मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय मिर्जापुर: अधिकारी व कर्मचारी नदारद, दूर-दराज से आए फरियादी परेशान मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय मिर्जापुर: अधिकारी व कर्मचारी नदारद, दूर-दराज से आए फरियादी परेशान मिर्जापुर। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय मिर्जापुर में इन दिनों व्यवस्थाएं पूरी तरह पटरी से उतरी नजर आ रही हैं। कार्यालय का आलम यह है कि महत्वपूर्ण पदों पर बैठे अधिकारी से लेकर तमाम पटल (डेस्क) संभालने वाले कर्मचारी अपनी-अपनी कुर्सियों से नदारद मिले। सरकारी कार्यालय में पसरे इस सन्नाटे और लापरवाही के कारण अपनी समस्याओं और विभागीय कार्यों के सिलसिले में दूर-दूर से पहुंचे आम नागरिकों को भारी निराशा का सामना करना पड़ा। काम-काज ठप, जनता बेहाल रोजमर्रा के कामकाज जैसे - विकलांगता प्रमाण पत्र बनवाएं, विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की स्वीकृति, नए अस्पताल-क्लिनिक के पंजीकरण/नवीनीकरण और विभागीय एनओसी (NOC) बनवाने के लिए जिले के सुदूर क्षेत्रों से पहुंचे ग्रामीण भीषण गर्मी में दिनभर परेशान होते रहे। घंटों इंतजार करने के बाद भी जब किसी अधिकारी या जिम्मेदार कर्मचारी के दर्शन नहीं हुए, तो मजबूरन फरियादियों को बिना काम कराए खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। फरियादियों का छलका दर्द दूर-दराज के गांवों से आए फरियादियों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए प्रशासन की इस व्यवस्था पर गहरा रोष जताया: * किराया और समय दोनों बर्बाद: कई ग्रामीणों का कहना था कि वे सुबह तड़के ही घर से निकले थे ताकि समय पर पहुंचकर अपना काम करवा सकें। गाड़ी-भाड़ा लगाकर आने के बावजूद यहां कोई यह बताने वाला भी नहीं मिला कि साहब कब आएंगे। * अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा: पीड़ित लोगों का आरोप है कि इस कार्यालय में यह कोई एक दिन की बात नहीं है। अक्सर कर्मचारी और अधिकारी समय पर कार्यालय नहीं पहुंचते, जिससे आम जनता को बेवजह भटकना पड़ता है। जवाबदेही पर उठे गंभीर सवाल स्वास्थ्य विभाग के इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना रवैये ने स्थानीय स्वास्थ्य प्रशासन की कार्यशैली और मॉनिटरिंग व्यवस्था की कलई खोलकर रख दी है। जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी जैसे जिम्मेदार कार्यालय का यह हाल है, तो जिले के दूर-दराज में स्थित प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC/CHC) की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। > मुख्य सवाल: > * जनता के टैक्स के पैसे से वेतन पाने वाले अधिकारी और कर्मचारी अपनी ड्यूटी से ऐसे गायब कैसे हो सकते हैं? > * क्या जिला प्रशासन इस लापरवाही का संज्ञान लेकर अनुपस्थित कर्मचारियों और अधिकारियों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा या आम जनता ऐसे ही पिसती रहेगी? > अब देखने वाली बात होगी कि खबर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारी और जिला प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय मिर्जापुर: अधिकारी व कर्मचारी नदारद, दूर-दराज से आए फरियादी परेशान मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय मिर्जापुर: अधिकारी व कर्मचारी नदारद, दूर-दराज से आए फरियादी परेशान मिर्जापुर। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय मिर्जापुर में इन दिनों व्यवस्थाएं पूरी तरह पटरी से उतरी नजर आ रही हैं। कार्यालय का आलम यह है कि महत्वपूर्ण पदों पर बैठे अधिकारी से लेकर तमाम पटल (डेस्क) संभालने वाले कर्मचारी अपनी-अपनी कुर्सियों से नदारद मिले। सरकारी कार्यालय में पसरे इस सन्नाटे और लापरवाही के कारण अपनी समस्याओं और विभागीय कार्यों के सिलसिले में दूर-दूर से पहुंचे आम नागरिकों को भारी निराशा का सामना करना पड़ा। काम-काज ठप, जनता बेहाल रोजमर्रा के कामकाज जैसे - विकलांगता प्रमाण पत्र बनवाएं, विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की स्वीकृति, नए अस्पताल-क्लिनिक के पंजीकरण/नवीनीकरण और विभागीय एनओसी (NOC) बनवाने के लिए जिले के सुदूर क्षेत्रों से पहुंचे ग्रामीण भीषण गर्मी में दिनभर परेशान होते रहे। घंटों इंतजार करने के बाद भी जब किसी अधिकारी या जिम्मेदार कर्मचारी के दर्शन नहीं हुए, तो मजबूरन फरियादियों को बिना काम कराए खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। फरियादियों का छलका दर्द दूर-दराज के गांवों से आए फरियादियों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए प्रशासन की इस व्यवस्था पर गहरा रोष जताया: * किराया और समय दोनों बर्बाद: कई ग्रामीणों का कहना था कि वे सुबह तड़के ही घर से निकले थे ताकि समय पर पहुंचकर अपना काम करवा सकें। गाड़ी-भाड़ा लगाकर आने के बावजूद यहां कोई यह बताने वाला भी नहीं मिला कि साहब कब आएंगे। * अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा: पीड़ित लोगों का आरोप है कि इस कार्यालय में यह कोई एक दिन की बात नहीं है। अक्सर कर्मचारी और अधिकारी समय पर कार्यालय नहीं पहुंचते, जिससे आम जनता को बेवजह भटकना पड़ता है। जवाबदेही पर उठे गंभीर सवाल स्वास्थ्य विभाग के इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना रवैये ने स्थानीय स्वास्थ्य प्रशासन की कार्यशैली और मॉनिटरिंग व्यवस्था की कलई खोलकर रख दी है। जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी जैसे जिम्मेदार कार्यालय का यह हाल है, तो जिले के दूर-दराज में स्थित प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC/CHC) की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। > मुख्य सवाल: > * जनता के टैक्स के पैसे से वेतन पाने वाले अधिकारी और कर्मचारी अपनी ड्यूटी से ऐसे गायब कैसे हो सकते हैं? > * क्या जिला प्रशासन इस लापरवाही का संज्ञान लेकर अनुपस्थित कर्मचारियों और अधिकारियों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा या आम जनता ऐसे ही पिसती रहेगी? > अब देखने वाली बात होगी कि खबर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारी और जिला प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं।
- 22 साल की देशसेवा के बाद लौटे JCO विजय बहादुर सरोज का मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर भव्य स्वागत।1
- मिर्ज़ापुर: शिकायतकर्ता ने एसआई पर फर्जी तरीके से शिकायत निस्तारण का लगाया आरोप, वीडियो हो रहा वायरल, मुख्यमंत्री से कार्रवाई की लगाई गुहार मीरजापुर। जिले के ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के देवहट गांव निवासी द्वारिका प्रसाद केशरी ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई शिकायत का फर्जी तरीके से एसआई द्वारा निस्तारण किए जाने का आरोप लगाया है।जिसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे वीडियो में शिकायतकर्ता द्वारिका प्रसाद केशरी ने आरोप लगाया कि बीते 29 जून को मुख्यमंत्री पोर्टल पर देह व्यापार की शिकायत की थी। लेकिन जांच अधिकारी उपनिरीक्षक पुनीत कुमार गुप्ता ने मेरा फर्जी अंगूठा निशान लगाकर मनमानी तरीके से शिकायत का फर्जी निस्तारण कर दिया। आरोप लगाया कि रात को एसआइ व हेड कांस्टेबल मेरे कमरे पर आए थे और धमकी दिए कि शिकायत करोगे तो फर्जी मुकदमे फंसाकर जेल भेज देंगे। आरोप लगाया कि पुलिस देह व्यापार का धंधा बंद करवाने की बजाय शिकायत का फर्जी तरीके से निस्तारण कर रही है। द्वारिका प्रसाद केशरी ने बीते 29 जून को की गई आनलाइन शिकायत में ड्रमंडगंज घाटी के किनारे छोटका मोड़ के पास कच्चे मकान में तथा लहुरियादह व भैसोड़ बलाय पहाड़ गांव में देह व्यापार करवाए जाने की शिकायत की थी। मामले की जांच कर रहे उपनिरीक्षक पुनीत कुमार गुप्ता द्वारा बीते 8 जुलाई को शिकायत निस्तारित कर दिया गया। द्वारिका प्रसाद केशरी ने शिकायत का फर्जी तरीके से निस्तारण करने का उपनिरीक्षक पर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उपनिरीक्षक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।इस संबंध में उपनिरीक्षक पुनीत कुमार गुप्ता ने बताया कि शिकायत की जांच कर निस्तारण किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा गलत आरोप लगाया जा रहा है2
- दो माह से वेतन न मिलने पर के.बी.पी.जी. कॉलेज के प्राध्यापकों का कार्य बहिष्कार का ऐलान मीरजापुर। दो महीने से वेतन न मिलने से नाराज के.बी.पी.जी. कॉलेज, मीरजापुर के प्राध्यापकों ने सोमवार से कार्य बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में शिक्षक संघ ने सांकेतिक विरोध-प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जताई और महाविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. ज्योतीश्वर मिश्र ने कहा कि नियमित रूप से वेतन न मिलना प्राचार्य की अकुशलता और लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि समय पर वेतन न मिलने से शिक्षकों और कर्मचारियों के समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रो. रमेश चन्द्र ओझा ने आरोप लगाया कि प्राचार्य महाविद्यालय के कार्यों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहे हैं और अपने व्यक्तिगत हितों में अधिक व्यस्त रहते हैं। इसके चलते महाविद्यालय विभिन्न समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में न केवल पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है, बल्कि शिक्षक और कर्मचारी वेतन के लिए भी परेशान हैं।विश्वविद्यालयी शिक्षक संघ के प्रांतीय प्रतिनिधि प्रो. अशोक सिंह चंदेल तथा जनपदीय शिक्षक संघ के महामंत्री डॉ. रत्नेश कुमार मिश्र ने भी महाविद्यालय की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।सांकेतिक विरोध-प्रदर्शन में प्रो. इन्दुभूषण द्विवेदी, प्रो. मकरंद जायसवाल, प्रो. राकेश शुक्ल, डॉ. प्रभात सिंह, डॉ. अमर बहादुर सरोज, डॉ. सत्यकेतु शुक्ल सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापक मौजूद रहे। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो सोमवार से कार्य बहिष्कार किया जाएगा, जिससे महाविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं Bite - प्रोफेसर ज्योतिश्वर मिश्र2
- #श्रीराधे #माँ_विंध्यवासिनी #श्रावण_मास #प्रभु_श्री_कृष्ण #देवों_के_देव_महादेव #राम_राम4
- मिर्जापुर में सियासत गरम! सपा जिलाध्यक्ष के बयान पर बीजेपी विधायक रत्नाकर मिश्रा का पलटवार, बोले— "व्यापारियों के हित में मैं खड़ा हूं" मिर्जापुर में सियासत गरम! सपा जिलाध्यक्ष के बयान पर बीजेपी विधायक रत्नाकर मिश्रा का पलटवार, बोले— "व्यापारियों के हित में मैं खड़ा हूं" मिर्जापुर। शहर में व्यापारियों से जुड़े मुद्दे को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष के बयान के बाद नगर विधायक रत्नाकर मिश्रा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह हमेशा व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए खड़े रहे हैं और आगे भी रहेंगे। विधायक रत्नाकर मिश्रा ने कहा कि यदि किसी व्यापारी का उत्पीड़न किया जाएगा या उसके साथ अन्याय होगा, तो उसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि योगी सरकार में व्यापारियों का सम्मान और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जो भी व्यापारी वर्ग को डराने, सताने या लूटने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। विधायक ने यह भी कहा कि व्यापारियों के हितों से कोई समझौता नहीं होगा और हर स्तर पर उनकी आवाज उठाई जाएगी। विधायक के इस बयान के बाद जिले में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। अब इस मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं और स्थानीय स्तर पर इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं।1
- क्या सच में बिना दलाल कोई काम नहीं होता? अब होगा... #दलाल #GovernmentOffice #System #India #News #MissingNewsIndia #ImranAnsari #Corruption #PublicAwareness #HindiNews1
- मिर्जापुर में 2029 में योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री बनाने की उठी मांग मिर्जापुर, 31 जुलाई। मिर्जापुर के नटवा स्थित एक लॉन में शुक्रवार को हिंदू युवा वाहिनी के संगठन विस्तार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने वर्ष 2029 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री बनाने की मांग उठाई। कार्यक्रम में संगठन के नए पदाधिकारियों को दायित्व सौंपे गए। इसके बाद मीडिया से बातचीत में हिंदू युवा वाहिनी के पूर्वांचल अध्यक्ष अजय कुमार शुक्ला ने कहा कि संगठन वर्ष 2029 में योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री बनाने के उद्देश्य से जनसंपर्क और संगठन विस्तार अभियान को आगे बढ़ाएगा। कार्यक्रम के दौरान हिंदू एकता और सामाजिक समरसता पर भी विशेष जोर दिया गया। पदाधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे अपने नाम के आगे जाति के स्थान पर "सनातनी" लिखें, जिससे सामाजिक एकता को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने कहा कि इस संबंध में संगठन अपनी बात भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक भी पहुंचाएगा तथा आगामी चुनावों में भाजपा के साथ मिलकर अभियान चलाने में सहयोग करेगा। इस अवसर पर संगठन के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में समर्थक उपस्थित रहे।1
- मिर्ज़ापुर: भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन, पुलिस की सजगता से टला पुतला दहन।1