*सवाई माधोपुर में एग्रीक्लिनिक की स्थापना, किसानों को मिलेगा एकीकृत वैज्ञानिक समाधान* *मृदा परीक्षण, कीट-रोग नियंत्रण एवं उन्नत कृषि तकनीकों पर एक ही स्थान पर विशेषज्ञ परामर्श* *सवाई माधोपुर, 29 अप्रैल।* राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत कृषकों को त्वरित एवं प्रभावी समाधान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय स्थित सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) परिसर में एग्रीक्लिनिक की स्थापना की गई है। यह एग्रीक्लिनिक किसानों के लिए एक समेकित सेवा केंद्र के रूप में कार्य करते हुए कृषि संबंधी समस्याओं का वैज्ञानिक एवं समयबद्ध समाधान उपलब्ध कराएगा। एग्रीक्लिनिक प्रभारी डॉ. किशन लाल गुर्जर ने बताया कि केंद्र पर मृदा परीक्षण, फसलों में कीट एवं रोगों की पहचान, उनके नियंत्रण एवं उपचार संबंधी वैज्ञानिक सलाह सहित उन्नत कृषि तकनीकों का मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। मृदा परीक्षण के माध्यम से खेत की उर्वरता का आकलन कर संतुलित उर्वरक उपयोग की सिफारिश की जाएगी, जिससे उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि संभव होगी। केंद्र पर समेकित कीट प्रबंधन के अंतर्गत फसलों में लगने वाले कीट एवं रोगों के नियंत्रण हेतु प्रभावी उपाय सुझाए जाएंगे। इसके साथ ही किसानों को फसल प्रबंधन, सिंचाई, उन्नत बीज, फसल चक्र, बागवानी एवं पशुपालन को समाहित करते हुए समेकित कृषि प्रणाली अपनाने के लिए मार्गदर्शन दिया जाएगा, जिससे आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित हो सके। किसान अपनी फसल संबंधी समस्याओं को सीधे एग्रीक्लिनिक में प्रस्तुत कर सकेंगे। आवश्यकता अनुसार कृषि विभाग के अधिकारी खेतों का भ्रमण कर मौके पर समाधान भी उपलब्ध कराएंगे। संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) लखपत लाल मीना ने बताया कि एग्रीक्लिनिक की स्थापना से किसानों को विशेषज्ञ सलाह समय पर उपलब्ध होगी, जिससे फसल हानि में कमी आएगी तथा खेती अधिक लाभकारी बनेगी। यह पहल जिले में कृषि सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। लोकेशन सवाई माधोपुर
*सवाई माधोपुर में एग्रीक्लिनिक की स्थापना, किसानों को मिलेगा एकीकृत वैज्ञानिक समाधान* *मृदा परीक्षण, कीट-रोग नियंत्रण एवं उन्नत कृषि तकनीकों पर एक ही स्थान पर विशेषज्ञ परामर्श* *सवाई माधोपुर, 29 अप्रैल।* राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत कृषकों को त्वरित एवं प्रभावी समाधान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय स्थित सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) परिसर में एग्रीक्लिनिक की स्थापना की गई है। यह एग्रीक्लिनिक किसानों के लिए एक समेकित सेवा केंद्र के रूप में कार्य करते हुए कृषि संबंधी समस्याओं का वैज्ञानिक एवं समयबद्ध समाधान उपलब्ध कराएगा। एग्रीक्लिनिक प्रभारी डॉ. किशन लाल गुर्जर ने बताया कि केंद्र पर मृदा परीक्षण, फसलों में कीट एवं रोगों की पहचान, उनके नियंत्रण एवं उपचार संबंधी वैज्ञानिक सलाह सहित उन्नत कृषि तकनीकों का मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। मृदा परीक्षण के माध्यम से खेत की उर्वरता का आकलन कर संतुलित उर्वरक उपयोग की सिफारिश की जाएगी, जिससे उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि संभव होगी। केंद्र पर समेकित कीट प्रबंधन के अंतर्गत फसलों में लगने वाले कीट एवं रोगों के नियंत्रण हेतु प्रभावी उपाय सुझाए जाएंगे। इसके साथ ही किसानों को फसल प्रबंधन, सिंचाई, उन्नत बीज, फसल चक्र, बागवानी एवं पशुपालन को समाहित करते हुए समेकित कृषि प्रणाली अपनाने के लिए मार्गदर्शन दिया जाएगा, जिससे आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित हो सके। किसान अपनी फसल संबंधी समस्याओं को सीधे एग्रीक्लिनिक में प्रस्तुत कर सकेंगे। आवश्यकता अनुसार कृषि विभाग के अधिकारी खेतों का भ्रमण कर मौके पर समाधान भी उपलब्ध कराएंगे। संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) लखपत लाल मीना ने बताया कि एग्रीक्लिनिक की स्थापना से किसानों को विशेषज्ञ सलाह समय पर उपलब्ध होगी, जिससे फसल हानि में कमी आएगी तथा खेती अधिक लाभकारी बनेगी। यह पहल जिले में कृषि सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। लोकेशन सवाई माधोपुर
- ## **आक्रोश की आग में सुलगता उत्तर प्रदेश: स्मार्ट मीटर के खिलाफ ‘जन-क्रांति’ या अराजकता?** **लखनऊ से लेकर वाराणसी तक सड़कों पर फूटा जनता का गुस्सा; हजारों मीटर मलबे में तब्दील, सरकार के खिलाफ आर-पार की जंग का ऐलान!** ### **बड़ी खबर: यूपी में 'स्मार्ट' सिस्टम पर भारी पड़ा जनता का 'पावर'** *कृष्णानन्द शर्मा"शिवराम"* नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की सड़कों पर इस वक्त विकास के दावों और जनता के आक्रोश के बीच एक भीषण टकराव की स्थिति बनी हुई है। जिसे सरकार 'सुधार' कह रही थी, उसे प्रदेश की जनता ने 'आर्थिक डकैती' करार दे दिया है। राजधानी लखनऊ समेत मेरठ, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज जैसे बड़े शहरों से जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वे किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं हैं। गुस्साई जनता ने अपने घरों के बाहर लगे **प्रीपेड स्मार्ट मीटरों** को उखाड़ फेंका है। कहीं मीटरों की होली जलाई जा रही है, तो कहीं उन्हें बीच सड़क पर पटककर हथौड़ों से चकनाचूर किया जा रहा है। बिजली विभाग के खिलाफ उपजा यह जन-आक्रोश अब एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुका है। ### **शहर-दर-शहर: विरोध की धधकती चिंगारी** उत्तर प्रदेश का शायद ही कोई ऐसा कोना बचा हो, जहाँ स्मार्ट मीटर का विरोध न हो रहा हो। प्रदर्शन का केंद्र बने प्रमुख शहरों का हाल कुछ इस प्रकार है: | शहर | विरोध का स्वरूप | मुख्य घटना | |---|---|---| | **लखनऊ** | सड़कों पर घेराव | शक्ति भवन के बाहर सैकड़ों मीटरों का ढेर लगाया गया। | | **वाराणसी** | घाटों से गलियों तक गूँज | काशी की तंग गलियों में बिजली विभाग की टीमों को खदेड़ा गया। | | **मेरठ** | हिंसक झड़प | प्रदर्शनकारियों ने मीटरों को सड़क पर रखकर उस पर बुलडोजर चलाने की कोशिश की। | | **प्रयागराज** | छात्र और युवा शक्ति | संगम नगरी में छात्रों ने 'मीटर हटाओ, प्रदेश बचाओ' के नारे बुलंद किए। | | **कानपुर** | औद्योगिक आक्रोश | व्यापारियों ने स्मार्ट मीटर को 'व्यापार का दुश्मन' बताते हुए सामूहिक बहिष्कार किया। | ### **क्यों भड़की है विद्रोह की ये ज्वाला?** जनता के इस जबरदस्त गुस्से के पीछे सिर्फ एक कारण नहीं है, बल्कि शिकायतों की एक लंबी फेहरिस्त है: 1. **तेज रफ्तार से भागते मीटर:** उपभोक्ताओं का आरोप है कि पुराने मीटर की तुलना में स्मार्ट मीटर की रीडिंग **30% से 50%** अधिक आ रही है। 2. **प्रीपेड का फंदा:** "पहले इस्तेमाल करें, फिर भुगतान करें" की जगह "पहले पैसे दें, वरना अंधेरा झेलें" वाली नीति गरीब और मध्यम वर्ग को रास नहीं आ रही है। 3. **बिना सूचना बिजली गुल:** बैलेंस खत्म होते ही रात के 2 बजे भी बिजली कट जाना, जनता के सब्र का बांध तोड़ रहा है। 4. **तकनीकी खामियां:** सर्वर डाउन होने के कारण रिचार्ज न होना और शिकायत पर कोई सुनवाई न होना आम बात हो गई है। ### **सियासी अखाड़ा बना 'स्मार्ट मीटर': कांग्रेस और विपक्षी दलों का हल्ला बोल** इस जन-आक्रोश ने विपक्षी दलों को सरकार को घेरने का एक बड़ा हथियार दे दिया है। **कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य क्षेत्रीय संगठनों** ने इस मुद्दे पर कंधे से कंधा मिला लिया है। > "यह स्मार्ट मीटर नहीं, बल्कि जनता की जेब काटने वाली मशीन है। जब तक ये मीटर हटाए नहीं जाते, कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता सड़कों पर संघर्ष करेगा।" > — **विपक्षी नेताओं का साझा बयान** > प्रतापगढ़, जौनपुर और भदोही जैसे जिलों में राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने मीटरों को बोरियों में भरकर जिला मुख्यालयों पर जमा कर दिया है। फैजाबाद और गोरखपुर में भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जबरन मीटर लगाए गए, तो बिजली दफ्तरों में तालाबंदी कर दी जाएगी। ### **विस्फोटक मंजर: जब सड़कों पर टूटे कांच और उम्मीदें** सीतापुर और जौनपुर से आई तस्वीरों ने प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए हैं। वहां आक्रोशित महिलाओं ने हाथ में डंडे लेकर बिजली विभाग की टीम को वापस जाने पर मजबूर कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अंधेरे में रहने को तैयार हैं, लेकिन इस 'लूट' को बर्दाश्त नहीं करेंगे। सड़कों पर पड़े टूटे हुए मीटरों के अवशेष इस बात की गवाही दे रहे हैं कि जनता अब केवल आश्वासन से मानने वाली नहीं है। पुलिस ने कई जगहों पर लाठीचार्ज भी किया, लेकिन भीड़ का हौसला कम होने के बजाय और बढ़ता गया। ### **निष्कर्ष: क्या पीछे हटेगी सरकार?** उत्तर प्रदेश में फैला यह विद्रोह बिजली विभाग और सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। एक तरफ तकनीकी प्रगति का दावा है, तो दूसरी तरफ धरातल पर त्राहि-त्राहि मचाती जनता। **क्या प्रशासन इन मीटरों की जांच कराएगा? क्या प्रीपेड व्यवस्था में बदलाव होगा? या फिर यह आंदोलन 2027 के चुनाव से पहले सरकार के लिए एक बड़ा 'करंट' साबित होगा?** फिलहाल, यूपी की सड़कों पर गूँजते नारे और टूटते स्मार्ट मीटर एक ही संदेश दे रहे हैं— **"हक की लड़ाई, अब आर-पार की!"**1
- विधानसभा सत्र शुरू होते ही आज समाजवादी पार्टी के विधायकों का विधानसभा गेट नम्बर 5 पर धरना प्रदर्शन दिया1
- यूपी, बुलंदशहर: जन्मदिन की पार्टी में केक चेहरे पर लगाने की बात पर हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया था, जहां बर्थडे बॉय जीतू सैनी ने गुस्से में एक ही परिवार के तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बताया गया कि उसने पिस्टल से दो मैगजीन खाली कर पुलिस को भी खुली चुनौती दी थी आज बुलंदशहर पुलिस ने आरोपी जीतू सैनी को मुठभेड़ में मार गिराया। इस एनकाउंटर के दौरान इंस्पेक्टर असलम और सिपाही मोहित भी घायल हो गए हैं।1
- खुर्जा ट्रिपल मर्डर का मास्टरमाइंड ढेर: 50 हजार का इनामी जीतू सैनी पुलिस मुठभेड़ में खत्म1
- *मिशन शक्ति फेज-5.0: थाना बन्धुआकला पुलिस ने लगायी चौपाल* *पुलिस अधीक्षक सुलतानपुर श्रीमती चारू निगम के निर्देशन में थाना बन्धुआकला पुलिस ने चौपाल लगाकर महिलाओं व बालिकाओं व व्यक्तियों को जागरूक किया। टीम ने 1090,1098,181, 112, 108 और 1076 हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी और साइबर सुरक्षा-1930 व आत्मरक्षा के प्रति प्रेरित कर सुरक्षा का भरोसा दिलाया।*1
- सड़क हादसे का एक CCTV वीडियो सामने आया है, जिसमें एक बच्चा अचानक सड़क पर आ जाता है और वाहन की चपेट में आ जाता है। यह घटना लापरवाही और असावधानी के खतरनाक परिणाम को दिखाती है। वीडियो वायरल होने के बाद लोग सवाल उठा रहे हैं कि ऐसी घटनाओं में जिम्मेदारी किसकी होती है—अभिभावकों की या वाहन चालक की। यह मामला सभी के लिए चेतावनी है कि सड़क पर बच्चों की सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों का पालन बेहद जरूरी है।1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- महिला के शोर मचाने पर मौलाना भाग खड़ा हुआ मौलाना की अश्लीलता की वारदात गली में लगे CCTV में कैद हो गई महिला ने किसी तरह अपनी इज्जत बचाई इस संबंध में थाना मुगलपुरा में मुकदमा पंजीकृत करके मौलाना की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।2