रेवा सेवा समागम संवाद, सहभागिता और कार्ययोजना निर्माण का मंच : राज्य श्री पटेल नर्मदा संरक्षण के लिए जनभागीदारी से बनेगी ठोस कार्ययोजना रेवा सेवा समागम अंतर्गत जिला स्तरीय कार्यशाला संपन्न मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद एवं नर्मदा समग्र के संयुक्त तत्वावधान में नर्मदा नदी के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से रेवा सेवा समागम अंतर्गत जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किसान भवन, बरेली, तहसील एवं विकासखंड बाड़ी में किया गया। कार्यशाला में नर्मदा संरक्षण एवं संवर्धन, सहायक नदियों का संरक्षण, घाट संरक्षण, नर्मदा जलग्रहण क्षेत्र में प्राकृतिक एवं जैविक कृषि तथा नर्मदा संस्कृति के संरक्षण सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। कार्यशाला में मुख्य अतिथि लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री, मध्यप्रदेश शासन श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल रहे। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड, वरिष्ठ पर्यावरणविद् एवं सामाजिक कार्यकर्ता श्री शिव शंकर जी, नर्मदा समग्र के न्यासी सचिव एवं मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के सलाहकार श्री करण कौशिक जी, मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के टास्क मैनेजर श्री दरियाव सिंह सूर्यवंशी, भोपाल संभाग समन्वयक श्री वरुण आचार्य, नर्मदा समग्र के संभागीय समन्वयक श्री नवीन बोड़खे सहित अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं नर्मदा सेवा से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे। दीप प्रज्ज्वलन से हुआ शुभारंभ कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां नर्मदा जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात प्रतिभागियों का परिचय हुआ तथा नर्मदा संरक्षण एवं सेवा के क्षेत्र में उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों का प्रस्तुतीकरण किया गया। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की जिला समन्वयक श्रीमती प्रिया चौधरी ने कार्यशाला के उद्देश्यों एवं नर्मदा-रेवा सेवा समागम की रूपरेखा से प्रतिभागियों को अवगत कराया। इस दौरान जिले के सर्वेक्षण एवं नर्मदा नदी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों का पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण भी किया गया। जनभागीदारी से बनेगी ठोस कार्ययोजना मुख्य अतिथि श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि नर्मदा संरक्षण केवल सरकार का विषय नहीं, बल्कि समाज की सहभागिता से जुड़ा दायित्व है। कार्यशाला में प्राप्त सुझावों को गंभीरता से लेते हुए उनके आधार पर नर्मदा संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि नर्मदा-रेवा सेवा समागम केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संवाद, सहभागिता और कार्ययोजना निर्माण का मंच है। इसमें समाज, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, सामाजिक संगठन एवं नर्मदा क्षेत्र से जुड़े नागरिक अपने सुझाव दें। प्राप्त सुझावों पर विचार-विमर्श कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार शासन स्तर तक पहुँचाकर उनके क्रियान्वयन की दिशा में कार्य किया जाएगा। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि नर्मदा मैया के प्रति श्रद्धा को केवल पूजा और आस्था तक सीमित न रखते हुए उसे सेवा, संरक्षण, संवर्धन और जनभागीदारी में परिवर्तित करें। नर्मदा की निर्मलता, अविरलता एवं पवित्रता बनाए रखना वर्तमान पीढ़ी की सामूहिक जिम्मेदारी है, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी नर्मदा मैया के आशीर्वाद से लाभान्वित होती रहें। नर्मदा एवं सहायक नदियों के संरक्षण पर जोर कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड एवं नर्मदा समग्र के न्यासी सचिव श्री करण कौशिक ने नर्मदा नदी एवं उसकी सहायक नदियों के संरक्षण, घाट संरक्षण तथा नर्मदा से जुड़ी संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने नर्मदा संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास एवं जनभागीदारी को आवश्यक बताया। जैविक एवं प्राकृतिक कृषि पर प्रस्तुतीकरण कार्यशाला में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के टास्क मैनेजर श्री दरियाव सिंह सूर्यवंशी ने नर्मदा जलग्रहण क्षेत्र में जैविक एवं प्राकृतिक कृषि विषय पर पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण दिया। इसमें प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों की उपयोगिता पर जानकारी दी गई। नर्मदा समग्र के संभागीय समन्वयक श्री नवीन बोड़खे ने नर्मदा घाट संरक्षण विषय पर पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से घाटों के संरक्षण, स्वच्छता एवं उनके सांस्कृतिक महत्व की जानकारी साझा की। परिक्रमा मार्ग की समस्याओं पर भी हुई चर्चा समापन सत्र में एसडीएम बरेली श्री अंकित जैन ने उपस्थित नर्मदा समाजसेवियों एवं प्रतिभागियों से प्राप्त सुझावों पर चर्चा की। उन्होंने नर्मदा परिक्रमा मार्ग में आने वाली कठिनाइयों, आवश्यक सुविधाओं एवं स्थानीय स्तर पर किए जा सकने वाले कार्यों के संबंध में जानकारी ली। कार्यशाला में प्रतिभागियों द्वारा नर्मदा संरक्षण एवं संवर्धन से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए गए। प्राप्त सुझावों को संकलित कर आगामी कार्ययोजना में शामिल करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में जिला समन्वयक श्रीमती प्रिया चौधरी ने सभी अतिथियों, अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन श्री राममोहन रघुवंशी ब्लॉक समन्वयक उदयपुरा ने किया। बाड़ी की ब्लॉक समन्वयक श्रीमती सविता कावरे सहित प्रस्फुटन समिति,नवांकुर संस्था एवम नर्मदा समग्र के कार्यकर्ता एवम नर्मदासमाज सेवी उपस्थित रहे।अंत मे एक पेड़ माँ के नाम पौधरोपण भी किया गया।
रेवा सेवा समागम संवाद, सहभागिता और कार्ययोजना निर्माण का मंच : राज्य श्री पटेल नर्मदा संरक्षण के लिए जनभागीदारी से बनेगी ठोस कार्ययोजना रेवा सेवा समागम अंतर्गत जिला स्तरीय कार्यशाला संपन्न मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद एवं नर्मदा समग्र के संयुक्त तत्वावधान में नर्मदा नदी के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से रेवा सेवा समागम अंतर्गत जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किसान भवन, बरेली, तहसील एवं विकासखंड बाड़ी में किया गया। कार्यशाला में नर्मदा संरक्षण एवं संवर्धन, सहायक नदियों का संरक्षण, घाट संरक्षण, नर्मदा जलग्रहण क्षेत्र में प्राकृतिक एवं जैविक कृषि तथा नर्मदा संस्कृति के संरक्षण सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। कार्यशाला में मुख्य अतिथि लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री, मध्यप्रदेश शासन श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल रहे। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड, वरिष्ठ पर्यावरणविद् एवं सामाजिक कार्यकर्ता श्री शिव शंकर जी, नर्मदा समग्र के न्यासी सचिव एवं मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के सलाहकार श्री करण कौशिक जी, मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के टास्क मैनेजर श्री दरियाव सिंह सूर्यवंशी, भोपाल संभाग समन्वयक श्री वरुण आचार्य, नर्मदा समग्र के संभागीय समन्वयक श्री नवीन बोड़खे सहित अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं नर्मदा सेवा से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे। दीप प्रज्ज्वलन से हुआ शुभारंभ कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां नर्मदा जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात प्रतिभागियों का परिचय हुआ तथा नर्मदा संरक्षण एवं सेवा के क्षेत्र में उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों का प्रस्तुतीकरण किया गया। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की जिला समन्वयक श्रीमती प्रिया चौधरी ने कार्यशाला के उद्देश्यों एवं नर्मदा-रेवा सेवा समागम की रूपरेखा से प्रतिभागियों को अवगत कराया। इस दौरान जिले के सर्वेक्षण एवं नर्मदा नदी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों का पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण भी किया गया। जनभागीदारी से बनेगी ठोस कार्ययोजना मुख्य अतिथि श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि नर्मदा संरक्षण केवल सरकार का विषय नहीं, बल्कि समाज की सहभागिता से जुड़ा दायित्व है। कार्यशाला में प्राप्त सुझावों को गंभीरता से लेते हुए उनके आधार पर नर्मदा संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि नर्मदा-रेवा सेवा समागम केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संवाद, सहभागिता और कार्ययोजना निर्माण का मंच है। इसमें समाज, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, सामाजिक संगठन एवं नर्मदा क्षेत्र से जुड़े नागरिक अपने सुझाव दें। प्राप्त सुझावों
पर विचार-विमर्श कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार शासन स्तर तक पहुँचाकर उनके क्रियान्वयन की दिशा में कार्य किया जाएगा। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि नर्मदा मैया के प्रति श्रद्धा को केवल पूजा और आस्था तक सीमित न रखते हुए उसे सेवा, संरक्षण, संवर्धन और जनभागीदारी में परिवर्तित करें। नर्मदा की निर्मलता, अविरलता एवं पवित्रता बनाए रखना वर्तमान पीढ़ी की सामूहिक जिम्मेदारी है, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी नर्मदा मैया के आशीर्वाद से लाभान्वित होती रहें। नर्मदा एवं सहायक नदियों के संरक्षण पर जोर कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड एवं नर्मदा समग्र के न्यासी सचिव श्री करण कौशिक ने नर्मदा नदी एवं उसकी सहायक नदियों के संरक्षण, घाट संरक्षण तथा नर्मदा से जुड़ी संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने नर्मदा संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास एवं जनभागीदारी को आवश्यक बताया। जैविक एवं प्राकृतिक कृषि पर प्रस्तुतीकरण कार्यशाला में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के टास्क मैनेजर श्री दरियाव सिंह सूर्यवंशी ने नर्मदा जलग्रहण क्षेत्र में जैविक एवं प्राकृतिक कृषि विषय पर पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण दिया। इसमें प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों की उपयोगिता पर जानकारी दी गई। नर्मदा समग्र के संभागीय समन्वयक श्री नवीन बोड़खे ने नर्मदा घाट संरक्षण विषय पर पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से घाटों के संरक्षण, स्वच्छता एवं उनके सांस्कृतिक महत्व की जानकारी साझा की। परिक्रमा मार्ग की समस्याओं पर भी हुई चर्चा समापन सत्र में एसडीएम बरेली श्री अंकित जैन ने उपस्थित नर्मदा समाजसेवियों एवं प्रतिभागियों से प्राप्त सुझावों पर चर्चा की। उन्होंने नर्मदा परिक्रमा मार्ग में आने वाली कठिनाइयों, आवश्यक सुविधाओं एवं स्थानीय स्तर पर किए जा सकने वाले कार्यों के संबंध में जानकारी ली। कार्यशाला में प्रतिभागियों द्वारा नर्मदा संरक्षण एवं संवर्धन से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए गए। प्राप्त सुझावों को संकलित कर आगामी कार्ययोजना में शामिल करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में जिला समन्वयक श्रीमती प्रिया चौधरी ने सभी अतिथियों, अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन श्री राममोहन रघुवंशी ब्लॉक समन्वयक उदयपुरा ने किया। बाड़ी की ब्लॉक समन्वयक श्रीमती सविता कावरे सहित प्रस्फुटन समिति,नवांकुर संस्था एवम नर्मदा समग्र के कार्यकर्ता एवम नर्मदासमाज सेवी उपस्थित रहे।अंत मे एक पेड़ माँ के नाम पौधरोपण भी किया गया।
- नेपाल के रसुवा में भोटेकोशी नदी का तांडव: भीषण बाढ़ में सड़कें और पुल बहे, भारी तबाही की आशंका नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई अचानक और भीषण बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है। पहाड़ी ढलानों से तेज रफ्तार में उतरे मटमैले पानी के सैलाब ने कई निचले रिहाइशी इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया है। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, बाढ़ का मंजर इतना भयावह था कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। तबाही का प्रमुख ब्योरा बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान: सैलाब के तेज बहाव में कई पक्के मकान, संपर्क सड़कें और स्थानीय नदियों पर बने पुल ताश के पत्तों की तरह बह गए। यातायात और संपर्क पूरी तरह ठप्प: मुख्य मार्गों के बह जाने से रसुवा जिले के कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय और राजधानी काठमांडू से पूरी तरह कट गया है। व्यापक जन-जीवन प्रभावित: बाढ़ प्रभावित इलाकों से सैकड़ों परिवारों को सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना पड़ा है, जबकि कई लोग अब भी ऊंचे इलाकों में फंसे हुए हैं। राहत और बचाव कार्य में चुनौतियाँ नेपाल सेना, सशस्त्रा प्रहरी बल और स्थानीय प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुट गई हैं। हालांकि, लगातार खराब मौसम और टूट चुके संपर्क मार्गों के कारण दूरदराज के इलाकों तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासनिक बयान: "जलस्तर बेहद तेज गति से बढ़ा, जिससे नुकसान का दायरा काफी बड़ा है। हमारी पहली प्राथमिकता फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और अस्थाई राहत पहुंचाना है। वास्तविक आर्थिक और भौतिक नुकसान का सटीक आकलन जलस्तर कम होने के बाद ही संभव हो पाएगा।" अस्थाई स्थिति और आगे का जोखिम भोटेकोशी नदी का बेसिन भौगोलिक रूप से बेहद संवेदनशील और तीव्र ढलान वाला माना जाता है। भूस्खलन या ऊपरी इलाकों में बादल फटने जैसी स्थितियों में यह नदी बेहद आक्रामक रूप ले लेती है। मौसम विभाग ने तटीय और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर बने रहने की सख्त चेतावनी जारी की है।1
- रायसेन में 10 दिवसीय संस्कृत संभाषण शिविर का समापन, संस्कृत सप्ताह का शुभारंभ देखिए खबर सिर्फ DD NEWS MP दूरदर्शन मध्य प्रदेश पर रायसेन जिला संवाददाता विनीत माहेश्वरी 9981 3223431
- महिला कांग्रेस विदिशा की जिलाध्यक्ष नीतू सिंह राजपूत के नेतृत्व में “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम आयोजित किया गया। विदिशा। श्री राहुल गांधी जी के नेतृत्व में तथा मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती अलका लांबा जी एवं प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रीना बौरासी सेतिया जी के निर्देशानुसार, महिला कांग्रेस विदिशा की जिलाध्यक्ष श्रीमती नीतू सिंह राजपूत के नेतृत्व में “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम आयोजित किया गया।1
- भोपाल मै निकला ईद मिलादुन्नबी का परंपरागत जुलूस राजधानी भोपाल में ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर परंपरागत जुलूस बड़े ही अकीदत और उत्साह के साथ निकाला गया। अशोका गार्डन से शुरू हुआ यह जुलूस प्रभात चौराहा, सुभाष नगर, बोगदापुल, जिंसी और जहांगीराबाद होते हुए लिली टॉकीज पहुंचा, जहां जुलूस का समापन हुआ। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। पूरे रास्ते नात-ए-पाक और सलाम की सदाएं गूंजती रहीं और लोगों ने ईद मिलादुन्नबी की खुशी का इज़हार किया। इस दौरान जुलूस में शामिल लोगों ने अमन, शांति, भाईचारे और मोहब्बत का पैगाम दिया। भोपाल की गंगा-जमुनी तहज़ीब की खूबसूरत तस्वीर भी इस जुलूस में देखने को मिली। अशोका गार्डन से लिली टॉकीज तक निकला यह जुलूस अपनी रिवायत और अकीदत के साथ एक बार फिर शहर में आपसी मोहब्बत और भाईचारे का संदेश देता नजर आया।3
- ज़ेन अल्फ़ा के नन्हे रिपोर्टर मध्य प्रदेश के दमोह जिले के हटा क्षेत्र के बोरीकलां गांव से सामने आया बच्चों का एक ऐसा वीडियो, जो गांव की हकीकत बयां कर रहा है। स्कूल जाते वक्त सड़क पर कीचड़ और गंदगी के बीच से गुजरते ये बच्चे अपनी समस्याएं खुद कैमरे पर बता रहे हैं। सामने कैमरा… अंदाज़ बिल्कुल रिपोर्टर वाला, लेकिन मुद्दा बेहद गंभीर है। इन नन्हे रिपोर्टरों की आवाज़ सिर्फ बच्चों की आवाज़ नहीं, बल्कि उस व्यवस्था से सवाल है, जो उन्हें आज भी कीचड़ भरे रास्ते से स्कूल जाने को मजबूर कर रही है।1
- न्यूज़ कोलार की धड़कन 7 सितंबर से निगम कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं न्यूज कोलार की धड़कन भोपाल नगर निगम कमिश्नर महापौर नगर निगम अध्यक्ष के सामने अब बड़ी चुनौती निगम कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे है भोपाल में 7 सितंबर से शहर की नगर निगम की व्यवस्था हो जाएगी चौपट. निगम कर्मी करेंगे अनिश्चितकालीन काम बंद हड़ताल. आगामी 7 सितंबर से नगर निगम के सफाई मित्र/ वाहन चालक/ वार्ड कार्यालय, जोन कार्यालय आदि के सभी कर्मचारी हड़ताल पर जा रहे है। नगर निगम में लंबे समय से लंबित नियमीतिकरण,पेंशन, पदोन्नति आदि की मांग को लेकर (अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा) के बैनर तले सभी कर्मचारी काम बंद हड़ताल करने जा रहे हैं. विगत दो दिनों से पदाधिकारीयों द्वारा रणनीति बनाई जा रही है मंगलवार को आरिफ नगर में बड़ी संख्या में कर्मचारीगण जुटे थे और आज शाहजहानी पार्क के पीछे नगर निगम के वेस्ट डिपो में कर्मचारी इकट्ठे हुए जहां पर काम बंद हड़ताल की रणनीति बनाई गई है.इस बार मामला आर पार का है.शहर को स्वच्छ रखने वाले कर्मचारियों की तनखा बहुत कम है. रुपये ₹10000 महीने में कर्मचारियों का गुजारा नहीं हो पा रहा है.कर्मचारियों के बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं. कर्मचारी नेता इरफान अल्ताफ ने बताया कि 7 तारीख से शहर में सफाई, पानी, सहित कई सेवाएं बाधित होगी.कोई भी निगम का वाहन सड़कों पर नहीं दौड़ेगा यहां तक की वार्ड एवं ज़ोन कार्यालय भी बंद होंगे.सभी कंप्यूटर ऑपरेटर्स कार्य बंद करेंगे.कर्मचारीयो को नगर निगम में काम करते हुए जवान से बुढ़ापा आ गया लेकिन रेगुलर नहीं हो पाए हैं.इस बार महापौर, कमिश्नर, निगम अध्यक्ष के सामने बड़ी चुनौती खड़ी होने जा रही है.आज कर्मचारियों को संबोधित किया इरफान अल्ताफ, श्यामलाल मैना, चैन सिंह चौहान, एवं मोहम्मद मुशीर आदि ने अन्य बड़े कर्मचारी संगठनों के बड़े पदाधिकारीयों का मार्गदर्शन भी इन सबको मिल रहा है. अब सवाल यह है कि नगर निगम कमिश्नर महापौर अध्यक्ष के सामने बहुत बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है सभी कर्मचारी एकजुट होकर 7 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं4
- भगवान विष्णु के अवतार सर्वव्यापी सर्वात्मा सर्वशक्तिमान अनंत कोटि ब्रह्मांड नायक मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र जी की भक्ति पूर्ण पावन स्तुति। जय श्री सीताराम।।1
- जर्दे का गुटखा नहीं देने पर किसान पर जानलेवा हमला, गंभीर हालत में भोपाल रेफर रायसेन जिले के बेगमगंज थाना क्षेत्र के ग्राम कस्बा चौका में जर्दे का गुटखा नहीं देने की बात को लेकर एक किसान पर हसिए से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। हमले में किसान गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार किसान शारिक मंसूरी खेत से चारा काटने के बाद नमाज पढ़ने के लिए गांव लौट रहा था। इसी दौरान गांव के ही सुनील महाराज ने उससे जर्दे का गुटखा मांगा। किसान ने गुटखा नहीं खाने और अपने पास नहीं होने की बात कही। बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर सुनील महाराज ने किसान के हाथ से हसिया छीन लिया और उसके सिर व हाथ पर वार कर दिए। हमले में किसान गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन घायल4 किसान को तत्काल बेगमगंज के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए भोपाल रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।4