रायबरेली के ऊंचाहार के अंतर्गत खोजनपुर गांव के पूर्व प्रधान, 68 वर्षीय लालचंद कौशल पिछले 40 सालों से हर सावन में कांवड़ लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर जा रहे हैं। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका जोश युवाओं जैसा है और भगवान शिव के प्रति उनकी आस्था का हर कोई कायल है। लालचंद ने साल 1984 में 24 साल की उम्र में पहली बार कांवड़ उठाई थी, जब वे कुछ लोगों के साथ सुल्तानगंज से जल भरकर पैदल देवघर गए थे। तब से यह सिलसिला कभी नहीं टूटा। बीमारी हो या परिवार में कोई अन्य अड़चन, वे सावन आते ही भोले की पुकार पर निकल पड़ते हैं। लालचंद सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का जल उठाकर 150 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर देवघर पहुंचते हैं। इस यात्रा के दौरान वे व्रत रखकर केवल फल खाते हैं और भगवा वस्त्र पहनकर, कांवड़ पर 'बोल बम' का नारा व जुबान पर 'हर-हर महादेव' लिए भजन गाते हुए 7 से 8 दिनों में यात्रा पूरी करते हैं। इस साल भी वे 7 अगस्त को जल लेकर निकलेंगे और 11 अगस्त को बाबा पर जलाभिषेक करेंगे। गांव के लोगों के लिए लालचंद एक बड़ी मिसाल बन चुके हैं और उनसे प्रेरित होकर नए लड़के भी कांवड़ लेने जाते हैं। वे खुद भी लोगों को नशा छोड़कर भक्ति के मार्ग पर चलने की सीख देते हैं। लालचंद का संकल्प है कि जब तक उनकी सांस है, वे बाबा को जल चढ़ाने जाते रहेंगे और भोलेनाथ से सबके कल्याण व सुख-शांति की प्रार्थना करते हैं। इसके अलावा, वे 28 साल तक हर शिवरात्रि में हरिद्वार से जल लेकर बाबा धाम में जलाभिषेक भी करते थे, जहां भक्तों की भारी भीड़ और दुर्गम रास्ते कभी उनकी भक्ति में बाधा नहीं बन पाए।
रायबरेली के ऊंचाहार के अंतर्गत खोजनपुर गांव के पूर्व प्रधान, 68 वर्षीय लालचंद कौशल पिछले 40 सालों से हर सावन में कांवड़ लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर जा रहे हैं। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका जोश युवाओं जैसा है और भगवान शिव के प्रति उनकी आस्था का हर कोई कायल है। लालचंद ने साल 1984 में 24 साल की उम्र में पहली बार कांवड़ उठाई थी, जब वे कुछ लोगों के साथ सुल्तानगंज से जल भरकर पैदल देवघर गए थे। तब से यह सिलसिला कभी नहीं टूटा। बीमारी हो या परिवार में कोई अन्य अड़चन, वे सावन आते ही भोले की पुकार पर निकल पड़ते हैं। लालचंद सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का जल उठाकर 150 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर देवघर पहुंचते हैं। इस यात्रा के दौरान वे व्रत रखकर केवल फल खाते हैं और भगवा वस्त्र पहनकर, कांवड़ पर 'बोल बम' का नारा व जुबान पर 'हर-हर महादेव' लिए भजन गाते हुए 7 से 8 दिनों में यात्रा पूरी करते हैं। इस साल भी वे 7 अगस्त को जल लेकर निकलेंगे और 11 अगस्त को बाबा पर जलाभिषेक करेंगे। गांव के लोगों के लिए लालचंद एक बड़ी मिसाल बन चुके हैं और उनसे प्रेरित होकर नए लड़के भी कांवड़ लेने जाते हैं। वे खुद भी लोगों को नशा छोड़कर भक्ति के मार्ग पर चलने की सीख देते हैं। लालचंद का संकल्प है कि जब तक उनकी सांस है, वे बाबा को जल चढ़ाने जाते रहेंगे और भोलेनाथ से सबके कल्याण व सुख-शांति की प्रार्थना करते हैं। इसके अलावा, वे 28 साल तक हर शिवरात्रि में हरिद्वार से जल लेकर बाबा धाम में जलाभिषेक भी करते थे, जहां भक्तों की भारी भीड़ और दुर्गम रास्ते कभी उनकी भक्ति में बाधा नहीं बन पाए।
- रायबरेली जिले के ऊंचाहार तहसील क्षेत्र के निगोहां सहित कई गांवों में 'एक पेड़ माँ के नाम' योजना के तहत वृक्षा रोपण किया गया। यह कार्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देशन में पर्यावरण को शुद्ध बनाए रखने, शुद्ध हवा देने और फैलते प्रदूषण की रोकथाम के लिए किया जा रही पहल का हिस्सा है। इसी क्रम में 12 जुलाई दिन रविवार को दोपहर करीब 12 बजे निगोहां गांव के ग्राम प्रधान ने पेड़ लगाकर समाज को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर ग्राम प्रधान आशीष तिवारी और ब्लॉक सचिव सहित अन्य लोग मौजूद रहे। ग्राम प्रधान ने कहा कि ऊंचाहार क्षेत्र के हर गांव में वृक्षा रोपण का कार्य किया जाना है, जिससे आने वाले समय में प्रदूषण से निजात मिल सके और लोगों को शुद्ध हवा मिल सके।1
- रायबरेली जिले के ऊंचाहार क्षेत्र के विकास के मुद्दों को लेकर जिला पंचायत सदस्य शैलेंद्र गुप्ता ने उत्तर प्रदेश सरकार के यशस्वी माननीय स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह जी से मुलाकात की है। पूर्व चेयरमैन ऊँचाहार श्री प्रमोद गुप्ता के पुत्र शैलेंद्र गुप्ता ने इस मुलाकात के दौरान क्षेत्र के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।1
- मुंबई के बोरीवली रेलवे स्टेशन पर उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब एक प्रेमी अपनी रूठकर जा रही प्रेमिका के पैरों में गिर पड़ा। युवती किसी बात से नाराज होकर ट्रेन पकड़ने स्टेशन पहुंची थी, तभी उसे रोकने के लिए उसका प्रेमी वहां आ धमका। प्रेमिका को मनाने के लिए युवक बीच प्लेटफॉर्म पर ही उसके पैरों में गिर गया और फूट-फूटकर रोने लगा। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे को देखने के लिए स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई। मामले को बढ़ता देख और सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर तुरंत पुलिस पहुंच गई, जिसने दोनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। यह भावुक और फिल्मी दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इंटरनेट पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है।1
- रायबरेली के भदोखर थाना में आयोजित थाना समाधान दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका और पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने स्वयं पहुँचकर नागरिकों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान भूमि विवाद, पारिवारिक मामले, राजस्व संबंधी शिकायतें तथा सड़क एवं सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़ी विभिन्न शिकायतें प्राप्त हुईं। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संबंधित राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए टीम बनाकर मौके पर जाएं और गुणवत्तापूर्ण तथा समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि थाना समाधान दिवस का उद्देश्य जनता को त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है, इसलिए अधिकारी मौके पर उपस्थित होकर शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता से करें। इस थाना दिवस के अवसर पर क्षेत्राधिकारी सहित पुलिस और राजस्व विभाग के अन्य कार्मिक भी मौजूद रहे।1
- विदेशी मीडिया के सामने नरेंद्र मोदी कुछ इस तरह फंस गए हैं कि उन्हें बचाने के चक्कर में एक अधिकारी ने उल्टा ही काम कर दिया। इस पूरे मामले में नरेंद्र मोदी को बचाने की कोशिश करने वाले अधिकारी की वजह से स्थिति पूरी तरह से उल्टी पड़ गई है।1
- कौशाम्बी के कोखराज थाने पर बजरंग दल ने प्रदर्शन किया है। एक मारपीट के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर बजरंग दल ने कोखराज थाने का घेराव किया। प्रदर्शनकारी इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं।1
- रायबरेली के ऊंचाहार तहसील क्षेत्र में शनिवार शाम 4 बजे एक विशाल जनसभा और 'गविष्टि यात्रा' का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पूज्य शंकराचार्य स्वामी जी महाराज उपस्थित रहे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य गाय को पशुओं की सूची से हटाकर 'राष्ट्रमाता' का दर्जा दिलाना और उनके प्राणों की रक्षा करना है। सभा को संबोधित करते हुए शंकराचार्य जी ने कहा कि हमारे शास्त्रों में गाय को पशु कहना वर्जित है और वह हमारी माता हैं। उन्होंने वर्तमान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जो सरकारें खुद को हिंदूवादी कहती हैं, उन्हें भी गाय को माता का दर्जा देने और सरकारी अभिलेखों में दर्ज करने में संकोच हो रहा है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि आगामी चुनावों में केवल उसी सरकार को समर्थन दें जो गौ माता को उनका वास्तविक सम्मान और संरक्षण प्रदान करे। शंकराचार्य जी ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि इस यात्रा के दौरान उन्हें मुस्लिम और ईसाई समुदाय के लोगों का भी भरपूर समर्थन मिला है और कई मुस्लिम बंधुओं ने पत्र लिखकर गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग का समर्थन किया है। इस अवसर पर ऊंचाहार विधानसभा क्षेत्र में गौ माता के संरक्षण और 'एक नोट अभियान' को गति देने के लिए सर्वसम्मति से आनंद राज पांडे, सतीश यादव और अजय यादव को संयुक्त रूप से क्षेत्र का प्रतिनिधि घोषित किया गया है। यह टीम क्षेत्र में घर-घर जाकर इस अभियान को आगे बढ़ाएगी और एकत्रित धनराशि से क्षेत्र में एक भव्य गौधाम का निर्माण किया जाएगा, जहां गायों की सेवा-भाव से देखभाल की जा सके।1
- कौशाम्बी में खेत में पानी लगाने गए एक किसान पर जानलेवा हमला करने का गंभीर आरोप लगा है। किसान जब अपने खेत में पानी लगाने के लिए गया हुआ था, तभी उस पर यह घातक हमला किया गया।1