सिद्धार्थनगर खेसरहा शादी से इनकार के बाद युवती की आत्महत्या, उकसाने के आरोपी प्रेमी को पुलिस ने दबोचा शादी से इनकार करने के बाद युवती को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में खेसरहा पुलिस ने आरोपी प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया। घटना के बाद से आरोपी फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। गुरुवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उसे दबोच लिया। जानकारी के अनुसार खेसरहा थाना क्षेत्र के ग्राम भलुहा के टोला खदरहड़डी गांव में करीब एक सप्ताह पहले 20 वर्षीय युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मृतका मधु पुत्री महेंद्र थाना क्षेत्र के ही डहरवा गांव की निवासी थी। उसके माता-पिता मुंबई में रहते हैं। बताया जाता है कि वह पिछले करीब छह महीने से अपने नाना के घर बांसी कोतवाली क्षेत्र के अहिलापुर में रह रही थी। इसी दौरान उसका प्रेम प्रसंग खदरहड़डी गांव के निवासी बलिराम उर्फ निरहु पुत्र रामकमल से चल रहा था। आरोप है कि बलिराम ने शादी का झांसा देकर युवती से कई बार शारीरिक संबंध बनाए। बाद में जब युवती ने शादी के लिए दबाव बनाया तो युवक ने शादी से इनकार कर दिया। घटना से तीन दिन पहले युवती अपने ननिहाल से प्रेमी के घर पहुंच गई थी और तीन दिन तक वहीं रही। इस दौरान वह शादी करने की जिद पर अड़ी रही, लेकिन युवक ने शादी से साफ इनकार कर दिया और मारपीट कर उसे घर से भगा दिया। इससे आहत युवती अपने ही गांव में रहने वाली मौसी उर्मिला के घर पहुंची। वहीं उसने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना के बाद मृतका के नाना राधेश्याम ने खेसरहा थाने में तहरीर देकर आरोपी प्रेमी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था। घटना के बाद से आरोपी फरार चल रहा था। गुरुवार को चौकी प्रभारी कथिया जगत नारायण यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर वजीराबाद ईंट भट्ठे के पास स्थित काली माता मंदिर से पूरनजोत जाने वाले मार्ग के पास से आरोपी बलिराम उर्फ निरहु को गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष खेसरहा अनुप कुमार मिश्र ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया गया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
सिद्धार्थनगर खेसरहा शादी से इनकार के बाद युवती की आत्महत्या, उकसाने के आरोपी प्रेमी को पुलिस ने दबोचा शादी से इनकार करने के बाद युवती को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में खेसरहा पुलिस ने आरोपी प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया। घटना के बाद से आरोपी फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। गुरुवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उसे दबोच लिया। जानकारी के अनुसार खेसरहा थाना क्षेत्र के ग्राम भलुहा के टोला खदरहड़डी गांव में करीब एक सप्ताह पहले 20 वर्षीय युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मृतका मधु पुत्री महेंद्र थाना क्षेत्र के ही डहरवा गांव की निवासी थी। उसके माता-पिता मुंबई में रहते हैं। बताया जाता है कि वह पिछले करीब छह महीने से अपने नाना के घर बांसी कोतवाली क्षेत्र के अहिलापुर में रह रही थी। इसी दौरान उसका प्रेम प्रसंग खदरहड़डी गांव के निवासी बलिराम उर्फ निरहु पुत्र रामकमल से चल रहा था। आरोप है कि बलिराम ने शादी का झांसा देकर युवती से कई बार शारीरिक संबंध बनाए। बाद में जब युवती ने शादी के लिए दबाव बनाया तो युवक ने शादी से इनकार कर दिया। घटना से तीन दिन पहले युवती अपने ननिहाल से प्रेमी के घर पहुंच गई थी और तीन दिन तक वहीं रही। इस दौरान वह शादी करने की जिद पर अड़ी रही, लेकिन युवक ने शादी से साफ इनकार कर दिया और मारपीट कर उसे घर से भगा दिया। इससे आहत युवती अपने ही गांव में रहने वाली मौसी उर्मिला के घर पहुंची। वहीं उसने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना के बाद मृतका के नाना राधेश्याम ने खेसरहा थाने में तहरीर देकर आरोपी प्रेमी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था। घटना के बाद से आरोपी फरार चल रहा था। गुरुवार को चौकी प्रभारी कथिया जगत नारायण यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर वजीराबाद ईंट भट्ठे के पास स्थित काली माता मंदिर से पूरनजोत जाने वाले मार्ग के पास से आरोपी बलिराम उर्फ निरहु को गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष खेसरहा अनुप कुमार मिश्र ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया गया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
- खेसरहा क्षेत्र के आवारी गांव में बुधवार को लगी भीषण आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। आग की चपेट में आकर कई लोगों के बाग़-बगीचे, पेड़, भूसा और घरेलू सामान जलकर राख हो गए। इस घटना में कई परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। ग्रामीणों के अनुसार, आग लगने की सूचना तुरंत फायर ब्रिगेड और प्रशासन को दी गई थी। काफी देर बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची, लेकिन पहुंचते ही खराब हो गई, जिससे आग बुझाने में अपेक्षित मदद नहीं मिल सकी। इसके चलते आग तेजी से फैलती रही और नुकसान बढ़ता गया। ग्रामीण हरिशंकर मिश्रा, आशुतोष मिश्रा, विवेक तिवारी, सौरभ तिवारी, विशाल तिवारी, युवराज तिवारी, अमित तिवारी, सुमित सहित अन्य लोगों ने बताया कि यदि समय पर सही हालत में दमकल पहुंचती, तो नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता था। आग पर काबू पाने के लिए स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर प्रयास किए। वहीं खेसरहा पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों के साथ मिलकर आग बुझाने में जुट गया। थाना अध्यक्ष अनूप कुमार मिश्रा, अजीत कुमार और अन्य पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहे और राहत कार्य में सहयोग करते हुए आग पर काबू पाने में अहम भूमिका निभाई। काफी मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित किया जा सका, लेकिन तब तक कई परिवारों का सब कुछ जलकर राख हो चुका था। घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति आक्रोश व्याप्त है। लोगों ने मांग की है कि इस लापरवाही की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा प्रभावित परिवारों को शीघ्र उचित मुआवजा दिया जाए।1
- Post by सुधांशु श्रीवास्तव1
- Post by Umesh Kumar1
- Gill Smart Dubai /Gorakhpur branch me interview hoga / call number is 95294654201
- महराजगंज:भूसा बनाने वाली ट्रैक्टर ट्राली सहित अन्य समाग्री जलकर राख, फरेंदा महदेवा दूबे में हुई थी आगजनी की घटना।1
- संतकबीरनगर । जनपद में साइबर अपराध के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में साइबर क्राइम थाना, एसओजी एवं थाना धनघटा की संयुक्त टीम ने समन्वय पोर्टल (I4C) व एनसीआरपी से प्राप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए 5 शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्तों में विजय यादव (निवासी जगदीशपुर), नीतेश कुमार (निवासी त्रिलोकपुर, गोरखपुर), शक्ति, विकास पाण्डेय एवं आर्यन पाल (सभी निवासी थाना धनघटा क्षेत्र) शामिल हैं। इनके विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। संगठित गिरोह का भंडाफोड़ जांच में सामने आया कि यह एक संगठित गिरोह है, जिसका सरगना शक्ति है। गिरोह गरीब एवं असहाय लोगों को लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था और एटीएम कार्ड, पासबुक व चेकबुक अपने कब्जे में रख लेता था। इसके बाद इन खातों का उपयोग देश के विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी की धनराशि मंगाने के लिए किया जाता था। आई4सी पोर्टल से मिली अहम जानकारी थाना धनघटा को गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल (I4C) के माध्यम से संदिग्ध खातों की सूचना प्राप्त हुई थी। जांच के दौरान एक संदिग्ध खाते से जुड़े व्यक्ति से पूछताछ में पूरे गिरोह का खुलासा हुआ, जिसके बाद क्रमशः सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। करोड़ों के लेन-देन का खुलासा साइबर क्राइम थाना की जांच में 37 बैंक खातों के माध्यम से लगभग 5 करोड़ रुपये के लेन-देन की पुष्टि हुई है। इनमें से 6 लाख रुपये से अधिक की धनराशि को होल्ड (फ्रीज) कराया जा चुका है, जबकि अन्य खातों की जांच जारी है। भारी मात्रा में सामान बरामद अभियुक्तों के कब्जे से 33 एटीएम कार्ड, 12 मोबाइल फोन, 24 सिम कार्ड, 29 पासबुक, 18 चेकबुक, 2 लैपटॉप, 1 मोटरसाइकिल, फर्जी दस्तावेजों के साथ-साथ .32 बोर के 8 अवैध जिंदा कारतूस व नकद 16,750 रुपये बरामद किए गए हैं। फर्जी दस्तावेज व बदले नंबर से चलाते थे वाहन पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करते थे तथा मोटरसाइकिल का रजिस्ट्रेशन नंबर बदलकर चलते थे। कागजात प्रस्तुत न करने पर वाहन को सीज कर दिया गया है। कमांडर को भेजते थे डाटा अभियुक्तों ने बताया कि वे सभी खातों का डाटा इटावा निवासी एक ‘कमांडर’ को उपलब्ध कराते थे, जिसके बदले उन्हें कमीशन मिलता था। पुलिस अब इस मुख्य आरोपी की तलाश में जुटी है। संयुक्त टीम की कार्रवाई इस सफल कार्रवाई में साइबर क्राइम थाना, एसओजी व थाना धनघटा की टीम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस द्वारा मामले की विस्तृत जांच जारी है।1
- अजीत मिश्रा (खोजी) लखनऊ के रिंग रोड स्थित झोपड़पट्टी में अचानक भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि लोग संभल नहीं पाए और सड़कों पर छोटे-छोटे मासूम बच्चे बिलखते हुए अपने मां-बाप की तलाश करते नजर आए। झोपड़पट्टी में रह रहे कई परिवारों का सामान और आशियाना जलकर खाक हो गया। सूत्रों के मुताबिक, हादसे में कई लोगों के हताहत होने की आशंका जताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग के दौरान कई गैस सिलेंडरों में विस्फोट भी हुए, जिससे आग और भड़क गई और स्थिति बेहद भयावह हो गई। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि आग लगने के पीछे किसी साजिश की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है और आग बुझाने के साथ राहत एवं बचाव कार्य जारी है। प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए।1
- फरेंदा में किराना की दुकान पर हुई चोरी, दुकानदार ने लोगों से मदद की अपील किया।1