उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद में, ग्राम सिद्धपरा के मजरा सुदरपुरा के ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं के लिए भारी संघर्ष करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव में वोट न देने के कारण उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है, जिसके चलते विकास कार्यों में उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। इस समस्या का मुख्य बिंदु रामपुरा-मछड मार्ग से सुदरपुरा को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है, जो पिछले लगभग चार साल से पूरी तरह जर्जर अवस्था में है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सड़क पर अब डामर का कोई नामोनिशान नहीं बचा है और यह बड़े-बड़े गड्ढों तथा पत्थरों में बदल चुकी है, जिससे आए दिन राहगीर और वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं। बरसात के मौसम में तो यह स्थिति और भी बदतर हो जाती है। ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर शासन और प्रशासन को कई बार लिखित शिकायतें देकर अवगत कराया है, लेकिन उनका कहना है कि आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। अधिकारियों की इस बेरुखी से लगता है कि आम जनता की समस्याओं को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। एक प्रेस विज्ञप्ति/आधिकारिक बयान में, आम आदमी पार्टी ने ग्रामीणों का समर्थन करते हुए इस अन्याय के खिलाफ खड़े होने की बात कही है। पार्टी ने इस सड़क का निर्माण जल्द से जल्द कराने की मांग की है, अन्यथा सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होने की चेतावनी दी है।
उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद में, ग्राम सिद्धपरा के मजरा सुदरपुरा के ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं के लिए भारी संघर्ष करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव में वोट न देने के कारण उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है, जिसके चलते विकास कार्यों में उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। इस समस्या का मुख्य बिंदु रामपुरा-मछड मार्ग से सुदरपुरा को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है, जो पिछले लगभग चार साल से पूरी तरह जर्जर अवस्था में है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सड़क पर अब डामर का कोई नामोनिशान नहीं बचा है और यह बड़े-बड़े गड्ढों तथा पत्थरों में बदल चुकी है, जिससे आए दिन राहगीर और वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं। बरसात के मौसम में तो यह स्थिति और भी बदतर हो जाती है। ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर शासन और प्रशासन को कई बार लिखित शिकायतें देकर अवगत कराया है, लेकिन उनका कहना है कि आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। अधिकारियों की इस बेरुखी से लगता है कि आम जनता की समस्याओं को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। एक प्रेस विज्ञप्ति/आधिकारिक बयान में, आम आदमी पार्टी ने ग्रामीणों का समर्थन करते हुए इस अन्याय के खिलाफ खड़े होने की बात कही है। पार्टी ने इस सड़क का निर्माण जल्द से जल्द कराने की मांग की है, अन्यथा सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होने की चेतावनी दी है।
- जालौन के कुठौंद कस्बे में पत्रकारिता दिवस के अवसर पर जिला ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन द्वारा पंडित श्रवण कुमार द्विवेदी महाविद्यालय परिसर में एक ऐतिहासिक और ऊर्जावान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस भव्य आयोजन में जिले भर से जुटे पत्रकारों, जनप्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों ने पत्रकारिता की बदलती दिशा, चुनौतियों और जिम्मेदारियों पर अपनी बात रखी, जिसमें यह संदेश स्पष्ट रूप से गूंजा कि सच्ची पत्रकारिता ही लोकतंत्र की असली ताकत है। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्रबंधक और दैनिक ग्रामीण सुबह की संपादक सुनीता द्विवेदी ने की, जबकि कालपी विधायक पंडित विनोद चतुर्वेदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में सालिकराम पांडेय, कुठौंद ब्लॉक प्रमुख रामू द्विवेदी, जिला पंचायत सदस्य राघवेंद्र पांडेय, तथा दैनिक लोक मित्र, दैनिक लोहिया भूमि पंजाब केसरी, दैनिक आज, दैनिक स्वदेश और दैनिक समय जगत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के ब्यूरो चीफ सहित कई प्रमुख हस्तियाँ शामिल रहीं। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि पंडित विनोद चतुर्वेदी ने पत्रकारों को लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ बताया, जो सत्ता को आईना दिखाते हैं और समाज को दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता ही जनता के अधिकारों की सच्ची प्रहरी है, और उन्होंने जनहित के मुद्दों पर पत्रकारों के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया। अध्यक्षीय उद्बोधन में सुनीता द्विवेदी ने पत्रकारिता के बदलते स्वरूप और डिजिटल युग में फेक न्यूज तथा भ्रामक सूचनाओं के तेजी से फैलने पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने इस दौर में पत्रकारों की जिम्मेदारी बढ़ने की बात कही और सत्य, निष्पक्षता व सामाजिक सरोकारों से समझौता न करने पर जोर दिया, जिसे उन्होंने पत्रकारिता की असली पहचान बताया। कार्यक्रम का संचालन सुरेंद्र श्रीवास्तव ने प्रभावी ढंग से किया, जबकि जिला अध्यक्ष अंजनी कुमार सोनी ने आयोजन की पूरी कमान संभाली। अंजनी कुमार सोनी ने कहा कि पत्रकारिता दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि पत्रकारों के लिए अपने कर्तव्यों और मूल्यों का आत्ममंथन करने का दिन है। इस गरिमामय अवसर पर एक सौ से अधिक पत्रकार और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, जिनमें सुरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, मयंक श्रीवास्तव, अनूप मिश्रा, सौरभ पांडेय, जीवन राम यादव, भरत मिश्रा, विनय कुमार, शेखर श्रीवास्तव, भगवान दुबे सहित कई अन्य पत्रकार शामिल थे। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा सभी पत्रकारों को सम्मानित किया गया, विशेष रूप से उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों की सराहना की गई, जिससे पूरे माहौल में उत्साह और गौरव की भावना भर गई। यह आयोजन पत्रकारिता की ताकत, एकता और जिम्मेदारी का जोरदार प्रदर्शन बनकर उभरा, जिसने एक बार फिर साबित कर दिया कि कलम की धार कभी दबती नहीं, बल्कि हर हाल में सच को सामने लाती है।4
- जालौन में डॉ. हरिनंदन प्रसाद को नया मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) नियुक्त किया गया है, जिसके बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जालौन की दुर्दशा दूर होने की उम्मीदें जगी हैं। वर्तमान में केंद्र परिसर में चारों ओर गंदगी फैली है, खुले में मल पड़ा है और दीवारों पर पेड़ उग आए हैं। मरीजों के बैठने के लिए कुर्सियों की जगह ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो यहां की व्यापक खामियों को उजागर करता है। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, डॉ. प्रसाद को तत्काल प्रभाव से यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी इस नियुक्ति से जिले के स्वास्थ्य विभाग में एक नई कार्यशैली और सेवाओं में महत्वपूर्ण सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है।1
- जालौन जिले में एक होमगार्ड जवान ने अपनी ईमानदारी का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। होमगार्ड जवान द्वारा पेश की गई इस ईमानदारी की घटना की अब जिले भर में हर तरफ चर्चा हो रही है।1
- जालौन के कोंच विकासखंड क्षेत्र के असूपुरा गांव में पिछले चार-पांच दिनों से विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गांव का ट्रांसफार्मर फुंक जाने के कारण पूरे क्षेत्र में घना अंधेरा पसरा हुआ है, वहीं गौशाला में भी बिजली न होने से उसकी व्यवस्थाएं प्रभावित हो गई हैं। इस भीषण गर्मी के बीच बिजली न मिलने से ग्रामीणों के पेयजल, घरेलू कार्यों और बच्चों की पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, गांव की गौशाला में भी विद्युत आपूर्ति बाधित होने से पशुओं की देखभाल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में कठिनाइयां आ रही हैं। इसी समस्या को लेकर ग्रामीणों ने रविवार दोपहर 1:30 बजे एसडीएम कोंच हेमंत पटेल को एक शिकायती पत्र सौंपा, जिसमें बताया गया कि गांव में कई दिनों से बिजली नहीं आ रही है। शिकायत के बाद मौके पर पहुंचे लाइनमैन ने जांच कर पुष्टि की कि गांव का ट्रांसफार्मर खराब होकर फुंक गया है, जिसके चलते विद्युत आपूर्ति बाधित है। समस्त ग्रामवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में जल्द से जल्द नया ट्रांसफार्मर लगवाकर विद्युत आपूर्ति बहाल कराई जाए, ताकि आम जनमानस और गौशाला को हो रही समस्याओं से राहत मिल सके। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी कोंच से तत्काल हस्तक्षेप करते हुए आवश्यक कार्रवाई कराने का अनुरोध किया है और उम्मीद जताई है कि प्रशासन उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान सुनिश्चित करेगा। वहीं, एसडीएम हेमंत पटेल ने ग्रामीणों को जल्द से जल्द व्यवस्था दुरुस्त करने का आश्वासन दिया है। इस मौके पर रामकुमार, रामसिंह, सत्यवीर, कन्हैय्या, पारस, हरेंद्र, गोलू, नरेंद्र, राजीव, भूरे, जयसिंह, मोहित, हरगोविंद, अभितेंद्र, कुलदीप, शांतनु, ओमजी, रामनुग्रह सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।1
- एक पोस्ट में दर्शकों से पूछा गया है कि क्या किसी शंकराचार्य को इस प्रकार की टिप्पणी देनी चाहिए। पोस्ट के माध्यम से, लोगों से टिप्पणी अनुभाग में अपनी राय देने का आग्रह किया गया है, और यह भी कहा गया है कि वे इस विषय पर अपनी प्रतिक्रिया देने से पहले पूरा वीडियो अवश्य सुनें।1
- ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, बागेश्वर सरकार धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने 21 दिन की साधना से लौटने के बाद एक बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने जनता की आवाज बनकर प्रधानमंत्री की अपील पर जनता के मन की बात की। उन्होंने इच्छा व्यक्त की कि काश नेताओं की 'चीलगाड़ी' पर भी रोक लगाई जाती। अपनी कथा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने NEET पेपर लीक को सिस्टम की गलती बताया और स्पष्ट रूप से कहा कि इस गलती के लिए सिस्टम को ही दंड मिलना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने 'कॉकरोच जनता पार्टी' के बारे में भी अपने विचार प्रकट किए। बागेश्वर धाम के पुजारी पंडित श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के इस बयान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।1
- मध्य प्रदेश के भिंड में पहली बार भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन की गौरवगाथा को बड़े पर्दे पर प्रदर्शित किया गया। दैनिक हिन्दुस्तान प्रगति समाचार के अनुसार, इस प्रस्तुति की कलचुरी समाज द्वारा सराहना की गई है।1
- जनपद जालौन के ग्राम पंचायत लहचूरा में सरकारी नल के रीबोर के नाम पर सरकारी संपत्ति गायब होने का मामला सामने आया है। ग्राम प्रधान अनिल कुमार बर्मा ने बताया कि हनुमान मंदिर पर लगे सरकारी नल की मशीन, आठ छड़ें और पंप सहित अन्य सामान रीबोर के समय निकाल लिया गया था। हालांकि, अब इस संबंध में गोलमोल जवाब दिए जा रहे हैं। प्रधान के अनुसार, ग्राम पंचायत में बिजली खराब होने के कारण सरकारी नलों का उपयोग शुरू हो गया है, जिससे उनकी आवश्यकता बढ़ गई है। ऐसे में कुछ नलों की दयनीय दशा पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ग्राम प्रधान और स्थानीय निवासियों की ओर से स्पष्टीकरण माँगा जा रहा है कि आखिर रीबोर का कार्य कहां गया और सरकारी नल का सारा सामान कहां चला गया।1