वाराणसी: शिवकाली मंदिर में साक्षात उतरे राधा-कृष्ण, 300 से अधिक बच्चों की प्रस्तुति ने मोहा मन न्यूज टू इंडिया से संवाददाता अनन्या वर्मा उर्फ गुनगुन की ताजा खबर वाराणसी। उद्धव फाउंडेशन, वाराणसी के तत्वावधान में शिवकाली मंदिर, बरेका में श्री राधा-कृष्ण स्वरूप सज्जा प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छोटे-छोटे बच्चों ने राधा और कृष्ण का रूप धारण कर मंच पर ऐसी मनमोहक प्रस्तुति दी कि पूरा मंदिर प्रांगण "राधे-कृष्ण" के जयकारों से गूंजायमान हो उठा।प्रतियोगिता में 300 से अधिक बच्चों ने भाग लिया। प्रतियोगिता को 5 वर्गों में बांटा गया था लल्ला वर्ग 3 वर्ष तक,कान्हा वर्ग 6 वर्ष तक, कृष्णा वर्ग 12 वर्ष तक, किशोरी वर्ग 18 वर्ष तक एवं समूह वर्ग 18 वर्ष तक।मटकी फोड़ से लेकर गोवर्धन तक की जीवंत झलक लल्ला वर्ग के नन्हे-मुन्नों ने 'मैं नहीं माखन खायो' और मटकी तोड़ने की लीला, कान्हा वर्ग ने कालिया वध, कृष्णा वर्ग ने गोवर्धन पर्वत उठाने और किशोरी वर्ग की राधा स्वरूपों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का दिल जीत लिया। करीब 8 घंटे तक चला यह कार्यक्रम भक्ति और उल्लास से सराबोर रहा।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. पूनम सिंह खरवार, अन्नपूर्णा श्रीवास्तव और संस्था की महामंत्री पल्लवी वार्ष्णेय ने भगवान श्रीकृष्ण के तैल चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया। संयोजक पायल सरल ने गणेश वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत की।संचालन और निर्णायक मंडल कार्यक्रम का सफल संचालन कुमकुम पटेल,रेखा वर्मा,जया कुमारी,संगीता भट्टाचार्य एवं पायल सरल ने किया।संयोजन राकेश वर्मा,अशोक वार्ष्णेय, आलोक भट्टाचार्य, संजय श्रीवास्तव,राजीव टंडन एवं नवोदिता भट्टाचार्य ने किया।वहीं निर्णायक की भूमिका श्रीमती अंजना श्रीवास्तव,गोविंद वर्मा, भीमसेन सरल एवं अनामिका प्रसाद ने निभाई।अंत में रामकुमार गुप्ता,उप प्रधानाचार्य अग्रसेन इंटर कॉलेज ने सभी का आभार व्यक्त किया।ये रहे विजेता,लल्ला वर्ग: प्रथम सान्वी,द्वितीय कान्हा,तृतीय वैष्णो कुशवाहा कान्हा वर्ग:प्रथम शिवादित्य त्रिपाठी, द्वितीय स्पर्श यादव,तृतीय अभिराज श्रीवास्तव कृष्णा वर्ग:प्रथम अदेजा भंडारी, द्वितीय अनन्या कुमारी,तृतीय युवराज,किशोरी वर्ग:प्रथम इशिता केसरी,द्वितीय धनश्री वर्मा,तृतीय काशीवि गुप्ता,समूह वर्ग: प्रथम टी एस डी इंग्लिश स्कूल, द्वितीय जूही नृत्य कला केंद्र,तृतीय नटराज कला केंद्र।इस अवसर पर आलोक मिश्रा, आरती टंडन, रुचि श्रीवास्तव, दिव्या मेहता, फिजियोथेरेपिस्ट आर.के. सिन्हा, संजय श्रीवास्तव, राजेश गुप्ता समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
वाराणसी: शिवकाली मंदिर में साक्षात उतरे राधा-कृष्ण, 300 से अधिक बच्चों की प्रस्तुति ने मोहा मन न्यूज टू इंडिया से संवाददाता अनन्या वर्मा उर्फ गुनगुन की ताजा खबर वाराणसी। उद्धव फाउंडेशन, वाराणसी के तत्वावधान में शिवकाली मंदिर, बरेका में श्री राधा-कृष्ण स्वरूप सज्जा प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छोटे-छोटे बच्चों ने राधा और कृष्ण का रूप धारण कर मंच पर ऐसी मनमोहक प्रस्तुति दी कि पूरा मंदिर प्रांगण "राधे-कृष्ण" के जयकारों से गूंजायमान हो उठा।प्रतियोगिता में 300 से अधिक बच्चों ने भाग लिया। प्रतियोगिता को 5 वर्गों में बांटा गया था लल्ला वर्ग 3 वर्ष तक,कान्हा वर्ग 6 वर्ष तक, कृष्णा वर्ग 12 वर्ष तक, किशोरी वर्ग 18 वर्ष तक एवं समूह वर्ग 18 वर्ष तक।मटकी फोड़ से लेकर गोवर्धन तक की जीवंत झलक लल्ला वर्ग के नन्हे-मुन्नों ने 'मैं नहीं माखन खायो' और मटकी तोड़ने की लीला, कान्हा वर्ग ने कालिया वध, कृष्णा वर्ग ने गोवर्धन पर्वत उठाने और किशोरी वर्ग की राधा स्वरूपों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का दिल जीत लिया। करीब 8 घंटे तक चला यह कार्यक्रम भक्ति और उल्लास से सराबोर रहा।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. पूनम सिंह खरवार, अन्नपूर्णा श्रीवास्तव और संस्था की महामंत्री पल्लवी वार्ष्णेय ने भगवान श्रीकृष्ण के तैल चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया। संयोजक पायल सरल ने गणेश वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत की।संचालन और निर्णायक मंडल कार्यक्रम का सफल संचालन कुमकुम पटेल,रेखा वर्मा,जया कुमारी,संगीता भट्टाचार्य एवं पायल सरल ने किया।संयोजन राकेश वर्मा,अशोक वार्ष्णेय, आलोक भट्टाचार्य, संजय श्रीवास्तव,राजीव टंडन एवं नवोदिता भट्टाचार्य ने किया।वहीं निर्णायक की भूमिका श्रीमती अंजना श्रीवास्तव,गोविंद वर्मा, भीमसेन सरल एवं अनामिका प्रसाद ने निभाई।अंत में रामकुमार गुप्ता,उप प्रधानाचार्य अग्रसेन इंटर कॉलेज ने सभी का आभार व्यक्त किया।ये रहे विजेता,लल्ला वर्ग: प्रथम सान्वी,द्वितीय कान्हा,तृतीय वैष्णो कुशवाहा कान्हा वर्ग:प्रथम शिवादित्य त्रिपाठी, द्वितीय स्पर्श यादव,तृतीय अभिराज श्रीवास्तव कृष्णा वर्ग:प्रथम अदेजा भंडारी, द्वितीय अनन्या कुमारी,तृतीय युवराज,किशोरी वर्ग:प्रथम इशिता केसरी,द्वितीय धनश्री वर्मा,तृतीय काशीवि गुप्ता,समूह वर्ग: प्रथम टी एस डी इंग्लिश स्कूल, द्वितीय जूही नृत्य कला केंद्र,तृतीय नटराज कला केंद्र।इस अवसर पर आलोक मिश्रा, आरती टंडन, रुचि श्रीवास्तव, दिव्या मेहता, फिजियोथेरेपिस्ट आर.के. सिन्हा, संजय श्रीवास्तव, राजेश गुप्ता समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
- सच की आवाज दबे नहीं, निष्पक्ष जांच के लिए पत्रकार एकजुट हों1
- वाराणसी: शिवपुर में दर्दनाक सड़क हादसा, युवक की मौत की सूचना जनता न्यूज़ टीवी संवाददाता पंकज कुमार वाराणसी1
- अदलपुरा शीतला माता धाम: गंगा तट पर विराजती हैं बड़ी शीतला माता,दर्शन मात्र से दूर होते हैं रोग-दोष न्यूज़ टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट चुनार/मिर्जापुर वाराणसी के बीच गंगा के पावन तट पर स्थित अदलपुरा शीतला माता धाम लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। इसे बड़ी शीतला माता धाम के नाम से भी जाना जाता है।मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से माँ के दर्शन करने से चेचक, छोटी माता और चर्म रोग जैसे कष्ट दूर हो जाते हैं। हिंदू धर्म ग्रंथों में माँ शीतला को रोगों की देवी कहा गया है, जो अपने भक्तों को आरोग्य का आशीर्वाद देती हैं। मंदिर का भव्य स्वरूप मंदिर का ऊँचा शिखर नागर शैली में बना हुआ है, जो दूर से ही श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। मंदिर प्रांगण में त्रिशूल, हवन कुंड और चांदी जैसी नक्काशी वाला मुख्य द्वार इसकी दिव्यता को और बढ़ा देता है। गंगा का अद्भुत नजारा इस धाम की सबसे बड़ी खासियत इसका लोकेशन है। मंदिर के ठीक सामने से माँ गंगा का विहंगम दृश्य दिखता है। श्रद्धालु पहले गंगा में स्नान करते हैं, फिर माता के दरबार में हाजिरी लगाते हैं। बरसात के दिनों में जब गंगा का जलस्तर बढ़ता है, तो नीचे बने छोटे मंदिरों के डूबने का दृश्य अलौकिक लगता है।नवरात्रि में उमड़ती है भीड़ यहाँ शीतला अष्टमी और नवरात्रि के अवसर पर विशाल मेले का आयोजन होता है। इन दिनों यहाँ 30 से 50 हजार श्रद्धालु रोज दर्शन के लिए पहुँचते हैं। भक्त माँ को लाल चुनरी, लाल फूल, नारियल और बासी भोजन का भोग अर्पित करते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार यह मंदिर लगभग 300 साल पुराना है और गहरवार वंश के राजाओं ने इसका निर्माण कराया था।कैसे पहुँचे वाराणसी से लगभग 25-30 किमी दूर चुनार तहसील में यह धाम स्थित है। वाराणसी से मोहनसराय होते हुए अदलपुरा के लिए आसानी से पहुँचा जा सकता है। ।।जय बड़ी शीतला माता।।1
- चहनियां में आयुर्वेद जागरूकता रैली छात्रों ने दिया स्वास्थ्य का संदेश खंडवारी देवी इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने निकाली रैली, डॉ. आशुतोष ने दिखाई हरी झंडी न्यूज टू इंडिया से हमारे संवाददाता विनीत कुमार गुप्ता जिला चीफ ब्यूरो की खास रिपोर्ट चन्दौली स्वास्थ्य कल के लिए बुधवार को आयुर्वेद दिवस पर खंडवारी देवी इंटर कालेज के छात्र छात्राओं ने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए आयुर्वेद जागरूकता रैली निकाली, रैली को हरी झंडी दिखाकर डॉ. आशुतोष कुमार सिंह ने रवाना किया आयुर्वेद के कर्मचारियों द्वारा प्रधानाचार्य को इंसुलिन का पौधा भेंट किया गया रैली के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने लोगों को आयुर्वेद अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया।1
- आशा क्लिनिक कुरौता बाजार मे अवैध हॉस्पिटल चलने पर गंभीर आरोप आशा क्लिनिक कुरौता बाजार में अवैध तरीके से अस्पताल संचालित करना उसे अस्पताल के संचालक आयुर्वेदिक का लाइसेंस लेकर एलोपैथ दवा का प्रयोग और एडमिट बेड और आईसीयू का पूर्ण व्यवस्था पर गंभीर आरोप आयुष विभाग अरविंद कुमार सिंह से इस क्लिनिक की जानकारी लेने के बाद जांच कर कार्रवाई करने की मांग1
- भाजपा नेत्री मुमताज बानो पर एक बार फिर से लगा गंभीर आरोप वाराणसी की भाजपा नेत्री मुमताज बानो पर एक बार फिर से लगा गंभीर आरोप। बताया जा रहा है कि मुमताज एक युवक पर शादी करने का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि बकौल मुमताज या तो शादी करो नहीं तो 5 लाख रुपए दो। Varanasi Breking News1
- पांडेयपुर चौकी में पत्रकार से कथित दुर्व्यवहार, आरोपी पुलिसकर्मी के मेडिकल की मांग पर अड़े मीडियाकर्मी जनता न्यूज़ टीवी संवाददाता पंकज कुमार वाराणसी1
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में पूजा के दौरान हुई यह खूनी वारदात दिल दहला देने वाली है। इस पूरी घटना में आरोपी अरविंद सिंह ने अपनी पत्नी, दो पंडितों और अपने मासूम बेटे की हत्या कर दी, जिसके बाद पुलिस एनकाउंटर में वह खुद भी ढेर हो गया। इस पूरी खूनी दास्तान की सिलसिलेवार कहानी इस प्रकार है: 1. पूजा का आयोजन क्यों किया गया था? आरोपी अरविंद सिंह मानसिक रूप से विक्षिप्त और बेहद हिंसक स्वभाव का था। वह अक्सर घर में अपनी मां और पत्नी बबीता के साथ मारपीट करता था। परिवार वालों को शक था कि अरविंद पर किसी 'ऊपरी हवा' या बुरी आत्मा का साया है। उसकी बुद्धि ठीक कराने और शांति के लिए उसकी मां और पत्नी ने मंगलवार (22 सितंबर 2026) को घर पर एक विशेष अनुष्ठान और पूजा का आयोजन रखा था, जिसके लिए 5 पंडितों को बुलाया गया था।1