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देश की राजधानी दिल्ली में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां मुस्तफाबाद में 26 वर्षीय गर्भवती महिला सबीना ने चौथी मंजिल से कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। यह घटना दिल्ली को एक बार फिर झकझोर गई है। बताया गया है कि मृतक सबीना ने लगभग तीन माह पहले ही अपनी पसंद से विवाह किया था।
ख़बर का सच
देश की राजधानी दिल्ली में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां मुस्तफाबाद में 26 वर्षीय गर्भवती महिला सबीना ने चौथी मंजिल से कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। यह घटना दिल्ली को एक बार फिर झकझोर गई है। बताया गया है कि मृतक सबीना ने लगभग तीन माह पहले ही अपनी पसंद से विवाह किया था।
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- थाना इन्दिरापुरम की पुलिस टीम ने एक पुलिस मुठभेड़ के दौरान एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से एक अवैध तमंचा, एक खोखा कारतूस और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने चोरी किए गए दो आईफोन और घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है।1
- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में पूर्व अभिनेत्री और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया है, जिसके संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश सरकार की इस टिप्पणी पर संज्ञान लिया है कि 'तलाकशुदा बेटी, मृत बेटी से बेहतर' है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने साफ निर्देश दिए कि इस मामले की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए, साथ ही अदालत ने मध्यप्रदेश सरकार के उस फैसले की सराहना की जिसमें जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई है। कोर्ट ने सभी पक्षों के हित में अब किसी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा जांच कराए जाने पर बल दिया। यह मामला तब प्रकाश में आया जब 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं। ट्विशा के परिवार ने ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है, जबकि ससुराल पक्ष का कहना था कि ट्विशा नशे की लत से परेशान थीं। मामले की सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने उन मीडिया रिपोर्ट्स का जिक्र किया जिनसे जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठे थे, खास तौर पर उसमें 'संस्थागत पक्षपात' और 'जांच में विसंगतियों' की बात कही गई थी। अदालत ने आरोपियों के परिवार की पृष्ठभूमि को देखते हुए यह आशंका जताई कि जांच प्रभावित हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह पेशे से वकील हैं और उनकी सास गिरिबाला सिंह पूर्व जिला जज रह चुकी हैं। अदालत ने कहा कि इसी वजह से यह नैरेटिव बना कि न्यायपालिका निष्पक्ष जांच नहीं होने दे रही है, जिसके चलते इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई शुरू की गई। मुख्य न्यायाधीश ने राज्य की जांच एजेंसियों के कामकाज पर कोई संदेह न व्यक्त करते हुए भी कहा कि जिस तरह का माहौल बनाया जा रहा है, उसमें स्वतंत्र एजेंसी द्वारा जांच कराना आवश्यक हो जाता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि जांच बिना किसी दबाव के निष्पक्षता से हो। सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया से भी संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि परिवारों को लेकर सार्वजनिक बयानबाजी नहीं होनी चाहिए और जांच एजेंसियों को अपना काम करने का मौका दिया जाना चाहिए। अदालत ने दोनों पक्षों को भी निर्देश दिया कि वे मीडिया में बयान देने के बजाय अपनी बात जांच एजेंसी के सामने ही रखें।1
- शामली में एक विधवा महिला की 22 बीघा जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने का प्रयास किया गया है। इस मामले में पीड़ित महिला ने न्याय के लिए मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है। उसने शामली पुलिस, जिलाधिकारी (डीएम) शामली और पुलिस अधीक्षक (एसपी) शामली से भी इस गंभीर विषय पर हस्तक्षेप की अपील की है।1
- महरौली पुलिस स्टेशन (PS) ने एक बड़े अंतरराज्यीय शराब तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसके परिणामस्वरूप लगभग ₹1.50 करोड़ मूल्य की अवैध शराब का विशाल जखीरा बरामद किया गया है। इस कार्रवाई में तीन शराब तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और अवैध शराब की ढुलाई में इस्तेमाल किए गए दो वाहन भी जब्त किए गए हैं। इस सिंडिकेट के गुरुग्राम और बेंगलुरु से काम कर रहे सह-आरोपियों की तलाश जारी है। पीएस महरौली के अधिकार क्षेत्र में अवैध शराब से जुड़ी लगातार घटनाओं को देखते हुए, शराब तस्करों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के उद्देश्य से एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम का काम लगातार गश्त, निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाना था। इसी अभियान के तहत, 18 मई 2026 को, पीएस महरौली इलाके में गश्त के दौरान, पुलिस कर्मियों ने आरोपी अखिलेश कुमार सिंह द्वारा चलाए जा रहे एक टेम्पो (रजिस्ट्रेशन नंबर DL-1LAJ-1**8) को रोका। वाहन की गहन जांच के दौरान, उसमें अवैध शराब के 63 बक्से लदे हुए पाए गए।1
- मुकुंदपुर पार्ट 1 में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक 10 साल की छोटी बच्ची को उसके ही पिता ने मौत के घाट उतार दिया है।1
- दिल्ली के GTB अस्पताल की मौजूदा हालत बेहद खराब है, जिसके चलते मरीज भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। अस्पताल में AC काम नहीं कर रहे और पंखे भी बंद पड़े हैं, जिससे मरीजों को गर्मी और घुटन से जूझना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर, डॉक्टर आराम से A/C वाले कमरों में बैठे हैं, जबकि बाहर मरीजों का बुरा हाल हो रहा है।1
- केजरीवाल साहब ने अपनी जुबानी में बताया है कि आज से तेल के दाम एक बार फिर बढ़ गए हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आखिर क्यों तेल का भाव आसमान छू रहा है।1
- कल दिनांक 23.05.26 को रात करीब 9:30 से 10:00 बजे के बीच, लिंक रोड थाना पुलिस टीम सनसाइन बॉर्डर पर नियमित जांच कर रही थी। इसी दौरान, एक पल्सर बाइक पर सवार राशिद पुत्र समशेर अली और सुहेल पुत्र लियाकत अली नामक दो व्यक्तियों को रोका गया। पुलिस ने उनके पास से 24 लाख रुपये नकद बरामद किए, जिसका वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। जांच में पता चला कि ये दोनों व्यक्ति मेरठ के रहने वाले हैं और वर्तमान में मुस्तफाबाद, भागीरथी विहार में रह रहे हैं। वे इस बात का सही उत्तर नहीं दे पाए कि यह पैसा किसका है, कहाँ और क्यों ले जाया जा रहा था, और इतनी रात को इसे क्यों ले जाया जा रहा था। थाने लाकर की गई पूछताछ और उनके फोन रिकॉर्ड की जांच से पता चला कि इन व्यक्तियों द्वारा पहले भी इसी तरह के कई हवाला लेनदेन किए गए हैं। उनके फोन से 10 जीएसटी फर्मों के बारे में जानकारी मिली, जिनमें से 9 दिल्ली में और 1 हरियाणा में पंजीकृत है। इन फर्मों के माध्यम से कई जीएसटी चोरी की गई है। इस संबंध में जीएसटी विभाग और आयकर विभाग को सूचित कर दिया गया है, और आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।1
- उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ अवैध मिट्टी खनन के मामले को उजागर करने पर एक महिला पत्रकार कामिनी शर्मा को कथित तौर पर जान से मारने की धमकियाँ दी गई हैं। यह मामला बुलंदशहर के अनूपशहर क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहाँ लंबे समय से चल रहे अवैध मिट्टी खनन के खिलाफ रिपोर्टिंग करना पत्रकार के लिए भारी पड़ गया है। आरोप है कि खनन से जुड़े दबंग तत्वों ने महिला पत्रकार कामिनी शर्मा को न केवल धमकाया, बल्कि उनके एक सहयोगी के साथ भी कथित रूप से अभद्रता की और डराने-धमकाने की कोशिश की। यह मामला यहीं नहीं रुका, बल्कि दबंगों ने आस्था के पवित्र स्थल मंदिर तक में दबाव बनाने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि महिला पत्रकार के मंदिर आने-जाने को लेकर मंदिर के सेवादार पर भी कथित रूप से दबाव बनाया गया है। इस पूरे प्रकरण को लेकर मंदिर के सेवादार ने अनूपशहर कोतवाली में सभी आरोपियों के खिलाफ नामजद शिकायत पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। अब यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि क्या अवैध कारोबारों का सच सामने लाने वाले पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो पाएगी और क्या लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को इसी तरह धमकियों का सामना करना पड़ेगा। लोगों की ओर से प्रशासन से इस पूरे मामले में निष्पक्ष जाँच और सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।1