पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए नामांकित, और पंजाब, हिमाचल सरकारों तथा लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित डॉ. अर्चिता महाजन ने उत्तर भारत के लोगों को नाश्ते में चार पराठे खाने की आदत को लेकर आगाह किया है। न्यूट्रीशन डाइटिशियन, चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री धारक, होम्योपैथिक फार्मासिस्ट और ट्रेंड योगा टीचर डॉ. महाजन ने बताया कि लोग अनजाने में ही चार पराठे खाकर लगभग 10 किलो खीरे के बराबर कैलोरी ले लेते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि कोई व्यक्ति 10 किलो खीरा नहीं खा सकता, तो उसे चार पराठे भी नहीं खाने चाहिए। डॉ. अर्चिता महाजन ने तेल और खीरे के बीच कैलोरी की तुलना करते हुए स्पष्ट किया कि एक चम्मच तेल में लगभग 150 कैलोरी होती हैं, जबकि छिलके सहित 1 किलो खीरे में भी लगभग 150 कैलोरी ही पाई जाती हैं। उन्होंने बताया कि तेल की तुलना में खीरे में कैलोरी बहुत कम होती है और इसकी पानी की मात्रा लगभग 95% होती है। उन्होंने आगे जानकारी दी कि 1 किलो खीरे में लगभग 150 कैलोरी होती है, जिसमें पानी की मात्रा लगभग 95% और फैट (वसा) लगभग 0 ग्राम होता है। इसके विपरीत, एक बड़ा चम्मच (लगभग 14-15 मिली) तेल में लगभग 120 से 135 कैलोरी होती हैं, और यह तेल के प्रकार जैसे सरसों, जैतून या रिफाइंड के आधार पर थोड़ा भिन्न हो सकता है। शाह हॉस्पिटल कैथल की सीनियर डाइटिशियन डॉ. अर्चिता महाजन ने सुबह चार पराठों के साथ नाश्ता करने वालों के लिए इसे 'बुरी खबर' बताया है।
पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए नामांकित, और पंजाब, हिमाचल सरकारों तथा लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित डॉ. अर्चिता महाजन ने उत्तर भारत के लोगों को नाश्ते में चार पराठे खाने की आदत को लेकर आगाह किया है। न्यूट्रीशन डाइटिशियन, चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री धारक, होम्योपैथिक फार्मासिस्ट और ट्रेंड योगा टीचर डॉ. महाजन ने बताया कि लोग अनजाने में ही चार पराठे खाकर लगभग 10 किलो खीरे के बराबर कैलोरी ले लेते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि कोई व्यक्ति 10 किलो खीरा नहीं खा सकता, तो उसे चार पराठे भी नहीं खाने चाहिए। डॉ. अर्चिता महाजन ने तेल और खीरे के बीच कैलोरी की तुलना करते हुए स्पष्ट किया कि एक चम्मच तेल में लगभग 150 कैलोरी होती हैं,
जबकि छिलके सहित 1 किलो खीरे में भी लगभग 150 कैलोरी ही पाई जाती हैं। उन्होंने बताया कि तेल की तुलना में खीरे में कैलोरी बहुत कम होती है और इसकी पानी की मात्रा लगभग 95% होती है। उन्होंने आगे जानकारी दी कि 1 किलो खीरे में लगभग 150 कैलोरी होती है, जिसमें पानी की मात्रा लगभग 95% और फैट (वसा) लगभग 0 ग्राम होता है। इसके विपरीत, एक बड़ा चम्मच (लगभग 14-15 मिली) तेल में लगभग 120 से 135 कैलोरी होती हैं, और यह तेल के प्रकार जैसे सरसों, जैतून या रिफाइंड के आधार पर थोड़ा भिन्न हो सकता है। शाह हॉस्पिटल कैथल की सीनियर डाइटिशियन डॉ. अर्चिता महाजन ने सुबह चार पराठों के साथ नाश्ता करने वालों के लिए इसे 'बुरी खबर' बताया है।
- योग के माध्यम से तन और मन दोनों को स्वस्थ रखने का संदेश दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य के साथ 'हर घर योग, हर दिन योग' का आह्वान किया गया है, जिसके साथ '247 superfast' का उल्लेख भी है।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने हमीरपुर में योगाभ्यास किया, जहाँ उन्होंने योग को हमारी संस्कृति की सबसे बड़ी धरोहर बताया, जिसे आज पूरा विश्व मना रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार अगले वर्ष के 'खेलो इंडिया राष्ट्रीय गेम्स' हिमाचल प्रदेश में करवाने के लिए अपनी दावेदारी पेश करेगी। हालांकि, योग अभ्यास के दौरान मुख्यमंत्री को एक आसन करते समय कुछ तकलीफ का सामना भी करना पड़ा।1
- मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु ने हमीरपुर दौरे के दौरान जसकोट में बन रहे हेलीपोर्ट स्थल का जायजा लिया और उसके जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बाद, उन्होंने जोड़सप्पड़ स्थित निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का भी दौरा किया, जहाँ उन्होंने अत्यधिक मशीनरी का निरीक्षण किया और परिसर में बनी क्रिटिकल केयर यूनिट का शिलान्यास किया। इस अवसर पर आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा, विधायक सुरेश कुमार, विधायक रणजीत राणा, कांग्रेसी नेता डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा और जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमन भारती भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि हमीरपुर का यह मेडिकल कॉलेज एम्स से भी बेहतर सुविधाएँ प्रदान करेगा और इसे 5 से 10 जुलाई के भीतर जोलसप्पड़ में उद्घाटन कर शुरू कर दिया जाएगा, जिसमें अत्यधिक मशीनरी स्थापित की गई है। पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री सुक्खु ने सांसद अनुराग ठाकुर पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल किया कि पिछले 20 सालों से सांसद रहते हुए अनुराग ठाकुर ने हमीरपुर जिले के लिए क्या कार्य किए हैं। मुख्यमंत्री ने उन पर विकास कार्यक्रमों का झूठा श्रेय लेने का आरोप लगाया और कहा कि एक सांसद होने के नाते अनुराग को झूठ नहीं बोलना चाहिए, बल्कि सच्चाई को स्वीकार करना चाहिए। सुक्खु ने बताया कि इस मेडिकल कॉलेज पर अभी तक 500 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, जिसमें से केंद्र सरकार का योगदान मात्र 197 करोड़ रुपये ही है और वह भी यूपीए सरकार के समय का। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाकी का सारा पैसा उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद ही स्वीकृत होकर लगाया गया है और प्रदेश के पाँचों मेडिकल कॉलेजों को एम्स की तर्ज पर हाईटेक बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री सुक्खु ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा पर भी निशाना साधा, जिन्होंने शिमला में बयान दिया था कि जायका के माध्यम से अस्पतालों में पैसा खर्च किया जा रहा है। सुक्खु ने नड्डा को ध्यान रखने और जनता को झूठे बयान न देने की नसीहत दी। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बयानों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जयराम ठाकुर शायद नींद में हैं, क्योंकि पिछली बार भी जिला परिषद की 8 या 9 सीटों पर ही भाजपा के अध्यक्ष थे और जनता ने कांग्रेस को बहुमत दिया था। उन्होंने केंद्र सरकार पर हिमाचल की आरजीडी ग्रांट बंद करने और मनरेगा कार्य रोककर जनता के साथ धोखा करने का भी आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने ओपीएस (पुरानी पेंशन योजना) के मुद्दे पर कहा कि बीजेपी इसे बंद करने की बात कर रही है, लेकिन उनकी सरकार प्रदेश की आर्थिक स्थिति सुधरने पर अन्य विभागों में भी ओपीएस देने पर विचार कर रही है, ताकि कर्मचारियों को लाभ मिल सके। उन्होंने विपक्ष के नेताओं पर ओपीएस को लेकर कभी स्पष्ट जवाब न दे पाने का आरोप भी लगाया।1
- जनजातीय उपमंडल पांगी की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर भाजपा मंडल पांगी और भाजपा समर्थित पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा मंडल अध्यक्ष सतीश कुमार राणा के नेतृत्व में पंचायत समिति सदस्यों, प्रधानों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने आवासीय आयुक्त पांगी के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन प्रेषित किया, जिसमें क्षेत्र की उपेक्षा पर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई है। इसके साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि पाँच दिनों के भीतर समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो घाटी के जनप्रतिनिधि क्रमिक भूख हड़ताल और अनशन शुरू करेंगे। ज्ञापन में कहा गया है कि पांगी प्रदेश का एक अति दुर्गम जनजातीय क्षेत्र है, जहाँ भौगोलिक विषमताओं के कारण लोगों को पहले से ही अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद, प्रदेश सरकार द्वारा क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि जनजातीय विकास से जुड़े बजट में कटौती की जा रही है, जबकि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी आवश्यक सेवाओं की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र के स्कूलों और महाविद्यालयों में विज्ञान एवं वाणिज्य संकायों को समाप्त किए जाने से विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। साथ ही, विभिन्न विभागों में सैकड़ों अधिकारियों और कर्मचारियों के पद रिक्त पड़े हैं, जिससे आम लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा है। प्रतिनिधियों ने पंचायत चुनावों के बाद नव-निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को अधिकार न दिए जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उनका तर्क है कि प्रदेश सरकार द्वारा 6 जून 2026 को जारी अधिसूचना के तहत पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों को 18 अक्टूबर तक वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पांगी घाटी में सरकारी विकास कार्यों का अधिकांश समय अप्रैल से अक्टूबर के बीच होता है, ऐसे में नव-निर्वाचित प्रतिनिधियों को अधिकारों से वंचित रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनभावनाओं के विपरीत है। इसके अतिरिक्त, पिछले दो महीनों से बनी विद्युत आपूर्ति की समस्या का भी उल्लेख किया गया। प्रतिनिधियों के अनुसार, घाटी के कई गाँव लंबे समय से अनियमित बिजली आपूर्ति या अंधेरे की समस्या से जूझ रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों, किसानों और आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार के समक्ष रखी गई अन्य मांगों में राशन गोदामों की नियमित सफाई सुनिश्चित करना, लोक निर्माण विभाग द्वारा किए गए टेंडरों एवं खर्च की गई धनराशि का विवरण सार्वजनिक करना, विभिन्न विभागों द्वारा पिछले दो वर्षों में खर्च किए गए बजट की जानकारी उपलब्ध कराना, तथा बीएसएनएल और जियो नेटवर्क सेवाओं में सुधार करना शामिल है। ज्ञापन के अंत में, जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि पाँच दिनों के भीतर उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो पांगी घाटी के समस्त जनप्रतिनिधि सामूहिक रूप से क्रमिक भूख हड़ताल और अनशन शुरू करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाले किसी भी हालात की जिम्मेदारी पूरी तरह प्रदेश सरकार की होगी।1
- रिवालसर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर ब्रह्माकुमारी संस्थान में एक राजयोग ध्यान कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है।1
- आज सुबह कुल्लू स्थित आर्ट ऑफ लिविंग संस्था द्वारा फोरेस्ट नेचर पार्क मोहल में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह का आयोजन किया गया। इस भव्य कार्यक्रम में वन विभाग, जी बी पंत हिमालयन रिसर्च इंस्टीट्यूट मोहल के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ-साथ डी ए वी स्कूल के प्रशिक्षक, एन सी सी और एन एस एस के छात्र-छात्राएं तथा आम जनता ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न संस्थानों के अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि आगामी वर्षों में भी वे इस अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह में अपनी भागीदारी बनाए रखेंगे। इस अवसर पर, आर्ट ऑफ लिविंग के वरिष्ठ योग प्रशिक्षक ने योग के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पिछले कई वर्षों से लोगों में योग के प्रति रुचि बढ़ रही है और यह अपने अस्तित्व के सर्वांगीण विकास के लिए एक अत्यंत प्रभावी साधन है। प्रशिक्षक ने जोर देकर कहा कि वर्तमान समय में योग विद्या को अपनाना सभी के लिए बेहद आवश्यक है, क्योंकि इसके माध्यम से स्वास्थ्य, शांति और आनंद की अनुभूति प्राप्त करते हुए जीवन को एक उत्सव में बदला जा सकता है। सत्र के दौरान सभी प्रतिभागियों ने नशा मुक्ति, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता अभियान में सक्रिय रूप से योगदान देने का संकल्प लिया। इसके साथ ही, सभी ने योग विद्या को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का भी दृढ़ निश्चय किया। आर्ट ऑफ लिविंग के वरिष्ठ प्रशिक्षक सुंदर ठाकुर ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी उपस्थित संस्थाओं, प्रतिभागियों और आर्ट ऑफ लिविंग के स्वयंसेवकों का धन्यवाद किया। इस विशाल योग दिवस समारोह का संचालन सुंदर ठाकुर के साथ-साथ सोनम डोलमा और सरिता शर्मा ने किया।1
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बढेड़ा में एक जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कुल 600 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया।1
- मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि जोलसप्पड़ में स्थित मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन 5 से 10 जुलाई के अंदर कर दिया जाएगा और इसी अवधि में इसे शुरू भी कर दिया जाएगा।1
- नाचन जन कल्याण फाउंडेशन ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए महादेव पंचायत के पूर्व प्रधान नीलकमल को महादेव जोन का अध्यक्ष नियुक्त किया है। सुंदरनगर में आयोजित फाउंडेशन की बैठक के दौरान यह बड़ी जिम्मेदारी नीलकमल को सौंपी गई, जिसके तहत उन्हें 18 पंचायतों की कमान मिली है।1