अधीक्षक श्री षियाज़ के.एम. ने परेड का निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस लाइन की विभिन्न शाखाओं का भी जायजा लिया।1
- केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपने सोनभद्र दौरे के दौरान जिले में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सोनभद्र एक आकांक्षी जिले के रूप में तेजी से प्रगति कर रहा है और आने वाले समय में विकास के क्षेत्र में अपनी एक नई पहचान स्थापित करेगा। मंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं से गरीब, किसान और वंचित वर्ग को मिल रहे लाभों का भी उल्लेख किया।1
- एक वीडियो में देखा जा सकता है कि मोदी जी का डंका बज रहा है। बताया गया है कि यह उनके घूमने से हो रहा है।1
- सरकार से देश और प्रदेश को नशा मुक्त बनाने का आग्रह किया गया है। इस संदेश में स्पष्ट रूप से यह मांग उठाई गई है कि हमारा देश नशा से पूरी तरह मुक्त हो।2
- बोल बम सेवा समिति ने अपने सम्मानित सदस्यों को उनके जन्मदिन के अवसर पर विशेष रूप से सम्मानित किया है। समिति की ओर से सभी सदस्यों को अंग वस्त्र और प्रशस्ति पत्र भेंट कर उनके भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं और मंगल कामनाएँ दी गईं। इस अवसर पर बोल बम सेवा समिति परिवार ने अपनी एकजुटता और सम्मान की भावना का प्रदर्शन किया, जिसकी कुछ झलकियां भी प्रस्तुत की गई हैं।1
- सोनभद्र के दुद्धी में शनिवार दोपहर करीब एक बजे 'दुद्धी को जिला बनाओ विकास कराओ चुनावी वादा पूरा करो' के बैनर तले, दुद्धी को जिला बनाने की मांग को लेकर एक बड़ा प्रदर्शन किया गया। कचहरी गेट के मुख्य द्वार पर दुद्धी को जिला बनाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं ने जोरदार तरीके से प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर चुनावी वादे पूरे न करने का आरोप लगाया। मोर्चा के पदाधिकारियों ने बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश और केंद्र के मंत्रियों व नेताओं ने दुद्धी को जिला बनाने का वादा किया था। उन्होंने मांग की कि इस वादे को तुरंत पूरा किया जाए और दुद्धी को शीघ्र जिला घोषित किया जाए, ताकि क्षेत्र का समुचित विकास हो सके। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पूरा क्षेत्र विकास की प्रतीक्षा कर रहा है, लेकिन विकास की राह बहुत दूर तक दिखाई नहीं दे रही है, और लोग बेरोजगार घूम रहे हैं। पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि दुद्धी पिछले कई दशकों से जिला बनाने की मांग कर रहा है और सभी मानदंडों को पूरा करता है, इसके बावजूद इस भारी राजस्व देने वाले क्षेत्र को जिला का दर्जा नहीं मिला है। संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस अवसर पर पूर्व सिविल बार अध्यक्ष प्रभु सिंह कुशवाहा, जितेंद्र श्रीवास्तव, विष्णुकांत तिवारी, वरुणोदय जौहरी, जय प्रकाश अग्रहरि, श्रीचंद, अमरावती देवी, वीरेंद्र कुमार, आदर्श कुमार, राकेश अग्रहरि, राजेंद्र चंद्रवंशी, जीवनराम चंद्रवंशी और अभिनव जायसवाल सहित कई संघर्ष समिति के लोग और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।3
- रॉबर्ट्सगंज (सोनभद्र) में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) की पूर्व संध्या, यानी 20 जून 2026 को, अलग पूर्वांचल राज्य की मांग को लेकर संघर्षरत संगठन पूर्वांचल राज्य जनमोर्चा द्वारा एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। तहसील रॉबर्ट्सगंज स्थित अधिवक्ता भवन में हुई इस संगोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता मुस्ताक अली एडवोकेट ने की। संगोष्ठी में पूर्वांचल राज्य जनमोर्चा के महासचिव पवन कुमार सिंह एडवोकेट ने भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर योग को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने एक स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में योग की भूमिका पर जोर देते हुए सभी नागरिकों से नियमित योग अपनाने का आह्वान किया। सिंह ने यह भी कहा कि जिस प्रकार योग शरीर और मन को संतुलित करता है, ठीक उसी प्रकार क्षेत्रीय विकास और सामाजिक संतुलन के लिए पूर्वांचल राज्य की स्थापना भी आवश्यक है। संगठन के राष्ट्रीय सचिव राजेश कुमार यादव एड ने योग को केवल व्यायाम नहीं बल्कि जीवन जीने की एक वैज्ञानिक पद्धति करार दिया और इसे तनावमुक्त व स्वस्थ जीवन का प्रभावी माध्यम बताया। श्री जायसवाल ने युवाओं से योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए इस बात पर जोर दिया कि पूर्वांचल राज्य जनमोर्चा क्षेत्र के समग्र विकास, युवाओं के रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर संघर्षरत है। बैठक का संचालन कर रहे डीबीए सोनभद्र के महामंत्री राजेंद्र कुमार यादव एडवोकेट ने योग को भारतीय सभ्यता की पहचान बताते हुए इसे जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। इस संगोष्ठी में रमेश चंद्र सिंह, संजीव कुमार, सुरेश सिंह कुशवाहा, टीटू प्रसाद गुप्ता, राजकुमार पटेल, सुरेश सिंह पटेल, आदर्श देव पांडेय, संतोष चतुर्वेदी और संतोष कुमार सहित कई अन्य लोगों ने भी अपने विचार साझा किए। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर पूर्वांचल राज्य जनमोर्चा की यह बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई।2
- एक पोस्ट में कुछ लोगों की सोच पर गहरा आश्चर्य और निराशा व्यक्त की गई है। पोस्ट में कहा गया है कि यह समझना मुश्किल है कि ऐसे लोग कहाँ से सोचते हैं, और उनकी शिक्षा को लेकर भी सवाल उठाया गया है कि क्या उन्होंने पढ़ाई की है या नहीं।1