जाति प्रमाण-पत्र के नाम पर पटवारी पर गंभीर आरोप, WhatsApp चैट और रिश्वत मांगने की शिकायत कलेक्टर तक पहुंची युवती ने पद के दुरुपयोग और आपत्तिजनक बातचीत का लगाया आरोप, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के साथ कार्रवाई की मांग शहडोल। जिले के राजस्व विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। सोहागपुर तहसील के हल्का नंबर 72 में पदस्थ पटवारी आशीष सोनकर के खिलाफ एक युवती ने जाति प्रमाण-पत्र एवं जमीन संबंधी कार्य कराने के बदले कथित रूप से रिश्वत मांगने तथा WhatsApp पर आपत्तिजनक बातचीत करने के आरोप लगाए हैं। युवती ने मामले की शिकायत जिला कलेक्टर को सौंपते हुए कथित WhatsApp चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर जांच एवं कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुश्तैनी जमीन और जाति प्रमाण-पत्र के काम के लिए पटवारी से किया संपर्क शिकायतकर्ता युवती, जो सोहागपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली बताई गई है, ने अधिकारियों को दी शिकायत में बताया कि उसके माता-पिता का निधन हो चुका है। ग्राम पंचायत चापा में उसकी पुश्तैनी जमीन है। जमीन से जुड़े राजस्व कार्यों के साथ-साथ जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए उसने हल्का नंबर 72 में पदस्थ पटवारी से संपर्क किया था। युवती का आरोप है कि इसी दौरान संबंधित पटवारी द्वारा उससे काम कराने के बदले कथित रूप से पैसों की मांग की गई। ₹20 हजार मांगने का आरोप शिकायत के अनुसार, युवती से कथित तौर पर 20 हजार रुपये की मांग की गई थी। इसके बाद 15 हजार रुपये नकद देने की बात भी शिकायत में कही गई है। युवती का आरोप है कि पैसों से संबंधित बातचीत के बाद मामला केवल राजस्व कार्य तक सीमित नहीं रहा, बल्कि WhatsApp पर कथित तौर पर आपत्तिजनक और निजी बातचीत शुरू हो गई। WhatsApp चैट के जरिए आपत्तिजनक बातचीत का आरोप शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पटवारी ने WhatsApp पर ऐसी बातचीत की, जिसे उसने आपत्तिजनक बताया है। युवती का यह भी आरोप है कि उसे कथित तौर पर होटल में मिलने के लिए कहा गया। पीड़िता ने इस कथित बातचीत को अपने ऊपर मानसिक दबाव और पद के दुरुपयोग का प्रयास बताया है। शिकायत में पटवारी के एक कथित सहयोगी पर भी दबाव बनाने और धमकी देने जैसे आरोप लगाए गए हैं। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के साथ कलेक्टर से शिकायत मामले को गंभीर बताते हुए युवती ने कथित WhatsApp बातचीत के स्क्रीनशॉट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के साथ जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायतकर्ता ने अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगी आरोपों की सच्चाई मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि फिलहाल ये सभी बातें शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप हैं। संबंधित पटवारी का पक्ष और कथित WhatsApp चैट की स्वतंत्र जांच संबंधी जानकारी सामने आना बाकी है। यदि प्रशासन द्वारा शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाती है, तो WhatsApp चैट, भुगतान से जुड़े साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड, संबंधित दस्तावेजों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण हो सकती है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल एक अधिकारी पर पद का दुरुपयोग और रिश्वत मांगने जैसे आरोप सामने आने के बाद राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। खासकर ऐसे मामलों में, जहां कोई व्यक्ति अपनी जमीन अथवा प्रमाण-पत्र से जुड़े सरकारी काम के लिए अधिकारी या कर्मचारी के संपर्क में आता है, वहां पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस शिकायत पर क्या जांच और कार्रवाई करता है तथा जांच के बाद मामले में क्या तथ्य सामने आते हैं।
जाति प्रमाण-पत्र के नाम पर पटवारी पर गंभीर आरोप, WhatsApp चैट और रिश्वत मांगने की शिकायत कलेक्टर तक पहुंची युवती ने पद के दुरुपयोग और आपत्तिजनक बातचीत का लगाया आरोप, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के साथ कार्रवाई की मांग शहडोल। जिले के राजस्व विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। सोहागपुर तहसील के हल्का नंबर 72 में पदस्थ पटवारी आशीष सोनकर के खिलाफ एक युवती ने जाति प्रमाण-पत्र एवं जमीन संबंधी कार्य कराने के बदले कथित रूप से रिश्वत मांगने तथा WhatsApp पर आपत्तिजनक बातचीत करने के आरोप लगाए हैं। युवती ने मामले की शिकायत जिला कलेक्टर को सौंपते हुए कथित WhatsApp चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर जांच एवं कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुश्तैनी जमीन और जाति प्रमाण-पत्र के काम के लिए पटवारी से किया संपर्क शिकायतकर्ता युवती, जो सोहागपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली बताई गई है, ने अधिकारियों को दी शिकायत में बताया कि उसके माता-पिता का निधन हो चुका है। ग्राम पंचायत चापा में उसकी पुश्तैनी जमीन है। जमीन से जुड़े राजस्व कार्यों के साथ-साथ जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए उसने हल्का नंबर 72 में पदस्थ पटवारी से संपर्क किया था। युवती का आरोप है कि इसी दौरान संबंधित पटवारी द्वारा उससे काम कराने के बदले कथित रूप से पैसों की मांग की गई। ₹20 हजार मांगने का आरोप शिकायत के अनुसार, युवती से कथित तौर पर 20 हजार रुपये की मांग की गई थी। इसके बाद 15 हजार रुपये नकद देने की बात भी शिकायत में कही गई है। युवती का आरोप है कि पैसों से संबंधित बातचीत के बाद मामला केवल राजस्व कार्य तक सीमित नहीं रहा, बल्कि WhatsApp पर कथित तौर पर आपत्तिजनक और निजी बातचीत शुरू हो गई। WhatsApp चैट के जरिए आपत्तिजनक बातचीत का आरोप शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पटवारी ने WhatsApp पर ऐसी बातचीत की, जिसे उसने आपत्तिजनक बताया है। युवती का यह भी आरोप है कि उसे कथित तौर पर होटल में मिलने के लिए कहा गया। पीड़िता ने इस कथित बातचीत को अपने ऊपर मानसिक दबाव और पद के दुरुपयोग का प्रयास बताया है। शिकायत में पटवारी के एक कथित सहयोगी पर भी दबाव बनाने और धमकी देने जैसे आरोप लगाए गए हैं। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के साथ कलेक्टर से शिकायत मामले को गंभीर बताते हुए युवती ने कथित WhatsApp बातचीत के स्क्रीनशॉट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के साथ जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायतकर्ता ने अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगी आरोपों की सच्चाई मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि फिलहाल ये सभी बातें शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप हैं। संबंधित पटवारी का पक्ष और कथित WhatsApp चैट की स्वतंत्र जांच संबंधी जानकारी सामने आना बाकी है। यदि प्रशासन द्वारा शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाती है, तो WhatsApp चैट, भुगतान से जुड़े साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड, संबंधित दस्तावेजों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण हो सकती है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल एक अधिकारी पर पद का दुरुपयोग और रिश्वत मांगने जैसे आरोप सामने आने के बाद राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। खासकर ऐसे मामलों में, जहां कोई व्यक्ति अपनी जमीन अथवा प्रमाण-पत्र से जुड़े सरकारी काम के लिए अधिकारी या कर्मचारी के संपर्क में आता है, वहां पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस शिकायत पर क्या जांच और कार्रवाई करता है तथा जांच के बाद मामले में क्या तथ्य सामने आते हैं।
- खनिज विभाग की बड़ी कार्यवाही 8 ट्रैक्टर ट्राली जब्त CM हेल्प लाइन में दर्ज शिकायत का असर अवैध रेत परिवहन पर बड़ी कार्यवाही खनिज विभाग की बड़ी कार्यवाही 8 ट्रैक्टर ट्राली जब्त CM हेल्प लाइन में दर्ज शिकायत का असर अवैध रेत परिवहन पर बड़ी कार्यवाही छिंदी तामिया हर्रई ब्लॉक के अंदर रेत माफियाओ का आतंक को देख नागरिक द्वारा 181में शिकायत दर्ज की गई थी जिसमें खनिज विभाग द्वारा अधिकारीअधिकारी स्नेह लता ठवरे ने बताया कि 8 ट्रैक्टर ट्राली जब्त किए गए हे जिनको फॉरेस्ट चौकी अतरिया पहुंचाया गया है जिससे रेत तस्कर में हड़कंप का माहौल कार्यवाही कल दिन शुक्रवार 26अगस्त शाम 7 बजे की बताई जा रही है प्रश्न उठाया जा रहा है ग्रामीणों का कहना हे कि अब कार्यवाही इसी तरह होगी या cm हेल्प लाइन में शिकायत की बजह से कार्यवाही की गई है देखते हे1
- खेलो इंडिया संवाद कार्यक्रम छिंदवाड़ा के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आज खेलो इंडिया संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छिंदवाड़ा के लोकप्रिय सांसद श्री विवेक बंटी साहू के साथ युवा और खेल प्रतिभाएं शामिल हुईं। कार्यक्रम के दौरान देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने खेलो इंडिया के माध्यम से देशभर के युवा खिलाड़ियों और खेल प्रतिभाओं से संवाद किया। उपस्थित युवाओं ने प्रधानमंत्री के प्रेरणादायी विचारों को सुना और देखा। खेलो इंडिया देश की युवा प्रतिभाओं को पहचानने, उन्हें निखारने और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने का सशक्त मंच बन रहा है। इसी उद्देश्य के साथ छिंदवाड़ा की खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर, उचित मंच और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का संकल्प लिया गया, ताकि जिले के युवा खिलाड़ी खेल के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर सकें।4
- नगर निगम प्रशासन मुख्य मार्ग की नली को जल्द से जल्द सुधर जाए आने जाने वाले को हो रही है बदबूदार गंदगी से परेशान परासिया रोड स्थित यह दृश्य काफी संवेदनशील नगर निगम छिंदवाड़ा के परासिया रोड स्थित मुख्य मार्ग में की नली जाम हो जाने से बदबूदार पानी सड़क में बह रहा है । गंभीर बीमारी के संकेत दे रहा है । बीते कुछ दिनों से यहां पानी आए दिन बह रहा है जिसकी जिम्मेदारी कोई नहीं ले रहा है आसपास कई संस्थान एवं शोरूम स्थित है जहां पर सैकड़ो की संख्या पर कामगार काम करने आते हैं नगर निगम इसे जल्द से जल्द ठीक करने की व्यवस्था करें ।1
- छिंदवाड़ा में पुलिस ने गांजा तस्करी के एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया है। कुंडीपुरा थाना, अमरवाड़ा पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मंगलवार आरोपियों के कब्जे से 320 किलो गांजा, एक पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस, 8 मोबाइल फोन और 24 हजार 90 रुपए नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल अशोक लीलैंड कंटेनर और टाटा सफारी भी जब्त की है। गांजे की कीमत करीब 64 लाख रुपए बताई गई है। छिंदवाड़ा पुलिस अधीक्षक अजय पाण्डेय ने पत्रकारवार्ता में बताया कि पुलिस कोतस्करों के आने की सूचना मिली थी। इसके बाद नरसिंहपुर-नागपुर हाईवे पर सिंगोड़ी पेंच नदी के पास घेराबंदी की गई। पुलिस को देखकर आरोपी भागने लगे। टीम ने करीब 40 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद उन्हें रोक लिया। इस दौरान आरोपियों ने टाटा सफारी को पुलिस द्वारा खड़े किए गए कंटेनर में टक्कर मार दी। इसके बाद पुलिस ने सभी को पकड़ लिया। छिंदवाड़ा में पुलिस ने गांजा तस्करी के एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया है। कुंडीपुरा थाना, अमरवाड़ा पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मंगलवार आरोपियों के कब्जे से 320 किलो गांजा, एक पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस, 8 मोबाइल फोन और 24 हजार 90 रुपए नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल अशोक लीलैंड कंटेनर और टाटा सफारी भी जब्त की है। गांजे की कीमत करीब 64 लाख रुपए बताई गई है। छिंदवाड़ा पुलिस अधीक्षक अजय पाण्डेय ने पत्रकारवार्ता में बताया कि पुलिस कोतस्करों के आने की सूचना मिली थी। इसके बाद नरसिंहपुर-नागपुर हाईवे पर सिंगोड़ी पेंच नदी के पास घेराबंदी की गई। पुलिस को देखकर आरोपी भागने लगे। टीम ने करीब 40 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद उन्हें रोक लिया। इस दौरान आरोपियों ने टाटा सफारी को पुलिस द्वारा खड़े किए गए कंटेनर में टक्कर मार दी। इसके बाद पुलिस ने सभी को पकड़ लिया।1
- स्कूल बंद, फिर भी नहीं हटाया अस्थाई शौचालय, विवेकानंद वार्ड के रहवासी परेशान मुलताई। शहर के विवेकानंद वार्ड के रहवासी क्षेत्र में स्कूली बच्चों की सुविधा के लिए बनाया गया अस्थाई शौचालय स्कूल बंद होने के बाद भी अब तक नहीं हटाया गया है। स्कूल बंद होने के बाद इस शौचालय को आमजन के उपयोग के लिए खोल दिया गया, जिसके चलते रहवासी क्षेत्र में गंदगी और दुर्गंध की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। रहवासियों का कहना है कि शौचालय में पानी तक की उचित व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण लोग बोतल में पानी लेकर शौचालय जाने को मजबूर हैं। साफ-सफाई की व्यवस्था भी ठीक नहीं होने से आसपास गंदगी फैली रहती है। इससे बच्चों और बुजुर्गों सहित अन्य रहवासियों को परेशानी हो रही है और बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। 181 पर शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं स्थानीय लोगों के मुताबिक समस्या को लेकर कई बार 181 पर शिकायत दर्ज कराई गई, इसके अलावा एसडीएम, तहसीलदार और नगर पालिका अधिकारियों को भी मामले से अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। रहवासियों का आरोप है कि शिकायत करने के बाद उसे हटाने के लिए अधिकारियों द्वारा दबाव भी बनाया जाता है। लोगों का कहना है कि जब संबंधित स्कूल लंबे समय से बंद है तो स्कूली बच्चों के लिए बनाए गए अस्थाई शौचालय को रहवासी क्षेत्र में बनाए रखने का कोई औचित्य नहीं है। आमजन के लिए खोलने के बाद भी यदि पानी और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं तो यह व्यवस्था लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। रहवासियों ने प्रशासन एवं नगर पालिका से अस्थाई शौचालय को तत्काल रहवासी क्षेत्र से हटाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र की स्वच्छता और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को मामले में जल्द कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि रहवासियों को गंदगी और दुर्गंध से राहत मिल सके।1
- Meesho कस्टमर केयर के नाम पर APK भेजकर ₹1.01 लाख की साइबर ठगी, उड़ीसा से आरोपी गिरफ्तार1
- शासकीय महाविद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की बदहाल व्यवस्था के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने प्रदेशव्यापी “विद्यार्थी हुंकार अभियान” शुरू किया। इसी क्रम में छिंदवाड़ा में सैकड़ों विद्यार्थियों ने मार्च निकालकर कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया और उच्च शिक्षा मंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा अभाविप ने साफ किया है कि विद्यार्थी हुंकार अभियान की शुरुआत हो चुकी है और मांगें पूरी होने तक संगठन का आंदोलनात्मक अभियान जारी रहेगा। अभाविप का आरोप है कि प्रदेश के कई शासकीय महाविद्यालयों में स्वच्छ पेयजल, शौचालय, पर्याप्त फर्नीचर, बिजली, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं, खेल सुविधाएं, इंटरनेट, पार्किंग और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। संगठन ने मांग की कि सभी महाविद्यालयों का तत्काल सर्वे कराकर समस्याओं का निराकरण किया जाए और आवश्यक कार्यों के लिए समयबद्ध बजट उपलब्ध कराया जाए। महाकौशल प्रांत मंत्री सुव्रत बाझल ने कहा कि कई कॉलेज जर्जर अधोसंरचना और संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं। वहीं जिला संयोजक पीयूष श्रीवास ने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जिले में उग्र आंदोलन किया जाएगा।4
- एक APK ने उड़ाए ₹1 लाख से ज्यादा — बैतूल पुलिस ने उड़ीसा से साइबर ठगी के आरोपी को दबोचा एक APK ने उड़ाए ₹1 लाख से ज्यादा — बैतूल पुलिस ने उड़ीसा से साइबर ठगी के आरोपी को दबोचा 🔹 *Meesho कस्टमर केयर के नाम पर साइबर फ्रॉड, कोतवाली पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार* 🔹पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन द्वारा जिले में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी तथा शिकायतकर्ताओं को राहत दिलाने के निर्देश दिए गए हैं। उक्त निर्देशों के परिपालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश कुमार खरपूसे एवं एसडीओपी बैतूल सुश्री अन्नपूर्णा सिरसाम के मार्गदर्शन में थाना कोतवाली बैतूल पुलिस ने साइबर ठगी के आरोपी को उड़ीसा से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। 🔹 *घटना का विवरण* थाना कोतवाली बैतूल में दिनांक 17.02.2026 को फरियादी बाकेबिहारी पिता अमृतलाल गोहे, उम्र 42 वर्ष, निवासी चुनालोमा, बैतूल द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उन्होंने Meesho ऐप से खरीदी गई सामग्री वापस करने के लिए इंटरनेट पर कस्टमर केयर का मोबाइल नंबर तलाशकर संपर्क किया। 🔹कॉल के बाद व्हाट्सएप के माध्यम से फरियादी को एक APK फाइल भेजी गई। उक्त फाइल को मोबाइल में खोलते ही मोबाइल हैक हो गया तथा अज्ञात आरोपी द्वारा *फरियादी के खाते से ₹1,01,990/- की साइबर धोखाधड़ी कर ली गई।* 🔹 *अपराध पंजीयन* फरियादी की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली बैतूल में *अपराध क्रमांक 126/2026, धारा 318(4), 319(2), 308 BNS* के तहत अज्ञात आरोपी के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। 🔹 *तकनीकी जांच से उड़ीसा तक पहुंची पुलिस* प्रकरण की विवेचना के दौरान कोतवाली पुलिस द्वारा तकनीकी संसाधनों एवं साइबर सेल की सहायता से प्राप्त साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। तकनीकी जांच के आधार पर संदिग्ध आरोपी की पहचान मोहम्मद आशिफ के रूप में हुई। 🔹पुलिस टीम द्वारा आरोपी को ग्राम हसनपुर, थाना प्लांट साइट, जिला सुंदरगढ़, उड़ीसा से अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी द्वारा फरियादी के साथ साइबर धोखाधड़ी कर UPI के माध्यम से ₹1,01,990/- का ट्रांजेक्शन कराना स्वीकार किया गया। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। 🔹 *गिरफ्तार आरोपी* *मोहम्मद आशिफ पिता मो. मुनाजिर, उम्र 27 वर्ष, निवासी ग्राम हसनपुर, थाना प्लांट साइट, जिला सुंदरगढ़, उड़ीसा।* 🔹 *जप्त माल* 1. 01 आईफोन 11 प्रो मोबाइल फोन, एप्पल कंपनी 2. ₹25,000/- नगद 🔹 *सराहनीय भूमिका* उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक देवकरण डेहरिया, उनि राकेश कुमार सरयाम, सउनि अरुण यादव, प्र.आर. 677 दीपक कटियार, आर. 703 प्रदीप कहार, आर. 310 पंकज नरवरिया एवं सायबर सेल बैतूल की विशेष भूमिका रही। --- 🚨 *पुलिस अधीक्षक बैतूल की साइबर सुरक्षा अपील* “कस्टमर केयर इंटरनेट पर नहीं, हमेशा आधिकारिक ऐप/वेबसाइट पर तलाशें—अनजान APK आपके मोबाइल और बैंक खाते दोनों को खतरे में डाल सकती है।” 🔹 किसी भी ऑनलाइन शॉपिंग, बैंकिंग या अन्य सेवा का कस्टमर केयर नंबर Google/Search Engine से आंख बंद करके प्राप्त न करें। संबंधित कंपनी के आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से ही संपर्क नंबर प्राप्त करें।1