उत्तर प्रदेश के बरेली में दस्तावेज लेखक कल्याणकारी समिति सदर के जिला अध्यक्ष अमर सिंह के नेतृत्व में दस्तावेज लेखकों ने रजिस्ट्री कार्यालय में ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में हड़ताल करते हुए धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय में तालाबंदी की और अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की। धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों और तहसीलों में वर्षों से संपत्ति बैनामा, वसीयत, बंटवारा, उपहार पत्र और अनुबंध सहित अन्य कानूनी दस्तावेजों के लेखन व पंजीकरण संबंधी सेवाएं प्रदान कर रहे दस्तावेज लेखकों का काम ई-पंजीकरण व्यवस्था लागू होने से प्रभावित हुआ है। इस व्यवस्था के कारण अधिकांश कार्य ऑनलाइन होने लगे हैं, जिससे दस्तावेज लेखकों की भूमिका सीमित हो गई है और हजारों परिवारों के सामने रोजगार तथा आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि दस्तावेज लेखक केवल एक व्यवसायिक वर्ग नहीं, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आम जनता, खासकर अशिक्षित, वृद्ध और तकनीकी जानकारी से वंचित लोगों तथा प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का काम करते हैं। समिति ने सरकार से मांग की है कि ई-पंजीकरण पोर्टल पर दस्तावेज लेखकों को अधिकृत एजेंट या सहायक के रूप में मान्यता दी जाए। इसके साथ ही, ई-पंजीकरण से संबंधित सभी प्रक्रियाओं में उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने, दस्तावेज लेखकों को निःशुल्क प्रशिक्षण, तकनीकी संसाधन और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता एवं पुनर्वास योजना लागू करने के साथ-साथ राज्य स्तर पर दस्तावेज लेखक कल्याण बोर्ड और कल्याण निधि के गठन की भी मांग उठाई गई। धरनारत दस्तावेज लेखकों ने सरकार से प्रतिनिधियों के साथ वार्ता कर समस्याओं का स्थायी और न्यायसंगत समाधान निकालने का आग्रह किया। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान महेंद्र कुमार सक्सेना कातिब, सतीश सक्सेना कातिब, मनोज विकट, अक्कू साहू, तेजपाल सिंह पटेल, राजेश कुमार सक्सेना, नरेंद्र बाबू और रजनीश शर्मा सहित कई दस्तावेज लेखक उपस्थित रहे।
उत्तर प्रदेश के बरेली में दस्तावेज लेखक कल्याणकारी समिति सदर के जिला अध्यक्ष अमर सिंह के नेतृत्व में दस्तावेज लेखकों ने रजिस्ट्री कार्यालय में ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में हड़ताल करते हुए धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय में तालाबंदी की और अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की। धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों और तहसीलों में वर्षों से संपत्ति बैनामा, वसीयत, बंटवारा, उपहार पत्र और अनुबंध सहित अन्य कानूनी दस्तावेजों के लेखन व पंजीकरण संबंधी सेवाएं प्रदान कर रहे दस्तावेज लेखकों का काम ई-पंजीकरण व्यवस्था लागू होने से प्रभावित हुआ है। इस व्यवस्था के कारण अधिकांश कार्य ऑनलाइन होने लगे हैं, जिससे दस्तावेज लेखकों की भूमिका सीमित हो गई है और हजारों परिवारों के सामने रोजगार तथा आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि दस्तावेज लेखक केवल एक व्यवसायिक वर्ग नहीं, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आम जनता, खासकर अशिक्षित, वृद्ध और तकनीकी जानकारी से वंचित लोगों तथा प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का काम करते हैं। समिति ने सरकार से मांग की है कि ई-पंजीकरण पोर्टल पर दस्तावेज लेखकों को अधिकृत एजेंट या सहायक के रूप में मान्यता दी जाए। इसके साथ ही, ई-पंजीकरण से संबंधित सभी प्रक्रियाओं में उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने, दस्तावेज लेखकों को निःशुल्क प्रशिक्षण, तकनीकी संसाधन और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता एवं पुनर्वास योजना लागू करने के साथ-साथ राज्य स्तर पर दस्तावेज लेखक कल्याण बोर्ड और कल्याण निधि के गठन की भी मांग उठाई गई। धरनारत दस्तावेज लेखकों ने सरकार से प्रतिनिधियों के साथ वार्ता कर समस्याओं का स्थायी और न्यायसंगत समाधान निकालने का आग्रह किया। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान महेंद्र कुमार सक्सेना कातिब, सतीश सक्सेना कातिब, मनोज विकट, अक्कू साहू, तेजपाल सिंह पटेल, राजेश कुमार सक्सेना, नरेंद्र बाबू और रजनीश शर्मा सहित कई दस्तावेज लेखक उपस्थित रहे।
- मुजफ्फरनगर में एक पति की गला घोंटकर हत्या का मामला सामने आया है, जिसमें दो आरोपियों की संलिप्तता बताई गई है। जानकारी के अनुसार, मुजफ्फरनगर में रहने वाले प्रेमी के पति ने इस वारदात को अंजाम दिया। उसने पति का गला घोंटकर हत्या कर दी और फिर शव को आग लगाने की भी कोशिश की। इसी बीच, मुजफ्फरनगर में एक अन्य घटनाक्रम में, न्यायालय ने 8 वर्ष के दो दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है।2
- उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में पुराना शहर के चक नवादा क्षेत्र के निवासी सय्यद सलमान अली D7 NEWS के वरिष्ठ पत्रकार हैं।1
- बरेली में दिनाँक 18 जून, 26 को चुरेली नहर पुलिया के पास महिलाओं से कुंडल आदि की डकैती करने वाले चार अज्ञात बदमाशों को पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। इन बदमाशों ने महिलाओं को निशाना बनाते हुए इस घटना को अंजाम दिया था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने एक जोड़ी कानों के टाप्स, अवैध असलाह व कार0, तथा दो बाइकें बरामद की हैं। इस संबंध में जानकारी क्षेत्राधिकारी बहेड़ी द्वारा दी गई है।1
- बरेली के बहेड़ी क्षेत्र में महिलाओं से कुंडल लूटने की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस मुठभेड़ के दौरान चार बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से दो के पैर में गोली लगी है। हालांकि, उनके दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहे। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से लूटे गए कानों के टॉप्स, तीन अवैध तमंचे, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार, यह वारदात 18 जून को हुई थी, जब देवरनियां निवासी चंद्रपाल अपनी पत्नी और साली के साथ ससुराल से लौट रहे थे। चुरेली नहर पुलिया के पास दो बाइकों पर सवार बदमाशों ने उनकी पत्नी और साली के कानों से कुंडल सहित अन्य सामान लूट लिया था। इस मामले में बहेड़ी थाने में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की गई। सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से पुलिस को इस वारदात में छह बदमाशों के शामिल होने की जानकारी मिली थी। शनिवार देर रात पचपेड़ा चौराहे पर वाहन चेकिंग कर रही पुलिस ने दो बाइकों पर छह संदिग्ध युवकों को आते देखा। पुलिस को देखकर वे भागने लगे, जिस पर पुलिस ने उनका पीछा किया। भागते समय दोनों बाइकें फिसलकर गिर गईं, और चार बदमाश खेतों की ओर भागते हुए पुलिस पर फायरिंग करने लगे। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में विकास और सौरभ नाम के बदमाशों के पैर में गोली लग गई, जबकि ललित और सचिन को मौके पर ही दबोच लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ग्राम पड़री, थाना नवाबगंज निवासी विकास, सौरभ, ललित और सचिन के रूप में की गई है। फरार हुए दो साथियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। घायल आरोपियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है और पूछताछ के बाद उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा।4
- आज बरेली के स्पोर्ट्स स्टेडियम में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में एक विशाल कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मंत्रियों, विधायकों और प्रशासन के अधिकारियों सहित हजारों की संख्या में लोगों ने बढ़-चढ़कर योग किया। कार्यक्रम के दौरान एक बड़ी स्क्रीन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उद्बोधन भी प्रसारित किया गया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने सुना।1
- बरेली के थाना भोजीपुरा से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहाँ भोजीपुरा क्षेत्र में दो प्रेमी युगल ने जहरीला पदार्थ खा लिया। एसपी नॉर्थ मुकेश चंद्र मिश्रा ने इस घटना की जानकारी देते हुए बताया कि वे दोनों आपस में रिश्तेदार हैं। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच में जुट गई है।1
- बरेली में राम राज्य दल के पदाधिकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम (सेवनी मालवा) में हुए मॉब लिंचिंग प्रकरण में न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई गई। दल ने इस मामले की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि यह प्रकरण अगस्त 2022 का है, जब गौ तस्करी के संदेह में भीड़ द्वारा पिटाई के बाद नजीर अहमद की मृत्यु हो गई थी। इस मामले में अपर सत्र न्यायाधीश तबस्सुम खान ने 12 जून 2026 को 14 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। राम राज्य दल के अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा और अखिल भारतीय राजार्य सभा के महामंत्री डॉ. रामकुमार आर्य ने शासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए और आरोपित गौरक्षकों को न्याय दिलाया जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने, सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रभावी दिशा-निर्देश जारी करने का भी आग्रह किया। ज्ञापन सौंपते समय अर्चना सक्सेना, शशि, डॉ. रामकुमार और डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा जैसे पदाधिकारी मौजूद रहे।1
- बरेली की बारादरी पुलिस ने संजय नगर में 15 जून 2026 को हुई एक युवक की गोली मारकर हत्या के मामले में फरार चल रहे वांछित अभियुक्त कुश पुत्र अंतराम उर्फ नन्हे कश्यप को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, 15 जून 2026 की रात करीब 11:30 बजे बारादरी थाना क्षेत्र के संजय नगर निवासी अर्जुन पुत्र राकेश को गोली मारने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की पहचान अर्जुन के रूप में हुई, जिसके बाद परिजनों की तहरीर पर थाना बारादरी में मु0अ0सं0 799/2026 धारा 103(1)/3(5) बीएनएस के तहत मामला पंजीकृत किया गया था। इस घटना के अनावरण और अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए थाना बारादरी, एसओजी और सर्विलांस की संयुक्त टीमों द्वारा लगातार दबिश दी जा रही थी। पूर्व में इस मामले में एक अन्य अभियुक्त अर्पित उर्फ पहाड़ी को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है। इसी क्रम में, 20 जून 2026 को घटना में संलिप्त वांछित अभियुक्त कुश पुत्र अंतराम उर्फ नन्हे कश्यप, जो संजय नगर, थाना बारादरी का ही निवासी है, को डीडीपुरम पार्क के पास से दबोचा गया। अभियुक्त कुश से विस्तृत पूछताछ के बाद विधिक कार्रवाई करते हुए उसे माननीय न्यायालय के समक्ष रिमांड के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है।1