विभागों के निष्क्रिय (इनऑपरेटिव) एवं डीईएएफ बैंक खातों के संबंध में समीक्षा बैठक सम्पन्न विभागों के निष्क्रिय (इनऑपरेटिव) एवं डीईएएफ बैंक खातों के संबंध में समीक्षा बैठक सम्पन्न रामपुर बुशहर, 10 मार्च — उपमंडलाधिकारी (नागरिक) रामपुर बुशहर हर्ष अमरेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में आज उनके कार्यालय में उपमंडल रामपुर के विभिन्न विभागों के निष्क्रिय (इनऑपरेटिव) तथा डीईएएफ (डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड) से संबंधित बैंक खातों को सक्रिय करने तथा इन खातों में उपलब्ध शेष राशि को राज्य कोषागार में जमा करवाने के संबंध में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन की प्रगति की समीक्षा करना था। बैठक में उपमंडल रामपुर के विभिन्न विभागों के कार्यालयाध्यक्षों के साथ-साथ क्षेत्र के विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधकों ने भाग लिया। इस दौरान उपमंडल के अंतर्गत संचालित विभागीय बैंक खातों की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेष रूप से उन खातों पर ध्यान केंद्रित किया गया जो लंबे समय से निष्क्रिय पड़े हुए हैं या जिनका संचालन नियमित रूप से नहीं हो रहा है। उपमंडलाधिकारी ने विभागवार जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने-अपने बैंक खातों का अद्यतन विवरण तैयार करें, जिसमें सक्रिय खातों, निष्क्रिय खातों तथा डीईएएफ श्रेणी में आने वाले खातों का स्पष्ट उल्लेख हो। उन्होंने कहा कि जो खाते लंबे समय से निष्क्रिय हैं, उन्हें आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर शीघ्र सक्रिय किया जाए तथा जिन खातों में राशि उपलब्ध है, उनके संबंध में सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जिन खातों में राशि उपलब्ध है और जिनका उपयोग अब विभागीय कार्यों के लिए नहीं हो रहा है, उनकी शेष राशि को निर्धारित प्रक्रिया के तहत राज्य कोषागार में जमा करवाने की कार्यवाही समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि विभागीय बैंक खातों का संचालन पूरी पारदर्शिता और नियमों के अनुसार किया जाए, ताकि भविष्य में खाते निष्क्रिय श्रेणी में न जाएं। बैठक के दौरान बैंक शाखा प्रबंधकों से भी निष्क्रिय एवं डीईएएफ खातों के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करने को कहा गया। उपमंडलाधिकारी ने बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर खातों की अद्यतन स्थिति उपलब्ध करवाएं तथा आवश्यक प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने में विभागों का सहयोग करें। इस अवसर पर उपमंडलाधिकारी (नागरिक) ने कुछ विभागों द्वारा बैठक में भाग न लेने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे सभी विभाग अपने-अपने विभाग से संबंधित निष्क्रिय (इनऑपरेटिव) एवं डीईएएफ खातों की विस्तृत रिपोर्ट अनिवार्य रूप से कल तक कार्यालय में प्रस्तुत करें। बैठक में बागवानी विकास अधिकारी रामपुर जोगिंद्र सिंह, तहसील कल्याण अधिकारी कर्मवीर, विभिन्न विभागों के अधिकारी, बैंक शाखा प्रबंधक तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
विभागों के निष्क्रिय (इनऑपरेटिव) एवं डीईएएफ बैंक खातों के संबंध में समीक्षा बैठक सम्पन्न विभागों के निष्क्रिय (इनऑपरेटिव) एवं डीईएएफ बैंक खातों के संबंध में समीक्षा बैठक सम्पन्न रामपुर बुशहर, 10 मार्च — उपमंडलाधिकारी (नागरिक) रामपुर बुशहर हर्ष अमरेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में आज उनके कार्यालय में उपमंडल रामपुर के विभिन्न विभागों के निष्क्रिय (इनऑपरेटिव) तथा डीईएएफ (डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड) से संबंधित बैंक खातों को सक्रिय करने तथा इन खातों में उपलब्ध शेष राशि को राज्य कोषागार में जमा करवाने के संबंध में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन की प्रगति की समीक्षा करना था। बैठक में उपमंडल रामपुर के विभिन्न विभागों के कार्यालयाध्यक्षों के साथ-साथ क्षेत्र के विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधकों ने भाग लिया। इस दौरान उपमंडल के अंतर्गत संचालित विभागीय बैंक खातों की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेष रूप से उन खातों पर ध्यान केंद्रित किया गया जो लंबे समय से निष्क्रिय पड़े हुए हैं या जिनका संचालन नियमित रूप से नहीं हो रहा है। उपमंडलाधिकारी ने विभागवार जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने-अपने बैंक खातों का अद्यतन विवरण तैयार करें, जिसमें सक्रिय खातों, निष्क्रिय खातों तथा डीईएएफ श्रेणी में आने वाले खातों का स्पष्ट उल्लेख हो। उन्होंने कहा कि जो खाते लंबे समय से निष्क्रिय हैं, उन्हें आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर शीघ्र सक्रिय किया जाए तथा जिन खातों में राशि उपलब्ध है, उनके संबंध में सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जिन खातों में राशि उपलब्ध है और जिनका उपयोग अब विभागीय कार्यों के लिए नहीं हो रहा है, उनकी शेष राशि को निर्धारित प्रक्रिया के तहत राज्य कोषागार में जमा करवाने की कार्यवाही समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि विभागीय बैंक खातों का संचालन पूरी पारदर्शिता और नियमों के अनुसार किया जाए, ताकि भविष्य में खाते निष्क्रिय श्रेणी में न जाएं। बैठक के दौरान बैंक शाखा प्रबंधकों से भी निष्क्रिय एवं डीईएएफ खातों के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करने को कहा गया। उपमंडलाधिकारी ने बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर खातों की अद्यतन स्थिति उपलब्ध करवाएं तथा आवश्यक प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने में विभागों का सहयोग करें। इस अवसर पर उपमंडलाधिकारी (नागरिक) ने कुछ विभागों द्वारा बैठक में भाग न लेने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे सभी विभाग अपने-अपने विभाग से संबंधित निष्क्रिय (इनऑपरेटिव) एवं डीईएएफ खातों की विस्तृत रिपोर्ट अनिवार्य रूप से कल तक कार्यालय में प्रस्तुत करें। बैठक में बागवानी विकास अधिकारी रामपुर जोगिंद्र सिंह, तहसील कल्याण अधिकारी कर्मवीर, विभिन्न विभागों के अधिकारी, बैंक शाखा प्रबंधक तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- Post by Dev Raj Thakur1
- निरमंड उपमंडल के पर्वतारोही प्रशिक्षु बालकृष्ण ठाकुर ने मार्च माह में ही समुद्र तल से लगभग 5187 मीटर ऊंची श्रीखंड महादेव कैलाश की चोटी फतह कर नया रिकॉर्ड बनाया है। आमतौर पर इस दुर्गम पर्वत पर मई–जून के बाद ही श्रद्धालु और पर्वतारोही पहुंचते हैं, लेकिन इस बार कम हिमपात के कारण बालकृष्ण ठाकुर ने 8 मार्च को ही यहां तक पहुंचने में सफलता हासिल की। इस वर्ष पूरे उत्तर भारत में पिछले साल की तुलना में कम हिमपात हुआ है, जिसके कारण निचले क्षेत्रों में तापमान बढ़ा है और ऊंचे पहाड़ों पर भी बर्फ तेजी से पिघल रही है। विशेषज्ञों के अनुसार इसका असर आने वाले महीनों में तापमान पर पड़ सकता है और मई–जून में गर्मी पिछले वर्षों से अधिक बढ़ सकती है। बालकृष्ण ठाकुर ने बताया कि कम बर्फबारी को देखते हुए उन्होंने इस बार मार्च में ही रैकी करने का निर्णय लिया। वे 8 मार्च को सुबह करीब 2 बजे बाराटी नाला से श्रीखंड महादेव के लिए रवाना हुए। सुबह 5 बजे कालीघाटी पहुंचे और उसके बाद लगभग 9 बजे भीम डवारी पहुंचे। वहां जलपान करने के बाद 10 बजे पार्वती बाग के लिए आगे बढ़े और करीब 11 बजे 75 फीट ऊंचे शिवलिंग के दर्शन किए। पूजा-अर्चना और थोड़े विश्राम के बाद वे वापस लौट आए। इस पूरी यात्रा को पूरा करने में उन्हें कुल 9 घंटे 1 मिनट का समय लगा। उन्होंने बताया कि इस समय श्रीखंड क्षेत्र में पिछले साल की तुलना में बहुत कम बर्फ है और करीब 4 फीट ही बर्फ बची है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रशासन यात्रा एक माह पहले शुरू करता है तो भीम डवारी में स्नो ब्रिज के बिना यात्रा करना बेहद कठिन हो सकता है। श्रीखंड महादेव यात्रा उत्तर भारत की प्रमुख धार्मिक यात्राओं में शामिल है, जिसे हर वर्ष जुलाई माह में श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट कुल्लू द्वारा हरी झंडी दिखाकर शुरू किया जाता है। हालांकि कुछ श्रद्धालु आधिकारिक यात्रा से पहले भी भोले बाबा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। बालकृष्ण ठाकुर ने लोगों से अपील की है कि फिलहाल इस समय यात्रा का प्रयास न करें, क्योंकि यह केवल रैकी थी जो बिना प्रशिक्षण के करना बेहद जोखिम भरा हो सकता है।1
- रिपोर्ट 10 मार्च बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। जैसे-जैसे गर्मी का पारा चढ़ रहा है, सैलानियों का रुख पहाड़ों की ठंडी वादियों की ओर बढ़ गया है। देवभूमि कुल्लू में इन दिनों पर्यटकों की भारी आमद देखी जा रही है। कुल्लू की मशहूर सैंज घाटी का दुर्गम क्षेत्र, गाड़ा पाली पंचायत, इन दिनों आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। भीड़भाड़ से दूर, प्रकृति की गोद में बसा यह इलाका अब पर्यटकों की पहली पसंद बन रहा है। गाड़ा पाली वॉटरफॉल। दूधिया सफेद पानी और चारों ओर ऊंची चट्टानों के बीच गिरता यह झरना किसी का भी मन मोह लेने के लिए काफी है।1
- अनुराग शर्मा को कांग्रेस पार्टी की ओर से कागड़ा राज्यसभा सीट से निर्विरोध राज्यसभा सदस्य मनोनीत किया गया। और आज हिमाचल प्रदेश विधानसभा सचिव द्वारा जो की इस चुनाव के लिए निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किए गए थे उनके द्वारा राज्यसभा सांसद नियुक्ति पत्र दिया गया।2
- भारत में सबसे प्राचीन कलर देवभूमि हिमाचल का माना जाता है1
- Post by भारतीय दिव्यांग यूनियन सदस्य1
- राजकीय आईटीआई बरठीं के इलेक्ट्रीशियन व्यवसाय के ट्रेनीज ने अंबिका इलेक्ट्रिकल वर्क्स कंदरौर जिला बिलासपुर में एक दिवसीय प्लांट विजिट किया। जिसमें प्रोजेक्ट मैनेजर श्री जितेंद्र ठाकुर जी ने प्लांट के अंदर बनने वाले विभिन्न प्रकार के ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइन के उपकरणों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जिसमें की इंसुलेटर लाइटनिंग अरेस्टर सी टी पी टी स्विचगियर जिओ स्विच इत्यादि के बारे में विस्तृत तरीके से बताया और ट्रेनीज को इस विजिट के दौरान बहुत कुछ सीखने को मिला इसमें संस्थान के अनुदेशक राजेश कुमार व अरुण शर्मा ट्रेनीज के साथ उपस्थित रहे और इस भ्रमण के लिए अंबिका इलेक्ट्रिकल वर्क्स की तरफ से अनुमति देने के लिए संस्थान के प्रधानाचार्य सचिन शर्मा जी ने उनका आभार व्यक्त किया1
- Post by Dev Raj Thakur1