चरखी दादरी जिले में उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनदीप कौर ने नागरिकों से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान संभावित वित्तीय या साइबर धोखाधड़ी से सतर्क रहने की अपील की है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, जिले की मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का कार्य जारी है, जिसके तहत बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि चुनाव आयोग अथवा बीएलओ द्वारा मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान किसी भी मतदाता से बैंक खाते की जानकारी, एटीएम कार्ड नंबर, यूपीआई विवरण, ओटीपी, पासवर्ड अथवा किसी प्रकार की भुगतान संबंधी जानकारी नहीं मांगी जाती है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे केवल अधिकृत बीएलओ को ही आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं तथा किसी भी अनजान व्यक्ति, फर्जी कॉल या संदिग्ध संदेश के झांसे में न आएं। आयोग ने देशभर में चल रहे इस अभियान के दौरान संभावित साइबर ठगी के प्रयासों को देखते हुए नागरिकों को विशेष रूप से जागरूक रहने की सलाह दी है। यदि कोई व्यक्ति एसआईआर या मतदाता सत्यापन के नाम पर बैंकिंग अथवा वित्तीय जानकारी मांगता है, तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों अथवा साइबर हेल्पलाइन को देने का निर्देश दिया गया है। उपायुक्त ने बताया कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल करना, त्रुटियों का सुधार करना तथा मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है। उन्होंने नागरिकों से सहयोग करने, लेकिन अपनी व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखने की अपील की है। जिले के दोनों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 484 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहाँ मतदाता सूची पुनरीक्षण संबंधी कार्य संचालित किए जा रहे हैं और बीएलओ निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्य कर रहे हैं। जनसुविधा के लिए हेल्पलाइन नम्बर 01250950 भी जारी किया गया है। नागरिकों को यह भी सलाह दी गई है कि वे सोशल मीडिया, मोबाइल संदेशों या फोन कॉल के माध्यम से मिलने वाली किसी भी संदिग्ध सूचना पर विश्वास न करें, क्योंकि एसआईआर के दौरान साइबर ठगी की कोशिशें हो सकती हैं, जिसके लिए सावधान रहना अत्यंत आवश्यक है।
चरखी दादरी जिले में उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनदीप कौर ने नागरिकों से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान संभावित वित्तीय या साइबर धोखाधड़ी से सतर्क रहने की अपील की है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, जिले की मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का कार्य जारी है, जिसके तहत बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि चुनाव आयोग अथवा बीएलओ द्वारा मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान किसी भी मतदाता से बैंक खाते की जानकारी, एटीएम कार्ड नंबर, यूपीआई विवरण, ओटीपी, पासवर्ड अथवा किसी प्रकार की भुगतान संबंधी जानकारी नहीं मांगी जाती है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे केवल अधिकृत बीएलओ को ही आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं तथा किसी भी अनजान व्यक्ति, फर्जी कॉल या संदिग्ध संदेश के झांसे में न आएं। आयोग ने देशभर में चल रहे इस अभियान के दौरान संभावित साइबर ठगी के प्रयासों को देखते हुए नागरिकों को विशेष रूप से जागरूक रहने की सलाह दी है। यदि कोई व्यक्ति एसआईआर या मतदाता सत्यापन के नाम पर बैंकिंग अथवा वित्तीय जानकारी मांगता है, तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों अथवा साइबर हेल्पलाइन को देने का निर्देश दिया गया है। उपायुक्त ने बताया कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल करना, त्रुटियों का सुधार करना तथा मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है। उन्होंने नागरिकों से सहयोग करने, लेकिन अपनी व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखने की अपील की है। जिले के दोनों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 484 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहाँ मतदाता सूची पुनरीक्षण संबंधी कार्य संचालित किए जा रहे हैं और बीएलओ निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्य कर रहे हैं। जनसुविधा के लिए हेल्पलाइन नम्बर 01250950 भी जारी किया गया है। नागरिकों को यह भी सलाह दी गई है कि वे सोशल मीडिया, मोबाइल संदेशों या फोन कॉल के माध्यम से मिलने वाली किसी भी संदिग्ध सूचना पर विश्वास न करें, क्योंकि एसआईआर के दौरान साइबर ठगी की कोशिशें हो सकती हैं, जिसके लिए सावधान रहना अत्यंत आवश्यक है।
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- प्रिंसिपल जसवंत कालियाना ने बताया कि रविदास सेवा आश्रम की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया जाएगा। यह कदम आश्रम की भूमि को सुरक्षित करने और अवैध कब्जों को रोकने के उद्देश्य से उठाया जाएगा।1
- भिवानी जिले में नीट (NEET) परीक्षा का आयोजन किया गया है। यह जानकारी सोशल मीडिया पर सामने आई, जिसमें इस महत्वपूर्ण परीक्षा के भिवानी में संपन्न होने की पुष्टि की गई।1
- हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा भिवानी पहुँचे हैं।1
- हजारों विद्यार्थियों के डॉक्टर बनने के सपने को साकार करने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार हो गया, जब भिवानी में NEET-UG 2026 परीक्षा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। इस परीक्षा ने अनगिनत अभ्यर्थियों को उनके सुनहरे भविष्य की ओर एक कदम और करीब ला दिया है। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, सख्त जांच-पड़ताल और प्रशासन की सतर्क निगरानी के बीच सभी आवश्यक व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। किसी भी केंद्र से कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई। अब, इस महत्वपूर्ण परीक्षा में शामिल हुए लाखों विद्यार्थियों की निगाहें उत्सुकता से परिणामों पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार NEET का कटऑफ कितना रह सकता है।1
- भिवानी जिले में 21 जून को देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। इस दौरान जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही हजारों अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों की भारी भीड़ देखी गई। प्रशासन द्वारा किए गए व्यापक सुरक्षा प्रबंधों और सख्त निगरानी के बीच हजारों विद्यार्थियों ने डॉक्टर बनने के अपने सपने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों की गहन जांच की गई, जिसमें बायोमेट्रिक सत्यापन, पहचान पत्रों की जांच और सुरक्षा उपकरणों के माध्यम से प्रत्येक अभ्यर्थी की कड़ी स्क्रीनिंग शामिल थी। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की नकल या अव्यवस्था को रोकने के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद रहे। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने स्वयं विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अभ्यर्थियों और अभिभावकों ने केंद्रों पर पेयजल, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर संतोष व्यक्त किया। परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्रों के चेहरों पर उत्साह और उम्मीद साफ दिखाई दी। कई अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र का स्तर संतुलित था, हालांकि कुछ विषयों में प्रश्न अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण थे। अब लाखों विद्यार्थियों की निगाहें परीक्षा परिणाम और संभावित कटऑफ पर टिकी हुई हैं। NEET परीक्षा को मेडिकल क्षेत्र में प्रवेश का सबसे बड़ा द्वार माना जाता है, जिसमें हर वर्ष लाखों विद्यार्थी भाग लेते हैं। भिवानी में भी परीक्षा शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न होने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली है, और सबकी नजरें अब नतीजों पर हैं।1
- स्थानीय जानकारी के अनुसार, शुगर (मधुमेह) के एक कथित रामबाण इलाज के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए हैं। बताया जा रहा है कि इस इलाज के लिए हजारों लोग मौके पर पहुंचे हैं और वे ठीक भी हो रहे हैं।1
- चरखी दादरी स्थित श्री रविदास सेवा आश्रम की जमीन पर हुए कथित कब्जे को हटवाने के लिए आगामी रणनीति तैयार करने हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। यह अगली बैठक रविवार, 19 जुलाई को चम्पापुरी में बुलाई गई है। इस दौरान, अटेला कलां के पूर्व सरपंच और प्रधान जगदीश राय तथा रावलधी से सुरेश भार्गव जैसे प्रमुख लोग उपस्थित रहेंगे, जो इस मामले में आगे की योजना पर विचार-विमर्श करेंगे।1