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- गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढमविधायकशैलेश दिगंबर सिंह नेकी केंद्रीय बजट पर प्रेस वार्ता डीगकेन्द्रीय बजट 2026-27: विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने वाला ऐतिहासिक दस्तावेज, हर वर्ग की उन्नति का मार्ग होगा प्रशस्त: जवाहर सिंह बेढ़म* अमर दीप सेन डीग, 02 फरवरी 2026। केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए गए केन्द्रीय बजट 2026-27 पर विस्तृत चर्चा करने हेतु आज पंचायत समिति सभागार, डीग में एक विशेष प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता की अध्यक्षता राजस्थान सरकार के गृह, गोपालन, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य विभाग राज्य मंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म ने की। इस अवसर पर डीग-कुम्हेर विधायक डॉ. शैलेश सिंह, जिलाध्यक्ष श्रीमती शिवानी दायमा सहित अन्य जनप्रतिनिधि मंचासीन रहे। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए गृहराज्य मंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह बजट प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के विजन को धरातल पर उतारने वाला एक सशक्त दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि यह देश के भविष्य को संवारने वाला एक विजन डॉक्यूमेंट है जो गरीब, किसान, युवा, महिला और मध्यम वर्ग को सशक्त बनाने की स्पष्ट दिशा दिखाता है। मंत्री ने बजट का हृदय से स्वागत और अभिनंदन करते हुए कहा कि विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए भारत सरकार ने सभी वर्गों के चहुंमुखी विकास का खाका खींचा है। श्री बेढ़म ने अपने विभागों से जुड़े प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बजट में पशुपालन क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि आज पशुपालन केवल सहायक गतिविधि नहीं रहा, बल्कि किसानों की कुल आय में इसका योगदान लगभग 16 प्रतिशत है। इस दिशा में एक दूरदर्शी कदम उठाते हुए सरकार ने पशु चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने के लिए पूंजी सब्सिडी योजना शुरू करने का प्रावधान किया है। साथ ही, 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों को एकीकृत कर मत्स्य पालन को बढ़ावा देने का निर्णय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने राष्ट्रीय फाइबर योजना की सराहना करते हुए कहा कि इससे रेशम, ऊन और जूट जैसे क्षेत्रों में भारत की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। स्वास्थ्य क्षेत्र पर चर्चा करते हुए गृह राज्य मंत्री ने कहा कि सरकार ने कैंसर की 17 जीवन रक्षक दवाओं और 7 असाध्य रोगों की दवाओं पर सीमा शुल्क में भारी छूट दी है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग को सस्ता इलाज मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि देश में नए एम्स और तीन नए आयुर्वेद एम्स (आयुष केंद्र) खोलने के लिए 10,000 करोड़ का फंड आवंटित किया गया है, जो स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए सरकार ने आमजन के मानसिक स्वास्थ्य बेहतर करने का जो निर्णय लिया है, वह अत्यंत आवश्यक और सराहनीय है। इस अवसर पर डीग-कुम्हेर विधायक डॉ. शैलेश सिंह ने बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार 9वीं बार बजट पेश कर देश के संसदीय इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा है। उन्होंने कहा कि यह बजट रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म की नीति पर आधारित है और सरकार अब सुधारों की चर्चा से आगे बढ़कर रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार होकर तेज गति से विकास के पथ पर अग्रसर है। डॉ. सिंह ने कहा कि यह बजट सर्वव्यापी, सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के साथ-साथ एआई जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर भी बल दिया गया है ताकि उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ाया जा सके। विधायक डॉ. सिंह ने महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर कहा कि बजट में महिलाओं को देश की ग्रोथ इंजन माना गया है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक जिले में महिला छात्रावासों के निर्माण के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान और लखपति दीदी योजना का विस्तार महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने और उन्हें सफल उद्यमी के रूप में स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगा। युवाओं के लिए बजट में किए गए प्रावधानों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 'स्किल इंडिया', डिजिटल स्किल्स और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें भविष्य के रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा। प्रेस वार्ता के अंत में मंत्री श्री बेढ़म और विधायक डॉ. सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि यह बजट सेमीकंडक्टर निर्माण में निवेश बढ़ाने, एमएसएमई सेक्टर को मजबूती देने और 'एक जिला-एक उत्पाद' जैसी योजनाओं के माध्यम से भारत को वैश्विक पटल पर एक आर्थिक महाशक्ति बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा। दोनों जनप्रतिनिधियों ने इस जनहितैषी बजट के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए इसे विकसित भारत की नींव रखने वाला बजट करार दिया।3
- UGC समता विनियम 2026 पर सुप्रीम कोर्ट के स्टे का जाटव समाज ने किया विरोध हिंडौन सिटी | संवाददाता भारत सरकार द्वारा जारी UGC (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्धन हेतु) विनियम, 2026 पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए स्टे को लेकर जाटव समाज में गहरा रोष व्याप्त है। इसी क्रम में जाटव छात्रावास, महुआ रोड, हिंडौन में जाटव समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें समाज के प्रबुद्धजनों एवं युवाओं ने एक स्वर में इस स्टे का विरोध करते हुए केंद्र सरकार से सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष पूरी मजबूती से रखने की मांग की। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में जातिगत, सामाजिक और मानसिक उत्पीड़न के मामलों में 118 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है, ऐसे में समानता और सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले इस विनियम को लागू होने से पहले ही गलत ठहरा देना दुर्भाग्यपूर्ण और समाज विरोधी कदम है। बैठक को संबोधित करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता रिंकू खेड़ी हैवत ने कहा कि यह विनियम केवल एक प्रशासनिक आदेश नहीं, बल्कि SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक, दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए कानूनी सुरक्षा कवच है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में लंबे समय से भेदभाव, अपमान और उत्पीड़न की शिकायतें सामने आती रही हैं, जिन पर अब तक ठोस कार्रवाई का अभाव रहा है। रिंकू खेड़ी हैवत ने स्पष्ट किया कि “यदि सरकार वास्तव में बहुजन समाज की हितैषी है, तो उसे इस ऐतिहासिक विनियम के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट में स्पष्ट, तथ्यपरक और मजबूती से अपना पक्ष रखना चाहिए। शिक्षा में समानता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान का मूल तत्व है, इससे कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।” बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि इस विषय पर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत समाज में जागरूकता हेतु पैम्फलेट तैयार कर वितरित किए जाएंगे, तहसील स्तर पर लगातार बैठकें आयोजित की जाएंगी, और इन बैठकों में SC, ST, OBC समाज के लोगों को आमंत्रित कर इस विनियम की जानकारी दी जाएगी। इस अवसर पर उजागर, प्रदीप, गुट्टीराम, संतोष, अजीत, मनीष संतोष एवं रिंकू खेड़ी हैवत गोपाल फौजी सहित अनेक समाजसेवी एवं युवा उपस्थित रहे। सभी ने एकमत होकर कहा कि शिक्षा में समान अवसर और सम्मान की लड़ाई को किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं पड़ने दिया जाएगा।1
- Post by Subhash Chand1
- वृंदावन के केलीकुंज आश्रम में संत प्रेमानंद महाराज के समक्ष दिव्यांग बच्चों ने सुन्दर भावपूर्ण प्रस्तुति दी।1
- सीकरी | ग्राउंड ज़ीरो न्यूज़ सीकरी कस्बे की गुरुनानक कॉलोनी में आज उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कॉलोनी में स्थापित बिजली का ट्रांसफार्मर अचानक गिरकर सीधे सड़क पर आ पड़ा। गनीमत रही कि घटना के समय कोई राहगीर या वाहन ट्रांसफार्मर की चपेट में नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। ट्रांसफार्मर सड़क पर गिरने के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कॉलोनी के भीतर जाने-आने का मुख्य रास्ता बंद होने से लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है। घटना की सूचना मिलते ही बिजली विभाग को अवगत कराया गया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही तकनीकी टीम मौके पर पहुंचकर ट्रांसफार्मर को सुरक्षित हटाने और बिजली आपूर्ति बहाल करने का कार्य करेगी। फिलहाल एहतियातन क्षेत्र के लोग ट्रांसफार्मर के आसपास जाने से बच रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द ट्रांसफार्मर हटाकर सड़क को सुचारू किया जाए, ताकि किसी प्रकार की अनहोनी न हो। 📍 स्थान: सीकरी, गुरुनानक कॉलोनी1
- जी एस इंटरनेशनल स्कूल में मनाया गया विदाई समारोह , लोकगीतों पर थिरके बच्चे मथुरा गोवर्धन मार्ग स्थित गांव जचोंदा के निकट जी एस कॉलेज में 10वी के छात्रों के बोर्ड एग्जाम को लेकर विदाई समारोह का आयोजन किया गया । जिसमें बच्चों ने लोक गीतों पर नृत्य किया । बच्चों की मनमोहक प्रस्तुति से तमाम दर्शक बच्चों के नृत्य को सराहते रहे ।1
- Post by Subhash Chand1
- बजीरपुर नगर पालिका की अनदेखी, 6 सूत्रीय मांगों को लेकर जनता में रोष संवाददाता: हनीस शेख, कुतकपुर बजीरपुर। बजीरपुर नगर पालिका क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर आम जनता ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका को बने लगभग दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन आज तक नागरिकों को आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। इसी को लेकर आम जनता की ओर से उपखंड कार्यालय बजीरपुर के माध्यम से अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें नगर की समस्याओं के समाधान हेतु 6 प्रमुख मांगें रखी गई हैं। ज्ञापन में बताया गया कि नगर पालिका क्षेत्र में पूर्व में स्वीकृत कुछ विकास कार्यों को बिना ठोस कारण के निरस्त कर दिया गया, जिससे विकास कार्य प्रभावित हुए हैं। नागरिकों ने इन कार्यों को पुनः स्वीकृत कर वैकल्पिक योजनाओं को लागू करने की मांग की है। ये हैं जनता की प्रमुख मांगें नगर पालिका क्षेत्र में निरस्त किए गए विकास कार्यों को पुनः स्वीकृत किया जाए। सभी कॉलोनियों में स्ट्रीट लाइटें शीघ्र लगाई जाएं, साथ ही श्मशान घाट, कब्रिस्तान, मंदिर व मस्जिद जैसे धार्मिक स्थलों पर भी पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था हो। बजीरपुर रोड सहित विभिन्न कॉलोनियों में सड़कों का निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाए तथा कचरा फैलाने वाली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण हो। नगर क्षेत्र में निजी कारों को टोल टैक्स से राहत दी जाए। नालियों की नियमित सफाई कराई जाए और टूटी नालियों की मरम्मत की जाए। जिन कॉलोनियों में अब तक पेयजल पाइपलाइन नहीं बिछी है, वहां पाइपलाइन कार्य तुरंत पूरा किया जाए तथा क्षतिग्रस्त लाइनों को बदला जाए। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे, जिनमें समाजिक कार्यकर्ता मोनिश खान, आदिल खान (वजीरपुर), सोहिल खान, जिलानी सुल्तान, कासिम चौधरी, झंडी लाल, हिमांशु (जगरबाद), कल्लू (वजीरपुर), मोनिश विकार, हप्पुल कुरैशी, मोसिन कुरैशी और फैजान गद्दी सहित अन्य लोग शामिल रहे। आम जनता ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो उपखंड कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।1
- सोशल मीडिया / सार्वजनिक मंच पर ब्राह्मण समाज को लेकर की गई कथित अभद्र टिप्पणी के बाद एक युवक का गुस्सा फूट पड़ा। युवक ने इस टिप्पणी को समाज की गरिमा और सम्मान के खिलाफ बताते हुए कड़ा विरोध जताया।1