विद्यार्थियों को पढ़ाने की जगह कार्यालयों में कंप्यूटर ऑपरेटर का काम कराने से नाराज शिक्षक ने दिया त्याग-पत्र रेवदर। महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय के अंग्रेजी माध्यम में कार्यरत मूल गांव नागौर निवासी एवं वर्तमान में जयपुर में रह रहे बेसिक कंप्यूटर प्रशिक्षक मुकेश कुमार ने शिक्षकीय दायित्वों के अनुरूप कार्य नहीं मिलने से सेवा से त्याग-पत्र दे दिया। उन्होंने विद्यालय के प्रधानाचार्य को पत्र सौंपकर त्याग-पत्र स्वीकार करने और उन्हें कार्यमुक्त करने की मांग की है। मुकेश कुमार की नियुक्ति वर्ष 2023 में हुई थी। मुकेश कुमार ने बताया कि ब्लॉक में करीब 50 कंप्यूटर शिक्षकों की यही समस्या है। शिक्षकों की नियुक्ति विद्यार्थियों को कंप्यूटर विज्ञान, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और आधुनिक तकनीकी ज्ञान पढ़ाने के लिए की गई है, लेकिन स्कूल में विद्यार्थियों को पढ़ाने के बजाय सरकारी कार्यालयों में कंप्यूटर संचालक के रूप में कार्य करवाया जा रहा है। उनका कहना है कि प्रशासनिक कार्यों में आवश्यकता के अनुसार सहयोग करना अलग बात है, लेकिन यदि कंप्यूटर शिक्षकों का अधिकांश समय गैर-शैक्षणिक कार्यों में ही लगाया जाएगा तो विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा देने का उद्देश्य पूरा नहीं हो पाएगा। विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर करा रहे थे परियोजना कार्य मुकेश कुमार ने कहा कि विद्यालय में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े परियोजना कार्य करवाए जा रहे थे। ऐसे समय में कंप्यूटर प्रशिक्षक की सेवाओं का उपयोग सरकारी कार्यालयों में कंप्यूटर संचालक के रूप में किया जाना उनके तकनीकी ज्ञान और शिक्षकीय क्षमता का उचित उपयोग नहीं है। उन्होंने कहा कि विभाग यदि कंप्यूटर शिक्षकों से विद्यार्थियों को पढ़ाने का कार्य करवाएगा तो वे अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार हैं, लेकिन गैर-शैक्षणिक कार्यों के लिए सेवा जारी रखना उनके लिए स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने अपने त्याग-पत्र में कहा कि उनकी नियुक्ति का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को कंप्यूटर विज्ञान, प्रोग्रामिंग और तकनीकी शिक्षा प्रदान करना है। वर्तमान तकनीकी दौर में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण कंप्यूटर शिक्षा देना आवश्यक है। ऐसे में यदि शिक्षक को उसके मूल शिक्षकीय दायित्व से हटाकर मुख्य रूप से कार्यालयी कार्यों में लगाया जाता है तो नियुक्ति के उद्देश्य की पूर्ति नहीं हो सकती। प्रधानाचार्य बोले- नियमानुसार जिला शिक्षा अधिकारी को भेजा विद्यालय के प्रधानाचार्य ओमजी लाल शर्मा ने बताया कि बेसिक कंप्यूटर प्रशिक्षक मुकेश कुमार ने सेवा से त्याग-पत्र दिया है। त्याग-पत्र को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को प्रेषित कर दिया गया है। आगे की कार्रवाई विभागीय स्तर पर की जाएगी।
विद्यार्थियों को पढ़ाने की जगह कार्यालयों में कंप्यूटर ऑपरेटर का काम कराने से नाराज शिक्षक ने दिया त्याग-पत्र रेवदर। महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय के अंग्रेजी माध्यम में कार्यरत मूल गांव नागौर निवासी एवं वर्तमान में जयपुर में रह रहे बेसिक कंप्यूटर प्रशिक्षक मुकेश कुमार ने शिक्षकीय दायित्वों के अनुरूप कार्य नहीं मिलने से सेवा से त्याग-पत्र दे दिया। उन्होंने विद्यालय के प्रधानाचार्य को पत्र सौंपकर त्याग-पत्र स्वीकार करने और उन्हें कार्यमुक्त करने की मांग की है। मुकेश कुमार की नियुक्ति वर्ष 2023 में हुई थी। मुकेश कुमार ने बताया कि ब्लॉक में करीब 50 कंप्यूटर शिक्षकों की यही समस्या है। शिक्षकों की नियुक्ति विद्यार्थियों को कंप्यूटर विज्ञान, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और आधुनिक तकनीकी ज्ञान पढ़ाने के लिए की गई है, लेकिन स्कूल में विद्यार्थियों को पढ़ाने के बजाय सरकारी कार्यालयों में कंप्यूटर संचालक के रूप में कार्य करवाया जा रहा है। उनका कहना है कि प्रशासनिक कार्यों में आवश्यकता के अनुसार सहयोग करना अलग बात है, लेकिन यदि कंप्यूटर शिक्षकों का अधिकांश समय गैर-शैक्षणिक कार्यों में ही लगाया जाएगा तो विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा देने का उद्देश्य पूरा नहीं हो पाएगा। विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर करा रहे थे परियोजना कार्य मुकेश कुमार ने कहा कि विद्यालय में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े परियोजना कार्य करवाए जा रहे थे। ऐसे समय में कंप्यूटर प्रशिक्षक की सेवाओं का उपयोग सरकारी कार्यालयों में कंप्यूटर संचालक के रूप में किया जाना उनके तकनीकी ज्ञान और शिक्षकीय क्षमता का उचित उपयोग नहीं है। उन्होंने कहा कि विभाग यदि कंप्यूटर शिक्षकों से विद्यार्थियों को पढ़ाने का कार्य करवाएगा तो वे अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार हैं, लेकिन गैर-शैक्षणिक कार्यों के लिए सेवा जारी रखना उनके लिए स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने अपने त्याग-पत्र में कहा कि उनकी नियुक्ति का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को कंप्यूटर विज्ञान, प्रोग्रामिंग और तकनीकी शिक्षा प्रदान करना है। वर्तमान तकनीकी दौर में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण कंप्यूटर शिक्षा देना आवश्यक है। ऐसे में यदि शिक्षक को उसके मूल शिक्षकीय दायित्व से हटाकर मुख्य रूप से कार्यालयी कार्यों में लगाया जाता है तो नियुक्ति के उद्देश्य की पूर्ति नहीं हो सकती। प्रधानाचार्य बोले- नियमानुसार जिला शिक्षा अधिकारी को भेजा विद्यालय के प्रधानाचार्य ओमजी लाल शर्मा ने बताया कि बेसिक कंप्यूटर प्रशिक्षक मुकेश कुमार ने सेवा से त्याग-पत्र दिया है। त्याग-पत्र को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को प्रेषित कर दिया गया है। आगे की कार्रवाई विभागीय स्तर पर की जाएगी।
- पढ़ाई के लिए स्कूल पहुंचे बच्चे, हाथ में थमा दी झाड़ू! वीडियो वायरल होते ही शिक्षक पर गिरी गाज गांव के सरकारी स्कूल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, बच्चों से सफाई करवाने का मामला सामने आने के बाद कार्रवाई गांव के एक सरकारी स्कूल में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक ग्रामीण स्कूल पहुंचा और वहां का नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। जिन छोटे-छोटे बच्चों को सुबह पढ़ाई करने के लिए स्कूल भेजा गया था, वे स्कूल परिसर में झाड़ू लगाते हुए नजर आए। ग्रामीण ने जब यह पूरा मामला देखा तो उसने तुरंत अपने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि वीडियो बनता देख शिक्षक को इसकी भनक लग गई। शिक्षक तुरंत कक्षा से बाहर आया और बच्चों के हाथों से झाड़ू लेकर उसे अंदर रख दिया। इसके बाद सभी बच्चों को कक्षा में बैठाकर पढ़ाई शुरू कर दी गई। ग्रामीण ने भी बिना किसी विवाद के धीरे-धीरे वहां से निकलकर वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। देखते ही देखते यह वीडियो वायरल हो गया और लोगों ने स्कूल में बच्चों से सफाई करवाए जाने को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए। वीडियो वायरल होने के बाद संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, मामले में स्थानीय शिक्षा विभाग की आधिकारिक जांच और बयान के आधार पर ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी। यह मामला एक बड़ा सवाल खड़ा करता है—बच्चे स्कूल में शिक्षा हासिल करने जाते हैं या सफाई करने? सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का समय पढ़ाई, खेल और रचनात्मक गतिविधियों में लगना चाहिए। यदि उनसे पढ़ाई के बजाय नियमित रूप से ऐसे काम करवाए जाते हैं, तो इसका सीधा असर उनकी शिक्षा और भविष्य पर पड़ सकता है। अब लोगों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और यह सुनिश्चित किया जाए कि स्कूलों में बच्चों को पढ़ाई का बेहतर माहौल मिले तथा उनके साथ ऐसा कोई काम न कराया जाए जिससे उनकी शिक्षा प्रभावित हो।1
- उदयपुर उज्ज्वल राजस्थान 3.0 में दिखी विकसित उदयपुर की तस्वीर उदयपुर। होटल योइस में गुरुवार को तीन दिवसीय मेगा जन-जागरूकता प्रदर्शनी “उज्ज्वल राजस्थान 3.0” का शुभारंभ हुआ। 20 से 22 अगस्त तक चलने वाली प्रदर्शनी सुबह 10 से शाम 5 बजे तक आमजन के लिए निःशुल्क खुली है। प्रदर्शनी की मुख्य थीम “फ्यूचर ऑफ उदयपुर” है, जिसमें शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, उद्योग, शिक्षा, तकनीक और विकास की संभावनाओं को प्रदर्शित किया गया है। केंद्र व राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, संस्थानों और वित्तीय संस्थानों की भागीदारी है। छात्रों, युवाओं, किसानों और उद्यमियों को सरकारी योजनाओं, रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता की जानकारी दी जा रही है। आयोजन सांसद डॉ. मन्नालाल रावत के मार्गदर्शन में हो रहा है।1
- रानी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 45.700 किलो डोडा पोस्त जब्त रानी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 45.700 किलो डोडा पोस्त जब्त1
- बाबा कि जुपि आसलाई रोड जाते हुए बाबा के पैदल भगत जाते हुए धूमधाम से आनंद लेते हुए जय बाबा री4
- मेरे काकू सा के दुकान का काम चल रा है कारीगर सुखदेव पातलिया निव के ऊपर पत्थर लगाते हूऐ1
- hamare Marwadi Aaj bhi bhaiyon ki Ekta hai Marwadi par danch karte hua1
- दुकान में सूझबूझ दिखाकर लड़की ने टाला अपहरण का खतरा, दुकानदार महिला बनी सुरक्षा कवच स्कूल से घर लौट रही एक लड़की को रास्ते में एक व्यक्ति के पीछा करने का एहसास हुआ। वह व्यक्ति बार-बार उसके पीछे आ रहा था, जिससे लड़की को खतरे का अंदेशा हुआ। लड़की ने घबराने के बजाय सूझबूझ दिखाई और तुरंत पास की एक दुकान में जाकर खड़ी हो गई। आरोपी भी उसका पीछा करते हुए दुकान के अंदर पहुंच गया और लड़की को अपने साथ चलने के लिए बहलाने की कोशिश करने लगा। लड़की तुरंत काउंटर के पास खड़ी हो गई। वहां मौजूद महिला ने स्थिति को समझ लिया और बच्ची के पास जाकर खड़ी हो गई। महिला की मौजूदगी से आरोपी की कथित योजना नाकाम हो गई और वह बिना कुछ किए वहां से चला गया। इस घटना में लड़की की सतर्कता और महिला की समझदारी ने बड़ी अनहोनी को टाल दिया। यह घटना बच्चों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश देती है कि अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति पीछा करे तो सुनसान जगह जाने के बजाय तुरंत किसी दुकान, भीड़भाड़ वाली जगह या भरोसेमंद व्यक्ति के पास पहुंचना चाहिए और मदद मांगनी चाहिए।1
- बालोतरा। शहीद परिवार से कथित दुर्व्यवहार के विरोध में राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन बालोतरा। शहीद परिवार से कथित दुर्व्यवहार के विरोध में राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन1
- रिहायशी इलाके में दिनदहाड़े पैंथर का मूवमेंट सीसीटीवी कैमरे में कैद तरुण जोशी राजसमंद 9414239 644 राजसमंद शहर में दिनदहाड़े पैंथर का मूवमेंट, खतरा भांपकर गली के श्वान ने भगाया पैंथर को, रिहायशी मकान के सेटबैक में रातभर विश्राम करता रहा पैंथर, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हुई पैंथर मूवमेंट zकी पुष्टि, 3 घंटे तक वन विभाग की टीम करती रही असफल प्रयास , चहल पहल के कारण झाड़ियों में ओझल हो गया पैंथर, वन विभाग की टीम ने सतर्क रहने की दो हिदायत, राजसमंद के महावीर नगर सौ फीट रोड इलाके की घटना,1