आज के दौर में जहां शादियों में दिखावा और खर्च बढ़ता जा रहा है, वहीं कुछ लोग समाज को नई दिशा देने का काम भी कर रहे हैं। अनोखी पहल आज के दौर में जहां शादियों में दिखावा और खर्च बढ़ता जा रहा है, वहीं कुछ लोग समाज को नई दिशा देने का काम भी कर रहे हैं। ऐसी ही एक अनोखी पहल देखने को मिली है, जिसमें पारंपरिक शादी के कार्ड की जगह कपड़े की थैली पर ही निमंत्रण छपवाया गया है। इस थैली के अंदर गुड़ और पीले चावल रखे गए हैं, जो भारतीय परंपरा में शुभता और मंगल का प्रतीक माने जाते हैं। इस तरह निमंत्रण भी हो गया और उपयोगी वस्तु भी मिल गई। आमतौर पर लोग शादी के लिए महंगे और आकर्षक कार्ड छपवाते हैं, जिन पर देवी-देवताओं के चित्र भी होते हैं। लेकिन शादी के बाद ये कार्ड बेकार हो जाते हैं और अक्सर कचरे या कबाड़ में पड़े नजर आते हैं, जिससे धार्मिक भावनाएं भी आहत होती हैं और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है। कपड़े की थैली पर छपा यह निमंत्रण न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि उपयोगी भी है। लोग इसे बाद में रोजमर्रा के कामों में इस्तेमाल कर सकते हैं। यह पहल समाज को सादगी, बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती है, जो निश्चित रूप से सराहनीय है।
आज के दौर में जहां शादियों में दिखावा और खर्च बढ़ता जा रहा है, वहीं कुछ लोग समाज को नई दिशा देने का काम भी कर रहे हैं। अनोखी पहल आज के दौर में जहां शादियों में दिखावा और खर्च बढ़ता जा रहा है, वहीं कुछ लोग समाज को नई दिशा देने का काम भी कर रहे हैं। ऐसी ही एक अनोखी पहल देखने को मिली है, जिसमें पारंपरिक शादी के कार्ड की जगह कपड़े की थैली पर ही निमंत्रण छपवाया गया है। इस थैली के अंदर गुड़ और पीले चावल रखे गए हैं, जो भारतीय परंपरा में शुभता और मंगल का प्रतीक माने जाते हैं। इस तरह निमंत्रण भी हो गया और उपयोगी वस्तु भी मिल गई। आमतौर पर लोग शादी के लिए महंगे और आकर्षक कार्ड छपवाते हैं, जिन पर देवी-देवताओं के चित्र भी होते हैं। लेकिन शादी के बाद ये कार्ड बेकार हो जाते हैं और अक्सर कचरे या कबाड़ में पड़े नजर आते हैं, जिससे धार्मिक भावनाएं भी आहत होती हैं और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है। कपड़े की थैली पर छपा यह निमंत्रण न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि उपयोगी भी है। लोग इसे बाद में रोजमर्रा के कामों में इस्तेमाल कर सकते हैं। यह पहल समाज को सादगी, बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती है, जो निश्चित रूप से सराहनीय है।
- गरियाबंद। असम, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद पूरे देश में उत्साह का माहौल है। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस को कड़ी टक्कर देते हुए भाजपा ने बड़ी बढ़त हासिल की है। इस जीत को लेकर गरियाबंद में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार जश्न मनाया। शहर के तिरंगा चौक पर जिला अध्यक्ष अनिल चंद्रकार के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा। बड़ी संख्या में पदाधिकारी और समर्थक मौजूद रहे। ढोल-नगाड़ों की थाप, आतिशबाजी और नारों के बीच पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। जश्न की खास बात यह रही कि कार्यकर्ताओं ने बंगाल की पारंपरिक डिश ‘झालमुड़ी’ और मिठाई ‘रसगुल्ला’ बांटकर जीत का जश्न मनाया। आम लोगों को भी इसमें शामिल कर उत्सव को जनभागीदारी का रूप दिया गया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने इस अनोखे जश्न में हिस्सा लिया। गौरतलब है कि चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘झालमुड़ी’ को लेकर किए गए प्रतीकात्मक संदेश के बाद यह पूरे देश में चर्चा में आया था। उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए गरियाबंद में ‘झालमुड़ी पार्टी’ आकर्षण का केंद्र रही। इस दौरान भाजपा पदाधिकारियों ने कहा कि यह जीत केवल एक राजनीतिक विजय नहीं, बल्कि जनता के विश्वास, विकास और सुशासन की जीत है। कार्यकर्ताओं ने ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारों से वातावरण को देशभक्ति से भर दिया। जिला अध्यक्ष अनिल चंद्रकार ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है और जनता का विश्वास लगातार मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से देश में पारदर्शी शासन, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और गरीब कल्याण की योजनाओं ने आमजन के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। गांव से लेकर शहर तक सड़कों, बिजली, पानी और बुनियादी ढांचे में तेजी से सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि यह जीत जनता के उसी अटूट विश्वास और भाजपा की जनहितकारी नीतियों की स्वीकृति है, जिसने पार्टी को नई ऊर्जा और दिशा दी है। तिरंगा चौक पर देर तक जश्न का सिलसिला चलता रहा। इस दौरान भाजपा पदाधिकारी महिला मोर्चा सहित सभी प्रकोष्ठों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और गले मिलकर जीत की खुशी साझा की गई।3
- गरियाबंद:_ जिले के तौरेगा इलाके में आवारा कुत्तों के हमले का शिकार हुआ एक मासूम हिरण आखिरकार जिंदगी की जंग हार गया। जानकारी के मुताबिक, कुत्तों के झुंड ने जंगल से भटककर आए इस हिरण को दौड़ा लिया और बुरी तरह नोच डाला, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने घटना की सूचना तुरंत वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल हिरण को उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सबसे हैरानी की बात यह है कि घटनास्थल के पास ही जांच नाका मौजूद था, इसके बावजूद समय पर पर्याप्त मदद नहीं मिल पाई। अब बड़ा सवाल-क्या समय रहते उचित कार्रवाई होती तो बच सकती थी इस बेबस हिरण की जान? इस घटना के बाद वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल मामले को लेकर जांच की मांग तेज हो गई है।1
- 5 मई मंगलवार को दोपहर 12 बजे मिली जानकारी अनुसार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 4 मई को बकरकट्टा दौरे में बैगा समाज व जनप्रतिनिधियों के साथ सामूहिक भोजन कर आत्मीय संवाद किया। उन्होंने संस्कृति संरक्षण की प्रतिबद्धता दोहराई और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। साथ ही आईटीबीपी जवानों से मिलकर उनका उत्साहवर्धन किया।1
- लाजवाब बहुत ही उत्तम गाना गाया है........आप लोगो ने मेरी तरफ से आपको full sapport है.....पर जनता का कुछ नहीं बोला जा सकता 🤗🤗🙏🌹1
- 🔴 Breaking News झुमरकोन्हा, KCG जिला छुईखदान में आज शाम करीब 5:20 बजे अचानक मौसम ने करवट ली। तेज गर्मी से परेशान लोगों को उस वक्त राहत मिली जब अचानक काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई। 🌧️ कुछ ही मिनटों में गांव का माहौल पूरी तरह बदल गया। जहां पहले तेज धूप और उमस थी, वहीं अब ठंडी हवाएं और बारिश से मौसम सुहावना हो गया है। 🌬️ तेज हवा और बारिश से गांव के रास्तों पर पानी भर गया और लोग मौसम का आनंद लेते नजर आए। 👉 पानी गिरने से गर्मी से राहत मिली है और पूरे गांव में सुकून का माहौल बन गया है। ✍️ रिपोर्ट: Bhuneshwar Netam #BreakingNews #RainAlert #GarmiSeRahat #Chhattisgarh #ViralNews”2
- बिलासपुर: भारी आंधी-तूफान और बारिश के कारण पुलिस लाईन प्रेट्रोल पंप मे लगी भारी भीड़ #BilaspurBreaking #bilaspurnews #Bilaspurchhattisgarhnews1
- खैरागढ़ के सर्रागोंदी गांव में बदहाली, 20 दिनों से कीचड़ और गंदगी से परेशान ग्रामीण, 5 मई मंगलवार को सुबह 8 बजे मिली जानकारी अनुसार खैरागढ़ क्षेत्र के ग्राम सर्रागोंदी में विकास के दावों के बीच हालात चिंताजनक बने हुए हैं। पिछले 20 दिनों से गांव की नालियां जाम पड़ी हैं, जिसके कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है और गलियां कीचड़ व गंदगी से पट गई हैं। जलजमाव के चलते आवागमन बाधित हो रहा है, वहीं मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक न तो नालियों की सफाई कराई गई है और न ही अधूरे नाली एवं सड़क निर्माण कार्य पूरे किए गए हैं। ग्रामीणों में स्थानीय सरपंच के प्रति गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। उनका कहना है कि समस्या गंभीर होने के बावजूद सरपंच ने गांव का दौरा तक नहीं किया और उनकी परेशानियों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। जनप्रतिनिधियों की लगातार अनुपस्थिति से ग्रामीण खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई और अधूरे कार्य पूरे नहीं हुए, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। गांव की मौजूदा स्थिति विकास के दावों पर सवाल खड़े कर रही1
- बिलासपुर:पूरे शहर का बिजली ठप, भारीआंधी-तूफान और बारिश से बिजली ठप #BilaspurBreaking #bilaspurnews #Bilaspurchhattisgarhnews1
- Post by Deepesh Jangde1