Shuru
Apke Nagar Ki App…
झारखंड में जन वितरण प्रणाली (PDS) के संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जहाँ एक ओर सरकार दावा करती है कि वह गरीबों को एक रुपये में दाल उपलब्ध करा रही है, वहीं कई PDS दुकानों से यह शिकायतें सामने आ रही हैं कि गरीबों से पाँच रुपये वसूले जा रहे हैं। इन कथित वसूलियों के कारण अब पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर प्रश्नचिन्ह लग गया है।
News Xpose ( Jishan Raj)
झारखंड में जन वितरण प्रणाली (PDS) के संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जहाँ एक ओर सरकार दावा करती है कि वह गरीबों को एक रुपये में दाल उपलब्ध करा रही है, वहीं कई PDS दुकानों से यह शिकायतें सामने आ रही हैं कि गरीबों से पाँच रुपये वसूले जा रहे हैं। इन कथित वसूलियों के कारण अब पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर प्रश्नचिन्ह लग गया है।
More news from Hazaribagh and nearby areas
- एक पत्रकार के घर में घुसकर उनके साथ मारपीट की घटना सामने आई है। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।1
- झारखंड में कानून व्यवस्था को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने हजारीबाग में मीडिया से बातचीत के दौरान राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है और आम जनता की समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है। अन्नपूर्णा देवी ने हाल ही में हुई एक ट्रिपल मर्डर की घटना का विशेष रूप से जिक्र करते हुए कहा कि इतनी गंभीर वारदात के बाद भी सरकार और प्रशासन की ओर से अपेक्षित कार्रवाई देखने को नहीं मिल रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल व्याप्त है। केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बजाय अन्य कार्यों में व्यस्त है। उन्होंने सरकार से अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। अन्नपूर्णा देवी के इस बयान के बाद राज्य का राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है, विशेषकर ट्रिपल मर्डर जैसी गंभीर घटनाओं पर सरकार की कथित चुप्पी को लेकर।1
- झारखंड के रामगढ़ जिले के मांडू प्रखंड अंतर्गत कुजू स्थित अक्षत बैंक्वेट हॉल के सभागार में संथाल समाज दिशोम माँझी परगना का 30वां स्थापना दिवस समारोह पारंपरिक संथाली संस्कृति और गौरवशाली विरासत के साथ हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। इस समारोह में झारखंड सरकार समन्वय समिति के सदस्य दर्जा प्राप्त मंत्री एवं संथाल समाज दिशोम माँझी परगना के केंद्रीय अध्यक्ष फागु बेसरा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों के साथ-साथ ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम और बिहार से बड़ी संख्या में समाज की महिला-पुरुष पारंपरिक संथाली वेशभूषा में शामिल हुए। समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के पारंपरिक संथाली रीति-रिवाज, ढोल-मांदर की थाप और उत्साहपूर्ण स्वागत के साथ हुई, जिसके बाद उन्हें पगड़ी, अंगवस्त्र, पुष्पमाला, बैज और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान भगवान बिरसा मुंडा, तिलका मांझी, सिद्धू-कान्हू, चांद-भैरव और झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता एवं दिशोम गुरु शिबू सोरेन के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। केंद्रीय अध्यक्ष फागु बेसरा ने अपने संबोधन में बताया कि संथाल समाज दिशोम माँझी परगना संथाल समुदाय का एक सामाजिक संगठन है, जिसकी स्थापना 30-31 मई 1997 को हुई थी। उन्होंने पूर्वजों द्वारा सौंपी गई सामाजिक व्यवस्था, स्वशासन, ग्राम सभा, संस्कृति, परंपरा, न्याय व्यवस्था, प्रकृति पूजा और सामाजिक मूल्यों की विरासत को संरक्षित रखने को सभी की जिम्मेदारी बताया। बेसरा ने संथाली भाषा, संस्कृति और धर्म की रक्षा के साथ-साथ जल, जंगल और जमीन तथा संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष को मजबूत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम को केंद्रीय महासचिव सोनाराम हेंब्रम और केंद्रीय कोषाध्यक्ष एतो वास्के ने भी संबोधित करते हुए समाज की एकता, संगठन की मजबूती और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर दिया। इस अवसर पर केंद्रीय मांझी बुढ़ी लीलमुनी देवी, मरांग बुरु बचाव संघर्ष समिति के केंद्रीय महासचिव हिरालाल मांझी, केंद्रीय उपाध्यक्ष अलख कुमार मांझी, सोनोत संथाल समाज के केंद्रीय सचिव अनिल टुडू, केंद्रीय कोषाध्यक्ष रतीलाल टुडू, डाड़ी प्रखंड प्रमुख सह केंद्रीय सचिव महिला सेल दीपा देवी, बड़कागांव प्रखंड अध्यक्ष सुरज बेसरा, चुरचू प्रखंड अध्यक्ष सहदेव किस्कू, पतरातू प्रखंड अध्यक्ष शंकर मुर्मू सहित टीरु मांझी, पन्नालाल मुर्मू, मनोहर मुर्मू, बिरजू सोरेन, अशोक मुर्मू, विनोद हेंब्रम और रामचंद्र टुडू समेत समाज के कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्ष फागु बेसरा ने की, जबकि संचालन केंद्रीय कोषाध्यक्ष एतो वास्के ने किया। समारोह के अंत में सभी अतिथियों, गणमान्य व्यक्तियों और विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों को अंगवस्त्र, बैज एवं पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया, जिसके साथ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ।1
- रामगढ़ के कुजू में संथाल समाज ने अपने 30वें स्थापना दिवस के अवसर पर जोरदार एकजुटता प्रदर्शित की, जहाँ उन्होंने अपनी पैतृक 'जल-जंगल-जमीन' की रक्षा के लिए प्रबल आह्वान किया। यह आयोजन संथाल संस्कृति और आदिवासी पहचान को सुरक्षित रखने के महत्व पर केंद्रित रहा। दिशोम मांझी परगना के बैनर तले, संथाल समाज ने अपने संवैधानिक अधिकारों और आदिवासी अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर, समाज ने अपनी अनूठी विरासत और परंपरागत जीवनशैली को बनाए रखने के लिए संघर्ष जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि उनके समुदाय के अधिकारों को सशक्त किया जा सके।1
- गरीब लोगों ने उन आवासों के संबंध में अपनी शिकायत दर्ज कराई है जिन्हें पूरा न होते हुए भी 'पूर्ण' दर्शा दिया गया है, जिससे वे आज भी वंचित हैं। इस संबंध में उन्होंने उपायुक्त साहब को एक पत्र सौंपा है, जिसमें उनसे विनम्र निवेदन किया गया है कि वे इस मामले को संज्ञान में लें और उनकी देखरेख में यह कार्य पूर्ण हो। पीड़ितों का आग्रह है कि उपायुक्त साहब इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच करवाएं और उन्हें न्याय दिलाने में सहायता करें, क्योंकि उन्हें किसी तरह का जवाब नहीं दिया जा रहा है।1
- केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने हजारीबाग में मीडिया से बातचीत के दौरान झारखंड सरकार पर राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है और आम जनता की समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है। अन्नपूर्णा देवी ने हाल ही में हुई एक ट्रिपल मर्डर की घटना का विशेष रूप से जिक्र करते हुए दावा किया कि इतनी गंभीर वारदात के बाद भी सरकार और प्रशासन की ओर से अपेक्षित कार्रवाई देखने को नहीं मिल रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल व्याप्त है। केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बजाय अन्य कार्यों में व्यस्त है। उन्होंने सरकार से अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की, जिसके बाद राज्य का राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।1
- झारखंड के हजारीबाग जिले में कभी शान से खड़ा रहने वाला एक ऐतिहासिक चर्च आज अपनी बदहाली पर आँसू बहा रहा है, जिसे देखकर किसी का भी दिल बैठ सकता है। अंग्रेजी हुकूमत के दौर की यह धरोहर अब खंडहर में तब्दील हो चुकी है। इसकी मौजूदा दुर्दशा का मुख्य कारण लोगों की बेरुखी और अनदेखी है, जिसने इस महत्वपूर्ण विरासत को पूरी तरह से उपेक्षित कर दिया है। यह तस्वीर इस बात की स्पष्ट गवाह है कि जो कौम अपनी विरासत को भुला देती है, उसका वजूद धुंधला पड़ जाता है।1
- झारखंड के रामगढ़ जिले में खनन टास्क फोर्स की लगातार बैठकें होने के बावजूद अवैध खनन का खेल बेरोकटोक जारी है। बालू से लदे हाईवा धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं, जिससे अवैध बालू ढुलाई का यह धंधा खुलेआम चल रहा है। यह गंभीर सवाल उठता है कि आखिर किसकी शह और संरक्षण में यह अवैध गतिविधि इतनी बेख़ौफ़ होकर संचालित की जा रही है।1