बहराइच में भारत-नेपाल सीमा पर चलाए जा रहे अभियान के तहत 42वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की बॉर्डर इंटरैक्शन टीम (BIT) ने एक 16 वर्षीय नाबालिग नेपाली किशोरी को सुरक्षित बचा लिया है। नियमित जांच के दौरान रात लगभग 08:45 बजे सीमा पर संदेह के आधार पर किशोरी और उसके साथ मौजूद एक युवक को रोककर पूछताछ की गई। मामले में संदिग्ध युवक को अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए नेपाल पुलिस के हवाले कर दिया गया है, जबकि किशोरी को संरक्षण एवं पुनर्वास के लिए संबंधित नेपाली संस्था को सौंप दिया गया है। पूछताछ में किशोरी ने अपना नाम मोनिका (16 वर्ष) और निवासी ग्राम जुनी चाँदे, वार्ड संख्या-01, जिला जाजरकोट (नेपाल) बताया। वहीं साथ मौजूद युवक ने अपना नाम बिरेन्द्र बस्नेत (19 वर्ष), पुत्र गोपाल विश्वकर्मा, निवासी ग्राम जुनी चाँदे, जिला जाजरकोट (नेपाल) बताते हुए खुद को किशोरी का बड़ा भाई बताया और उसे उपचार के लिए हिमाचल प्रदेश के शिमला ले जाने का दावा किया। दोनों के बयानों में विरोधाभास पाए जाने पर उन्हें एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) के समक्ष प्रस्तुत किया गया। अलग-अलग पूछताछ, परिजनों से संपर्क और काउंसिलिंग के दौरान युवक कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिससे स्पष्ट हो गया कि किशोरी को मानव तस्करी के उद्देश्य से भारत लाया जा रहा था। संपूर्ण वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU), नेपाल पुलिस, एनजीओ देहात इंडिया एवं मानव सेवा संस्थान सेवा के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में नाबालिग किशोरी को उसकी सुरक्षा और पुनर्वास के लिए नेपाली गैर-सरकारी संस्था "शांतिपूर्ण स्थापना गृह" के सुपुर्द कर दिया गया।
बहराइच में भारत-नेपाल सीमा पर चलाए जा रहे अभियान के तहत 42वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की बॉर्डर इंटरैक्शन टीम (BIT) ने एक 16 वर्षीय नाबालिग नेपाली किशोरी को सुरक्षित बचा लिया है। नियमित जांच के दौरान रात लगभग 08:45 बजे सीमा पर संदेह के आधार पर किशोरी और उसके साथ मौजूद एक युवक को रोककर पूछताछ की गई। मामले में संदिग्ध युवक को अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए नेपाल पुलिस के हवाले कर दिया गया है, जबकि किशोरी को संरक्षण एवं पुनर्वास के लिए संबंधित नेपाली संस्था को सौंप दिया गया है। पूछताछ में किशोरी ने अपना नाम मोनिका (16 वर्ष) और निवासी ग्राम जुनी चाँदे, वार्ड संख्या-01, जिला जाजरकोट (नेपाल) बताया। वहीं साथ मौजूद युवक ने अपना नाम बिरेन्द्र बस्नेत (19 वर्ष), पुत्र गोपाल विश्वकर्मा, निवासी ग्राम जुनी चाँदे, जिला जाजरकोट (नेपाल) बताते हुए खुद को किशोरी का बड़ा भाई बताया और उसे उपचार के लिए हिमाचल प्रदेश के शिमला ले जाने का दावा किया। दोनों के बयानों में विरोधाभास पाए जाने पर उन्हें एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) के समक्ष प्रस्तुत किया गया। अलग-अलग पूछताछ, परिजनों से संपर्क और काउंसिलिंग के दौरान युवक कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिससे स्पष्ट हो गया कि किशोरी को मानव तस्करी के उद्देश्य से भारत लाया जा रहा था। संपूर्ण वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU), नेपाल पुलिस, एनजीओ देहात इंडिया एवं मानव सेवा संस्थान सेवा के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में नाबालिग किशोरी को उसकी सुरक्षा और पुनर्वास के लिए नेपाली गैर-सरकारी संस्था "शांतिपूर्ण स्थापना गृह" के सुपुर्द कर दिया गया।
- नेपाली पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश के बाद शारदा, गिरिजा और सरयू बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण घाघरा नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ गया है। इससे महसी क्षेत्र में बाढ़ का संकट गहराने लगा है और बुधवार को जोधे पुरवा व बिंद्रा पुरवा गांव बाढ़ के पानी से जलमग्न हो गए। तेजी से बढ़ते जलस्तर को देखकर तटवर्ती इलाकों के ग्रामीण सुरक्षित स्थानों का ठिकाना तलाशने में जुट गए हैं। मंगलवार रात से ही नदी का जलस्तर बढ़ रहा है और बुधवार शाम 4 बजे एल्गिन ब्रिज पर 2,73,798 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज दर्ज किया गया, जहां घाघरा नदी खतरे के निशान से महज 5 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। जलस्तर में इस बढ़ोतरी के कारण जानकी नगर, पूरेप्रसाद सिंह, पचदेवरी, चुरई पुरवा, फक्कड़ पुरवा, बांसगढ़ी, गोलागंज, कायमपुर, पिपरी, बौंडी, जोगा पुरवा, पिपरा, टिकुरी और कोढ़वा सहित दर्जनों गांवों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। यदि बैराजों से पानी का डिस्चार्ज निरंतर बढ़ता रहा तो महसी तहसील के 1836.712 हेक्टेयर जल प्लावित क्षेत्र की 65 ग्राम पंचायतों में रहने वाली 1,32,356 की आबादी पर बाढ़ का संकट मंडराने लगेगा। स्थिति पर महसी के एसडीएम प्रकाश सिंह ने बताया कि तहसील प्रशासन लगातार बाढ़ प्रभावित गांवों पर नजर रखे हुए है और तटवर्ती गांवों में राजस्व कर्मियों को अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि जलस्तर जरूर बढ़ा है लेकिन अभी स्थिति नियंत्रण में है और आपदा प्रबंधन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, हालांकि पीछे से पानी का डिस्चार्ज बढ़ने पर बाढ़ आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।1
- गांव बदलापुर ग्राम सभा पिपरिया विकासखंड शिवपुर बहराइच उत्तर प्रदेश1
- उत्तर प्रदेश के बहराइच में भारत सरकार के सहयोग से संचालित खुरपका मुँहपका रोग नियन्त्रण (एफएमडीसीपी) कार्यक्रम के अंतर्गत टीकाकरण के 8वें चरण का शुभारम्भ किया गया है। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश उपाध्याय के साथ कलेक्ट्रेट परिसर से बहुउद्देशीय सचल पशु चिकित्सा वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर अभियान को रवाना किया। 22 जुलाई से 04 सितम्बर 2026 तक चलने वाले इस 45 दिवसीय अभियान के दौरान सम्पूर्ण जनपद के लगभग 04 लाख 50 हजार से अधिक पशुओं के निःशुल्क टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक छह माह के अंतराल पर यह अभियान चलाया जाता है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश उपाध्याय के अनुसार खुरपका-मुँहपका पशुओं में होने वाली एक घातक विषाणु जनित बीमारी है, जो मुख्यतः गाय, बैल, भैंस, भेड़, बकरी तथा सूकरों में संक्रमित पशुओं के सम्पर्क में आने और साथ खाने-पीने से फैलती है। इस बीमारी में पशु को 104 से 106 डिग्री फॉरेनाहइट तक तेज बुखार आता है, मुँह से झाग नुमा लार गिरती है, चप-चपाहट की आवाज आती है तथा मुँह, जीभ, थनों व खुरों के बीच छाले पड़ जाते हैं। पशु के अत्यधिक दुर्बल होने, दूध उत्पादकता घटने और गर्भित पशुओं का गर्भपात होने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। उग्र अवस्था में पशुओं की मृत्यु भी हो जाती है और रोगमुक्त होने के बाद भी पशु को पूरी तरह स्वस्थ होने में लंबा समय लगता है। इस बीमारी से बचाव का एकमात्र उपाय टीकाकरण ही है। अभियान के सफल संचालन के लिए जिले में 28 टीमें गठित कर उनका दिवसवार रूट चार्ट निर्धारित किया गया है। सीवीओ ने पशुपालकों से अपील की है कि गाँव में टीम पहुँचने पर अपने पशुओं का टीका अवश्य लगवाएँ और बीमार पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखें। उन्होंने स्पष्ट किया कि 06 माह से कम आयु के बच्चों तथा 08 माह से अधिक की गर्भित पशुओं को टीका नहीं लगाया जाएगा, जबकि घोड़ा व गदहा इस बीमारी से प्रभावित नहीं होते। यह टीकाकरण पूर्णतः निःशुल्क है और किसी भी समस्या या सुझाव के लिए पशुपालक 7985023215 पर सम्पर्क कर सकते हैं।3
- उत्तर प्रदेश के बहराइच में समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने जौहर यूनिवर्सिटी पर की जा रही बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाया। इस कार्यक्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री यासर शाह ने शिरकत की और सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने जौहर यूनिवर्सिटी पर हो रही इस पूरी बुलडोजर कार्रवाई को गलत बताया। इसी दौरान पूर्व मंत्री यासर शाह ने दिल्ली में छात्रों पर हुई लाठीचार्ज की घटना पर भी बयान दिया। उन्होंने दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को अत्यंत निंदनीय घटना करार दिया।1
- बहराइच के रूपईडीहा थाना क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत कलवारी के मजरा दुर्गापुर में मंगलवार सुबह घर की सफाई के दौरान 20 वर्षीय गर्भवती महिला सुदामा, पत्नी सुनील, को एक नागिन ने डस लिया। परिजन उन्हें तत्काल सीएचसी चरदा ले गए, जहां से गंभीर हालत में जिला अस्पताल बहराइच रेफर किया गया। इलाज के दौरान महिला की मृत्यु हो गई। घटना के दूसरे दिन सपेरे ने ग्रामीणों की मदद से उस नागिन को जीवित पकड़ लिया। नागिन घर की दीवार के एक सुराख में छिपी मिली, जिसे बाहर निकालकर डिब्बे में बंद किया गया। इस संबंध में रेंज अधिकारी विवेक कुमार शुक्ला ने बताया कि बरसात के मौसम में जहरीले सांप अधिक सक्रिय रहते हैं। उन्होंने लोगों से घरों के आसपास साफ-सफाई रखने और सांप दिखाई देने पर खुद पकड़ने का प्रयास न कर तुरंत वन विभाग को सूचना देने की अपील की है।1
- बहराइच के विशेश्वरगंज क्षेत्र स्थित ग्राम पुरैना में एक बेटे ने अपनी ही मां की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। इस दिल दहला देने वाली वारदात के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। इस खौफनाक अपराध को लेकर दोषी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।1