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संसद भवन में निकला अमित शाह का पोस्टर सब हुए हैरान कहने लगे यह तो है तड़ीपार
MANNU SIDAR ji
संसद भवन में निकला अमित शाह का पोस्टर सब हुए हैरान कहने लगे यह तो है तड़ीपार
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- भाजपा भगाओ देश को दिवालिया होने से बचाओ देशवासियों कुंभकरण की नींद से जाग जाओ और सब एक हो जाओ चाहे कोई भी धर्म का हो भक्ति अपने जगह रहे और कर्म अपने जगह क्योंकि सब जानते हैं कि शैतान ने सबको एक दूसरे में बांट दिया है जब शैतान के ही भक्ति करना चाहते हैं तो शैतान का भक्ति करने दो और जो भगवान का कर रहा है उसे भगवान का ही करने दो यदि हम उसे रोकते हैं तो वह गलत है भगवान ही आदमी को सही रास्ता दिखा सकता है कोई आम आदमी नहीं दिखा सकता हम्मे इतनी औकात नहीं यदि हम रास्ता दिखा सकते तो हम सब धर्म को एक कर देते इसलिए इंसानियत के खातिर एक हो जाओ और देश को आगे बढ़ाओ भ्रष्टाचार को मिटाओ1
- Post by Sanjay Barik1
- सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले से जुड़ी बड़ी अपडेट सामने आई है। न्यायालय कलेक्टर सारंगढ़ में शिवा साहू की पेशी 24 फरवरी को निर्धारित की गई है, जिसमें उनकी उपस्थिति अनिवार्य बताई गई है। तय तिथि पर उपस्थित नहीं होने की स्थिति में न्यायालय द्वारा एकपक्षीय कार्यवाही की जा सकती है। यह मामला छत्तीसगढ़ शासन बनाम शिवा साहू व अन्य, साकिन रायकोना से संबंधित है और प्रकरण क्रमांक 202511321300009 वर्तमान में लंबित है। इस वीडियो में जानिए पूरे मामले की डिटेल, सुनवाई की अहमियत और आगे की संभावित कार्रवाई।1
- बरमकेला। बोर्ड परीक्षा संबंधी महत्वपूर्ण बैठक के बाद स्टॉफ की बैठक रखी गई जिसमे अनुपस्थित रहने के मामले में पी.एम. श्री सेजेस बरमकेला के 10 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 18 फरवरी 2026 को बोर्ड परीक्षा की तैयारियों को लेकर संस्था में आवश्यक बैठक आयोजित की गई थी। बैठक के पश्चात स्टॉफ मीटिंग भी ली गई, जिसमें संबंधित शिक्षक बिना किसी सक्षम अधिकारी को सूचना दिए अनुपस्थित पाए गए। जिसको लेकर जिला शिक्षा अधिकारी जे आर डहरिया ने कड़े रुख अपनाये है और इसे कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही मानते हुए सिविल सेवा आचरण नियम (1965) के तहत कदाचार की श्रेणी में रखा गया है। और नोटिस जारी किया गया है जिन शिक्षकों को नोटिस जारी किया गया है, उनके नाम इस प्रकार हैं— 1. श्री दया सागर चौहान (व्याख्याता) 2. श्री सचिदानंद नायक (व्याख्याता) 3. श्री रणविजय सिंह (शिक्षक) 4. श्रीमती मालती नायक (सहा. शिक्षक विज्ञान) 5. श्रीमती सुनंदा सर्वणकार (शिक्षक) 6. श्रीमती साहिना परविन (सहा. शिक्षक विज्ञान) 7. कु. सुधा पटेल (व्याख्याता) 8. श्रीमती ख्याती चन्द्रा (कम्प्यूटर शिक्षक) 9. श्रीमती जया प्रधान (शिक्षक हेल्थ एण्ड केयर) 10. श्री हरिश चन्द्राकर (शिक्षक इलेक्ट्रीक एण्ड हार्डवेयर) नोटिस में सभी संबंधित शिक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे 20 फरवरी 2026 तक अधोहस्ताक्षरकर्ता के समक्ष स्वयं उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए जाने की स्थिति में संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी स्वयं संबंधित शिक्षकों की होगी। मामले को लेकर शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है क्योंकि लगातार एक सप्ताह नहीं बीते है 15 से 20 शिक्षकों को नोटिस जारी किया जा चूका है इस बात से साफ अंदाजा लगाया जा सकता है की शिक्षा के क्षेत्र मे किसी प्रकार की लापरवाही बर्दास्त नहीं किया जायेगा1
- नमस्कार, सबसे बड़ी खबर इस वक्त आ रही है केडार सारंगढ़ से केडार डेम के पास बाघ की दस्तक की खबर से इलाके में मचा हड़कंप लेकिन क्या सच में वहां बाघ आया था या फिर मामला कुछ और है मिली जानकारी के मुताबिक, केडार डेम के आसपास जंगल क्षेत्र में लोगों ने एक बड़े जंगली जानवर को घूमते देखा देखते ही देखते अफवाह फैल गई कि इलाके में बाघ आ गया है गांव में दहशत का माहौल बन गया लोगों ने घरों से निकलना कम कर दिया और वन विभाग को तुरंत सूचना दी गई लेकिन जब वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच की गई तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ जिसे बाघ समझा जा रहा था वह दरअसल एक तेंदुआ निकला। जी हाँ… बाघ नहीं, बल्कि तेंदुआ विशेषज्ञों के अनुसार, तेंदुए अक्सर भोजन की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों के पास आ जाते हैं फिलहाल किसी के घायल होने या किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें अकेले जंगल की ओर न जाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन एहतियात बरतने की सलाह दी गई है तो एक बार फिर साफ कर दें सारंगढ़ के केडार डेम इलाके में बाघ नहीं, बल्कि तेंदुआ देखा गया है। हम आपको हर अपडेट सबसे पहले पहुंचाते रहेंगे। अगर आपको यह खबर उपयोगी लगी हो तो वीडियो को लाइक करें, शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें।1
- छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के माननीय जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास ने एक हालिया मामले में बलात्कार की कानूनी परिभाषा को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। इस फैसले में कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कौन सी परिस्थितियां कानूनी तौर पर 'बलात्कार' के दायरे में आती हैं1
- sndi jara1
- संसद भवन में नरेंद्र मोदी को पूरी तरह से धो दिया वकील साहब ने1