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बिहार में पूर्ण शराबबंदी को सख्ती से लागू करने के लिए मुजफ्फरपुर पुलिस लगातार सक्रिय मोड में नज़र आ रही है। वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कांतेश मिश्रा के कड़े निर्देशानुसार जिले के सभी थानों में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ एक सघन छापेमारी और सत्यापन अभियान निरंतर चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली, जहाँ सरैया थाना क्षेत्र से 2991 लीटर विदेशी शराब जब्त की गई है।
Niraj Raj
बिहार में पूर्ण शराबबंदी को सख्ती से लागू करने के लिए मुजफ्फरपुर पुलिस लगातार सक्रिय मोड में नज़र आ रही है। वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कांतेश मिश्रा के कड़े निर्देशानुसार जिले के सभी थानों में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ एक सघन छापेमारी और सत्यापन अभियान निरंतर चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली, जहाँ सरैया थाना क्षेत्र से 2991 लीटर विदेशी शराब जब्त की गई है।
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- सिर्फ एक हार ने 140 करोड़ भारतीयों के सपने को तोड़ दिया है। इस बड़ी निराशा के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर टीम इंडिया से सबसे बड़ी गलती कहां हुई, जिसने इस सपने को चूर-चूर कर दिया।1
- बेतिया में एक महत्वपूर्ण न्यायिक फैसले में, न्यायालय ने शादी का झांसा देकर एक युवती से दुष्कर्म के मामले में आरोपी शमीम अंसारी को दोषी ठहराया है। रेप एंड पॉक्सो एक्ट के अनन्य विशेष न्यायाधीश श्रीमान अरविंद कुमार गुप्ता की अदालत ने मझौलिया थाना क्षेत्र के खुटिया इंदु गांव निवासी शमीम अंसारी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही उस पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। लोक अभियोजक श्रीमान जय शंकर तिवारी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि यह मामला वर्ष 2023 का है। अभियोजन के अनुसार, दोषी शमीम अंसारी ने युवती को प्रेम जाल में फंसाकर शादी का भरोसा दिया और इसी बहाने उसके साथ शारीरिक संबंध स्थापित किए। बाद में, जब पीड़िता ने विवाह के लिए दबाव डाला, तो आरोपी ने शादी करने से इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर पीड़िता को जान से मारने की धमकी भी दी थी। पीड़िता के लिखित आवेदन के आधार पर मझौलिया थाना में शमीम अंसारी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की जांच और सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया। श्रीमान अरविंद कुमार गुप्ता ने इस मामले का स्पीडी ट्रायल कराते हुए दोषसिद्ध अभियुक्त को सजा सुनाई। न्यायालय के इस फैसले को महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1
- बेरुआरबारी क्षेत्र के बाबा अमरनाथ करिहरा बेरूआरबारी मंदिर प्रांगण में चल रही नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के आठवें दिन अंतरराष्ट्रीय कथावाचक राजन जी महाराज ने भगवान श्रीराम और माता शबरी के दिव्य मिलन का मार्मिक प्रसंग सुनाया। इस भावपूर्ण वर्णन से पूरा पंडाल भक्ति, प्रेम और श्रद्धा के भाव से सराबोर हो उठा, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर होकर प्रभु श्रीराम के जयकारे लगाने लगे और उनकी आंखें नम हो गईं। महाराज जी ने बताया कि भरत मिलाप के पश्चात् भगवान श्रीराम अपने अनुज लक्ष्मण के साथ माता शबरी के आश्रम पहुँचे, जो अपने गुरु के वचन के अनुसार वर्षों से प्रभु के आगमन की प्रतीक्षा कर रही थीं। माता शबरी ने अत्यंत प्रेम और अपार श्रद्धा के साथ उनका स्वागत किया और उन्हें चख-चखकर मीठे बेर अर्पित किए। भगवान श्रीराम ने उन बेरों में छिपे निष्कलुष प्रेम, समर्पण और अटूट भक्ति को सहर्ष स्वीकार कर यह शाश्वत संदेश दिया कि ईश्वर के दरबार में न जाति का महत्व है, न धन-वैभव का, बल्कि सच्ची श्रद्धा, निर्मल हृदय और निष्काम भक्ति ही सबसे बड़ी आराधना है। राजन जी महाराज ने इस बात पर जोर दिया कि भगवान श्रीराम ने माता शबरी को नवधा भक्ति का उपदेश देकर यह स्पष्ट किया कि भक्त और भगवान का संबंध केवल प्रेम, विश्वास और समर्पण पर आधारित होता है। राजन जी महाराज के अनुसार, माता शबरी का यह प्रसंग आज भी समाज को सेवा, समानता, करुणा और भक्ति का अमूल्य संदेश प्रदान करता है, साथ ही हर व्यक्ति को अहंकार त्यागकर प्रेम और विनम्रता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। कथा के इस अत्यंत भावुक क्षण को सुनकर उपस्थित श्रद्धालुओं की आँखें अश्रुपूरित हो गईं और पूरा कथा पंडाल श्रीराम के जयघोष व भक्ति रस से गूँज उठा। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक केतकी सिंह, सुनीता श्रीवास्तव, राकेश सिंह, पूर्व मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला, पूर्व विधायक संजय यादव, ईश्वर दयाल मिश्रा, विश्राम सिंह, शांत स्वरूप सिंह, शशिकांत ओझा, मिथुन सिंह, राकेश महाजन सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सुरेंद्र सिंह मुन्ना ने किया।1
- बेरुआरबारी क्षेत्र के बाबा अमरनाथ करिहरा बेरूआरबारी मंदिर प्रांगण में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के आठवें दिन, अंतरराष्ट्रीय कथावाचक राजन जी महाराज ने भगवान श्रीराम और माता शबरी के दिव्य मिलन का एक मार्मिक प्रसंग सुनाया। इस भावपूर्ण वर्णन से पूरा पंडाल भक्ति, प्रेम और श्रद्धा के भाव से सराबोर हो उठा, और कथा सुनने वाले श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं, जिससे वे भाव-विभोर होकर प्रभु श्रीराम के जयकारे लगाने लगे। महाराज जी ने बताया कि भरत मिलाप के पश्चात् भगवान श्रीराम अपने अनुज लक्ष्मण के साथ माता शबरी के आश्रम पहुंचे। माता शबरी, जो वर्षों से अपने गुरु के वचन के अनुसार प्रभु के आगमन की प्रतीक्षा कर रही थीं, उन्होंने अत्यंत प्रेम और अपार श्रद्धा से उनका स्वागत किया। उन्होंने प्रभु को चख-चखकर मीठे बेर अर्पित किए। भगवान श्रीराम ने उन बेरों में छिपे निष्कलुष प्रेम, समर्पण और अटूट भक्ति को सहर्ष स्वीकार किया, जिससे यह संदेश दिया गया कि ईश्वर के दरबार में न तो जाति का महत्व है, न धन और वैभव का, बल्कि सच्ची श्रद्धा, निर्मल हृदय और निष्काम भक्ति ही सबसे बड़ी पूजा है। राजन जी महाराज ने आगे कहा कि भगवान श्रीराम ने माता शबरी को नवधा भक्ति का उपदेश देकर यह स्पष्ट किया कि भक्त और भगवान का संबंध केवल प्रेम, विश्वास और समर्पण पर आधारित होता है। माता शबरी का यह प्रसंग आज भी समाज को सेवा, समानता, करुणा और भक्ति का अमूल्य संदेश प्रदान करता है, और प्रत्येक व्यक्ति को अहंकार छोड़कर प्रेम तथा विनम्रता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। कथा के इस अत्यंत भावुक प्रसंग को सुनकर श्रद्धालुओं की आंखें एक बार फिर नम हो गईं और पूरा कथा पंडाल श्रीराम के जयघोष व भक्ति रस से गूंज उठा। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक केतकी सिंह, सुनीता श्रीवास्तव, राकेश सिंह, पूर्व मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला, पूर्व विधायक संजय यादव, ईश्वर दयाल मिश्रा, विश्राम सिंह, शांत स्वरूप सिंह, शशिकांत ओझा, मिथुन सिंह, राकेश महाजन, आदि लोग उपस्थित रहे, और कार्यक्रम का संचालन सुरेंद्र सिंह मुन्ना ने किया।1
- जिले के सुदूरवर्ती इलाकों में अवैध दवा कारोबार के बेरोकटोक चलने पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। यह पूछा गया है कि आखिर किसके संरक्षण में यह गैरकानूनी धंधा फल-फूल रहा है और कैसे यह जिले के दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुँच गया है।1
- आज ही के दिन, 19 जून 2024 को भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बड़ा इतिहास रचते हुए टी-20 विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया। भारत ने यह जीत 17 साल के लंबे अंतराल के बाद हासिल की, जिससे देश में जश्न का माहौल है।1
- बेतिया शहर स्थित कालीबाग मंदिर परिसर के पोखरे में एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। मंगलवार को स्थानीय लोगों ने पोखरे के पानी में एक शव को तैरता देखा, जिसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। जानकारी मिलते ही कालीबाग थाना अध्यक्ष अजय चौधरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से शव को पोखरे से बाहर निकाला और उसकी पहचान कराने का प्रयास शुरू किया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मंदिर के गेट के पास एक साइकिल मिली है, जिस पर एक बैग बंधा हुआ था। इस बैग से कपड़े और एक मोबाइल चार्जर बरामद हुआ है। हालांकि, मृतक युवक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, और न ही यह स्पष्ट हो सका है कि वह किस क्षेत्र का निवासी था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। युवक की पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उसके फोटो और उपलब्ध जानकारी को सोशल मीडिया के माध्यम से साझा किया जा रहा है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति मृतक की पहचान कर सके तो वह तत्काल कालीबाग थाना से संपर्क करे। पुलिस इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है, और मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट व पहचान होने के बाद ही हो सकेगा।1
- बलिया/सुखपुरा निवासी लोकतंत्र सेनानी दीनानाथ सिंह का सोमवार सुबह निधन हो गया, जिसके बाद सुखपुरा पुलिस द्वारा उनके आवास पर उन्हें अंतिम सलामी दी गई। राजकीय सम्मान के साथ उनके अंतिम संस्कार के लिए गंगा तट पर ले जाने से पूर्व, पुलिस जवानों ने उन्हें सम्मानपूर्वक सलामी अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर नायब तहसीलदार रजनीश सिंह, थानाध्यक्ष रत्नेश दुबे, ग्राम पंचायत प्रशासक अभिमन्यु चौहान, शिक्षक उमेश सिंह, भाकपा के जिला सह सचिव रामानंद गौड़, पूर्व जिला मंत्री सत्य प्रकाश सिंह, पारस सिंह, अख्तर अली उर्फ ललू जी, यमुना वर्मा, शंभूनाथ सिंह, गुलाम राजभर, विप्लव सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बाद में गंगा तट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहाँ क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और शुभचिंतकों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। उनके बड़े पुत्र प्रदीप सिंह ने मुखाग्नि दी। इसी क्रम में, इंटर कॉलेज सुखपुरा में एक शोकसभा का आयोजन किया गया। विद्यालय प्रबंध समिति के उप प्रबंधक रहे दीनानाथ सिंह के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। शोकसभा में विद्यालय के प्रबंधक दिनेश चंद्र सिंह, प्रधानाचार्य जितेंद्र कुमार सिंह, विजय शंकर सिंह सहित शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित थे।1
- पश्चिम चंपारण जिले के मझौलिया थाना क्षेत्र की रामनगर बनकट पंचायत में एक भूमि विवाद ने गंभीर और तनावपूर्ण मोड़ ले लिया है। जमीन पर कब्जे को लेकर हुए इस विवाद के कारण इलाके में भय और तनाव का माहौल है, जहां यह मामला रंगदारी, हथियारों के प्रदर्शन, पथराव और जान से मारने की धमकियों तक पहुंच गया है। रामनगर बनकट पंचायत के वार्ड संख्या-4 निवासी स्वर्गीय जगेश्वर साह के पुत्र पारस शाह ने मझौलिया थाने में एक आवेदन दिया है, जिसमें उन्होंने वार्ड संख्या-1 निवासी शाह मोहम्मद मियां, मासूम अली, परवेज आलम, रूबी खातून, सैफुल नेशा, नजमा खातून समेत अन्य लोगों को नामजद किया है। पारस शाह ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि नामजद आरोपित उन्हें लंबे समय से उनकी जमीन पर जाने और कब्जा लेने से रोक रहे हैं। उनका दावा है कि आरोपितों ने उनसे 5 लाख रुपये की रंगदारी मांगी है, यह कहते हुए कि कोर्ट-कचहरी में मुकदमा लड़ने में उनका इतना खर्च हुआ है, इसलिए पहले वह राशि दी जाए, तभी जमीन पर कब्जा करने दिया जाएगा। आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें यह भी धमकी दी गई कि पुलिस और कोर्ट भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकते। पीड़ित के अनुसार, 27 जून को जब वह अपनी जमीन पर पहुंचे, तो आरोपित लाठी, तलवार और अन्य हथियारों से लैस होकर वहां आ गए। इस दौरान गाली-गलौज और धमकियों के बीच उन्हें पकड़ने का प्रयास किया गया, एक महिला ने तलवार से हमला करने की कोशिश की, और घर की छत से ईंट-पत्थरों की बारिश की गई। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई, और शोर सुनकर परिजन व ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे, जिससे उनकी जान बच सकी। घटना के दौरान एक जेसीबी मशीन को भी क्षतिग्रस्त किए जाने की बात सामने आई है। पीड़ित का कहना है कि संबंधित भूमि विवाद में उनके पक्ष में निचली अदालत, अपर कोर्ट बेतिया और पटना हाई कोर्ट तक से फैसला आ चुका है, इसके बावजूद उन्हें लगातार धमकाया जा रहा है और जमीन पर कब्जा लेने से रोका जा रहा है। इस मामले को लेकर मझौलिया थानाध्यक्ष अमर कुमार ने बताया कि आवेदन प्राप्त हो चुका है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच के आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, यह भूमि विवाद पूरे क्षेत्र में चर्चा और चिंता का विषय बन गया है, और स्थानीय लोग प्रशासन से इस मामले में निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1