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Devendra yadav
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More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- *जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने गैस एजेंसी का किया निरीक्षण* *कौशांबी संदेश* कौशांबी। जिलाधिकारी कौशांबी एवं पुलिस अधीक्षक कौशांबी द्वारा मंझनपुर स्थित कमला एचपी गैस एजेंसी का निरीक्षण किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने एजेंसी की व्यवस्थाओं और सुरक्षा मानकों की जांच की। निरीक्षण के दौरान गैस सिलेंडरों के रख-रखाव, सुरक्षा व्यवस्था तथा वितरण प्रणाली का जायजा लिया गया। साथ ही संबंधित कर्मचारियों से आवश्यक जानकारी भी प्राप्त की गई। अधिकारियों ने एजेंसी संचालकों को सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करने के निर्देश दिए और कहा कि गैस सिलेंडरों के भंडारण एवं वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए। साथ ही आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।1
- चंद्रशेखर आजाद रावण नहीं चंद्रशेखर विदुर नाम के आगे जोड़े वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण चल रही संसद सभा में सांसद चंद्रशेखर आजाद को नाम के आगे रावण नहीं विदुर लगने की नसीहत दे डालीं हालांकि चंद्रशेखर आजाद ने मीडिया के समक्ष यह साफ कर दिए हैं कि वह नाम के आगे रावण खुद नहीं लिखते उनके विरोधी उनको घृणा भरी नीयत से उनको यह नाम से नवाज देते हैं *स्वतंत्र भारत संदेश* *जनहित कि आवाज*1
- #चित्रकूट:- के पहाड़ी थाना क्षेत्र परसौजा गांव में पीड़ित महिला को न्याय नहीं मिला, तो उसने कानून की कुंडी खटखटाई। महिला ने आरोप लगाया है कि उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई है। #brekingnews #viralnews #chitrakoot #livenews @uppolice @chitrakootpolice @chitrakootdm1
- चकबंदी में ‘200 बीघा का खेल’! बिना नोटिस जमीन खारिज, किसानों में उबाल — क्या नैसर्गिक न्याय की हुई हत्या? चकबंदी में बड़ा बवाल! गरीब किसानों की जमीन खारिज, प्रभावशालियों पर मेहरबानी? चित्रकूट रिपोर्ट | अजय पाण्डेय चित्रकूट। मानिकपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत खरौध में चल रही चकबंदी प्रक्रिया अब बड़े विवाद और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के घेरे में आ गई है। किसानों का आरोप है कि चकबंदी अधिकारियों ने नियम-कानूनों को दरकिनार करते हुए करीब 200 बीघा जमीन को बिना किसी समन या नोटिस के “बीहड़ श्रेणी” में डालकर खारिज कर दिया, जिससे गरीब और सीमांत किसानों की जमीन पर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले को “नैसर्गिक न्याय की हत्या” बताते हुए जिलाधिकारी चित्रकूट को शिकायती पत्र सौंपा है और पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में साल 2005 से चकबंदी प्रक्रिया चल रही है, लेकिन मूल्यांकन, रकबा दुरुस्ती और चक आवंटन में भारी अनियमितताएं की गई हैं। आरोप है कि चकबंदी अधिकारियों ने सुनियोजित तरीके से गरीब और अनपढ़ किसानों को निशाना बनाते हुए उनकी जमीन को बीहड़ बताकर खारिज कर दिया, जबकि कई प्रभावशाली लोगों की जमीन को बचाने का खेल खेला गया। ग्रामीणों का आरोप है कि 7 मार्च 2026 को चकबंदी अधिकारी मानिकपुर संजय शुक्ला ने बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के करीब 200 बीघा भूमि को श्रेणी 6(4) बीहड़ बताते हुए खारिज कर दिया। इससे दर्जनों किसानों के सामने अपनी ही जमीन बचाने का संकट खड़ा हो गया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि 1959 के खसरा अभिलेखों में बीहड़ खाते में दर्ज करीब 350 बीघा भूमि पर आज तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई? ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लोगों से मोटी रकम लेकर उनकी जमीन पर कार्रवाई से बचाया गया, जबकि गरीब किसानों की जमीन को निशाना बनाया गया। इस पूरे प्रकरण में ग्रामीणों ने चकबंदी अधिकारी, सहायक चकबंदी अधिकारी, चकबंदी कर्ता और संबंधित लेखपाल पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इधर, किसानों के समर्थन में भारतीय किसान यूनिटी यूनियन (आ.हिंद) चित्रकूट के मानिकपुर तहसील अध्यक्ष एडवोकेट राम दिनेश द्विवेदी खुलकर सामने आ गए हैं। उन्होंने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों की जमीन पर डाका किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “यदि प्रशासन ने जल्द निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की, तो किसान संगठन सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगा।” अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि किसानों के गंभीर आरोपों के बाद जिला प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है? क्या सच में चकबंदी प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का बड़ा खेल हुआ है या फिर प्रशासन जांच कर सच्चाई सामने लाएगा। फिलहाल गांव में आक्रोश, असंतोष और न्याय की मांग तेज होती जा रही है।1
- Post by जर्नलिस्ट रिप्पू पाण्डेय1
- Post by शिव सागर मौर्य1
- Post by विंध्य वसुंधरा समाचार1
- *जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने गैस एजेंसी का किया निरीक्षण* *कौशांबी संदेश* कौशांबी। जिलाधिकारी कौशांबी एवं पुलिस अधीक्षक कौशांबी द्वारा मंझनपुर स्थित कमला एचपी गैस एजेंसी का निरीक्षण किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने एजेंसी की व्यवस्थाओं और सुरक्षा मानकों की जांच की। निरीक्षण के दौरान गैस सिलेंडरों के रख-रखाव, सुरक्षा व्यवस्था तथा वितरण प्रणाली का जायजा लिया गया। साथ ही संबंधित कर्मचारियों से आवश्यक जानकारी भी प्राप्त की गई। अधिकारियों ने एजेंसी संचालकों को सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करने के निर्देश दिए और कहा कि गैस सिलेंडरों के भंडारण एवं वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए। साथ ही आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।1
- Post by स्वतंत्र भारत संदेश1