धनबाद मंडल के छिपादोहर–बरवाडीह–महुआमिलान रेलखंड पर तीसरी अप लाइन के कमीशनिंग कार्य के चलते रेलवे द्वारा नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य कराया जाएगा। इस कार्य के मद्देनजर, 23 जून से 27 जून 2026 तक इस रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा। रेलवे के अनुसार, 17 जून से 22 जून तक प्री-नॉन इंटरलॉकिंग कार्य और फिर 23 जून से 27 जून तक मुख्य नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य चलेगा। इस दौरान कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि कई ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है, जिससे दैनिक यात्रियों को सर्वाधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। रेलवे ने ट्रेन संख्या 18635 रांची–सासाराम एक्सप्रेस और 18636 सासाराम–रांची एक्सप्रेस को 23, 24, 25, 26 और 27 जून तक के लिए रद्द कर दिया है। इसके अतिरिक्त, बरकाकाना–डेहरी ऑन सोन, बरवाडीह–डेहरी ऑन सोन, बरवाडीह–चुनार, गोमो–बरवाडीह और डेहरी ऑन सोन–बरवाडीह सहित कई पैसेंजर और मेमू ट्रेनों का परिचालन भी प्रभावित रहेगा। वहीं, हटिया–आनंद विहार स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस, रांची–नई दिल्ली गरीब रथ, आनंद विहार–हटिया, हावड़ा–जबलपुर, टाटानगर–जम्मूतवी और धनबाद–भोपाल जैसी कई लंबी दूरी की ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा। रेलवे ने 23 से 27 जून तक बरवाडीह स्टेशन पर कुछ ट्रेनों के अस्थायी ठहराव को भी रद्द करने का निर्णय लिया है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की वर्तमान स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। असुविधा से बचने के लिए, आवश्यकता पड़ने पर डाल्टनगंज अथवा महुआमिलान स्टेशन का उपयोग करने की सलाह दी गई है, और यात्रियों को यात्रा से पहले अपडेटेड जानकारी लेकर ही सफर करने को कहा गया है।
धनबाद मंडल के छिपादोहर–बरवाडीह–महुआमिलान रेलखंड पर तीसरी अप लाइन के कमीशनिंग कार्य के चलते रेलवे द्वारा नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य कराया जाएगा। इस कार्य के मद्देनजर, 23 जून से 27 जून 2026 तक इस रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा। रेलवे के अनुसार, 17 जून से 22 जून तक प्री-नॉन इंटरलॉकिंग कार्य और फिर 23 जून से 27 जून तक मुख्य नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य चलेगा। इस दौरान कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि कई ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है, जिससे दैनिक यात्रियों को सर्वाधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। रेलवे ने ट्रेन संख्या 18635 रांची–सासाराम एक्सप्रेस और 18636 सासाराम–रांची एक्सप्रेस को 23, 24, 25, 26 और 27 जून तक के लिए रद्द कर दिया है। इसके अतिरिक्त, बरकाकाना–डेहरी ऑन सोन, बरवाडीह–डेहरी ऑन सोन, बरवाडीह–चुनार, गोमो–बरवाडीह और डेहरी ऑन सोन–बरवाडीह सहित कई पैसेंजर और मेमू ट्रेनों का परिचालन भी प्रभावित रहेगा। वहीं, हटिया–आनंद विहार स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस, रांची–नई दिल्ली गरीब रथ, आनंद विहार–हटिया, हावड़ा–जबलपुर, टाटानगर–जम्मूतवी और धनबाद–भोपाल जैसी कई लंबी दूरी की ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा। रेलवे ने 23 से 27 जून तक बरवाडीह स्टेशन पर कुछ ट्रेनों के अस्थायी ठहराव को भी रद्द करने का निर्णय लिया है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की वर्तमान स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। असुविधा से बचने के लिए, आवश्यकता पड़ने पर डाल्टनगंज अथवा महुआमिलान स्टेशन का उपयोग करने की सलाह दी गई है, और यात्रियों को यात्रा से पहले अपडेटेड जानकारी लेकर ही सफर करने को कहा गया है।
- लातेहार उपायुक्त संदीप कुमार ने सोमवार सुबह 11:00 बजे एक बातचीत के दौरान जानकारी दी है कि लातेहार जिले के कई गांवों में बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि जिन प्रखंडों में ये आवश्यक सुविधाएँ अभी मौजूद नहीं हैं, वहाँ प्रशासन इन्हें बहाल करने के लिए पूरे प्रयास कर रहा है।1
- लातेहार विधायक प्रकाश राम ने जिले के नगर क्षेत्र का भ्रमण कर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना, विशेषकर चंदनडीह गांव में। भ्रमण के दौरान ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि उनकी सबसे बड़ी समस्या आवास की है। उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2011 में अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान उनके घरों को तोड़ दिया गया था, जिसके बाद से वे आवास की कमी से जूझ रहे हैं। इस पर विधायक प्रकाश राम ने तत्काल लातेहार अंचल अधिकारी से बात की और ग्रामीणों की परेशानियों से उन्हें अवगत कराया, साथ ही समाधान की दिशा में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही। विधायक ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि वे हमेशा ग्रामीणों के हित में तत्पर रहते हैं और चंदनडीह के लोगों की हरसंभव मदद के लिए खड़े रहेंगे। उन्होंने ग्रामीणों से विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने और अपनी समस्याओं से लगातार अवगत कराते रहने की अपील भी की, यह कहते हुए कि जनप्रतिनिधि और जनता के बीच सीधा संवाद ही बेहतर विकास का आधार है। इस भ्रमण कार्यक्रम के दौरान विधायक प्रतिनिधि पवन कुमार, अनिल सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष बंसी यादव, राकेश दुबे, पिंटू रजक, गौरव दास, विकास कुमार, आनंदी सिंह, प्रमोद कुमार सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता तथा संतोष गोस्वामी, मोहन पासवान, भोला बैठा, जोगिंदर भुईयां, सुंदर भुईयां, रीना देवी, रीता देवी, विमली देवी, कांति देवी, कालोन टोप्पो, अजय यादव, संदीप कुमार, नंदलाल उरांव समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।4
- लातेहार समाहरणालय सभागार में सड़क सुरक्षा समिति की एक बैठक आयोजित की गई।1
- कतर के रास लाफान तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) परिसर में हुए एक विस्फोट में भारतीयों सहित कुल 13 लोगों की मौत हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि यह हादसा उस समय हुआ जब कर्मचारी ईरानी हमले के बाद बंद हुए संयंत्र के संचालन को दोबारा शुरू करने का प्रयास कर रहे थे। हालांकि, कतर ने स्पष्ट किया है कि इस घटना के बावजूद संयंत्र की निर्यात क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ा है।1
- झारखंड के लोहरदगा जिले में स्थित पंचायत भवन पूरी तरह से जर्जर हालत में है। भवन की यह खराब स्थिति किसी भी समय एक बड़े हादसे का कारण बन सकती है, जिससे अनहोनी की आशंका बनी हुई है।1
- Post by Yuva team jharkhand1
- रविवार सुबह रांची के तुपुदाना ओपी क्षेत्र में सिरी गांव के पास सड़क किनारे एक महिला का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने फोरेंसिक टीम, डॉग स्क्वायड और टेक्निकल टीम को भी जांच में शामिल किया है। पुलिस आसपास के इलाके और घटनास्थल से मिले सुरागों के आधार पर महिला की पहचान करने और इस घटना की वजह का पता लगाने का प्रयास कर रही है। जांच के दौरान घटनास्थल से कुछ महत्वपूर्ण सबूत भी प्राप्त हुए हैं, और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है। फिलहाल, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस घटना से जुड़ी पूरी जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही सार्वजनिक की जा सकेगी।1
- झारखंड के सरयू प्रखंड अंतर्गत पुरनी डबरी ग्राम में लगभग 20 घरों की 150 लोगों की आबादी केवल एक चापानल पर आश्रित है। ग्रामीणों ने सोमवार सुबह 11:00 बजे बताया कि नल-जल योजना के तहत गांव में दो जलमीनार का निर्माण कराया गया था, लेकिन ये दोनों जलमीनार निर्माण के कुछ ही दिनों बाद खराब हो गए। इसके बाद से इन खराब पड़े जलमीनारों की सुध लेने कोई नहीं आया, जिसके चलते ग्रामीणों को पेयजल की भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले पर सरयू की प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) आशा साहू ने कहा कि यह समस्या उनके संज्ञान में आ गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि ग्रामीणों की इस समस्या को दूर करने के लिए 15वें वित्त की राशि से जलमीनारों को बनवाने का प्रयास किया जाएगा।1