सुलतानपुर के दियरा क्षेत्र स्थित बंधु मिश्र का पूरा गांव का चकमार्ग संख्या 1554 प्रशासनिक उदासीनता के कारण बदहाली का शिकार है। यह प्रमुख संपर्क मार्ग हल्की बारिश में ही पूरी तरह दलदल और गहरे कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों, किसानों और मरीजों का आवागमन बेहद जोखिम भरा हो गया है। आए दिन लोग फिसलकर चोटिल हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से कई बार शिकायत के बावजूद हर बार इसे "कार्ययोजना में शामिल नहीं है" कहकर टाल दिया जाता है। इस मार्ग से क्षेत्र के वर्तमान विधायक राज प्रसाद उपाध्याय और पूर्व सांसद मेनका गांधी भी गुजर चुके हैं। कुछ वर्ष पूर्व एसडीएम, तहसीलदार, लेखपाल, कानूनगो और पुलिस की मौजूदगी में केवल मिट्टी पटाई कराई गई थी, लेकिन उसके बाद खड़ंजा या इंटरलॉकिंग का निर्माण नहीं कराया गया। प्रशासन की इस कार्यशैली से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से चकमार्ग का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर खड़ंजा या इंटरलॉकिंग सड़क बनवाने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
सुलतानपुर के दियरा क्षेत्र स्थित बंधु मिश्र का पूरा गांव का चकमार्ग संख्या 1554 प्रशासनिक उदासीनता के कारण बदहाली का शिकार है। यह प्रमुख संपर्क मार्ग हल्की बारिश में ही पूरी तरह दलदल और गहरे कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों, किसानों और मरीजों का आवागमन बेहद जोखिम भरा हो गया है। आए दिन लोग फिसलकर चोटिल हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से कई बार शिकायत के बावजूद हर बार इसे "कार्ययोजना में शामिल नहीं है" कहकर टाल दिया जाता है। इस मार्ग से क्षेत्र के वर्तमान विधायक राज प्रसाद उपाध्याय और पूर्व सांसद मेनका गांधी भी गुजर चुके हैं। कुछ वर्ष पूर्व एसडीएम, तहसीलदार, लेखपाल, कानूनगो और पुलिस की मौजूदगी में केवल मिट्टी पटाई कराई गई थी, लेकिन उसके बाद खड़ंजा या इंटरलॉकिंग का निर्माण नहीं कराया गया। प्रशासन की इस कार्यशैली से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से चकमार्ग का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर खड़ंजा या इंटरलॉकिंग सड़क बनवाने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
- छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और बदसलूकी के विरोध में नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद संसद भवन परिसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ गए। भारी बारिश होने के बावजूद वे पूरी रात संसद परिसर में धरने पर डटे रहे। चंद्रशेखर आजाद के इस कदम को विपक्ष का भी साथ मिला है। एआईएमआईएम (AIMIM) के अध्यक्ष असादुद्दीन ओवैसी ने संसद परिसर पहुंचकर चंद्रशेखर आजाद से मुलाकात की और उनके इस आंदोलन को अपना पूरा समर्थन देने का ऐलान किया। वहीं, इस घटनाक्रम पर डिंपल ने सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि यह बेहद निर्मम सरकार है, जो बच्चों के आंसुओं से भी नहीं पिघली।1
- लखनऊ के मदेयगंज में एक दुकानदार से ₹2.50 लाख की लूट के मामले को पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। एडीसीपी जितेंद्र कुमार दुबे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस लूटकांड का खुलासा किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से लूटी गई रकम में से ₹1.92 लाख की नकदी बरामद कर ली है। वारदात को अंजाम देने के लिए बदमाशों ने दुकानदार को सस्ते दाम पर माल दिलाने का झांसा दिया था और फिर सुनसान इलाके में बुलाकर उसका बैग लूटकर फरार हो गए थे। इस गिरोह तक पहुंचने के लिए पुलिस ने 200 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पहले भी इस तरह की कई वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। मामले का एक आरोपी अनवर अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।2
- दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन भारी हिंसा, तोड़फोड़ और अराजकता के बीच आयोजित किया गया, जिसे बड़े 'आनंद' के साथ अंजाम दिया गया। शांतिपूर्ण धरने का दावा करने वाले इन प्रदर्शनकारियों ने जमकर पत्थरबाजी की और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को लहूलुहान कर दिया। इस दौरान सरकारी संपत्तियों को निशाना बनाकर तोड़ा गया और ट्रेनों पर भी पथराव किया गया। प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ मिलकर कुछ उपद्रवियों ने पूरे देश का माहौल खराब करने का काम किया, और यही इन 'शांतिपूर्ण' धरना देने वाले छात्रों का असली रूप था।1
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के मंडल अध्यक्ष बब्लू दूबे के नेतृत्व में आज कमिश्नर कार्यालय में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने एक बड़ी सभा का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजेश सिंह चौहान भी शामिल हुए। सभा के दौरान, प्रयागराज में भू-माफियाओं के खिलाफ की गई कार्रवाई के समर्थन में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा की गई। इसी के साथ ही, किसानों के उत्पीड़न के लिए जिम्मेदार धारा 28 को खत्म करने की सिफारिश भी की गई।1
- लखनऊ में पकड़े गए संदिग्ध दवा नेटवर्क की जांच के दौरान एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा हुआ है। इस संदिग्ध दवा नेटवर्क के पकड़े जाने के बाद जब मामले की जांच शुरू की गई, तो इस बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पता चला।1
- दिल्ली में संसद के बाहर सांसद संजय सिंह जी का प्रदर्शन देखने को मिला, जहाँ युवाओं के साथ हुई बर्बरता के खिलाफ उनका गुस्सा फूट पड़ा। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि देश की संसद सांसदों की है, भाजपा की नहीं। युवाओं पर हुई बर्बरता के खिलाफ संसद में सांसद संजय सिंह जी ने आक्रोश व्यक्त करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया है।4
- लखनऊ में मंगलवार को हुई बारिश ने एक बार फिर सरकारी व्यवस्था और प्रशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी है। थोड़ी सी बारिश के बाद सड़कों पर भीषण जलभराव हो गया और सीवर सिस्टम पूरी तरह फेल साबित हुआ। इस बदहाली का सबसे बुरा असर गोमती नगर के उजारियाओ क्षेत्र में देखने को मिला, जहां सड़कों पर पानी भरने के साथ-साथ कई घरों के भीतर तक पानी घुस गया। राजधानी के अधिकांश हिस्सों में ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जिससे आम जनता और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस दुर्दशा के लिए सीधे तौर पर सरकारी विभाग और स्थानीय पार्षद जिम्मेदार हैं। नाले और सीवर की मरम्मत व निर्माण के नाम पर घोटाले पर घोटाला किया जा रहा है और सरकारी पैसे का जमकर दुरुपयोग हो रहा है, जिससे आम आदमी को बार-बार तकलीफें झेलनी पड़ रही हैं। हालात को देखकर अब यह तीखा सवाल उठ रहा है कि क्या ये सीवर सिर्फ दिखावे के लिए आर्टिफिशियल तौर पर लगाए गए हैं और क्या नाले महज दिखावे के लिए बने हुए हैं? स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार पार्षद और नगर निगम से शिकायतें कीं, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। हैरान करने वाली बात यह है कि राजधानी की जनता ऐसे विभागों और पार्षदों के भरोसे बैठी हुई है, जो सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली के भोजीपुरा क्षेत्र में पुलिस ने गौकशी की तैयारी कर रहे दो आरोपियों को एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, घेराबंदी के दौरान आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी, जिसमें एक सिपाही घायल हो गया। इसके बाद पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी है। पुलिस ने घटनास्थल से रस्सियों से बंधे हुए एक जीवित बैल को सुरक्षित छुड़ाया है। इसके साथ ही मौके से अवैध तमंचे, कारतूस और गौकशी में इस्तेमाल होने वाले औजार भी बरामद किए गए हैं। इस मामले में पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।1