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गुरुदीन वर्मा
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- सरूपगंज थाना क्षेत्र के मांडवाड़ा खालसा में बीती रात को अज्ञात चोरों ने बंद पड़े तीन घरों के ताले तोड़ दिए। अलमारी के ताले तोड़कर सारा सामान बिखेर दिया। चोर कुछ नकदी व सामान चुराकर फरार हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि रात के समय पुलिस की गश्त नही होने से चोरी की वारदातें हो रही है। उन्होंने पुलिस गश्त बढाने की मांग की है।1
- सुमेरपुर । चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग (एनसीडी) कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा को लेकर सोमवार को पंचायत समिति सभागार में बैठक हुई। इसमें विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में चल रही स्क्रीनिंग, उपचार और जनजागरूकता गतिविधियों की समीक्षा की गई। ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गोविंद सिंह चुंडावत ने कहा कि बदलती जीवनशैली, अनियमित खान-पान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण उच्च रक्तचाप, मधुमेह व कैंसर जैसे गैर-संचारी रोगों के मरीज बढ़ रहे हैं। ऐसे में समय पर स्क्रीनिंग और उपचार बेहद जरूरी है। उन्होंने 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों की नियमित स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ब्लॉक कार्यक्रम अधिकारी प्रमोद गिरी और जिला नोडल अधिकारी विवेक पाल ने एनसीडी रोगों की रोकथाम के लिए जागरूकता बढ़ाने और आशा-एएनएम की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया। बैठक में सिकंदर कुमावत, देवीलाल, बिंजाराम मीणा, संदीप सिंह, मोहित कुमार, इमरान खान, विशाल सिंह, पपिया कुमारी, भावना परिहार, खुशबू सिंह सहित अन्य कार्मिक मौजूद रहे।3
- एक व्यक्ति द्वारा पंडित जी से ग्रहों को लेकर पूछा जाता है और पंडित जी द्वारा ग्रह को लेकर ऐसा खुलासा किया जाता है कि आप भी एक बार सुनकर दंग रह जाएंगे1
- बाली उपखण्ड के चामुंडेरी में शीतला माता मंदिर में महिलाओं ने अलसुबह चढ़ाया ठंडा जल, बीमारी से बचाव की कामना की, आखों की रोशनी कायम रखने को ग्रामीण माता के स्नान का पानी आखों के लगाने है चामुंडेरी गांव में हर वर्ष आयोजित होने वाले दो दिवसीय शीतला माता मेले से पूर्व मंगलवार अल सुबह श्रद्धा और आस्था का विशेष माहौल देखने को मिला। प्रातः 4 बजे से 5 बजे के बीच गांव की महिलाओं सहित आसपास के क्षेत्रों से पहुंची श्रद्धालु महिलाओं ने शीतला माता मंदिर में ठंडा जल चढ़ाकर परिवार व क्षेत्र की खुशहाली तथा बीमारियों से बचाव की कामना की। उसके बाद सुबह सुभ मुहर्त में महिलाओं ने माताजी के लगाया बासोड़ा का भोग चामुंडेरी ग्राम में दो दिवसीय शीतला माता के मेले का आगाज गांव की माता बहनों द्वारा बासोड़ा का भोग लगाने के साथ हुआ इस दौरान माता बहनों ने शीतला माता के मंगल गीत गाकर जयकारे भी लगाए गौरतलब है कि चामुंडेरी ग्राम में आयोजित शीतला माता का दो दिवसीय मेला श्री गौतम ऋषि मेले व भातुण्ड शीतला माता मेले के साथ बड़े मेले में चामुंडेरी शीतला माता के मेले का नाम भी सुमार है मान्यता है कि चामुंडेरी शीतला माता जी की पूजा अर्चना के बाद चेचक जैसी बीमारियों से भी परिवार को मुक्ति मिलती है मान्यता है कि शीतला माता को ठंडा जल अर्पित करने के बाद बासोड़ा का भोग लगाने से गांव एवं आसपास के क्षेत्र में चेचक जैसी संक्रामक बीमारियों का प्रकोप नहीं फैलता और क्षेत्र रोग भय से मुक्त रहता है। माताजी के स्नान का पानी आखों पर लगाने से आंखों को भी रोग से मुक्ति मिलती है, ग्रामीणों के अनुसार यदि संयोगवश किसी व्यक्ति को यह बीमारी हो भी जाए तो माता के नाम से शरीर के वजन के बराबर गुड़ का भोग लगाकर ‘बोलमा’ करने से रोग शीघ्र दूर हो जाता है। शीतला माता के चमत्कार और आस्था को लेकर दूर-दराज के गांवों से भी बड़ी संख्या में महिलाएं मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करती हैं। मेले को लेकर गांव में उत्साह का माहौल बना हुआ है तथा मंदिर परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया है। आगामी दो दिवसीय मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। मेले में शीतला माता के प्रति बढ़ती आस्था के अनुसार महिलाओं के जल चढ़ाने के चलते मन्दिर परिसर में पानी ढुलने और लाइन से भगदड़ ना मचे ओर ना फिसलन से कोई हादशा हो को लेकर मन्दिर प्रसासक ने बेहतरीन व्यवस्था की है कि मन्दिर में जल लेकर पहुचने पर जल पात्र बहन बेटियों से पुजारी बदाराम माली उनसे सम्मान पूर्वक ग्रहण कर माता के जल चढाकर माता का स्नान किया पानी देते है वही बासोड़ा का भोग लगाने के लिए बड़ी तादात में महिलाएं पहुचती है साथ ही दर्शन को बड़ी सख्या में श्रदालू भी पहुचते है तो मन्दिर की व्यवस्थाओं के मध्यनजर भोग लगाने के लिए मन्दिर प्रांगण में स्थान निर्धारित किया गया जहां आसानी से माता बहने भोग लगा कर पूजा अर्चना कर रही, बासोड़ा का भोग लगने के साथ शुरू हुआ मेला मन्दिर प्रांगण में माता बहनो ने माताजी के बासोड़ा का भोग लगाने के बाद मेले में दुकानें खुली मिठाई दुकानदारों ने मिठाई भूजिये गुलगुले बनाने को कड़ाई चढ़ाई झूले वालो ने भी श्रदालुओ के बैठने को झूले शुरू किए साथ ही मेला देखने लोगो का आवागमन शुरू हुआ लोग माता के जयकारे लगाते हुए मेला स्थल पहुच रहे1
- *8 महीनों से भवन ध्वस्त, खुले में पढ़ने को मजबूर 250 विद्यार्थी* ग्राम पंचायत मादडा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मादडा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। जर्जर अवस्था के कारण सरकार के आदेश पर विद्यालय भवन को 8 महीने पहले ध्वस्त कर दिया गया था, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। डोम या टेंट जैसी वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई है, जिससे करीब 250 विद्यार्थी खुले में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। यह विद्यालय कक्षा 12 तक संचालित है। स्टाफ की स्थिति भी कमजोर है—19 पद स्वीकृत होने के बावजूद केवल 7 शिक्षक कार्यरत हैं और सेकंड ग्रेड का एक भी शिक्षक उपलब्ध नहीं है। अभिभावकों ने शीघ्र भवन निर्माण और शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की है।1
- रेवदर तहसील के निम्बोड़ा गांव में बंदरों के बढ़ते आतंक से ग्रामीण दहशत में हैं। पिछले करीब एक सप्ताह से गांव में एक बंदर के हमलावर होने के कारण हालात गंभीर बने हुए हैं। जानकारी के अनुसार अब तक दर्जनभर ग्रामीण इस बंदर के हमले का शिकार हो चुके हैं, जिनमें कई छोटे बच्चे भी शामिल हैं। हमलों में कई बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं, जिससे गांव में भय और आक्रोश का माहौल बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बंदर अचानक लोगों पर झपट्टा मारकर हमला कर रहा है। खासकर छोटे बच्चों को निशाना बनाने से परिवारों में दहशत फैल गई है। कई अभिभावक अब अपने बच्चों को घर के बाहर खेलने तक नहीं भेज रहे हैं। गांव में रोजमर्रा के कामकाज के दौरान भी लोगों को बंदर के हमले का डर सताने लगा है। समाजसेवी गणपत सिंह निम्बोड़ा ने इस पूरे मामले को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि पिछले एक सप्ताह में करीब दर्जनभर लोग इस बंदर के हमले में घायल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है, लेकिन अब तक वन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि मामले की सूचना कई बार वन विभाग को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक बंदर को पकड़ने या नियंत्रित करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग की ओर से समय रहते कार्रवाई नहीं होने से लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द टीम भेजकर हमलावर बंदर को पकड़ा जाए, ताकि गांव में फैले डर के माहौल को खत्म किया जा सके और मासूम बच्चों सहित ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो ।1
- Post by देवीलाल गरासिया2
- बाली उपखण्ड के चामुंडेरी में शीतला माताजी को ठंडे पानी से महिलाओं ने करवाया स्नान1