गुजरात पुलिस ने सूरत ग्रामीण जिले के कडोदरा जीआईडीसी पुलिस स्टेशन की सीमा में आने वाले अंतरोली गाँव में हुए एक हत्या के मामले को कुछ ही दिनों में सुलझा लिया है। इस घटना में, 29 जून 2026 को शाम करीब 5:00 बजे, कडोदरा से सूरत जाने वाले सर्विस रोड के पास झाड़ियों से एक अज्ञात पुरुष का शव मिला था। मृतक की उम्र लगभग 30-35 वर्ष थी और उसके दाहिने हाथ पर 'रमेश नोशी' और 'RAMESH' नाम का टैटू गुदा हुआ था, साथ ही उसके शरीर पर चोटों के निशान भी थे। शुरुआत में, इस मामले को कडोदरा जीआईडीसी पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मौत नंबर-80/2026, बी.एन.एस.एस. 2023 की धारा-194 के तहत दर्ज किया गया था। हालांकि, शव के पोस्टमार्टम के दौरान यह बात सामने आई कि मृतक की मौत सिर में किसी कठोर और नुकीली वस्तु से लगी चोट के कारण हुई है। इसके बाद, कडोदरा जीआईडीसी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 103(1) के तहत एक अनसुलझी हत्या का गंभीर अपराध (गु.र.नं.112140-2326-1782/2026) दर्ज किया गया। पुलिस महानिरीक्षक श्री प्रेम वीर सिंह, सूरत विभाग, सूरत और पुलिस अधीक्षक श्री राजेश गढ़िया, सूरत ग्रामीण, सूरत के मार्गदर्शन में, इस अनसुलझी हत्या के मामले को सुलझाने के लिए सूरत जिला एल.सी.बी. और कडोदरा पुलिस को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। एच.एल. राठौड़, संभागीय पुलिस अधिकारी, बारडोली के पर्यवेक्षण में, एन.जी. पांचाणी, पुलिस इंस्पेक्टर, एल.सी.बी. सूरत ग्रामीण और वी.ए. देसाई, पुलिस इंस्पेक्टर, कडोदरा जीआईडीसी पुलिस स्टेशन ने एल.सी.बी., पैरोल फर्लो स्क्वॉड और कडोदरा जीआईडीसी पुलिस स्टेशन के अधिकारियों और कर्मचारियों की अलग-अलग टीमें बनाकर जांच शुरू की। जांच टीमों ने सीसीटीवी फुटेज, मानव खुफिया जानकारी और तकनीकी निगरानी के आधार पर गहन छानबीन की। टीम वर्क के जरिए मृतक की पहचान रमेश चमनलाल जोशी, उम्र लगभग 22 वर्ष, मूल निवासी ग्राम-पलासमा, वाया-सायरा, ता-गोगुंदा, जिला-उदयपुर, राजस्थान के रूप में हुई, जिसका कोई स्थायी पता नहीं था। इसके बाद, आसपास के गवाहों से पूछताछ और आरोपी के मिले हुए विवरण के आधार पर, व्यक्तिगत मानव स्रोतों और तकनीकी दिशा में आगे की जांच की गई। कडोदरा पुलिस स्टेशन के आर.पो.को. भौतिकभाई महेंद्रभाई ने व्यक्तिगत मानव स्रोतों के आधार पर एक संदिग्ध व्यक्ति का पता लगाया। जिला एल.सी.बी. और कडोदरा पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने संदिग्ध व्यक्ति से गहन पूछताछ की, जिसमें उसने मृतक की हत्या करने की बात कबूल की। आरोपी, गेशनकपार अनिल मिश्रा, जो श्री श्याम एम्प्रेस नामक ट्रांसपोर्ट के कंटेनर पर क्लीनर का काम करता था, माल भरने के लिए वरेली आया हुआ था। 27 जून 2026 को शाम के समय, कंटेनर में माल नहीं भरा होने के कारण आरोपी गोदाम के बाहर घूमने निकला था। उसी समय मृतक रास्ते पर गाली-गलौज कर रहा था, जिस बात पर दोनों के बीच झगड़ा हो गया। गुस्से में आकर आरोपी ने मृतक के सिर पर पत्थरों से वार कर गंभीर चोटें पहुंचाईं, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है।
गुजरात पुलिस ने सूरत ग्रामीण जिले के कडोदरा जीआईडीसी पुलिस स्टेशन की सीमा में आने वाले अंतरोली गाँव में हुए एक हत्या के मामले को कुछ ही दिनों में सुलझा लिया है। इस घटना में, 29 जून 2026 को शाम करीब 5:00 बजे, कडोदरा से सूरत जाने वाले सर्विस रोड के पास झाड़ियों से एक अज्ञात पुरुष का शव मिला था। मृतक की उम्र लगभग 30-35 वर्ष थी और उसके दाहिने हाथ पर 'रमेश नोशी' और 'RAMESH' नाम का टैटू गुदा हुआ था, साथ ही उसके शरीर पर चोटों के निशान भी थे। शुरुआत में, इस मामले को कडोदरा जीआईडीसी पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मौत नंबर-80/2026, बी.एन.एस.एस. 2023 की धारा-194 के तहत दर्ज किया गया था। हालांकि, शव के पोस्टमार्टम
के दौरान यह बात सामने आई कि मृतक की मौत सिर में किसी कठोर और नुकीली वस्तु से लगी चोट के कारण हुई है। इसके बाद, कडोदरा जीआईडीसी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 103(1) के तहत एक अनसुलझी हत्या का गंभीर अपराध (गु.र.नं.112140-2326-1782/2026) दर्ज किया गया। पुलिस महानिरीक्षक श्री प्रेम वीर सिंह, सूरत विभाग, सूरत और पुलिस अधीक्षक श्री राजेश गढ़िया, सूरत ग्रामीण, सूरत के मार्गदर्शन में, इस अनसुलझी हत्या के मामले को सुलझाने के लिए सूरत जिला एल.सी.बी. और कडोदरा पुलिस को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। एच.एल. राठौड़, संभागीय पुलिस अधिकारी, बारडोली के पर्यवेक्षण में, एन.जी. पांचाणी, पुलिस इंस्पेक्टर, एल.सी.बी. सूरत ग्रामीण और वी.ए. देसाई, पुलिस इंस्पेक्टर, कडोदरा जीआईडीसी पुलिस स्टेशन ने एल.सी.बी., पैरोल
फर्लो स्क्वॉड और कडोदरा जीआईडीसी पुलिस स्टेशन के अधिकारियों और कर्मचारियों की अलग-अलग टीमें बनाकर जांच शुरू की। जांच टीमों ने सीसीटीवी फुटेज, मानव खुफिया जानकारी और तकनीकी निगरानी के आधार पर गहन छानबीन की। टीम वर्क के जरिए मृतक की पहचान रमेश चमनलाल जोशी, उम्र लगभग 22 वर्ष, मूल निवासी ग्राम-पलासमा, वाया-सायरा, ता-गोगुंदा, जिला-उदयपुर, राजस्थान के रूप में हुई, जिसका कोई स्थायी पता नहीं था। इसके बाद, आसपास के गवाहों से पूछताछ और आरोपी के मिले हुए विवरण के आधार पर, व्यक्तिगत मानव स्रोतों और तकनीकी दिशा में आगे की जांच की गई। कडोदरा पुलिस स्टेशन के आर.पो.को. भौतिकभाई महेंद्रभाई ने व्यक्तिगत मानव स्रोतों के आधार पर एक संदिग्ध व्यक्ति का पता लगाया। जिला एल.सी.बी. और कडोदरा पुलिस स्टेशन
के अधिकारियों ने संदिग्ध व्यक्ति से गहन पूछताछ की, जिसमें उसने मृतक की हत्या करने की बात कबूल की। आरोपी, गेशनकपार अनिल मिश्रा, जो श्री श्याम एम्प्रेस नामक ट्रांसपोर्ट के कंटेनर पर क्लीनर का काम करता था, माल भरने के लिए वरेली आया हुआ था। 27 जून 2026 को शाम के समय, कंटेनर में माल नहीं भरा होने के कारण आरोपी गोदाम के बाहर घूमने निकला था। उसी समय मृतक रास्ते पर गाली-गलौज कर रहा था, जिस बात पर दोनों के बीच झगड़ा हो गया। गुस्से में आकर आरोपी ने मृतक के सिर पर पत्थरों से वार कर गंभीर चोटें पहुंचाईं, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है।
- सुप्रीम कोर्ट में लंबित पड़े मामलों के निस्तारण के उद्देश्य से 21 से 23 अगस्त तक एक विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह विशेष लोक अदालत मामलों को तेजी से निपटाने में सहायता करेगी।1
- प्रयागराज के मेजा क्षेत्र स्थित कुकुरकटवा गांव में हुए तिहरे हत्याकांड के पीड़ित परिवार को प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ ने 15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। मंत्री नन्दी दूसरी बार पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और उन्हें 5, 5, 5 लाख रुपये के तीन चेक सौंपकर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। यह सहायता राशि सरकारी खाते से दी गई है। इस दौरान उनके साथ जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, पुलिस कमिश्नर प्रयागराज जोगेंद्र कुमार, डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद यादव, मेजा थाना प्रभारी नितेंद्र कुमार और मांडा थाना प्रभारी अनिल कुमार वर्मा भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद सरकार इस मामले में सक्रिय दिख रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ही पीड़ित परिवार को यह 15 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई है। मंत्री नन्दी ने परिवार को न्याय दिलाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भी भरोसा दिलाया।1
- प्रयागराज जिले के जिगना थाना क्षेत्र के भीलगौर, गौरा स्थित एक पुस्तैनी मकान पर अवैध कब्जे और लाखों रुपये की संपत्ति हड़पने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले को लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। संजय कुमार उपाध्याय ने शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें आरोप है कि उनकी पुस्तैनी संपत्ति पर कुछ व्यक्तियों ने गैरकानूनी तरीके से कब्जा कर लिया है और लाखों रुपये की संपत्ति हड़प ली है। पुलिस अब इस मामले की गहनता से पड़ताल कर रही है।1
- कबाड़ की छंटाई कर रहे एक युवक को इस दौरान एक पिस्टल मिली, जिसे उसने बिना किसी देरी के तुरंत पुलिस को सौंप दिया। युवक के इस ईमानदारी भरे कार्य की पुलिस ने खुलकर सराहना की है। इसके साथ ही, पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें कोई भी संदिग्ध या अवैध वस्तु मिलती है, तो उसे छिपाने के बजाय तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दें।1
- मेजा कुकुर कटवा में आज एक पीड़ित परिवार को 15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिली है। यह सहायता पीड़ित परिवार को प्रदान की गई है।4
- प्रयागराज के कोरांव थाना क्षेत्र में बड़ोखर चौकी प्रभारी पर एक गंभीर आरोप लगा है, जहाँ एक छात्रा के अपहरण के मामले में पीड़ित पिता से उसकी बरामदगी के लिए कथित तौर पर पचास हजार रुपए की माँग की गई है। इस आरोप से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बड़ोखर निवासी अमरनाथ कुशवाहा ने बताया कि उनकी नाबालिग बेटी स्कूल जाते समय गायब हो गई थी, जिसकी रिपोर्ट उन्होंने कोरांव थाने में दर्ज कराई थी। कुशवाहा का आरोप है कि चौकी प्रभारी बड़ोखर प्रहलाद पाल, जो इस मामले के विवेचक भी हैं, ने उनसे कहा कि यदि वे पचास हजार रुपए देते हैं, तभी गायब हुई छात्रा की बरामदगी की जाएगी। आरोप है कि राशि न देने पर उन्हें चौकी से भगा दिया जाता है। बुजुर्ग पिता द्वारा चौकी प्रभारी पर लगाए गए इन आरोपों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। हालांकि, 'शुरू' एप इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता।1
- घोसिया नगर में सदस्यता अभियान चलाया गया। इस दौरान आयोजित एक नुक्कड़ सभा में संगठन के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया।1
- लखनऊ में क्राइम ब्रांच ने एक अंतरराष्ट्रीय फर्जी कॉल सेंटर पर बड़ी कार्रवाई की है। समिट बिल्डिंग की 11वीं मंजिल पर 14 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद इस अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड कॉल सेंटर का पर्दाफाश हुआ। इस कार्रवाई में कुल 119 साइबर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। यह बड़ी कार्रवाई ADCP क्राइम किरण यादव के नेतृत्व में की गई, जिन्होंने इस संबंध में एक बड़ा बयान भी दिया है।1
- प्रयागराज के मेजा तहसील क्षेत्र के लोहारी गांव में एक जंगली सूअर के अचानक दिख जाने से ग्रामीणों के बीच दहशत का माहौल है। जैसे ही खेतों और आबादी के नजदीक जंगली जानवर की मौजूदगी की खबर फैली, पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण लाठी-डंडों के साथ मौके पर इकट्ठा हुए और जंगली सूअर को पकड़ने व खदेड़ने का प्रयास करने लगे। ग्रामीणों ने घंटों तक उसे चारों ओर से घेरने की कोशिश की, लेकिन जंगली सूअर की फुर्ती और आक्रामकता के आगे उनकी कोई कोशिश सफल नहीं हो पाई। मौका पाकर वह घनी झाड़ियों और खेतों के रास्ते से निकल भागा। जंगली सूअर के हाथ न आने से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है; उन्हें तैयार फसलों के नुकसान के साथ-साथ बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों की सुरक्षा का डर सता रहा है। दहशत का आलम यह है कि शाम होते ही लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए हैं और खेतों की ओर अकेले जाने से बच रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है, ताकि जंगली सूअर को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके और गांव में सामान्य स्थिति बहाल हो पाए।1