“स्वास्थ्य मंत्री के गढ़ में स्वास्थ्य सेवा दम तोड़ती” – रेबीज वैक्सीन गायब, गरीबों से वसूली का खेल! रीवा में सिस्टम फेल: ₹400 की वैक्सीन खरीदो, 4 में बांटो — जिम्मेदार मौन, जनता बेहाल *महा-एक्सपोज़: स्वास्थ्य मंत्री एवं उप-मुख्यमंत्री के गृह जिले में 'बीमार' हुई स्वास्थ्य व्यवस्था! CMHO और प्रशासन की घोर लापरवाही, रेबीज वैक्सीन के लिए दर-दर भटक रही जनता* *रीवा/मनगवां।* मध्य प्रदेश की 'डबल-ट्रिपल इंजन' सरकार में स्वास्थ्य सुविधाओं के दावों की जमीनी हकीकत बेहद खौफनाक है। सूबे के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के अपने ही गृह जिले रीवा (मनगवां और गंगेव) में स्वास्थ्य व्यवस्था खुद आईसीयू में पड़ी तड़प रही है। अस्पतालों में न दवा है, न साफ-सफाई और न ही बुनियादी सुविधाएं। इस पूरी बदहाली का ठीकरा अस्पताल के निचले कर्मचारियों पर फोड़ना बेमानी है, क्योंकि असली नाकामी और अनदेखी वातानुकूलित कमरों में बैठे स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों (CMHO) और शासन-प्रशासन की है, जिन्होंने सिस्टम को पंगु बना दिया है। यहाँ देखें शासन-प्रशासन की विफलता के सबसे शर्मनाक सबूत: क्षेत्रीय जनता का सीधा आरोप: काफी दिनों से वैक्सीन गायब, शासन गहरी नींद में* अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों और *क्षेत्रीय जनता का स्पष्ट आरोप है कि पिछले काफी दिनों से अस्पताल में रेबीज का इंजेक्शन (Anti-Rabies Vaccine) उपलब्ध ही नहीं है।* इसमें ऊपर (CMHO और शासन स्तर) से न तो दवाइयों की खेप भेजी जा रही है और न ही फंड! सिस्टम की इस बेरुखी के कारण कुत्ते के काटने से खौफजदा गरीब मरीजों को प्राइवेट मेडिकल स्टोर्स से *400 रुपये* में (Rabivax-S) की वैक्सीन खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है। ऊपर से सप्लाई न होने के कारण मज़बूरी में एक 400 रुपये की वैक्सीन को चार मरीजों में बांटा जा रहा है। कागजों पर 'राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम' चल रहा है, लेकिन हकीकत में प्रशासन ने जनता को लूटने के लिए छोड़ दिया है। CMHO और आला अधिकारियों की 'आपराधिक' चुप्पी* जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि हर प्राथमिक/सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जीवन रक्षक दवाइयां उपलब्ध हों। लेकिन रीवा जिले का प्रशासन मौन है। जब मरीजों को बाहर से 400-400 रुपये में दवा लानी पड़ रही है, तो स्वास्थ्य विभाग का करोड़ों का बजट आखिर जा कहाँ रहा है? ऊपर बैठे अधिकारी अपनी जवाबदेही से भाग रहे हैं और जमीनी कर्मचारियों को बिना संसाधनों के मरीजों के गुस्से का शिकार होना पड़ रहा है। मनगवां अस्पताल है या तबेला? बुनियादी सुविधाओं (बेडशीट) तक का टोटा* प्रशासनिक लापरवाही का आलम यह है कि अस्पताल परिसर किसी तबेले में तब्दील हो चुका है। यहां ना तो पशुता महिलाओं को बेडशीट उपलब्ध कराई जाती है उनको अपने घर से बेड में बेचने के लिए चादर लेकर आना पड़ता है *गाय का गोबर, खून के छीटे और गंदगी:* अस्पताल के बरामदे और परिसर में गाय का गोबर और गंदगी का अंबार लगा है। ऐसा लगता है जैसे सफाई के नाम पर कोई टेंडर या फंड अस्पताल को दिया ही नहीं जा रहा है। *बेडशीट तक नसीब नहीं:* वार्डों के अंदर प्रसूताओं और मरीजों के बेड पर बिछाने के लिए चादरें तक उपलब्ध नहीं हैं। शासन स्तर से इतनी भी व्यवस्था नहीं है कि मरीजों को एक साफ बिस्तर मिल सके, वे गंदे गद्दों पर लेटने को मजबूर हैं। युवा कांग्रेस का सीधा अल्टीमेटम: "प्रशासन होश में आए, वरना होगा उग्र जन-आंदोलन"* इस लचर और संवेदनहीन सिस्टम को चुनौती देते हुए *मनगवां विधानसभा के युवक कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश तिवारी* ने मौके से ही शासन-प्रशासन और स्वास्थ्य मंत्री को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। डबल इंजन की सरकार का दम भरने वाले स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल जी और स्थानीय मनगवां विधायक आंखें खोलकर देखें कि उनके राज में गरीब जनता का क्या हाल है। यहाँ डॉक्टर नहीं हैं, दवा नहीं है, साफ-सफाई नहीं है। इस बदहाली के लिए सीधा-सीधा प्रशासन और आला अधिकारी जिम्मेदार हैं। अगर शासन ने तत्काल प्रभाव से रेबीज इंजेक्शन की उपलब्धता और अस्पताल की दशा नहीं सुधारी, तो युवक कांग्रेस एक ऐसा उग्र जन-आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी इस सोई हुई सरकार और प्रशासन की होगी।"* **- प्रकाश तिवारी* *सीधा सवाल:* जब सूबे के स्वास्थ्य मंत्री के अपने ही जिले में CMHO और प्रशासन इतनी घोर लापरवाही बरत रहे हैं कि गरीब जनता को अपनी जान बचाने के लिए खुद 400 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं, तो आम आदमी न्याय और इलाज की उम्मीद किससे करे? शासन को इसका जवाब देना ही होगा!
“स्वास्थ्य मंत्री के गढ़ में स्वास्थ्य सेवा दम तोड़ती” – रेबीज वैक्सीन गायब, गरीबों से वसूली का खेल! रीवा में सिस्टम फेल: ₹400 की वैक्सीन खरीदो, 4 में बांटो — जिम्मेदार मौन, जनता बेहाल *महा-एक्सपोज़: स्वास्थ्य मंत्री एवं उप-मुख्यमंत्री के गृह जिले में 'बीमार' हुई स्वास्थ्य व्यवस्था! CMHO और प्रशासन की घोर लापरवाही, रेबीज वैक्सीन के लिए दर-दर भटक रही जनता* *रीवा/मनगवां।* मध्य प्रदेश की 'डबल-ट्रिपल इंजन' सरकार में स्वास्थ्य सुविधाओं के दावों की जमीनी हकीकत बेहद खौफनाक है। सूबे के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के अपने ही गृह जिले रीवा (मनगवां और गंगेव) में स्वास्थ्य व्यवस्था खुद आईसीयू में पड़ी तड़प रही है। अस्पतालों में न दवा है, न साफ-सफाई और न ही बुनियादी सुविधाएं। इस पूरी बदहाली का ठीकरा अस्पताल के निचले कर्मचारियों पर फोड़ना बेमानी है, क्योंकि असली नाकामी और अनदेखी वातानुकूलित कमरों में बैठे स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों (CMHO) और शासन-प्रशासन की है, जिन्होंने सिस्टम को पंगु बना दिया है। यहाँ देखें शासन-प्रशासन की विफलता के सबसे शर्मनाक सबूत: क्षेत्रीय जनता का सीधा आरोप: काफी दिनों से वैक्सीन गायब, शासन गहरी नींद में* अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों और *क्षेत्रीय जनता का स्पष्ट आरोप है कि पिछले काफी दिनों से अस्पताल में रेबीज का इंजेक्शन (Anti-Rabies Vaccine) उपलब्ध ही नहीं है।* इसमें ऊपर (CMHO और शासन स्तर) से न तो दवाइयों की खेप भेजी जा रही है और न ही फंड! सिस्टम की इस बेरुखी के कारण कुत्ते के काटने से खौफजदा गरीब मरीजों को प्राइवेट मेडिकल स्टोर्स से *400 रुपये* में (Rabivax-S) की वैक्सीन खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है। ऊपर से सप्लाई न होने के कारण मज़बूरी में एक 400 रुपये की वैक्सीन को चार मरीजों में बांटा जा रहा है। कागजों पर 'राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम' चल रहा है, लेकिन हकीकत में प्रशासन ने जनता को लूटने के लिए छोड़ दिया है। CMHO और आला अधिकारियों की 'आपराधिक' चुप्पी* जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि हर प्राथमिक/सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जीवन रक्षक दवाइयां उपलब्ध हों। लेकिन रीवा जिले का प्रशासन मौन है। जब मरीजों को बाहर से 400-400 रुपये में दवा लानी पड़ रही है, तो स्वास्थ्य विभाग का करोड़ों का
बजट आखिर जा कहाँ रहा है? ऊपर बैठे अधिकारी अपनी जवाबदेही से भाग रहे हैं और जमीनी कर्मचारियों को बिना संसाधनों के मरीजों के गुस्से का शिकार होना पड़ रहा है। मनगवां अस्पताल है या तबेला? बुनियादी सुविधाओं (बेडशीट) तक का टोटा* प्रशासनिक लापरवाही का आलम यह है कि अस्पताल परिसर किसी तबेले में तब्दील हो चुका है। यहां ना तो पशुता महिलाओं को बेडशीट उपलब्ध कराई जाती है उनको अपने घर से बेड में बेचने के लिए चादर लेकर आना पड़ता है *गाय का गोबर, खून के छीटे और गंदगी:* अस्पताल के बरामदे और परिसर में गाय का गोबर और गंदगी का अंबार लगा है। ऐसा लगता है जैसे सफाई के नाम पर कोई टेंडर या फंड अस्पताल को दिया ही नहीं जा रहा है। *बेडशीट तक नसीब नहीं:* वार्डों के अंदर प्रसूताओं और मरीजों के बेड पर बिछाने के लिए चादरें तक उपलब्ध नहीं हैं। शासन स्तर से इतनी भी व्यवस्था नहीं है कि मरीजों को एक साफ बिस्तर मिल सके, वे गंदे गद्दों पर लेटने को मजबूर हैं। युवा कांग्रेस का सीधा अल्टीमेटम: "प्रशासन होश में आए, वरना होगा उग्र जन-आंदोलन"* इस लचर और संवेदनहीन सिस्टम को चुनौती देते हुए *मनगवां विधानसभा के युवक कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश तिवारी* ने मौके से ही शासन-प्रशासन और स्वास्थ्य मंत्री को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। डबल इंजन की सरकार का दम भरने वाले स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल जी और स्थानीय मनगवां विधायक आंखें खोलकर देखें कि उनके राज में गरीब जनता का क्या हाल है। यहाँ डॉक्टर नहीं हैं, दवा नहीं है, साफ-सफाई नहीं है। इस बदहाली के लिए सीधा-सीधा प्रशासन और आला अधिकारी जिम्मेदार हैं। अगर शासन ने तत्काल प्रभाव से रेबीज इंजेक्शन की उपलब्धता और अस्पताल की दशा नहीं सुधारी, तो युवक कांग्रेस एक ऐसा उग्र जन-आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी इस सोई हुई सरकार और प्रशासन की होगी।"* **- प्रकाश तिवारी* *सीधा सवाल:* जब सूबे के स्वास्थ्य मंत्री के अपने ही जिले में CMHO और प्रशासन इतनी घोर लापरवाही बरत रहे हैं कि गरीब जनता को अपनी जान बचाने के लिए खुद 400 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं, तो आम आदमी न्याय और इलाज की उम्मीद किससे करे? शासन को इसका जवाब देना ही होगा!
- कानपुर के नौबस्ता थाने में बीजेपी की महिला कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार प्रदर्शन, इंस्पेक्टर को दिखा दीं चूड़ियाँ आरोप है, कि महिला उत्पीड़न से जुड़े मामले में पुलिस FIR नहीं लिख रही थी |1
- एटा मे oyo होटल मे पुलिस द्वारा छापा मारी1
- 2️⃣ शिक्षा आलो - छात्रों को स्नातक तक मुफ्त शिक्षा - महिलाओं को PG तक मुफ्त शिक्षा - स्कूल में AI और अंग्रेजी की शिक्षा 3️⃣ कृषक सम्मान - किसानों को ₹15,000 वार्षिक सहायता - 200 यूनिट मुफ्त बिजली 4️⃣ युवा सम्मान - सभी सरकारी रिक्त पद भरे जाएंगे - सुनिश्चित इंटर्नशिप की गारंटी - ज़िला स्तर पर AI स्किल डेवलपमेंट केंद्र 5️⃣ दुर्गा सम्मान - महिलाओं को ₹2000/माह सहायता नारी सम्मान, किसान कल्याण, युवाओं को अवसर, स्वास्थ्य और शिक्षा का पूरा समाधान - यह है पश्चिम बंगाल के लिए हमारा रोडमैप। कांग्रेस को वोट दे कर, न्याय और प्रगति का साथ दीजिए।1
- Post by रबेन्द्र सिंह परमार संपादक1
- टूंडला में आज भारत रत्न संबिधान शिल्पी बोधिसत्व शिक्षा के प्रतीक बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी की एक सौ पैतीस वी जन्मजयंती के अवसर पर नगला राधे लाल अम्बेडकर पार्क में आयोजित बुद्ध वन्दना से प्रारम्भ होकर प्रभात फेरी नगर भ्रमण करते हुए निकाली गयी जो सुभाष चंद बॉस चौराहा,चौधरी चरण सिंह प्रतिमा से गुजरते हुए सब्जी मंडी,भारत माता,चौक बिहारी बिलास,मुख्य बाज़ार होते हुए दीपा चौराहा,आर पी एफ बैरिक, अंडर पास,भूत चौराहा,नगला रामकिशन,नगला रति,नगला मस्जिद होते हुए शोभाराम का आहाता नगला झम्मन स्थित अम्बेडकर पार्क पर जय भीम जय जय भीम की जय घोशों से नगर का बाजार एवं आसमान गुंजायन रहा और एक डोला जिसमे बाबा साहब प्रतीक प्रतिमा थी और आगे बैण्ड बाजा बाबा साहब का गुणगान करते हुए चल रहा था जिसमे हज़ारों की संख्या में महिलाओ एवं पुरुषो बच्चों तथा अम्बेडकर अनुयाईयों ने पैदल चलकर एवं मोटर साइकिल आदि से भाग लिया समापन स्थल पर एक विशाल विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ इस अवसर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामनिवास यादव, राजवीर सिंह यादव, डॉ बी एस गौतम, पालिकाध्यक्ष भॅवर सिंह टूंडला पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रकाश चंद मौर्य, सुधांशु मित्रा, जमील अब्बास, अध्यक्ष संयोजक संजीव प्रधान, जितेंद्र तिवारी, लाखन सिंह वर्मा , अजय यादव, सूर्यकांत अनिल यादव, सुबोध कुमार ,रूपेश शुक्ला , रामतीर्थ चक जॉली खान , सद्दाम खान , उमर फारुख , भूपेंद्र सिंह , नावेद आलम , सोनी लाल राजीब मल्होत्रा, सुनील गुप्ता , जय वर्मा , सहित हज़ारों की संख्या में अनुयाई मौजूद रहे| Updated News- 14/अप्रैल/26- AIN नेटवर्क से अनुज रावत की व्यरों रिपोर्ट देश व प्रदेश की हर छोटी बड़ी खबर को देखने के लिए चैनल को लाइक शेयर और सब्सक्राइब करना ना भूलें | AIN NETWORK को आवश्यकता है पूरे भारतवर्ष के प्रत्येक जिले तहसील व ब्लॉक से पत्रकारिता करने हेतु युवक युवतियों की | संपर्क करें -9193250352 ( प्रधान संपादक -अनुज रावत )1
- जिला हाथरस तहसील सादाबाद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत कोकना कलां में बाबा साहेब अंबेडकर जी की जयंती पर पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल जी ने फीता काटकर माला अर्पण किया4
- जिला हाथरस तहसील सिकंदरा राव में गांव पंचायत की बुजुर्ग रमेश चंद अपनी ही चचेरे भाई मनवीर और उनका से बहुत परेशान है क्योंकि ए दिन मनवीर और ओमकार दारू पीकर गांव की एवं घर की स्त्रियों को गाली-गलौज उनके साथ बदतमीजी करते रहते हैं ज्यादा खाने पर उन्होंने रमेश चंद एवं उनके बच्चों को जहर खाकर मरने की धमकी दी डाली और कहा मैं आपको जेल करा कर मानूंगा इस बात को लेकर उन्होंने एक प्रार्थना पत्र पुलिस को दे दिया है उसके बावजूद भी उन्होंने कहा कि हमारी सूचना मीडिया के माध्यम से न्यूज़ पेपर एवं चैनल पर प्रकाशित की जाए अगर आगे मनवीर और उनका जहर खाकर कोई गलत कदम उठाते हैं तो उसकी जिम्मेदार वह स्वयं होंगे उनसे हमारा कोई संबंध नहीं है और ना ही आगे रहेगा वीडियो के माध्यम से प्रकाशित यह खबर संपादक हर्ष पुंडीर रिपब्लिक दैनिक हाथरस की खबर1
- बाबा साहब की जयन्ती पर आप सभी को माथुर परिवार की ओर से हार्दिक शुभकामनायें ।1