डीग पुलिस द्वारा पुलिस अधीक्षक डीग श्री शरण गोपीनाथ के. IPS के विशेष अभियान ‘‘ऑपरेशन एण्टीवायरस‘‘ के तहत जुरहरा थाना क्षेत्र से 6 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इन ठगों के कब्जे से कुल 6 एंड्रॉइड मोबाइल फोन और 9 सिम कार्ड जब्त किए हैं। गिरफ्तार किए गए साइबर ठग समूह बनाकर काम करते थे। वे फर्जी मोबाइल फोन और सिम कार्ड प्राप्त कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर छद्म नाम-पते की फर्जी आईडी बनाते थे। इसके बाद, वे अनजान लोगों से संपर्क कर उन्हें अच्छी सिलाई मशीन और मोबाइल फोन सस्ती दरों पर बेचने का झांसा देते थे। लोगों को ठगने के लिए वे उनसे अग्रिम भुगतान फर्जी खातों में डलवाते थे। गिरफ्तार किए गए साइबर ठगों में गावंडी थाना जुरहरा जिला डीग निवासी 24 वर्षीय मजफूज पुत्र उम्मर, 21 वर्षीय मौसम पुत्र उम्मर, 20 वर्षीय सकील पुत्र उम्मर, 35 वर्षीय सहरून पुत्र दीनू, 27 वर्षीय निसार पुत्र फज्जर तथा कस्बा जुरहरा थाना जुरहरा जिला डीग निवासी 21 वर्षीय अकरम पुत्र अस्सा शामिल हैं। ये सभी मेव जाति के हैं।
डीग पुलिस द्वारा पुलिस अधीक्षक डीग श्री शरण गोपीनाथ के. IPS के विशेष अभियान ‘‘ऑपरेशन एण्टीवायरस‘‘ के तहत जुरहरा थाना क्षेत्र से 6 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इन ठगों के कब्जे से कुल 6 एंड्रॉइड मोबाइल फोन और 9 सिम कार्ड जब्त किए हैं। गिरफ्तार किए गए साइबर ठग समूह बनाकर काम करते थे। वे फर्जी मोबाइल फोन और सिम कार्ड प्राप्त कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर छद्म नाम-पते की फर्जी आईडी बनाते थे। इसके बाद, वे अनजान लोगों से संपर्क कर उन्हें अच्छी सिलाई मशीन और मोबाइल फोन सस्ती दरों पर बेचने का झांसा देते थे। लोगों को ठगने के लिए वे उनसे अग्रिम भुगतान फर्जी खातों में डलवाते थे। गिरफ्तार किए गए साइबर ठगों में गावंडी थाना जुरहरा जिला डीग निवासी 24 वर्षीय मजफूज पुत्र उम्मर, 21 वर्षीय मौसम पुत्र उम्मर, 20 वर्षीय सकील पुत्र उम्मर, 35 वर्षीय सहरून पुत्र दीनू, 27 वर्षीय निसार पुत्र फज्जर तथा कस्बा जुरहरा थाना जुरहरा जिला डीग निवासी 21 वर्षीय अकरम पुत्र अस्सा शामिल हैं। ये सभी मेव जाति के हैं।
- डीग जिले में पुलिस अधीक्षक श्री शरण गोपीनाथ के. (IPS) द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान "ऑपरेशन एंटीवायरस" के तहत बड़ी कार्रवाई की गई है। इस अभियान के अंतर्गत डीग पुलिस ने छह साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से कुल छह एंड्रॉयड मोबाइल फोन और नौ सिम कार्ड जब्त किए गए हैं। यह कार्रवाई पुलिस थाना जुरहरा द्वारा रात्रि के समय की गई, जब ये मुल्जिमान साइबर ठगी कर रहे थे। गिरफ्तार किए गए साइबर ठगों का तरीका यह था कि वे समूह बनाकर फर्जी मोबाइल फोन और सिम कार्ड प्राप्त करते थे। इसके बाद, वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर छद्म नाम-पते की फर्जी आईडी बनाकर अनजान लोगों से संपर्क साधते थे। वे अच्छी सिलाई मशीन और मोबाइल फोन सस्ती दरों पर बेचने का झांसा देकर उनसे फर्जी खातों में एडवांस पैसे डलवाकर ठगी करते थे। गिरफ्तार किए गए साइबर ठगों की पहचान मजफूज (पुत्र उम्मर, उम्र 24), मौसम (पुत्र उम्मर, उम्र 21), सकील (पुत्र उम्मर, उम्र 20) — सभी निवासी गांव गावंडी, थाना जुरहरा, जिला डीग; सहरून (पुत्र दीनू, उम्र 35), निसार (पुत्र फज्जर, उम्र 27) — दोनों निवासी गांव गावंडी, थाना जुरहरा, जिला डीग; और अकरम (पुत्र अस्सा, उम्र 21) निवासी कस्बा जुरहरा, थाना जुरहरा, जिला डीग के रूप में हुई है।1
- लखनऊ में हुए अग्निकांड के मद्देनजर, मथुरा प्रशासन ने जिले में कड़ी कार्रवाई शुरू की है, जिससे कोचिंग और लाइब्रेरी संचालकों में हड़कंप मच गया है। इस कार्यवाही के परिणामस्वरूप, मथुरा में आधा दर्जन लाइब्रेरी, कोचिंग सेंटर और होटलों को सीज कर दिया गया है।1
- भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय और उत्तर प्रदेश शासन के नगरीय विकास विभाग के मार्गदर्शन में, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के सफल 6 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज मथुरा-वृंदावन नगर निगम के सभागार, जनरल गंज मथुरा में एक भव्य "स्वनिधि महोत्सव" का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ विधायक बल्देव पूरन प्रकाश जी ने किया, जिन्होंने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में संचालित यह योजना देश के लाखों रेहड़ी, पटरी और पथ विक्रेताओं के लिए वरदान सिद्ध हुई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योजना ने स्वरोजगार को बढ़ावा देने के साथ-साथ छोटे व्यापारियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है। इस महोत्सव के दौरान, शहरी पथ विक्रेताओं को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत नवीन ऋण आवेदन, ऋण स्वीकृति, ऋण वितरण, क्रेडिट कार्ड आवेदन और क्रेडिट कार्ड वितरण जैसी सुविधाएं प्रदान की गईं। परियोजना अधिकारी डूडा राजकुमार चौधरी ने बताया कि भारत सरकार की इस योजना के माध्यम से पथ विक्रेताओं को बिना गारंटी ऋण, डिजिटल लेन-देन पर कैशबैक, समय पर ऋण अदायगी पर ब्याज अनुदान, और क्रमशः अधिक राशि के ऋण की सुविधा मिल रही है। उन्होंने आगे बताया कि इस योजना से हजारों परिवारों की आजीविका सुदृढ़ हुई है, जिससे वे आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय रूप से सहभागी बन रहे हैं। कार्यक्रम में यह भी उजागर किया गया कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के कारण शहरी गरीबों, स्ट्रीट वेंडरों और लघु उद्यमियों को आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ने में उल्लेखनीय सफलता मिली है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना को आज देश में वित्तीय समावेशन और स्वरोजगार संवर्धन का एक सफल मॉडल बताया गया। उपस्थित अधिकारियों ने लाभार्थियों को योजना का अधिकतम लाभ उठाने और डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। इस आयोजन में जनप्रतिनिधिगण, परियोजना अधिकारी डूडा राजकुमार चौधरी, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक, चिकित्सा विभाग, श्रम विभाग, समस्त बैंक कर्मचारी, नगर निगम मथुरा-वृंदावन तथा जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के कर्मचारी, एवं बड़ी संख्या में पथ विक्रेताओं ने सहभागिता की।3
- गंगा दशहरा के अवसर पर मथुरा के विधायक श्रीकांत शर्मा ने जमुना जी का पूजन किया।1
- मथुरा के विश्राम घाट पर जेठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाने वाला पावन गंगा दशहरा पर्व बुधवार को आस्था और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। नगर निगम की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस दौरान व्यापक व्यवस्थाएं की गई थीं। नगर निगम के अपर आयुक्त अनिल सागर और हिंदूवादी नेता गोपीश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहूलियत को ध्यान में रखते हुए घाटों पर गोताखोरों की तैनाती की गई थी। इसके अतिरिक्त, बैरिकेटिंग, चेंजिंग रूम, डस्टबिन, नावों की व्यवस्था और प्रकाश का पर्याप्त प्रबंध भी किया गया था। गोपीश्वरनाथ चतुर्वेदी ने यह भी बताया कि यमुना में बड़ी मात्रा में गंगा जल आने के चलते श्रद्धालु यमुना-गंगा के पवित्र संगम स्वरूप जल में स्नान कर रहे थे। वहीं, अपर आयुक्त अनिल सागर ने जानकारी दी कि नगर निगम द्वारा जगह-जगह शरबत की प्याऊ लगाई गई थीं और सफाई कर्मियों द्वारा लगातार सफाई अभियान चलाया जा रहा था। हालांकि, इस बार गंगा दशहरा पर्व पर श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही। विश्राम घाट सहित अन्य घाटों पर भीड़ कम दिखाई दी और घाट अधिकांश समय खाली नजर आए। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक श्रीकांत शर्मा ने विश्राम घाट पहुंचकर यमुना पूजन किया और सभी श्रद्धालुओं को गंगा दशहरा पर्व की शुभकामनाएं दीं।4
- डीग में बुधवार, 24 जून को जिला कलेक्टर मयंक मनीष की अध्यक्षता में पंचायत समिति सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय सिंघल सहित ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी और अन्य वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जननी सुरक्षा योजना, लाडो प्रोत्साहन योजना, एएनसी रजिस्ट्रेशन, इम्यूनाइजेशन तथा एचपीवी वैक्सीनेशन सहित चिकित्सा विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों और स्वास्थ्य संकेतकों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने ग्रामीण और शहरी सेवा शिविरों की उपयोगिता पर विशेष जोर देते हुए सभी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन शिविरों का पूर्ण सदुपयोग करते हुए विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के तहत निर्धारित विभागीय लक्ष्यों को आगामी 15 जुलाई तक पूरा किया जाए। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए उन्होंने चिकित्सकों को अपनी कार्यप्रणाली में गुणात्मक सुधार लाने और बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण व उपचार के काम को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए। आगामी मानसून सत्र को देखते हुए, कलेक्टर ने चिकित्सा व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखने के लिए अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने विशेष रूप से निर्देशित किया कि वर्षा ऋतु में सर्पदंश की आशंका के चलते सभी चिकित्सा केंद्रों पर एंटी-वेनम की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित की जाए। जल भराव की समस्या के कारण पनपने वाले मच्छरों और मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए वृहद स्तर पर डिफॉगिंग करवाने और दवाई का छिड़काव करने के निर्देश भी दिए गए, खासकर कुम्हेर क्षेत्र में सघन डिफॉगिंग पर विशेष ध्यान देने को कहा गया, जहाँ जल भराव की समस्या रहती है। इसके अतिरिक्त, चिकित्सालय परिसरों में विद्युत हादसों को रोकने हेतु लूज वायरिंग तुरंत दुरुस्त करने तथा करंट आने जैसी संभावित स्थितियों की प्रभावी रोकथाम के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश भी जारी किए गए। समीक्षा के दौरान, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से संबंधित कार्यक्रमों में कुम्हेर ब्लॉक की कम प्रगति पाए जाने पर जिला कलेक्टर ने असंतोष व्यक्त किया और संबंधित अधिकारियों को कार्यशैली में सुधार करते हुए स्वास्थ्य संकेतकों में तत्काल प्रगति लाने के लिए पाबंद किया।4
- राजस्थान के पाली जिले के रोहट थाना क्षेत्र के बागड़िया गांव से मानवता को झकझोर देने वाला एक क्रूर मामला सामने आया है, जहाँ अपने ससुराल आए एक युवक और उसके दोस्त को ग्रामीणों ने महज शक के आधार पर चोर समझ लिया। इसके बाद दोनों को रातभर रस्सी से बांधकर बेरहमी से पीटा गया। अगली सुबह सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुँचकर दोनों पीड़ितों को ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाया। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने 14 ग्रामीणों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक अपने एक दोस्त के साथ देर शाम बागड़िया गांव स्थित अपने ससुराल आया था। रात के समय जब दोनों युवक गांव में किसी काम से बाहर निकले या घूम रहे थे, तभी कुछ ग्रामीणों की नजर उन पर पड़ी। बाहरी युवक होने के कारण ग्रामीणों को उन पर शक हो गया। बिना किसी सच्चाई को जाने या उनसे पूछताछ किए, ग्रामीणों ने आपा खो दिया और दोनों को पकड़कर रस्सियों से बांध दिया। पूरी रात उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जबकि युवक चिल्लाते रहे, खुद को बेकसूर बताते रहे और अपने ससुराल का हवाला देते रहे, लेकिन भीड़ के सिर पर खून सवार था। घटना की भनक जब अगली सुबह पुलिस और पीड़ित के परिजनों को लगी, तो रोहट थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और लहूलुहान हालत में दोनों युवकों को ग्रामीणों के कब्जे से मुक्त कराया। पुलिस ने दोनों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। दोनों के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान हैं। घटना के बाद पीड़ित के परिजनों में भारी आक्रोश है, जिनकी तहरीर पर पुलिस ने कानून हाथ में लेने वाले 14 ग्रामीणों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है और आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश दे रही है। दूसरी ओर, ग्रामीणों का तर्क है कि बागड़िया गांव में पिछले दो महीनों से लगातार चोरियों की वारदातें हो रही थीं, जिससे पूरा गांव परेशान और मुस्तैद था। रात में अजनबी युवकों को देखकर उन्हें चोर होने का अंदेशा हुआ, जिसके चलते उन्होंने उन्हें रोका और "पूछताछ" की। हालाँकि, पुलिस का कहना है कि ग्रामीणों का यह तर्क रातभर बंधक बनाकर बर्बरतापूर्वक पीटने के कृत्य को कतई सही नहीं ठहराता। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी नागरिक को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है; यदि कोई संदिग्ध लगा था, तो ग्रामीणों को पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी। पुलिस के अनुसार, बंधक बनाकर मारपीट करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है, 14 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जल्द ही गिरफ्तारियां की जाएंगी।1
- गंगा दशहरा के पावन अवसर पर कछला घाट और सोरों जी में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में भक्तों ने माँ गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। RPRNEWSTV DIGITAL और ब्रज की आवाज समाचार पत्र की टीम ने इस पर्व पर श्रद्धालुओं से बातचीत कर उनकी भावनाओं को जाना। श्रद्धालुओं का मानना है कि गंगा दशहरा के दिन माँ गंगा में स्नान करने से पापों का नाश होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। कई भक्तों ने बताया कि वे वर्षों से इस पर्व पर गंगा स्नान करने आते हैं और इसे अपनी संस्कृति एवं आस्था का सबसे बड़ा पर्व मानते हैं। इस दौरान, किसी ने माँ गंगा को मोक्षदायिनी बताया, तो किसी ने उन्हें हमारी संस्कृति की पहचान बताया। घाटों पर भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का एक अद्भुत संगम देखने को मिला, जहाँ 'हर-हर गंगे' और 'जय माँ गंगे' के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।1
- मथुरा के थाना गोवर्धन क्षेत्र के एक मोहल्ले में नाली विवाद की जांच के लिए पहुंची पुलिस टीम के वापस लौटने के बाद एक व्यक्ति द्वारा कथित तौर पर धमकी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना का एक सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पत्रकार राजेश लवानिया को धमकी दिए जाने का आरोप है। पुलिस टीम नाली विवाद की शिकायत पर मौके पर जांच करने पहुंची थी। आरोप है कि पुलिस के जाने के बाद, राधाकुण्ड रोड नियर होटल गोविन्द सिँह चौधरी के पीछे रहने वाले धर्मेन्द्र शर्मा पुत्र रामगोपाल उर्फ़ लाला, जिन्हें धर्मेन्द्र केशुरिया उर्फ़ धर्मेन्द्र शर्मा भी कहा जाता है, ने पत्रकार राजेश लवानिया को आपत्ति जताते हुए धमकाया। वायरल वीडियो के कथित ऑडियो में धर्मेन्द्र शर्मा को यह कहते सुना जा सकता है, "अरे साले कुल्हाड़ी से तेरे पैरों को काट दूंगा"। आरोप है कि मौके पर मौजूद पत्रकार राजेश लवानिया को यह धमकी दी गई, साथ ही पुलिस में शिकायत करने पर अंजाम भुगतने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी गई। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई है, और कथित ऑडियो में 'कुल्हाड़ी' शब्द का प्रयोग साफ सुना जा सकता है। थाना गोवर्धन पुलिस ने इस मामले का संज्ञान ले लिया है। थाना प्रभारी गोवर्धन ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है, और पत्रकार की ओर से शिकायत मिलने पर नियमानुसार विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।1