logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

19 hrs ago
user_Sanjay Yadav
Sanjay Yadav
बेलदौर, खगड़िया, बिहार•
19 hrs ago
8e35ffd2-e54c-4822-b2a2-95231ccfdaf7
b8428bad-3d17-493b-a93b-11bf043c6e50
c43e3aee-bf63-4a60-a37b-a61ae3f8ae60

  • user_Sanjay Yadav
    Sanjay Yadav
    बेलदौर, खगड़िया, बिहार
    यह.लेढिस.दै.बचे.छेर.कर.चलि.गई.कहि.भि.नजर.आय.ते.न.पर.काल.करे.8882508039::7491882953:7503726692
    8 hrs ago
  • user_Sanjay Yadav
    Sanjay Yadav
    बेलदौर, खगड़िया, बिहार
    f13f4913-1828-4dcd-b3b3-172241285c8d
    0debe680-fe51-4e38-849b-0406c0d3791b
    97cf1759-e613-494a-b359-3399098be808
    f84e3136-188f-425a-a3be-b3547c3e83ed
    8 hrs ago
More news from बिहार and nearby areas
  • Post by Arman PLUMBING Work
    1
    Post by Arman PLUMBING Work
    user_Arman PLUMBING Work
    Arman PLUMBING Work
    Plumber सोनबरसा, सहरसा, बिहार•
    38 min ago
  • शिवरात्रि शुभ अवसर पर यह हमारे संघर्ष स्कूल के पास हो रहा है
    1
    शिवरात्रि शुभ अवसर पर यह हमारे संघर्ष स्कूल के पास हो रहा है
    user_Tanveer Rdx Patel
    Tanveer Rdx Patel
    चौथाम, खगड़िया, बिहार•
    9 hrs ago
  • नगर पंचायत सौर बाजार से सहुरिया पुर्वी पंचायत के सोनवर्षा टोला होते हुए दुहबी गांव जाने वाली मुख्य सड़क मार्ग में नदी पर बने पुल के समीप सड़क मार्ग खंडहर में तब्दील कभी भी हो सकता है बड़ी हादसा।
    1
    नगर पंचायत सौर बाजार से सहुरिया पुर्वी पंचायत के सोनवर्षा टोला होते हुए दुहबी गांव जाने वाली मुख्य सड़क मार्ग में नदी पर बने पुल के समीप सड़क मार्ग खंडहर में तब्दील कभी भी हो सकता है बड़ी हादसा।
    user_मिथिलेश कुमार
    मिथिलेश कुमार
    Teacher सौर बाजार, सहरसा, बिहार•
    50 min ago
  • वार्षिक माध्यमिक परीक्षा (सैद्धांतिक) 2026 17 फरवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 तक दो पालियो मे आयोजित होगी। इस जिले मे कुल 37 परीक्षा केन्द्रो पर परीक्षा संचालित होगी।
    2
    वार्षिक माध्यमिक परीक्षा (सैद्धांतिक) 2026
17 फरवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 तक दो पालियो मे आयोजित होगी। इस जिले मे कुल 37 परीक्षा केन्द्रो पर परीक्षा संचालित होगी।
    user_Press Reporter
    Press Reporter
    पत्रकार गोगरी, खगड़िया, बिहार•
    4 hrs ago
  • Post by Kirana dukan
    1
    Post by Kirana dukan
    user_Kirana dukan
    Kirana dukan
    Grain Wholesaler सिमरी बख्तियारपुर, सहरसा, बिहार•
    11 hrs ago
  • बिहार के मधेपुरा से सरकारी लापरवाही की एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां जिंदा लोगों को सरकारी रिकॉर्ड में ‘मृत’ घोषित कर दिया गया, जिसके बाद उनकी वृद्धा पेंशन बंद हो गई। मामला मुरलीगंज प्रखंड का है, जहां बुजुर्ग अब अपने जिंदा होने का सबूत देने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। मामला मधेपुरा जिले के मुरलीगंज प्रखंड अंतर्गत पोखराम परमानंदपुर पंचायत के नवटोलिया, वार्ड संख्या–12 का है। सुरेंद्र यादव, सुगिया देवी और जयमंती देवी वर्षों से वृद्धा पेंशन योजना का लाभ ले रहे थे। लेकिन अचानक उनके खाते में पेंशन की राशि आनी बंद हो गई। जब प्रखंड कार्यालय में जानकारी ली गई, तो पता चला कि सरकारी पोर्टल पर उन्हें ‘मृत’ दिखा दिया गया है। बिना किसी भौतिक सत्यापन और जांच के जिंदा लोगों को सिस्टम में मृत घोषित कर देना प्रशासनिक लापरवाही की बड़ी मिसाल माना जा रहा है। बाइट – सुगिया देवी, पीड़ित वृद्धा: “हम जिंदा हैं, फिर भी कागज पर मरा दिया गया… पेंशन बंद हो गया… हम गरीब लोग कहां जाएं?” वृद्धा पेंशन ही इन बुजुर्गों के लिए जीवनयापन का मुख्य सहारा थी। पेंशन बंद होने से दवा, राशन और दैनिक जरूरतों पर संकट गहरा गया है। परिजनों का कहना है कि कई बार कार्यालय का चक्कर लगाने के बाद भी सिर्फ आश्वासन मिला है, समाधान नहीं। बाइट – जयमंती देवी, पीड़ित वृद्धा बाइट – सुरेंद्र यादव, पीड़ित वृद्ध बाइट – रितेश यादव, स्थानीय ग्रामीण स्थानीय ग्रामीणों ने मुरलीगंज प्रखंड कार्यालय पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बिना पैसे के कोई काम नहीं होता। ग्रामीणों का आरोप है कि हर काम के लिए घूस मांगी जाती है और गरीबों की सुनवाई नहीं होती। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसकी लापरवाही से जिंदा लोगों को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया? क्या यह महज डेटा एंट्री की गलती है या किसी स्तर पर गंभीर अनियमितता? क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी, या फिर मामला जांच के नाम पर ठंडे बस्ते में चला जाएगा? यह घटना न सिर्फ प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है, बल्कि गरीब और बुजुर्ग लाभुकों की संवेदनशील योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी गंभीर चिंता पैदा करती है। अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि कब तक इन ‘जिंदा’ लोगों को उनके जिंदा होने का हक और पेंशन वापस मिलती है।
    4
    बिहार के मधेपुरा से सरकारी लापरवाही की एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां जिंदा लोगों को सरकारी रिकॉर्ड में ‘मृत’ घोषित कर दिया गया, जिसके बाद उनकी वृद्धा पेंशन बंद हो गई। मामला मुरलीगंज प्रखंड का है, जहां बुजुर्ग अब अपने जिंदा होने का सबूत देने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
मामला मधेपुरा जिले के मुरलीगंज प्रखंड अंतर्गत पोखराम परमानंदपुर पंचायत के नवटोलिया, वार्ड संख्या–12 का है।
सुरेंद्र यादव, सुगिया देवी और जयमंती देवी वर्षों से वृद्धा पेंशन योजना का लाभ ले रहे थे। लेकिन अचानक उनके खाते में पेंशन की राशि आनी बंद हो गई।
जब प्रखंड कार्यालय में जानकारी ली गई, तो पता चला कि सरकारी पोर्टल पर उन्हें ‘मृत’ दिखा दिया गया है।
बिना किसी भौतिक सत्यापन और जांच के जिंदा लोगों को सिस्टम में मृत घोषित कर देना प्रशासनिक लापरवाही की बड़ी मिसाल माना जा रहा है।
बाइट – सुगिया देवी, पीड़ित वृद्धा:
“हम जिंदा हैं, फिर भी कागज पर मरा दिया गया… पेंशन बंद हो गया… हम गरीब लोग कहां जाएं?”
वृद्धा पेंशन ही इन बुजुर्गों के लिए जीवनयापन का मुख्य सहारा थी। पेंशन बंद होने से दवा, राशन और दैनिक जरूरतों पर संकट गहरा गया है।
परिजनों का कहना है कि कई बार कार्यालय का चक्कर लगाने के बाद भी सिर्फ आश्वासन मिला है, समाधान नहीं।
बाइट – जयमंती देवी, पीड़ित वृद्धा
बाइट – सुरेंद्र यादव, पीड़ित वृद्ध
बाइट – रितेश यादव, स्थानीय ग्रामीण
स्थानीय ग्रामीणों ने मुरलीगंज प्रखंड कार्यालय पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बिना पैसे के कोई काम नहीं होता।
ग्रामीणों का आरोप है कि हर काम के लिए घूस मांगी जाती है और गरीबों की सुनवाई नहीं होती।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसकी लापरवाही से जिंदा लोगों को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया? क्या यह महज डेटा एंट्री की गलती है या किसी स्तर पर गंभीर अनियमितता?
क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी, या फिर मामला जांच के नाम पर ठंडे बस्ते में चला जाएगा?
यह घटना न सिर्फ प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है, बल्कि गरीब और बुजुर्ग लाभुकों की संवेदनशील योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी गंभीर चिंता पैदा करती है।
अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि कब तक इन ‘जिंदा’ लोगों को उनके जिंदा होने का हक और पेंशन वापस मिलती है।
    user_RAMAN KUMAR
    RAMAN KUMAR
    REPORTER मधेपुरा, मधेपुरा, बिहार•
    1 hr ago
  • थार और स्कॉर्पियो सड़कों पर चलाई नहीं उड़ाई जा रही हैं। ऊपर से स्टंटबाजी करके रील भी बनाई जा रही है। साहिल की मां ने 23 साल से उसे पाल पोषकर बड़ा किया और स्कॉर्पियो वाला एक झटके में रौंदकर चला गया। सिंगल मदर थीं, अकेली मां, सबकुछ उजड़ गया।
    1
    थार और स्कॉर्पियो सड़कों पर चलाई नहीं उड़ाई जा रही हैं।
ऊपर से स्टंटबाजी करके रील भी बनाई जा रही है।
साहिल की मां ने 23 साल से उसे पाल पोषकर बड़ा किया और स्कॉर्पियो वाला एक झटके में रौंदकर चला गया।
सिंगल मदर थीं, अकेली मां, सबकुछ उजड़ गया।
    user_Pravesh kumar
    Pravesh kumar
    Local News Reporter सुल्तानगंज, भागलपुर, बिहार•
    3 hrs ago
  • Post by Arman PLUMBING Work
    1
    Post by Arman PLUMBING Work
    user_Arman PLUMBING Work
    Arman PLUMBING Work
    Plumber सोनबरसा, सहरसा, बिहार•
    20 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.