थाना अंबाह पुलिस एवं वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई, चंबल घाटों पर अवैध रेत खनन रोकने के लिए गड्ढे खोदे गए अंबाह। थाना अंबाह पुलिस एवं वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा चंबल नदी के संवेदनशील घाट कुथियाना एवं बीलपुर क्षेत्र में अवैध रेत खनन को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीन की मदद से घाटों पर गहरे-गहरे गड्ढे किए गए, जिससे वाहनों की आवाजाही और अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। जानकारी के अनुसार, चंबल नदी घाट क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन की शिकायतें प्राप्त होती रही हैं। रेत माफियाओं द्वारा रात के समय ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से अवैध रूप से रेत का परिवहन किया जाता रहा है , जिससे नदी के प्राकृतिक स्वरूप को भी नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस एवं वन विभाग ने संयुक्त रूप से यह सख्त कदम उठाया। कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीन से घाटों के मुख्य रास्तों पर गहरे गड्ढे कर दिए गए, ताकि भारी वाहन वहां से गुजर न सकें और अवैध खनन पर रोक लगाई जा सके। इस कार्रवाई से रेत माफियाओं में हड़कंप की स्थिति देखी गई। टी आई वीरेश कुशवाह ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों से भी संवाद किया और उन्हें जागरूक किया कि यदि क्षेत्र में कहीं भी अवैध खनन या रेत का अवैध परिवहन दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। अधिकारियों ने कहा कि आमजन के सहयोग से ही इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सकती है। थाना अंबाह पुलिस ने स्पष्ट किया कि चंबल नदी क्षेत्र एक संवेदनशील इलाका है और यहां अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वन विभाग के अधिकारियों ने भी कहा कि पर्यावरण संरक्षण और नदी के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस एवं वन विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई की सराहना की और आश्वासन दिया कि वे अवैध गतिविधियों पर नजर रखेंगे तथा प्रशासन को सहयोग प्रदान करेंगे। प्रशासन ने भी चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि कोई व्यक्ति अवैध रेत खनन में लिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। थाना अंबाह और वन विभाग की संयुक्त कार्यवाही
थाना अंबाह पुलिस एवं वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई, चंबल घाटों पर अवैध रेत खनन रोकने के लिए गड्ढे खोदे गए अंबाह। थाना अंबाह पुलिस एवं वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा चंबल नदी के संवेदनशील घाट कुथियाना एवं बीलपुर क्षेत्र में अवैध रेत खनन को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीन की मदद से घाटों पर गहरे-गहरे गड्ढे किए गए, जिससे वाहनों की आवाजाही और अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। जानकारी के अनुसार, चंबल नदी घाट क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन की शिकायतें प्राप्त होती रही हैं। रेत माफियाओं द्वारा रात के समय ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से अवैध रूप से रेत का परिवहन किया जाता रहा है , जिससे नदी के प्राकृतिक स्वरूप को भी नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस एवं वन विभाग ने संयुक्त रूप से यह सख्त कदम उठाया। कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीन से घाटों के मुख्य रास्तों पर गहरे गड्ढे कर दिए गए, ताकि भारी वाहन वहां से गुजर न सकें और अवैध खनन पर रोक लगाई जा सके। इस कार्रवाई से रेत माफियाओं में हड़कंप की स्थिति देखी गई। टी आई वीरेश कुशवाह ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों से भी संवाद किया और उन्हें जागरूक किया कि यदि क्षेत्र में कहीं भी अवैध खनन या रेत का अवैध परिवहन दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। अधिकारियों ने कहा कि आमजन के सहयोग से ही इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सकती है। थाना अंबाह पुलिस ने स्पष्ट किया कि चंबल नदी क्षेत्र एक संवेदनशील इलाका है और यहां अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वन विभाग के अधिकारियों ने भी कहा कि पर्यावरण संरक्षण और नदी के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस एवं वन विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई की सराहना की और आश्वासन दिया कि वे अवैध गतिविधियों पर नजर रखेंगे तथा प्रशासन को सहयोग प्रदान करेंगे। प्रशासन ने भी चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि कोई व्यक्ति अवैध रेत खनन में लिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। थाना अंबाह और वन विभाग की संयुक्त कार्यवाही
- चार धाम यात्रा के उपरांत घर लौटते समय मां ने त्यागा अपना शरीर मातृत्व दिवस विशेष,अब केवल स्मृति शेष,, मातृ दिवस विशेष,, लेख, मातृ दिवस पर एक मां ने अपने परिजनों को बिलखता हुआ छोड़कर जाना , अद्वितीय छति, अंबाह। चार धाम यात्रा से लौटते वक्त मुरैना और बामोर के बीच स्वर्गलोक सिधार गई।आज दिनांक 10 मई 2026 को पोरसा तहसील के फूलसहाय पुरा निवासी ए.एस.आई.वाचाराम सिंह तोमर (सेवानिवृत SAF) की धर्मपत्नी सविता तोमर का चार धाम यात्रा से लौटते समय सांस लेने में समस्या आने लगी इसके बाद एंबुलेंस के माध्यम से ग्वालियर के लिए आते वक्त बामोर में उनकी तबीयत अधिक बिगड़ी और अचानक उनकी हृदय गति रुक गई और लगभग प्रातः 9:00 बजे देवलोक को प्रस्थान कर गईं। वहीं दूसरी और आज पूरे देश भर में मातृ दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है तो वहीं ऐसी ईश्वर की नियति पर भी प्रश्न चिन्ह लगाने वाली हृदयविदारक घटना चर्चा का विषय बनी हुई है1
- तालाब में घर बना लिए पानी की समस्या गांव जल का नगरा में तालाब में अतिक्रमण कर लिया है तालाब में मकान बना लिए हैं जिससे पानी रोड पर भरा हुआ है आम जनता को आने जाने में बहुत ज्यादा परेशानी होती है कुछ लोगों के घरों में पानी भरा हुआ है रकबा 444 और 445 है1
- मध्य प्रदेश के चंबल अंचल स्थित विश्वप्रसिद्ध शांति धाम, पोरसा में औषधियों और पंच दृव्यों से महाकाल का अभिषेक किया गया। गिनीज वर्ल्ड बुक में दर्ज इस धाम में औषधि वृक्षों का अनूठा संग्रह है। इस अभिषेक के ज़रिए जीवन में औषधियों के अभिन्न अंग होने का संदेश दिया गया।1
- मुरैना के कलुआ गांव में 24 घंटे का अखंड भजन-कीर्तन श्रद्धाभाव के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान पूरा गांव भक्तिमय माहौल में डूब गया और भगवान के भजनों से गूंजता रहा। समापन पर विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया, जिससे आपसी भाईचारा और प्रेम बढ़ा।1
- मोरैना के मिरघान गाँव में स्थित एक आंगनवाड़ी केंद्र पिछले 9 सालों से बंद पड़ा है, जिससे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पोषण आहार व प्राथमिक शिक्षा नहीं मिल पा रही है। प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण सरकारी योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई हैं, जबकि ग्रामीणों की शिकायतें अनसुनी की जा रही हैं। इस गंभीर अनदेखी से बच्चों का स्वास्थ्य और शिक्षा बुरी तरह प्रभावित हो रही है।1
- विश्व का नंबर-1 मुक्तिधाम बना आस्था का केंद्र, सोमवार को महाकाल का दिव्य अभिषेक पोरसा। अपने अनोखे स्वरूप और आध्यात्मिक पहचान के लिए प्रसिद्ध पोरसा का “विश्व का नंबर-1 मुक्तिधाम” सोमवार को शिवभक्ति से सराबोर नजर आया। यहां भगवान महाकाल का विशेष अभिषेक औषधियों और पंचद्रव्यों से विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच हुए इस दिव्य अभिषेक को जनकल्याण, सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना गया। श्रद्धालुओं का कहना है कि महाकाल का औषधीय अभिषेक न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि मानव कल्याण और वातावरण की शुद्धता के लिए भी अत्यंत लाभकारी माना जाता है। सोमवार होने के कारण मुक्तिधाम में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने भगवान महाकाल के दर्शन कर परिवार और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। पूरा परिसर भक्तिमय माहौल और शिवमय वातावरण से गूंज उठा। “विश्व का नंबर-1 मुक्तिधाम” अब केवल अंतिम संस्कार स्थल नहीं, बल्कि आस्था, अध्यात्म और सनातन संस्कृति का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। #पोरसा #मुक्तिधाम #महाकाल #हरहरमहादेव #शिवभक्ति4
- झोपड़ीनुमा मकानों में लगी भीषण आग, तीन परिवार बेघर भारी नुकसान की संभावना राजाखेड़ा। पंचायत समिति क्षेत्र की ग्राम पंचायत खुडिला के गांव नाथो काष पुरा में रविवार देर रात झोपड़ीनुमा मकानों में भीषण आग लगने से तीन परिवारों का सामान जलकर राख हो गया। हादसे में नगदी, अनाज, कपड़े, चारपाई सहित घरेलू उपयोग का सामान नष्ट हो गया। आग की घटना के बाद प्रभावित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। जानकारी के अनुसार रविवार रात करीब 11 बजे अचानक एक झोपड़ीनुमा मकान में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पास स्थित तीन मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए आग बुझाने का प्रयास शुरू किया तथा सूचना मिलने पर राजाखेड़ा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस द्वारा घटना की जानकारी नगर पालिका अधिशासी अधिकारी विष्णु कुमार परमार को दी गई, जिसके बाद फायर ब्रिगेड को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। फायर ब्रिगेड टीम में फायरमैन पप्पू गुर्जर, चालक बचन सिंह तथा फायरकर्मी राजकुमार और कुलदीप शामिल रहे। फायरमैन पप्पू गुर्जर ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची, हालांकि तब तक ग्रामीणों की मदद से आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया था। इसके बावजूद आग से भारी नुकसान हुआ। आग पीड़ित अचल सिंह ने बताया कि आग की घटना में उनके परिवार सहित करीब 15 सदस्य बेघर हो गए हैं और अब उन्हें खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।1
- पोरसा मुक्तिधाम में दिखी भक्ति की अलौकिक छटा, सोमवार को महाकाल का हुआ विशेष अभिषेक पोरसा। सोमवार को पोरसा मुक्तिधाम परिसर में भगवान महाकाल का विशेष अभिषेक श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। अभिषेक में विभिन्न औषधियों एवं पंचद्रव्यों का उपयोग किया गया, जिसे जनकल्याण और लोकमंगल के लिए अत्यंत हितकारी माना जाता है। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ मुक्तिधाम परिसर में उमड़ पड़ी। वैदिक मंत्रोच्चार और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच भगवान महाकाल का दुग्ध, दही, घी, शहद, शक्कर सहित पंचद्रव्यों एवं औषधीय सामग्री से अभिषेक किया गया। धार्मिक मान्यता है कि इस प्रकार का अभिषेक वातावरण को शुद्ध करने के साथ-साथ समाज में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल से क्षेत्र में खुशहाली, उत्तम स्वास्थ्य और जनकल्याण की कामना की। पूरे आयोजन के दौरान भक्तिमय माहौल बना रहा और शिवभक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला। #पोरसा #महाकाल #शिवभक्ति #मुक्तिधाम #सोमवार_विशेष #हरहरमहादेव1