टीकमगढ़ में पुलिस ने हत्या और लूट की एक सनसनीखेज वारदात का सफल खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई के निर्देश पर थाना देहात पुलिस ने यह कार्रवाई की, जिसमें लूटी गई 15 बकरियां और घटना में प्रयुक्त अवैध हथियार बरामद किए गए हैं। यह जघन्य वारदात 26-27 मई 2026 की दरम्यानी रात को ग्राम श्रीनगर स्थित नकड़ा खान पहाड़ी पर हुई थी, जहां 71 वर्षीय हरचरन ढीमर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और उनकी 15 बकरियां लूट ली गई थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विक्रम सिंह कुशवाहा तथा एसडीओपी श्री राहुल कटरे के नेतृत्व में चार विशेष टीमों का गठन किया। तकनीकी साक्ष्य, साइबर सेल और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने राकेश पाल, ग्यादीन उर्फ मोनू पाल और प्रेमलाल पाल को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने अपना अपराध कबूल करते हुए बताया कि वे एक बड़ी लूट की योजना बना रहे थे, लेकिन मौका न मिलने पर उन्होंने बकरियां लूट लीं। अपनी पहचान छिपाने के उद्देश्य से उन्होंने बुजुर्ग चरवाहे की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13 बकरियां, 2 बकरे, तीन देशी कट्टे और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इस मामले के खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा ₹10 हजार का इनाम घोषित किया गया था, जिसके बाद पुलिस टीम ने यह उल्लेखनीय सफलता हासिल की। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक चंद्रजीत यादव, उप निरीक्षक वीणा विश्वकर्मा, उप निरीक्षक मयंक नगायच सहित साइबर सेल और थाना स्टाफ की अहम भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने इस पूरी टीम को नकद पुरस्कार देने की भी घोषणा की है।
टीकमगढ़ में पुलिस ने हत्या और लूट की एक सनसनीखेज वारदात का सफल खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई के निर्देश पर थाना देहात पुलिस ने यह कार्रवाई की, जिसमें लूटी गई 15 बकरियां और घटना में प्रयुक्त अवैध हथियार बरामद किए गए हैं। यह जघन्य वारदात 26-27 मई 2026 की दरम्यानी रात को ग्राम श्रीनगर स्थित नकड़ा खान पहाड़ी पर हुई थी, जहां 71 वर्षीय हरचरन ढीमर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और उनकी 15 बकरियां लूट ली गई थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विक्रम सिंह कुशवाहा तथा एसडीओपी श्री राहुल कटरे के नेतृत्व में चार विशेष टीमों का गठन किया। तकनीकी साक्ष्य, साइबर सेल और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने राकेश पाल, ग्यादीन उर्फ मोनू पाल और प्रेमलाल पाल को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने अपना अपराध कबूल करते हुए बताया कि वे एक बड़ी लूट की योजना बना रहे थे, लेकिन मौका न मिलने पर उन्होंने बकरियां लूट लीं। अपनी पहचान छिपाने के उद्देश्य से उन्होंने बुजुर्ग चरवाहे की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13 बकरियां, 2 बकरे, तीन देशी कट्टे और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इस मामले के खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा ₹10 हजार का इनाम घोषित किया गया था, जिसके बाद पुलिस टीम ने यह उल्लेखनीय सफलता हासिल की। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक चंद्रजीत यादव, उप निरीक्षक वीणा विश्वकर्मा, उप निरीक्षक मयंक नगायच सहित साइबर सेल और थाना स्टाफ की अहम भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने इस पूरी टीम को नकद पुरस्कार देने की भी घोषणा की है।
- खरगापुर (टीकमगढ़) में जतारा-खरगापुर मार्ग पर मंडी रोड के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जहाँ एक मोटरसाइकिल और थ्री-व्हीलर (ऑटो) के बीच हुई जोरदार टक्कर में बाइक सवार एक बुजुर्ग व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के काफी देर बाद तक भी पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर नहीं पहुँची, जिससे घायल बुजुर्ग सड़क पर तड़पते रहे। इसी बीच, वहाँ से गुजर रहे स्थानीय पत्रकार धर्मेंद्र लोधी ने मानवता का परिचय देते हुए पुलिस का इंतजार किए बिना, घायल बुजुर्ग को तुरंत अपने निजी वाहन में बिठाकर अस्पताल पहुँचाया। पत्रकार धर्मेंद्र लोधी ने घायल बुजुर्ग को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) खरगापुर में भर्ती कराया, जहाँ डॉक्टरों की टीम द्वारा उनका आपातकालीन इलाज किया जा रहा है। बुजुर्ग की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस घटना में जहाँ एक तरफ पुलिस की लापरवाही देखने को मिली, वहीं दूसरी तरफ पत्रकार धर्मेंद्र लोधी की तत्परता और नेकदिली ने बुजुर्ग की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई है, जिसके लिए क्षेत्र में उनके इस कार्य की जमकर सराहना हो रही है।1
- मध्य प्रदेश पटवारी संघ ने टीकमगढ़ कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर बल्देवगढ़ के प्रभारी तहसीलदार अनिल गुप्ता को तत्काल हटाने की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनका स्थानांतरण और पटवारियों की अन्य मांगों पर कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जवाबदेही प्रशासन की होगी। संघ ने आरोप लगाया है कि दिनांक 29.04.2026 को बल्देवगढ़ तहसील के पटवारियों ने प्रभारी तहसीलदार अनिल गुप्ता को अपनी समस्याओं से अवगत कराया था, लेकिन उनके उदासीन रवैये के कारण पटवारियों को गांधीवादी तरीके से दंडवत होकर और जमीन पर नाक रगड़ कर समस्याओं के निराकरण का आग्रह करना पड़ा। इसके बावजूद, तहसीलदार ने उन्हें रोकने का कोई प्रयास नहीं किया, बल्कि उन्हें बुरा-भला कहने लगे, जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था। संघ ने बताया कि दिनांक 27.05.2027 को अनुविभागीय अधिकारी बल्देवगढ़ द्वारा सात पटवारियों के समयमान वेतनमान स्वीकृत का आदेश जारी होने के बाद भी, प्रभारी अनिल गुप्ता ने 28.05.2027 को ईद के सार्वजनिक अवकाश के दिन पटवारियों को सीआर बनाने और आदेश करने के बहाने बल्देवगढ़ बुलाया। इस दौरान, उन्होंने सुनियोजित तरीके से दबाव और प्रभाव डालकर अधिकांश पटवारियों से एक जैसे वक्तव्य की वीडियो रिकॉर्डिंग बनवाई, जिसमें कथित तौर पर तहसीलदार बल्देवगढ़ को अच्छा कहा गया और पटवारी संघ के जिला अध्यक्ष के विरुद्ध बंद कमरे में झूठ बुलवाकर अनर्गल बातें कहलाई गईं। टीकमगढ़ पटवारी संघ की बैठक में पटवारियों लक्ष्मीकांत शुक्ला, रामलाल सौर, रमेश सूत्रकार और विनोद अहिरवार ने स्पष्ट किया कि तहसीलदार अनिल गुप्ता ने उन्हें डरा-धमका कर, दबाव बनाकर और मानसिक रूप से प्रताड़ित करके ये वक्तव्य दिलवाए थे। एक अन्य पटवारी मन प्यारे को यह अनुचित लगा और वे बिना बयान दिए ही कमरे से बाहर चले गए थे। पटवारी संघ का आरोप है कि अनिल गुप्ता का पटवारियों के प्रति हमेशा विवादित और प्रताड़नात्मक रवैया रहा है, जिससे पटवारियों में गहरा भय व्याप्त है। संघ ने आशंका व्यक्त की है कि तहसीलदार साजिश के तहत पटवारियों को प्रताड़ित कर सकते हैं, क्योंकि वे पक्षपात पूर्ण व्यवहार करते हैं, पटवारियों के प्रति द्वेष भावना रखते हैं और संघ के अध्यक्ष द्वारा सौंपे गए ज्ञापन पर भी उन्होंने संवेदनहीनता दिखाई है। इन्हीं गंभीर शिकायतों के मद्देनज़र, पटवारी संघ मध्य प्रदेश ने प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है कि यदि प्रभारी अनिल गुप्ता का अविलंब स्थानांतरण नहीं किया जाता है, तो वे एक उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जवाबदेही प्रशासन की होगी।3
- टीकमगढ़ जिले की ग्राम पंचायत चौबारा में एक नर नीलगाय की अज्ञात कारणों से मौत हो गई, जिससे क्षेत्र के लोगों में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। सोमवार सुबह, चौबारा के जमुनिया मोहल्ला स्थित बस्ती में एक हैंडपंप के पास ग्रामीणों ने इस नर नीलगाय को तड़पते हुए देखा। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग और डीएफओ कार्यालय को दी। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक नीलगाय ने दम तोड़ दिया था। विभागीय अधिकारियों ने घटनास्थल पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए पंचनामा तैयार किया। इसके बाद, ग्रामीणों की सहायता से नीलगाय के शव को ट्रैक्टर के माध्यम से पोस्टमार्टम के लिए बल्देवगढ़ भेजा गया। वन विभाग के अनुसार, नीलगाय की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल, मौत के कारणों की जांच की जा रही है।1
- खंडवा के पिपलोद थाना क्षेत्र के हंडिया खेड़ा गांव में तेज आंधी-तूफान के बीच अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आंधी के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिसकी चपेट में एक दर्जन से अधिक मकान आ गए। तेज हवाओं के चलते यह भीषण आग आसपास के खेतों तक भी फैल गई।1
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के ग्राम मिनोरा में अपनी समस्याओं का समाधान न होने से परेशान एक आदिवासी युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। इस घटना का वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है।1
- टीकमगढ़ देहात थाना पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जहाँ 71 वर्षीय हरचरण ढीमर नामक बकरी चरवाहे की हत्या कर उसकी 15 बकरियां लूट ली गई थीं। पुलिस ने अपनी कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से 13 बकरियां, 2 बकरे और अवैध हथियार बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पुलिस द्वारा गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस गंभीर वारदात के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच जारी है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- टीकमगढ़ जिले के जतारा लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत जतारा मार्ग बैरवार तिगेला से रानीगंज तिगेला एनएच-539 तक लगभग 29.24 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया है। अब इस निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसमें लापरवाही और मिलीभगत का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सड़क निर्माण में राजनीतिक संरक्षण और ठेकेदारों की मिलीभगत के कारण गुणवत्ता से समझौता किया गया है। उन्होंने विशेष रूप से मुहारा गांव के पास का जिक्र किया, जहाँ पाइप और पेपर्स डाले जाने थे, लेकिन वहाँ आवश्यक कार्य नहीं किया गया, जबकि कागजों में इसे पूर्ण दर्शा दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में कई स्थानों पर मानकों का पालन नहीं किया गया है, जिससे भविष्य में सड़क के क्षतिग्रस्त होने की आशंका बढ़ गई है। लोगों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।3
- टीकमगढ़ में अमर शहीद मदन यादव की प्रतिमा की स्थापना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर लंबे समय से कोई ठोस पहल न होने के कारण सामाजिक संगठनों में गहरा रोष है। इस उदासीनता से नाराज़ होकर, ओबीसी महासभा जिला इकाई ने अब जनसहयोग से प्रतिमा स्थापित करने का संकल्प लिया है। महासभा ने घोषणा की है कि आगामी एक माह के भीतर जनभागीदारी से इस भव्य प्रतिमा का निर्माण और स्थापना की जाएगी। प्रतिमा स्थापना से संबंधित एक महत्वपूर्ण बैठक में ओबीसी महासभा के प्रदेश एवं जिला पदाधिकारी सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस बैठक में प्रशासन के उदासीन रवैये पर चिंता व्यक्त की गई और सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अब समाज के सहयोग से ही इस महत्वपूर्ण कार्य को पूरा किया जाएगा। बैठक में प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सीबी कुशवाहा, प्रदेश महासचिव अखिलेश यादव, प्रदेश सचिव सीताराम लोधी, जिला अध्यक्ष उत्तम नापित, जिला कार्यकारी अध्यक्ष रविंद्र लोधी, जिला प्रभारी नीलेश यादव, वरिष्ठ सलाहकार एमडी वर्मा, चक्रेश लोधी, रवि विश्वकर्मा, गोवर्धन सिंह लोधी, आकाश यादव, रूप सिंह यादव, और योगेंद्र प्रजापति सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद थे। इस अभियान को समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का भी पूर्ण समर्थन मिला। सपा कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा स्थापना अभियान के लिए तत्काल ₹5000 की सहयोग राशि प्रदान की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। ओबीसी महासभा के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रतिमा निर्माण के लिए एक माह की समय-सीमा तय की गई है, जिसके तहत 10 जून तक गांव-गांव और वार्ड-वार्ड में जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा और लोगों से आर्थिक सहयोग एकत्रित किया जाएगा। संगठन का कहना है कि यह अभियान समाज की भावनाओं और स्वाभिमान से जुड़ा है, और इसे पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न किया जाएगा।1