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प्रयागराज में एक ग्राम प्रधान पर जानलेवा हमला किया गया है। यह घटना तब हुई जब ग्राम प्रधान थाने से वापस लौट रहे थे। इस गंभीर हमले के बाद, ग्राम प्रधान के परिजनों ने संबंधित मामले में गिरफ्तारी की मांग उठाई है।
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प्रयागराज में एक ग्राम प्रधान पर जानलेवा हमला किया गया है। यह घटना तब हुई जब ग्राम प्रधान थाने से वापस लौट रहे थे। इस गंभीर हमले के बाद, ग्राम प्रधान के परिजनों ने संबंधित मामले में गिरफ्तारी की मांग उठाई है।
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- लखनऊ में अलीगंज अग्निकांड की घटना के बाद शहर में जांच अभियान तेज कर दिया गया है, जिसके तहत कोचिंग सेंटरों पर सख्ती बरती जा रही है। इसी कड़ी में, लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने हजरतगंज स्थित एलन कोचिंग सेंटर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया है। यह कार्रवाई दोपहर 12 बजे की गई, जिसमें LDA और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम शामिल थी। जोनल अधिकारी प्रभाकर सिंह की मौजूदगी में हुए निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों की जांच के बाद कोचिंग सेंटर को सील किया गया।1
- प्रयागराज में बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और निष्पक्ष जांच व दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान कांग्रेस ने एक ज्ञापन भी सौंपा। गंगापार जिला अध्यक्ष अशफाक अहमद ने आरोप लगाया कि इस मामले में अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने पेपर लीक और नीट से जुड़े मुद्दों को भी उठाया, जो युवाओं से संबंधित हैं। अहमद ने युवाओं से 10 जुलाई को प्रयागराज में होने वाले एक कार्यक्रम में शामिल होने की अपील भी की।1
- हिमाचल प्रदेश में एक बड़ा हादसा हुआ है, जहाँ एक पुल के अचानक ढह जाने के बाद एक ट्रक गहरी खाई में जा गिरा है। इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुँच गए हैं और राहत कार्यों में जुट गए हैं। फिलहाल, ट्रक के चालक और दुर्घटना से प्रभावित अन्य संभावित व्यक्तियों की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।1
- प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र में एक पत्रकार के साथ हुई साइबर ठगी की घटना ने पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश के परिपत्र संख्या-08/2022 में साइबर अपराध से जुड़े मामलों में शत-प्रतिशत अभियोग पंजीकृत करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, लेकिन इस मामले में घूरपुर पुलिस पर उन निर्देशों का पालन न करने का आरोप है। बीते 16 जून की शाम लगभग 4 बजे साइबर अपराधियों ने क्षेत्र के एक पत्रकार का मोबाइल हैक कर लिया। मोबाइल हैक होते ही, अपराधियों ने पत्रकार के व्हाट्सएप संपर्कों पर मदद के नाम पर धनराशि भेजने की अपील करनी शुरू कर दी। पत्रकार को घटना की जानकारी होने और साइबर सेल व थाने को सूचना देकर मोबाइल पुनः सक्रिय कराने से पहले ही उनके दो परिचित साइबर अपराधियों द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड पर कुल ₹14,000 (₹10,000 और ₹4,000) ऑनलाइन ट्रांसफर कर चुके थे। घटना के बाद, पीड़ितों ने तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। पत्रकार ने शिकायत संख्या, भुगतान के स्क्रीनशॉट और आधार की प्रतिलिपि सहित सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ उसी दिन घूरपुर थाने में तहरीर भी दी। हालांकि, आरोप है कि जब सोमवार को पत्रकार पुनः थाना पहुंचे और मुकदमा दर्ज करने की मांग की, तो थानाध्यक्ष अतुल कुमार मिश्रा ने कथित तौर पर यह कहकर इनकार कर दिया कि "50 हजार रुपये से कम की साइबर ठगी का मुकदमा दर्ज नहीं किया जाता।" इस बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। लगभग तीन दशक से पत्रकारिता कर रहे वरिष्ठ पत्रकार थानाध्यक्ष के इस कथित जवाब से हैरान रह गए और बिना कोई बात किए थाने से वापस लौट आए। वहीं, जब इस संबंध में एसीपी कौंधियारा अब्दुस सलाम खान से बातचीत की गई, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उनकी जानकारी में 50 हजार रुपये से कम की साइबर ठगी पर मुकदमा दर्ज न करने जैसा कोई नियम नहीं है। उन्होंने मामले की जानकारी लेकर संबंधित अधिकारी से बात करने की बात कही। यह घटना एक बार फिर साइबर अपराध पीड़ितों की समस्याओं और थानों में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाती है। अब देखना यह होगा कि वायरल वीडियो और वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद पीड़ित पत्रकार को न्याय मिल पाता है या नहीं।4
- प्रयागराज के लूकरगंज इलाके में बुधवार, 24 जून 2026 को सिद्धार्थ गोयल के मकान में शॉर्ट सर्किट के कारण अचानक आग लग गई, जिससे पूरे मोहल्ले में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग की लपटें देखकर स्थानीय लोग घबरा गए। झूलेलाल नगर के पार्षद रोचक दरबारी ने तुरंत इस घटना की सूचना फायर ब्रिगेड को दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम बिना देरी किए मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, और समय रहते की गई कार्रवाई से एक बड़ा नुकसान टल गया। स्थानीय निवासियों ने फायर ब्रिगेड की तत्परता और त्वरित कार्रवाई की जमकर सराहना की। पुलिस ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। शुरुआती जांच में आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।1
- मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मानसून के आगमन से पहले ही तैयारियों की वास्तविक स्थिति सामने आने लगी है। इन राज्यों के कई शहरों में सड़क, फ्लाईओवर और मेट्रो परियोजनाओं का काम अभी भी अधूरा है, जिससे गंभीर चिंताएं बढ़ गई हैं। कई स्थानों पर सड़कें खुदी हुई हैं, नालों की सफाई का काम भी पूरा नहीं हुआ है और विभिन्न निर्माण कार्य लगातार जारी हैं। इन अधूरे कामों के कारण, बारिश बढ़ने के साथ-साथ जलभराव, ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं का खतरा भी काफी बढ़ गया है। प्रशासन भले ही मानसून की तैयारियों को लेकर दावे कर रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि यदि समय रहते ये आवश्यक कार्य पूरे नहीं हुए, तो मानसून के दौरान आम जनता को होने वाली परेशानियों का जिम्मेदार कौन होगा।1
- सूरत ग्रामीण पुलिस की एल.सी.बी. शाखा ने पलसाणा पुलिस स्टेशन में मारपीट के एक मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को सफलतापूर्वक पकड़ लिया है। यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक श्री प्रेम वीर सिंह, सूरत विभाग, और पुलिस अधीक्षक श्री राजेश गढ़िया के निर्देशों के तहत की गई थी, जिन्होंने सूरत ग्रामीण जिले में संपत्ति, शरीर और निषेध से संबंधित गंभीर अनिर्धारित अपराधों को रोकने, उनका पता लगाने और ऐसे मामलों में फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे। एल.सी.बी. सूरत ग्रामीण के पुलिस इंस्पेक्टर एन.जी. पांचाणी ने भी इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई के लिए आवश्यक निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के अनुपालन में, एल.सी.बी. शाखा के पुलिस सब इंस्पेक्टर एच.सी. मसाणी और पुलिस स्टाफ ने फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए विभिन्न टीमें बनाकर गश्त शुरू की। गश्त के दौरान, एल.सी.बी. शाखा के असिस्टेंट हेड कांस्टेबल चिरागकुमार जयंतीलाल और असिस्टेंट हेड कांस्टेबल अमृतजी राधाजी को एक संयुक्त मुखबिर से विशिष्ट सूचना मिली। इस सूचना के अनुसार, पलसाणा पुलिस स्टेशन के एक मामले में वांछित फरार आरोपी संजय कांतीभाई वाघेला, जो पलसाणा गांव के पादर फड़िया का निवासी है, कणाव गांव के पाटिया के पास खड़ा है। मुखबिर ने उसके नीले गोल गले के टी-शर्ट और काले रंग की पैंट पहने होने की भी जानकारी दी थी। इस सटीक जानकारी के आधार पर, पुलिस टीम ने तुरंत कणाव गांव के पाटिया के पास पहुंचकर आरोपी को दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान संजयभाई कांतीभाई वाघेला (उम्र 32 वर्ष, पेशा-व्यापार, निवासी पलसाणा गांव, पादर फड़िया, ता. पलसाणा, जि. सूरत) के रूप में हुई है। आरोपी संजय के खिलाफ पलसाणा पुलिस स्टेशन में ए-पार्ट गु.र.नं- 11214046260939/2026 के तहत बी.एम.एस. की धारा 115(2), 296(बी), 351(3) और 54 के तहत मामला दर्ज है। आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के बाद उसे आगे की कार्यवाही के लिए पलसाणा पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया है। इस सफल ऑपरेशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों में असिस्टेंट हेड कांस्टेबल चिरागकुमार जयंतीलाल, असिस्टेंट हेड कांस्टेबल अमृतजी राधाजी और असिस्टेंट पुलिस कांस्टेबल प्रहलाद सिंह भूपत सिंह शामिल हैं।2
- प्रयागराज के खुल्दाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत लूकरगंज फील्ड के पास राहुल गोयल के घर स्थित एक स्टेशनरी दुकान में भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज़ थीं कि स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया, जिसके बाद लोगों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। कुछ समय बाद, फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुँची और अथक प्रयासों के बाद आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया। बताया जा रहा है कि इस भीषण अग्निकांड में लाखों रुपये का भारी नुकसान हुआ है, हालाँकि राहत की बात यह रही कि इसमें कोई जनहानि नहीं हुई।1