जहानाबाद जिले के घोसी थाना क्षेत्र के थलु बीघा गांव में रविवार सुबह एक किसान की सर्पदंश से मौत हो गई। मृतक की पहचान देवनंदन यादव के रूप में हुई है, जिसकी खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के अनुसार, देवनंदन यादव सुबह अपने खेत में धान के बिचड़ा की सिंचाई करने गए थे। इसी दौरान उन्हें किसी जहरीले सांप ने काट लिया। शुरुआत में उन्होंने इसे ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत तेजी से खराब होने लगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, परिवार के सदस्य उन्हें तत्काल इलाज के लिए जहानाबाद सदर अस्पताल ले गए। सदर अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद देवनंदन यादव को मृत घोषित कर दिया और उनकी मौत का कारण सर्पदंश बताया। इस दुखद घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल और फिर मृतक के घर पहुंच गए, जिससे गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है, क्योंकि मृतक परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य था और उसकी मौत से परिवार के सामने एक गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। थलु बीघा गांव में अभी भी शोक का माहौल है। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने सभी लोगों से बरसात के मौसम में खेतों और झाड़ियों वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है, क्योंकि इस समय सर्पदंश की घटनाएं अक्सर बढ़ जाती हैं।
जहानाबाद जिले के घोसी थाना क्षेत्र के थलु बीघा गांव में रविवार सुबह एक किसान की सर्पदंश से मौत हो गई। मृतक की पहचान देवनंदन यादव के रूप में हुई है, जिसकी खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के अनुसार, देवनंदन यादव सुबह अपने खेत में धान के बिचड़ा की सिंचाई करने गए थे। इसी दौरान उन्हें किसी जहरीले सांप ने काट लिया। शुरुआत में उन्होंने इसे ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत तेजी से खराब होने लगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, परिवार के सदस्य उन्हें तत्काल इलाज के लिए जहानाबाद सदर अस्पताल ले गए। सदर अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद देवनंदन यादव को मृत घोषित कर दिया और उनकी मौत का कारण सर्पदंश बताया। इस दुखद घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल और फिर मृतक के घर पहुंच गए, जिससे गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है, क्योंकि मृतक परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य था और उसकी मौत से परिवार के सामने एक गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। थलु बीघा गांव में अभी भी शोक का माहौल है। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने सभी लोगों से बरसात के मौसम में खेतों और झाड़ियों वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है, क्योंकि इस समय सर्पदंश की घटनाएं अक्सर बढ़ जाती हैं।
- पटना में 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया गया, जिसमें नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक विशेष योग शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नालंदा मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य प्रोफेसर उषा कुमारी और सुपरीटेंडेंट डॉ. रश्मि प्रसाद सहित अस्पताल के सभी डॉक्टर, नर्स, स्टाफ और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। डॉ. अजय कुमार सिन्हा और डॉ. मुकुल प्रसाद जैसे कई वरिष्ठ डॉक्टरों ने भी इस योगाभ्यास में भाग लिया, और सभी ने मिलकर लोगों से स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की अपील की। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर पटना सिटी के कई अन्य स्थानों पर भी योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें कंगन घाट प्रमुख था। यहाँ स्थानीय विधायक, भाजपा नेता, भाजपा के महामंत्री और मंत्री सहित विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों ने योगाभ्यास में हिस्सा लिया और योग के महत्व पर जोर दिया।1
- फतुहा में पहली बार नीट (NEET) परीक्षा का एक सेंटर स्थापित किया गया। इस विशेष अवसर पर फतुहा पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ एक्शन में रही, जिससे व्यवस्था बनी रही।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया है कि योग ने न केवल पूरे राष्ट्र को, बल्कि समस्त विश्व को भी एक सूत्र में बांध दिया है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि आज दुनिया के कई देश भारत की इस प्राचीन योग परंपरा को स्वेच्छा से अपना रहे हैं और इसे अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि योग मात्र एक शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह मन, शरीर और आत्मा को आपस में जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि योग की यही शक्ति लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का काम कर रही है, जिसने सीमाओं, भाषाओं और संस्कृतियों की बाधाओं को तोड़कर पूरे विश्व को एक साथ खड़ा कर दिया है। भारत की इस गौरवशाली प्राचीन परंपरा को वैश्विक पहचान मिलने पर प्रधानमंत्री ने अपनी गहरी खुशी व्यक्त की।1
- आरा, 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, शुभ नारायण नगर, मझौवों, आरा स्थित 'शान्ति स्मृति' सम्भावना आवासीय उच्च विद्यालय में एक समारोहपूर्वक 'सामूहिक योग अभ्यास शिविर' का आयोजन किया गया। विद्यालय के प्रबंध निर्देशक डॉ० कुमार द्विजेन्द्र और प्राचार्या डॉ० अर्चना सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर योग दिवस समारोह का उद्घाटन किया। समारोह में उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षकों तथा अभिभावकों को संबोधित करते हुए, प्राचार्या डॉ० अर्चना सिंह ने बताया कि योग शरीर और मन को मजबूत व स्वस्थ बनाता है, तथा बुद्धि को प्रखर करता है। उन्होंने जोर दिया कि 'योग' न केवल शरीर, मन और बुद्धि को जोड़ता है, बल्कि मानवता को भी एक सूत्र में पिरोता है, हिंसा, क्रूरता, कट्टरता एवं विनाशकारी सोच को सात्विक, सकारात्मक एवं प्रकृति के अनुकूल विचारों में बदलता है। डॉ० सिंह ने यह भी उल्लेख किया कि आधुनिक विज्ञान ने भी योग को शरीर और मन को स्वस्थ व संतुलित बनाने, रोगों को ठीक करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने में सहायक माना है, और विश्व की अनेक गंभीर समस्याओं का समाधान योग विज्ञान में निहित है। समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्रबंध निर्देशक डॉ० कुमार द्विजेन्द्र ने कहा कि भारतीय शास्त्रों में योग के महत्व और विशेषताओं को विस्तार से समझाया गया है, जहां योग के विभिन्न आयामों को मंत्रों के माध्यम से सहज रूप से प्रस्तुत किया गया है, जैसे पतंजलि ऋषि के अष्टांग सूत्र (यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि) और "योगः अथ अनुशासनम्", "योगश्चितवृतिः निरोधः", "योगः कर्मशु कौशलम्" जैसे सूत्र। इस अवसर पर योगाभ्यास कराते हुए विद्यालय के योग शिक्षक श्री शशीभूषण सिंह ने कहा कि योग हमें जीने, स्वस्थ रहने, सकारात्मक सोचने, प्रेम से रहने तथा शरीर, मन को आनंदित कर आत्मा को परमात्मा से मिलाने की कला सिखाता है। उन्होंने कहा कि यह प्राचीन भारतीय पद्धति आधुनिक विज्ञान की कसौटी पर खरी उतरकर विश्व पटल पर छा गई है, जिसका एक छोटा सा प्रमाण विश्व योग दिवस के रूप में प्रतीकात्मक संदेश के तौर पर मनाया जाना है, जिसमें आगे प्रगति की प्रबल संभावना है। योग प्रशिक्षक श्री शशीभूषण सिंह के दिशानिर्देश में, विद्यालय के छात्र-छात्राओं और शिक्षक-शिक्षिकाओं ने समान्य योग अभ्यासक्रम (प्रोटोकॉल) के अनुसार विभिन्न योगाभ्यास किए। चालन क्रिया के तहत ग्रीवा चालन, स्कंध संचालन, कटि चालन और घुटना संचालन का अभ्यास किया गया। योगासन में खड़े होकर किए जाने वाले आसनों में ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्द्धचक्रासन, त्रिकोणासन शामिल थे; बैठकर किए जाने वाले आसनों में भद्रासन, वज्रासन, अर्द्धउष्ट्रासन, उष्ट्रासन, शशकासन, उतानमंडूकासन और वक्रासन सम्मिलित थे। उदर के बल लेटकर किए जाने वाले आसनों में मकरासन, भुजंगासन और शलभासन का अभ्यास हुआ, जबकि पीठ के बल लेटकर किए जाने वाले आसनों में सेतुबंधासन, उत्तानपादासन, अर्द्धहलासन, पवनमुक्तासन और शवासन किए गए। इसके अतिरिक्त कपालभाति (प्राणायाम), अनुलोम-विलोम प्राणायाम (नाडीशोचन), शीतली प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम और ध्यान संकल्प का भी अभ्यास किया गया। समारोह का समापन शांति पाठ "ॐ सर्वे भवंतु सुखिनः, सर्वेसंतु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यंतु मा कश्विद-दुःख भाग्भवेत। ॐ शांतिः, शांतिः शांतिः।" के साथ हुआ। कार्यक्रम के अंत में सनातनी गंगा फाऊंडेशन भोजपुर इकाई द्वारा छात्र-छात्राओं और शिक्षक-शिक्षिकाओं को फ्रूट जूस का वितरण किया गया। मंच संचालन विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक श्री अरविंद ओझा ने किया, तथा धन्यबाद ज्ञापन विद्यालय के उप-प्राचार्य श्री ऋषिकेश ओझा ने किया। इस समारोह को सफल बनाने में योग शिक्षक श्री शशी भूषण सिंह के साथ-साथ कला शिक्षक श्री संजीव सिन्हा, श्री विष्णु शंकर, श्री ब्रजेश कुमार तिवारी, श्री राजेश रमण, श्री जय शंकर सिंह तथा संगीत शिक्षक धर्मेन्द्र कुमार व अमितेश रंजन का अहम योगदान रहा।4
- गया जिले के परैया उत्तरी बाजार में बनी परैया टिकारी रोड के निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इस सड़क का निर्माण जल्दबाजी में किया गया है और इसकी पिच की मोटाई तथा निर्माण प्रक्रिया की विस्तृत जांच होनी चाहिए। बताया गया है कि सड़क पर पहले काफी मिट्टी जमी हुई थी, जिसे जेसीबी से केवल ऊपर-ऊपर हटाया गया और हल्का झाड़ू लगाने के बाद उसी मिट्टी पर पिचिंग कर दी गई। इससे सड़क की मजबूती पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि क्या मिट्टी पर बनी यह सड़क लंबे समय तक टिक पाएगी। इस घटिया निर्माण के कारण सड़क काफी ऊंची हो गई है, जिससे घरों से पानी की निकासी में भारी परेशानी हो रही है, क्योंकि परैया उत्तरी बाजार में नाली या नाले की कोई व्यवस्था नहीं है। शिकायतकर्ता का दावा है कि जब इस संबंध में ठेकेदार से निर्माण रोकने के लिए कहा गया, तो उसने धमकी देते हुए कहा, "तुमको जो करना है कर लो, तुमको जहां जाना है चल जाओ, तुमको जहां वीडियो भेजना है भेज दो, हम देख लेंगे।" शिकायतकर्ता के पास इस पूरे मामले से संबंधित वीडियो के माध्यम से सभी सबूत मौजूद होने का दावा किया गया है। लोगों ने इस मामले में शक्तिशाली जांच की मांग की है और जांच में दोषी पाए जाने वाले ठेकेदार पर तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है।4
- केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी जी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर अपना बाईट दिया।1
- जहानाबाद सदर प्रखंड की सिकरिया पंचायत के सकुना बिगहा गाँव में मनरेगा के तहत संचालित कार्यों में ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि योजना के तहत काम कर रहे अधिकांश मजदूर स्थानीय नहीं हैं, बल्कि उन्हें बाहर से बुलाया जा रहा है। इससे मनरेगा के मूल उद्देश्य पर सवाल खड़े हो गए हैं, जिसका मकसद ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना है। ग्रामीणों के अनुसार, कार्यस्थल पर काम कर रहे कई मजदूरों के नाम संबंधित जॉब कार्ड में दर्ज नहीं हैं, जिससे मजदूरों की उपस्थिति, भुगतान और कार्य आवंटन की प्रक्रिया में संदेह उत्पन्न हो रहा है। उनका आरोप है कि यदि जॉब कार्डधारी मजदूरों के बजाय अन्य लोगों से काम कराया जा रहा है, तो यह मनरेगा के नियमों का उल्लंघन है और इसकी जांच आवश्यक है। स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि विभागीय निर्देशों के अनुसार, मनरेगा के कार्यों का संचालन 15 जून तक ही किया जाना था। इसके बावजूद, निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी कार्य जारी रहने से नियमों के पालन पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा है कि यदि समय-सीमा के बाद भी कार्य कराया जा रहा है, तो इसकी प्रशासनिक अनुमति और वैधानिक स्थिति को स्पष्ट किया जाना चाहिए। इस पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में अनियमितता की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएँ। साथ ही, उन्होंने मनरेगा कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और स्थानीय मजदूरों की भागीदारी सुनिश्चित करने की भी मांग की है। फिलहाल, इस मामले में संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है, और जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- आरा में माननीय उच्च न्यायालय, पटना और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार, भोजपुर द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, 21 जून 2026 के उपलक्ष्य में एक विशेष योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार भोजपुर, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-1, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-2 और अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-13 के साथ अन्य न्यायिक पदाधिकारीगण उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त, जिला बार एसोसिएशन के सचिव, न्यायालय कर्मी तथा अधिवक्तागण ने भी इस आयोजन में भाग लिया। योग प्रशिक्षक गजानन गुनजन और कार्तिक कुंदन के कुशल मार्गदर्शन में सभी उपस्थित लोगों ने ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, प्राणायाम एवं ध्यान सहित विभिन्न योगाभ्यास किए। योग शिक्षकों ने प्रतिभागियों को योग के शारीरिक एवं मानसिक लाभों के बारे में बताया और दैनिक जीवन में इसे अपनाने पर जोर दिया। अपने संबोधन में, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि योग तनाव मुक्त जीवन, बेहतर स्वास्थ्य एवं कार्य दक्षता के लिए अत्यंत आवश्यक है, और न्यायिक कार्यों की व्यस्तता के बावजूद सभी को योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। कार्यक्रम के समापन पर, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव द्वारा योग प्रशिक्षकों गजानन गुनजन और कार्तिक कुंदन को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।4
- एक पोस्ट के अनुसार, मौर्य साम्राज्य के आते ही चोर, दलाल, गुंडा, माफिया और देशद्रोही या तो मार दिए जाते हैं या फिर देश छोड़कर भाग जाते हैं। इस बात को 'ITS ASHOK SAMRAT' के साथ देखने के लिए कहा गया है।1