*“प्रेम संबंध बलात्कार का लाइसेंस नहीं” — गुवाहाटी हाई कोर्ट ने समझौते के बावजूद POCSO केस रद्द करने से किया इनकार* गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए स्पष्ट किया है कि प्रेम संबंध या पारिवारिक समझौता, बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों को “वैध” नहीं बना सकता। अदालत ने POCSO व बलात्कार के आरोपों वाले मामले में आपराधिक कार्यवाही रद्द करने की याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि नाबालिग पीड़िता द्वारा दिए गए बयान और अपराध की गंभीरता किसी भी समझौते से ऊपर हैं। न्यायमूर्ति प्रांजल दास ने कहा कि रिश्ते में रहते हुए भी लड़की की इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाना दंडनीय अपराध है। मामला फकीरगंज थाने की FIR संख्या 16/2025 से संबंधित था, जिसमें आरोपी पर पीओसीएसओ की धारा 4, तथा बीएनएसएस की धारा 329(4), 64 और 351(2) के तहत आरोप लगाए गए थे। पिता की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप था कि 29 जनवरी 2025 को आरोपी घर में घुसकर 17 वर्षीय लड़की के साथ बलात्कार कर गया। हालांकि बाद में परिवारों के बीच समझौता हुआ और लड़की के पिता ने हलफनामा देकर आरोप वापस लेने की इच्छा जताई, लेकिन लड़की स्वयं कभी ऐसे समझौते में शामिल नहीं हुई। अदालत में आरोपी की ओर से तर्क दिया गया कि यह मामला प्रेम संबंध से जुड़ा है और दोनों परिवार उनके विवाह के लिए सहमत हैं। वहीं, राज्य पक्ष ने अदालत को बताया कि पीड़िता ने पुलिस और मजिस्ट्रेट, दोनों के सामने बार-बार बलात्कार की पुष्टि की है और किसी प्रकार की सहमति का संकेत नहीं दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे गंभीर और जघन्य अपराधों में समझौते के आधार पर कार्यवाही रद्द नहीं की जा सकती। अपने निर्णय में अदालत ने कहा कि नाबालिग पीड़िता, उसके लगातार बयानों और अपराध की गंभीर प्रकृति को देखते हुए कार्यवाही खत्म करना न्याय के सिद्धांतों के प्रतिकूल होगा। अदालत ने यह भी दोहराया कि प्रेम संबंध किसी भी परिस्थिति में बलात्कार का लाइसेंस नहीं बन सकता। अंततः हाई कोर्ट ने आपराधिक याचिका को खारिज कर दिया और कहा कि मुकदमा कानून के अनुसार आगे चलेगा।
*“प्रेम संबंध बलात्कार का लाइसेंस नहीं” — गुवाहाटी हाई कोर्ट ने समझौते के बावजूद POCSO केस रद्द करने से किया इनकार* गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए स्पष्ट किया है कि प्रेम संबंध या पारिवारिक समझौता, बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों को “वैध” नहीं बना सकता। अदालत ने POCSO व बलात्कार के आरोपों वाले मामले में आपराधिक कार्यवाही रद्द करने की याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि नाबालिग पीड़िता द्वारा दिए गए बयान और अपराध की गंभीरता किसी भी समझौते से ऊपर हैं। न्यायमूर्ति प्रांजल दास ने कहा कि रिश्ते में रहते हुए भी लड़की की इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाना दंडनीय अपराध है। मामला फकीरगंज थाने की FIR संख्या 16/2025 से संबंधित था, जिसमें आरोपी पर पीओसीएसओ की धारा 4, तथा बीएनएसएस की धारा 329(4), 64 और 351(2) के तहत आरोप लगाए गए थे। पिता की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप था कि 29 जनवरी 2025 को आरोपी घर में घुसकर 17 वर्षीय लड़की के साथ बलात्कार कर गया। हालांकि बाद में परिवारों के बीच समझौता हुआ और लड़की के पिता ने हलफनामा देकर आरोप वापस लेने की इच्छा जताई, लेकिन लड़की स्वयं कभी ऐसे समझौते में शामिल नहीं हुई। अदालत में आरोपी की ओर से तर्क दिया गया कि यह मामला प्रेम संबंध से जुड़ा है और दोनों परिवार उनके विवाह के लिए सहमत हैं। वहीं, राज्य पक्ष ने अदालत को बताया कि पीड़िता ने पुलिस और मजिस्ट्रेट, दोनों के सामने बार-बार बलात्कार की पुष्टि की है और किसी प्रकार की सहमति का संकेत नहीं दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे गंभीर और जघन्य अपराधों में समझौते के आधार पर कार्यवाही रद्द नहीं की जा सकती। अपने निर्णय में अदालत ने कहा कि नाबालिग पीड़िता, उसके लगातार बयानों और अपराध की गंभीर प्रकृति को देखते हुए कार्यवाही खत्म करना न्याय के सिद्धांतों के प्रतिकूल होगा। अदालत ने यह भी दोहराया कि प्रेम संबंध किसी भी परिस्थिति में बलात्कार का लाइसेंस नहीं बन सकता। अंततः हाई कोर्ट ने आपराधिक याचिका को खारिज कर दिया और कहा कि मुकदमा कानून के अनुसार आगे चलेगा।
- Post by हंडिया न्यूज़ प्रयाग पांडेय पत्रकार1
- Post by Vertman Bharat News Prayagraj1
- Post by रंजना हडिया प्रयागराज मोबाइल नंबर,84169043591
- *पहाड़ में खनन कार्य के दौरान मजदूर कि मौत पहाड़ से गिरकर हुई मजदूर की मौत से परिजनों में मचा हाहाकार,परिवार का आरोप बिना सुरक्षा उपकरणों के कराया जा रहा था काम*1
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- Post by Ptrkar deepak Shukla meja1
- प्रयागराज। भारतीय सेना से सेवानिवृत्त भोगन कोराव निवासी कृष्णकांत पांडे आज प्रयागराज पहुंचे, जहाँ क्षेत्रवासियों और परिजनों ने उनका भव्य स्वागत किया। स्वागत समारोह में फूल-मालाएं पहनाई गईं और मिठाई बांटी गई। इस मौके पर उनके भाई और भाजपा नेता हरीकांत पांडे भी मौजूद रहे। हरीकांत पांडे ने कहा, “हमारे तीन अन्य भाई अभी भी सेना में देश और भारत माता की सेवा कर रहे हैं। परिवार के लिए यह गर्व का क्षण है।” हरीकांत पांडे ने क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका समर्थन हमेशा देशभक्ति और समाज सेवा के मूल्यों को प्रेरित करता रहेगा। समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे और सभी ने कृष्णकांत पांडे के उज्जवल भविष्य की कामना की ।1
- Post by Ptrkar deepak Shukla meja1