उत्तर प्रदेश सरकार के 'मिशन शक्ति' और महिला स्वावलंबन के दावों के विपरीत, बदायूँ के आसफपुर ब्लॉक में महिला केयरटेकरों के उत्पीड़न का एक गंभीर मामला सामने आया है। ब्लॉक अधिकारियों पर कथित तानाशाही, रिश्वतखोरी, महिलाओं को कमरे में बंधक बनाकर जबरन हस्ताक्षर कराने और सामुदायिक शौचालय विवाद में फंसाने के आरोप लगे हैं, जिसके बाद यह मामला अब जिला मुख्यालय पहुंच गया है। मंगलवार को प्रताड़ित महिला केयरटेकरों ने मुख्य विकास अधिकारी (CDO) से मुलाकात कर अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। महिलाओं की गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए CDO ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। उन्होंने पीड़ित महिलाओं को ढांढस बंधाते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे बिना किसी डर के अपनी-अपनी नौकरियों पर काम करें और यदि भविष्य में कोई परेशानी आती है, तो सीधे उनसे संपर्क करें। CDO ने यह भी आश्वासन दिया कि दो हफ्ते के अंदर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कड़ी और न्यायपूर्ण कार्रवाई की जाएगी। इस मुलाकात के दौरान, ग्राम बींधा नंगला की केयरटेकर पिंकी ने रोते हुए प्रशासन के सामने भ्रष्टाचार की पोल खोली। पिंकी ने बताया कि उसका ₹72,000 का मानदेय जबरन रोक दिया गया है। उसने CDO के सामने एक स्टांप पेपर पेश किया, जिस पर गांव के लगभग 50 से 100 नागरिकों ने लिखित रूप में प्रमाणित किया था कि वह ईमानदारी से काम कर रही है। पिंकी का आरोप है कि ग्रामीणों के इतने बड़े लिखित समर्थन के बावजूद, ब्लॉक अधिकारी कमीशनखोरी और निजी रंजिश के चलते स्वयं सहायता समूह (SHG) के साथ मिलकर उसे नौकरी से निकालने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित महिलाओं ने आसफपुर ब्लॉक के एडीओ आईएसबी (ADO ISB) और ब्लॉक मिशन मैनेजर (BM) अरुण पर मानदेय जारी करने के एवज में मोटी रिश्वत मांगने का सीधा और गंभीर आरोप लगाया है। यही नहीं, पिछले दिनों महिलाओं को धोखे से ब्लॉक मुख्यालय बुलाकर एक कमरे में बंधक बनाने और अज्ञात कागजातों पर जबरन दस्तखत कराने की घटना से पूरी तहसील में आक्रोश है, और अब ये दोनों अधिकारी सीधे तौर पर जांच के घेरे में हैं। एक ओर सूबे के मुखिया महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहे हैं, वहीं बदायूँ के आसफपुर ब्लॉक की यह घटना जमीनी हकीकत को बयां करती है। अब जबकि जिले की मुख्य विकास अधिकारी ने खुद इस मामले को संज्ञान में लेकर 14 दिनों के भीतर निष्पक्ष कार्रवाई का समय दिया है, तो पीड़ित महिलाओं और ग्रामीणों की उम्मीदें एक बार फिर जाग गई हैं। अब देखना यह होगा कि जांच की आंच में भ्रष्ट अधिकारियों पर गाज गिरती है या मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
उत्तर प्रदेश सरकार के 'मिशन शक्ति' और महिला स्वावलंबन के दावों के विपरीत, बदायूँ के आसफपुर ब्लॉक में महिला केयरटेकरों के उत्पीड़न का एक गंभीर मामला सामने आया है। ब्लॉक अधिकारियों पर कथित तानाशाही, रिश्वतखोरी, महिलाओं को कमरे में बंधक बनाकर जबरन हस्ताक्षर कराने और सामुदायिक शौचालय विवाद में फंसाने के आरोप लगे हैं, जिसके बाद यह मामला अब जिला मुख्यालय पहुंच गया है। मंगलवार को प्रताड़ित महिला केयरटेकरों ने मुख्य विकास अधिकारी (CDO) से मुलाकात कर अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। महिलाओं की गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए CDO ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। उन्होंने पीड़ित महिलाओं को ढांढस बंधाते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे बिना किसी डर के अपनी-अपनी नौकरियों पर काम करें और यदि भविष्य में कोई परेशानी आती है, तो सीधे उनसे संपर्क करें। CDO ने यह भी आश्वासन दिया कि दो हफ्ते के अंदर
इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कड़ी और न्यायपूर्ण कार्रवाई की जाएगी। इस मुलाकात के दौरान, ग्राम बींधा नंगला की केयरटेकर पिंकी ने रोते हुए प्रशासन के सामने भ्रष्टाचार की पोल खोली। पिंकी ने बताया कि उसका ₹72,000 का मानदेय जबरन रोक दिया गया है। उसने CDO के सामने एक स्टांप पेपर पेश किया, जिस पर गांव के लगभग 50 से 100 नागरिकों ने लिखित रूप में प्रमाणित किया था कि वह ईमानदारी से काम कर रही है। पिंकी का आरोप है कि ग्रामीणों के इतने बड़े लिखित समर्थन के बावजूद, ब्लॉक अधिकारी कमीशनखोरी और निजी रंजिश के चलते स्वयं सहायता समूह (SHG) के साथ मिलकर उसे नौकरी से निकालने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित महिलाओं ने आसफपुर ब्लॉक के एडीओ आईएसबी (ADO ISB) और ब्लॉक मिशन मैनेजर (BM) अरुण पर मानदेय जारी करने के एवज में मोटी रिश्वत मांगने का सीधा और
गंभीर आरोप लगाया है। यही नहीं, पिछले दिनों महिलाओं को धोखे से ब्लॉक मुख्यालय बुलाकर एक कमरे में बंधक बनाने और अज्ञात कागजातों पर जबरन दस्तखत कराने की घटना से पूरी तहसील में आक्रोश है, और अब ये दोनों अधिकारी सीधे तौर पर जांच के घेरे में हैं। एक ओर सूबे के मुखिया महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहे हैं, वहीं बदायूँ के आसफपुर ब्लॉक की यह घटना जमीनी हकीकत को बयां करती है। अब जबकि जिले की मुख्य विकास अधिकारी ने खुद इस मामले को संज्ञान में लेकर 14 दिनों के भीतर निष्पक्ष कार्रवाई का समय दिया है, तो पीड़ित महिलाओं और ग्रामीणों की उम्मीदें एक बार फिर जाग गई हैं। अब देखना यह होगा कि जांच की आंच में भ्रष्ट अधिकारियों पर गाज गिरती है या मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
- एक तीखे आरोप में कहा गया है कि जनता पार्टी आलसी और बेरोजगार युवाओं के लिए एक राजनीतिक कोकरोच में बदल गई है। इस बयान के अनुसार, यह पार्टी विशेष रूप से उन युवाओं के लिए एक मंच बन चुकी है जो कोई काम नहीं करते और बेरोजगार हैं।1
- जनपद बदायूं के थाना उघैती क्षेत्र के गांव भेदपुर में एक 42 वर्षीय ग्रामीण की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतक के परिजनों ने इस घटना को हत्या बताते हुए, उसके चचेरे भाई की समधिन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक की पहचान इस्लाम नगर थाना क्षेत्र के गांव भगतपुर निवासी ब्रम्हचारी पुत्र छोटेलाल के रूप में हुई है, जो कि उस थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर भी बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, ब्रम्हचारी पिछले करीब छह माह से गांव भेदपुर में रह रहा था। चर्चा है कि उसने अपना पैतृक मकान और जमीन-जायदाद बेच दी थी और आरोप है कि संपत्ति का यह पैसा उसने अपनी समधिन को दे दिया था, जिसके बाद वह उसी के साथ भेदपुर में रहने लगा। परिजनों का आरोप है कि ब्रम्हचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद, परिवार को बिना सूचना दिए ही सुबह सवेरे उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। साथ ही, संबंधित लोग मौके से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलने पर मृतक के परिवार में कोहराम मच गया, और इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है। परिजनों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। थाना उघैती पुलिस का कहना है कि वे मामले की जानकारी लेकर जांच कर रहे हैं, और तहरीर मिलने के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- सिर्फ एक छज्जे के विवाद ने एक गांव में खूनी बवाल का रूप ले लिया, जिसके परिणामस्वरूप एक युवक की मौत हो गई। लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हुए हमले में युवक ने अपनी जान गंवा दी। इस घटना के बाद, मीरगंज पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई लकड़ी की पट्टी और लोहे की रॉड भी बरामद कर ली है।1
- बदायूं के सहसवान से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है, जहाँ डॉक्टर रामनिवास गुप्ता ने एक व्यक्ति के पेट में बच्चादानी होने की घोषणा कर दी। यह दावा एक अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के आधार पर किया गया।1
- बदायूं के उझानी स्थित बहादुर गंज मोहल्ले के विद्युत उपभोक्ताओं ने आज बिजली घर पर अधिकारियों का घेराव किया। ये उपभोक्ता पिछले दो दिनों से अपने मोहल्ले का ट्रांसफार्मर खराब होने से भीषण गर्मी और पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं, जिससे वे बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्होंने कई बार हेल्पलाइन नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। रेनू सिंह नामक उपभोक्ता के अनुसार, केंद्रीय राज्यमंत्री को अवगत कराने के बाद उनके आदेश पर एक ट्रांसफार्मर बदला गया, लेकिन वह भी अगले ही दिन खराब हो गया। उपभोक्ता राजेंद्र ने बिजली लाइनमैनों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शिकायत करने पर वे 500 रुपये की रिश्वत मांगते हैं, जबकि उन्हें विभाग द्वारा वेतन मिलता है। उन्होंने मांग की है कि ऐसे लोगों द्वारा रिश्वतखोरी बंद होनी चाहिए। उपभोक्ता रेखा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा जारी 24 घंटे विद्युत आपूर्ति के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि स्थानीय बिजली विभाग अपनी मनमानी कर रहा है और मुख्यमंत्री के आदेशों की अनदेखी करते हुए अघोषित बिजली कटौती कर रहा है। उन्होंने ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने अधिशासी अभियंता पर अभद्र व्यवहार करने का भी आरोप लगाया। इस प्रदर्शन में रेनू सिंह, शबनम, गुड़िया, ज्योति, रेखा, पूजा, सखीनां, फातमा, नाजमा, जानकी, दिनेश, प्रशांत, अर्पित, रौनक, मनोज सहित कई लोग मौजूद रहे।1
- बरेली जनपद के धनेटा शीशगढ़ मार्ग पर स्थित दुनका में हजरत भूरे शाह बाबा की मजार पर 23 से 25 मई तक तीन दिवसीय उर्स एवं कुल शरीफ का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान क्षेत्र के सैकड़ों अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिन्होंने मजार पर चादरपोशी कर अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की की दुआएं मांगीं। तीन दिवसीय इस धार्मिक आयोजन के दौरान पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा। दूर-दराज से आए जायरीन ने कव्वाली, फातिहा और कुल शरीफ में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने बड़े हर्षोल्लास के साथ लंगर भी वितरित किया, जिसे प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक बताया गया। आयोजन समिति के आबिद बेग और मोहम्मद आशिक अंसारी ने जानकारी दी कि हर वर्ष की भांति इस बार भी उर्स को शांतिपूर्ण एवं भव्य तरीके से संपन्न कराया गया। इस अवसर पर शेर मोहम्मद, नूर मोहम्मद, मुश्ताक बेग, रईस अहमद सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।1
- अलीगढ़ के सासनीगेट इलाके में एक यूट्यूबर, जो पेशेवर तौर पर लोगों के वीडियो बनाकर उन्हें यूट्यूब पर अपलोड किया करते थे, आज खुद ही एक घटना के वीडियो का हिस्सा बन गए। यह स्थिति तब पैदा हुई जब वे एक विवादित प्रॉपर्टी से जुड़े मामले में सिफारिश करने के लिए पहुंचे थे। इस घटना के परिणामस्वरूप, उन्हें अपनी बुलेट छोड़कर मौके से 'भन भन' भागना पड़ा।1
- बदायूं में भीषण गर्मी के बीच भारत स्काउट गाइड संस्था द्वारा गांधी नेत्र चिकित्सालय के मुख्य द्वार पर आयोजित 26 दिवसीय निःशुल्क शीतल जल सेवा एवं शरबत वितरण शिविर का समापन हो गया। इस शिविर के माध्यम से राहगीरों, दूर-दराज से आए यात्रियों और जरूरतमंदों को शीतल जल और शरबत वितरित किया गया, जिससे हजारों लोगों की प्यास बुझाई गई। संस्था ने अपनी इस सेवा से समाज में सेवा, सहयोग और सद्भावना की एक मिसाल पेश की है। कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व जिला मुख्यायुक्त डा. वीरपाल सिंह सोलंकी ने फीता काटकर किया, जिन्होंने निस्वार्थ सेवा को बच्चों में देशभक्ति और क्रांतिकारी भावना पैदा करने वाला बताया। प्रादेशिक वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं जिला मुख्यायुक्त महेश चंद्र सक्सेना ने भारत स्काउट गाइड संस्था को समाज हित के कार्यों में सदैव अग्रणी बताते हुए कहा कि बच्चों ने तपती धूप और गर्म हवाओं के बीच अदम्य साहस का परिचय दिया। इंडियन स्काउट गाइड फैलोशिप के अध्यक्ष डा. एस.के. गुप्ता ने निस्वार्थ सेवा को सच्ची मानवता और जल सेवा जैसे कार्य को जीवनदान देने के समान बताया। गांधी जन्मशती नेत्र चिकित्सालय के डा. अरविंद कुमार तिवारी ने युवाओं को परिश्रम, धैर्य और साहस के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। शरबत वितरण में रोटरी क्लब के सचिव एडवोकेट मुनेंद्र सिंह, अनिल गुप्ता और राजीव भारती ने सहयोग प्रदान किया। राजकीय इंटर कॉलेज के प्रवक्ता गिरिजेश कुमार, नेहरू इंटर कॉलेज अलापुर की प्रवक्ता विभा तिवारी, ऑडिटर सुभाष मैथिल, राष्ट्रपति शिक्षक सम्मान प्राप्त महेश चंद्र पाठक और जिला सचिव आलोक पाठक ने स्काउट गाइड के कार्यों की सराहना की। बच्चों ने जिला संगठन कमिश्नर मोहम्मद असरार और पूर्व जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजीव कुमार शर्मा के विशेष सहयोग और नेतृत्व में यह सेवा कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया। इस मौके पर स्काउट संस्था के आईटी शमशाद हुसैन, कमलेश ज्ञानी, नितिन झा, शैलेंद्र कुमार मिश्रा, महीपाल सिंह तोमर, नंदराम शाक्य, सवा महविश, फरदीन अहमद, हिमांशु कश्यप, सचिन यादव, शिवम यादव, अमोली सक्सेना, उर्मी मौर्य, यष्टि सक्सेना, आकांक्षा साहू, सिद्धि गुप्ता, सचिन पाल, रुचित बाबू और प्रेम सहित कई अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के मीरगंज स्थित जाम गांव में एक छज्जे को लेकर उपजा विवाद इस कदर बढ़ गया कि पूरा गांव रणभूमि में तब्दील हो गया। इस खूनी संघर्ष में लाठी-डंडों और धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया, जिसके परिणामस्वरूप एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया है। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मामले के संबंध में दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और आगे की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।1