भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) मुख्यालय, जयपुर के निर्देशों पर एसीबी चौकी झुंझुनूं इकाई ने 25 मई 2026 को एक बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान, झुंझुनूं में ग्राम पंचायत बेरला, पंचायत समिति सूरजगढ़ के ग्राम विकास अधिकारी (GVA) राजकुमार को एक परिवादी से ₹8,50,000 की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस गोविंद गुप्ता ने बताया कि एसीबी चौकी झुंझुनूं को एक शिकायत मिली थी। परिवादी बेरला गांव में स्थित अपने आवासीय भूखंड पर एक मेडिकल दुकान का संचालन करता है। उसने अपनी इस दुकान को व्यावसायिक उपयोग के लिए परिवर्तित करवाने और भूखंड की एन.ओ.सी. जारी करवाने हेतु ग्राम पंचायत बेरला में आवेदन किया था। राजकुमार, जो ग्राम विकास अधिकारी है, ने इन कार्यों के एवज में 19 मई 2026 को परिवादी से ₹8.50 लाख की रिश्वत की मांग की थी। 21 मई 2026 को इस रिश्वत मांग का गोपनीय सत्यापन भी करवाया गया, जिसमें आरोपी राजकुमार ने रिश्वत राशि सीधे स्वयं को देने के लिए कहा था। इस सूचना पर, एसीबी के उप महानिरीक्षक पुलिस डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कुमार पूनियाँ के नेतृत्व में एसीबी की झुंझुनूं इकाई की टीम ने एक ट्रैप कार्रवाई का आयोजन किया। आरोपी राजकुमार ने परिवादी को दीपक मेडिकोज, सूरजगढ़ पर बुलाया, जहाँ उसे परिवादी से ₹8.50 लाख की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। रिश्वत की पूरी राशि ₹8.50 लाख आरोपी राजकुमार के हाथ से बरामद कर ली गई है। मौके पर अग्रिम कार्रवाई अभी जारी है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) मुख्यालय, जयपुर के निर्देशों पर एसीबी चौकी झुंझुनूं इकाई ने 25 मई 2026 को एक बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान, झुंझुनूं में ग्राम पंचायत बेरला, पंचायत समिति सूरजगढ़ के ग्राम विकास अधिकारी (GVA) राजकुमार को एक परिवादी से ₹8,50,000 की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस गोविंद गुप्ता ने बताया कि एसीबी चौकी झुंझुनूं को एक शिकायत मिली थी। परिवादी बेरला गांव में स्थित अपने आवासीय भूखंड पर एक मेडिकल दुकान का संचालन करता है। उसने अपनी इस दुकान को व्यावसायिक उपयोग के लिए परिवर्तित करवाने और भूखंड की एन.ओ.सी. जारी करवाने हेतु ग्राम पंचायत बेरला में आवेदन किया था। राजकुमार, जो ग्राम विकास अधिकारी है, ने इन कार्यों के एवज में 19 मई 2026 को परिवादी से ₹8.50 लाख की रिश्वत की मांग की थी। 21 मई 2026 को इस रिश्वत मांग का गोपनीय सत्यापन भी करवाया गया, जिसमें आरोपी राजकुमार ने रिश्वत राशि सीधे स्वयं को देने के लिए कहा था। इस सूचना पर, एसीबी के उप महानिरीक्षक पुलिस डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कुमार पूनियाँ के नेतृत्व में एसीबी की झुंझुनूं इकाई की टीम ने एक ट्रैप कार्रवाई का आयोजन किया। आरोपी राजकुमार ने परिवादी को दीपक मेडिकोज, सूरजगढ़ पर बुलाया, जहाँ उसे परिवादी से ₹8.50 लाख की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। रिश्वत की पूरी राशि ₹8.50 लाख आरोपी राजकुमार के हाथ से बरामद कर ली गई है। मौके पर अग्रिम कार्रवाई अभी जारी है।
- सनातन की सरकार पर सनातनियों पर प्रहार करने का आरोप लगाया गया है। इस गंभीर स्थिति में, प्रभावित लोगों द्वारा न्याय का इंतज़ार केवल बेनीवाल से ही किया जा रहा है।1
- पूरे भारत की जनता एक स्वर में यह कह रही है कि नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री ने ऐसे कार्य कर दिखाए हैं जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं कर सके। बंगाल की जनता पूरे उत्साह के साथ 'वाह शुभेंदु, वाह' कहकर उनकी प्रशंसा कर रही है।1
- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गजेंद्र सिंह पर बातों ही बातों में तंज कसा है।1
- जयपुर जिले के चौमूं स्थित सिल्वर पार्क (रीको) में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे औचक कार्रवाई की, जिसमें खराब क्वालिटी के मूंगफली के बीजों की पैकेजिंग का बड़ा खुलासा हुआ। इस छापेमारी के दौरान मंत्री को फैक्ट्री में साबुत मूंगफली की 2 लाख बोरियां मिलीं, जो सभी खराब गुणवत्ता की थीं। इन बोरियों से दाना निकालकर मशीनों से पैक किया जा रहा था, और मौके से लाखों खाली बैग तथा हजारों पैक किए हुए बैग बरामद किए गए। कार्रवाई के दौरान 'एग्रो जेनिक्स क्रॉप साइंस' और 'जीएम एग्रो इंडस्ट्रीज' नामक दो अनधिकृत कंपनियां 'श्री बालाजी एग्रो सीकर' के नाम से इन खराब बीजों की पैकेजिंग करती पाई गईं। कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसानों के हितों की रक्षा और नकली व अमानक कृषि उत्पादों पर शिकंजा कसने के उद्देश्य से की गई है। इसी अभियान के तहत, कृषि विभाग की टीमों ने जोधपुर, बीकानेर, सीकर और चूरू सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में एक साथ निरीक्षण और कार्रवाई अभियान चलाया, जिसमें कई अवैध इकाइयों के खिलाफ कार्यवाही की गई।1
- केंद्रीय पुस्तकालय में छात्रों को पीने के ठंडे पानी जैसी मूलभूत सुविधा न मिलने को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। छात्रों का आरोप है कि जहाँ आम विद्यार्थी गर्मी में ठंडे पानी के लिए परेशान हो रहे हैं, वहीं लाइब्रेरी के HOD कक्ष में फ्रिज, AC और ठंडा पानी सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ मौजूद हैं। इसी मुद्दे पर विरोध जताते हुए छात्र नेता शुभम रेवाड़ ने HOD कार्यालय में रखे डबल डोर फ्रिज को बाहर निकलवाकर लाइब्रेरी परिसर में रखवा दिया। शुभम रेवाड़ का कहना है कि जब छात्रों के लिए सुविधाएँ नहीं हैं, तो उन्हें केवल अधिकारियों के कमरों तक ही सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। इस घटना के बाद, लाइब्रेरी परिसर में छात्रों के बीच यह मुद्दा गरमा गया और उन्होंने इसे 'समान सुविधा' की माँग से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस मामले पर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने रोडवेज बस यात्रा पर उठे विवाद के बाद अब अपने पूरे दौरे की एक रील सोशल मीडिया पर साझा की है। इस नई रील में मंत्री को एक स्लीपर प्राइवेट बस में सफर करते देखा जा रहा है, जबकि पहले उनका रोडवेज बस में सफर वाला वीडियो वायरल हुआ था। पहले वायरल हुए वीडियो में कैमरे को लेकर तंज भी सुनाई दिया था। अब रोडवेज बस के बाद प्राइवेट स्लीपर बस की तस्वीरें सामने आने से सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि यह 'जनसंपर्क यात्रा' थी या केवल 'कैमरा यात्रा'। इस पूरे दौरे को लेकर विपक्ष और यूजर्स दोनों ही कटाक्ष कर रहे हैं, वहीं मंत्री के समर्थक इसे उनकी सादगी और आम लोगों से जुड़ने की कोशिश के तौर पर प्रस्तुत कर रहे हैं।1
- जयपुर के चौमूं स्थित सिल्वर पार्क (रीको) में एक औचक निरीक्षण के दौरान 'एग्रो जेनिक्स क्रॉप साइंस' और 'जीएम एग्रो इंडस्ट्रीज' नामक अनाधिकृत कंपनियों द्वारा 'श्री बालाजी एग्रो सीकर' के नाम से नकली मूंगफली बीजों की अवैध पैकेजिंग का गंभीर मामला सामने आया है। यह कार्रवाई बालाजी एग्रो इंडस्ट्री के एक गोदाम पर हुई, जहाँ 'आरजी-510' किस्म के नकली मूंगफली बीज तैयार किए जा रहे थे। उल्लेखनीय है कि 'आरजी-510' मूंगफली की एक उन्नत किस्म है जिसे दुर्गापुरा स्थित आरएआरआई (RARI) द्वारा विकसित किया गया है। यह खुलासा कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा जी के नकली बीजों को लेकर चलाए जा रहे छापामारी अभियान के तहत हुआ है, जिसमें गुणवत्ताहीन मूंगफली बीजों की अवैध पैकेजिंग की जा रही थी।1
- जयपुर में पानी को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज़ हो गई है। इसी कड़ी में, प्रताप सिंह खाचरियावास के नेतृत्व में जल भवन का घेराव किया गया।1