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सिवनी जिले के लिए यह अत्यंत गौरव और हर्ष का विषय है कि जिले के सुप्रसिद्ध सिवनी जम्बो सीताफल को प्रतिष्ठित भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग प्राप्त हो गया है। यह उपलब्धि जिले की अनूठी कृषि पहचान और किसानों के अथक परिश्रम को राष्ट्रीय स्तर पर मिली एक महत्वपूर्ण मान्यता है। जीआई टैग मिलने से सिवनी जम्बो सीताफल को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एक नई पहचान मिलेगी, जिससे किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सकेगा। सिवनी जम्बो सीताफल अपने बड़े आकार, उत्कृष्ट गुणवत्ता और स्वाभाविक रूप से विकसित होने वाले विशिष्ट मीठे स्वाद के लिए देशभर में अपनी पहचान रखता है। इस सीताफल का औसत वजन 200 से 650 ग्राम प्रति फल होता है, वहीं भूतबंधानी क्षेत्र में उत्पादित कई फल 800 ग्राम से लेकर एक किलोग्राम तक वजनी पाए जाते हैं। जीआई टैग मिलने से इस उत्पाद की विशिष्ट पहचान सुरक्षित रहेगी और इसके नाम के किसी भी दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगेगी। सहायक संचालक उद्यानिकी सिवनी, डॉ. आशा उपवंशी-वासेवार ने जानकारी दी कि उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने कलेक्टर सिवनी और आयुक्त उद्यानिकी के मार्गदर्शन में वर्ष 2023 में भूतबंधानी सीताफल क्रॉप प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के माध्यम से जीआई टैग के लिए आवेदन किया था, जिसके परिणामस्वरूप यह महत्वपूर्ण मान्यता मिली है। इस जीआई टैग से जिले के हजारों सीताफल उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। अब सिवनी में उत्पादित सीताफल को उसकी विशिष्ट पहचान के साथ बाजार में प्रस्तुत किया जा सकेगा, और अन्य क्षेत्रों के उत्पादक इसके नाम का उपयोग नहीं कर पाएंगे। इससे उत्पाद की मांग और मूल्य दोनों में वृद्धि होने की प्रबल संभावना है, साथ ही सीताफल उत्पादन, क्षेत्र विस्तार और प्रसंस्करण गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह किसानों की आय में वृद्धि करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने में सहायक होगा। वर्तमान में, सिवनी जिले में लगभग 695 हेक्टेयर क्षेत्र में सीताफल की खेती की जा रही है, जिससे प्रतिवर्ष लगभग 6090 मीट्रिक टन का उत्पादन होता है। जिले का सीताफल दिल्ली, मुंबई, नागपुर, रायपुर, वाराणसी जैसे देश के प्रमुख शहरों में विशेष मांग रखता है। सीताफल का उपयोग प्रसंस्करण कर पल्प बनाने में भी होता है, जिससे आइसक्रीम, रबड़ी, बासुंदी, लस्सी, शेक और विभिन्न प्रकार की मिठाइयां बनाई जाती हैं। इसके अतिरिक्त, सीताफल के पत्तों और छिलकों का उपयोग जैविक खाद और औषधीय उत्पादों के निर्माण में भी होता है। जिले में सीताफल उत्पादकों को संगठित कर दो एफपीओ का गठन किया गया है और तीन सीताफल पल्प प्रसंस्करण इकाइयाँ भी स्थापित की गई हैं। कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना, जिला उद्यानिकी अधिकारी डॉ. आशा उपवंशी-वासेवार, तथा जिला प्रशासन एवं उद्यानिकी विभाग ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर जिले के किसानों, उद्यानिकी विशेषज्ञों और सभी संबंधित हितधारकों को हार्दिक बधाई दी है। कलेक्टर ने विश्वास व्यक्त किया कि जीआई टैग के माध्यम से सिवनी जम्बो सीताफल को देश और विदेश के बाजारों में एक नई पहचान मिलेगी तथा इससे जिले के किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। यह उपलब्धि सिवनी की कृषि विरासत को सशक्त बनाने और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सिवनी के इस विश्वप्रसिद्ध जम्बो सीताफल को जीआई टैग मिलना आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 'वोकल फॉर लोकल' और 'लोकल टू ग्लोबल' के संकल्प का प्रत्यक्ष परिणाम है। शीतकाल सत्र 2025 में संसद में सिवनी के जम्बो सीताफल को जीआई टैग प्रदान करने की महत्वपूर्ण मांग उठाई गई थी। इस दिशा में हुई प्रगति से सिवनी के किसानों, उद्यमियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई शक्ति मिलेगी तथा स्थानीय उत्पाद को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त होगी। इस जनहितकारी पहल के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं माननीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल जी का हृदय से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया गया है। उनके दूरदर्शी नेतृत्व में देश के पारंपरिक एवं विशिष्ट उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल रही है, जिससे किसानों की आय बढ़ रही है और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई गति मिल रही है।

10 hrs ago
user_सरवन वर्मा पत्रकार
सरवन वर्मा पत्रकार
Journalist कुरई, सिवनी, मध्य प्रदेश•
10 hrs ago

सिवनी जिले के लिए यह अत्यंत गौरव और हर्ष का विषय है कि जिले के सुप्रसिद्ध सिवनी जम्बो सीताफल को प्रतिष्ठित भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग प्राप्त हो गया है। यह उपलब्धि जिले की अनूठी कृषि पहचान और किसानों के अथक परिश्रम को राष्ट्रीय स्तर पर मिली एक महत्वपूर्ण मान्यता है। जीआई टैग मिलने से सिवनी जम्बो सीताफल को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एक नई पहचान मिलेगी, जिससे किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सकेगा। सिवनी जम्बो सीताफल अपने बड़े आकार, उत्कृष्ट गुणवत्ता और स्वाभाविक रूप से विकसित होने वाले विशिष्ट मीठे स्वाद के लिए देशभर में अपनी पहचान रखता है। इस सीताफल का औसत वजन 200 से 650 ग्राम प्रति फल होता है, वहीं भूतबंधानी क्षेत्र में उत्पादित कई फल 800 ग्राम से लेकर एक किलोग्राम तक वजनी पाए जाते हैं। जीआई टैग मिलने से इस उत्पाद की विशिष्ट पहचान सुरक्षित रहेगी और इसके नाम के किसी भी दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगेगी। सहायक संचालक उद्यानिकी सिवनी, डॉ. आशा उपवंशी-वासेवार ने जानकारी दी कि उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने कलेक्टर सिवनी और आयुक्त उद्यानिकी के मार्गदर्शन में वर्ष 2023 में भूतबंधानी सीताफल क्रॉप प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के माध्यम से जीआई टैग के लिए आवेदन किया था, जिसके परिणामस्वरूप यह महत्वपूर्ण मान्यता मिली है। इस जीआई टैग से जिले के हजारों सीताफल उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। अब सिवनी में उत्पादित सीताफल को उसकी विशिष्ट पहचान के साथ बाजार में प्रस्तुत किया जा सकेगा, और अन्य क्षेत्रों के उत्पादक इसके नाम का उपयोग नहीं कर पाएंगे। इससे उत्पाद की मांग और मूल्य दोनों में वृद्धि होने की प्रबल संभावना है, साथ ही सीताफल उत्पादन, क्षेत्र विस्तार और प्रसंस्करण गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह किसानों की आय में वृद्धि करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने में सहायक होगा। वर्तमान में, सिवनी जिले में लगभग 695 हेक्टेयर क्षेत्र में सीताफल की खेती की जा रही है, जिससे प्रतिवर्ष लगभग 6090 मीट्रिक टन का उत्पादन होता है। जिले का सीताफल दिल्ली, मुंबई, नागपुर, रायपुर, वाराणसी जैसे देश के प्रमुख शहरों में विशेष मांग रखता है। सीताफल का उपयोग प्रसंस्करण कर पल्प बनाने में भी होता है, जिससे आइसक्रीम, रबड़ी, बासुंदी, लस्सी, शेक और विभिन्न प्रकार की मिठाइयां बनाई जाती हैं। इसके अतिरिक्त, सीताफल के पत्तों और छिलकों का उपयोग जैविक खाद और औषधीय उत्पादों के निर्माण में भी होता है। जिले में सीताफल उत्पादकों को संगठित कर दो एफपीओ का गठन किया गया है और तीन सीताफल पल्प प्रसंस्करण इकाइयाँ भी स्थापित की गई हैं। कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना, जिला उद्यानिकी अधिकारी डॉ. आशा उपवंशी-वासेवार, तथा जिला प्रशासन एवं उद्यानिकी विभाग ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर जिले के किसानों, उद्यानिकी विशेषज्ञों और सभी संबंधित हितधारकों को हार्दिक बधाई दी है। कलेक्टर ने विश्वास व्यक्त किया कि जीआई टैग के माध्यम से सिवनी जम्बो सीताफल को देश और विदेश के बाजारों में एक नई पहचान मिलेगी तथा इससे जिले के किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। यह उपलब्धि सिवनी की कृषि विरासत को सशक्त बनाने और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सिवनी के इस विश्वप्रसिद्ध जम्बो सीताफल को जीआई टैग मिलना आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 'वोकल फॉर लोकल' और 'लोकल टू ग्लोबल' के संकल्प का प्रत्यक्ष परिणाम है। शीतकाल सत्र 2025 में संसद में सिवनी के जम्बो सीताफल को जीआई टैग प्रदान करने की महत्वपूर्ण मांग उठाई गई थी। इस दिशा में हुई प्रगति से सिवनी के किसानों, उद्यमियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई शक्ति मिलेगी तथा स्थानीय उत्पाद को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त होगी। इस जनहितकारी पहल के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं माननीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल जी का हृदय से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया गया है। उनके दूरदर्शी नेतृत्व में देश के पारंपरिक एवं विशिष्ट उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल रही है, जिससे किसानों की आय बढ़ रही है और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई गति मिल रही है।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • बालाघाट जिले के ढिमरूरीढ गाँव में एक भैंस की ट्रांसफार्मर के करंट लगने से दुखद मृत्यु हो गई। इस घटना के 24 घंटे से अधिक बीत जाने के बावजूद, बिजली विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा है, जिससे स्थिति जस की तस बनी हुई है।
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    बालाघाट जिले के ढिमरूरीढ गाँव में एक भैंस की ट्रांसफार्मर के करंट लगने से दुखद मृत्यु हो गई। इस घटना के 24 घंटे से अधिक बीत जाने के बावजूद, बिजली विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा है, जिससे स्थिति जस की तस बनी हुई है।
    user_Dev Anand
    Dev Anand
    कटंगी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • सिवनी में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने अमानक तेल मिलने के बाद बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने अमानक तेल मिलने पर मौके से नमूने एकत्रित किए और संबंधित प्रतिष्ठान को एक नोटिस भी जारी किया है।
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    सिवनी में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने अमानक तेल मिलने के बाद बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने अमानक तेल मिलने पर मौके से नमूने एकत्रित किए और संबंधित प्रतिष्ठान को एक नोटिस भी जारी किया है।
    user_Devendra thakur
    Devendra thakur
    Salesperson सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के बिछुआ क्षेत्र की आदिवासी जनपद पंचायत की किशनपुर पंचायत में मानवता को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। गांव के सार्वजनिक कुएं में किसी अज्ञात व्यक्ति ने सल्फास डाल दिया, जिससे पूरे गांव को मौत बांटने की साजिश रची गई। ग्रामीणों ने जब नल से फेन वाला और बदबूदार पानी देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। कुएं पर पहुंचने पर पता चला कि जाली पर सल्फास पाउडर चिपका था, साइड में बिखरा था और कुएं के अंदर सल्फास के खाली पैकेट के साथ मरी हुई मछलियां और कीड़े-मकोड़े तैर रहे थे। ग्रामीणों का दावा है कि यह जहरीला पानी पूरे गांव में बंट चुका है और कई लोगों ने उसे पी भी लिया है, जिसके चलते वे बीमार हो गए हैं। बीमार ग्रामीणों को बिछुआ स्वास्थ्य केंद्र लाया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। इस घटना से ग्रामीणों में भारी गुस्सा है और उनका सीधा आरोप पंचायत पर है कि उसकी घोर लापरवाही के कारण यह कांड हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक कुएं के चारों ओर बाउंड्रीवाल तक नहीं बनी थी, जिससे कोई भी अज्ञात व्यक्ति आसानी से कुएं तक पहुंचकर गांव की जान से खिलवाड़ कर सका। ग्रामीणों का सवाल है कि यह लापरवाही है या कोई गहरी साजिश? उनकी नाराजगी इस बात पर भी है कि पंचायत कुंभकर्णी नींद में सो रही थी और जब मौत कुएं तक पहुंच गई, तब जाकर उसकी नींद टूटी है। फिलहाल, पानी की सप्लाई आनन-फानन में बंद कर दी गई है और पानी के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। ग्रामीण मांग कर रहे हैं कि दोषी की तुरंत गिरफ्तारी हो, पंचायत के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और गांव को तत्काल सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाए। संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया है और उनका पक्ष मिलने पर आगे प्रकाशित किया जाएगा।
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    मध्य प्रदेश के बिछुआ क्षेत्र की आदिवासी जनपद पंचायत की किशनपुर पंचायत में मानवता को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। गांव के सार्वजनिक कुएं में किसी अज्ञात व्यक्ति ने सल्फास डाल दिया, जिससे पूरे गांव को मौत बांटने की साजिश रची गई। ग्रामीणों ने जब नल से फेन वाला और बदबूदार पानी देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। कुएं पर पहुंचने पर पता चला कि जाली पर सल्फास पाउडर चिपका था, साइड में बिखरा था और कुएं के अंदर सल्फास के खाली पैकेट के साथ मरी हुई मछलियां और कीड़े-मकोड़े तैर रहे थे। ग्रामीणों का दावा है कि यह जहरीला पानी पूरे गांव में बंट चुका है और कई लोगों ने उसे पी भी लिया है, जिसके चलते वे बीमार हो गए हैं। बीमार ग्रामीणों को बिछुआ स्वास्थ्य केंद्र लाया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।

इस घटना से ग्रामीणों में भारी गुस्सा है और उनका सीधा आरोप पंचायत पर है कि उसकी घोर लापरवाही के कारण यह कांड हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक कुएं के चारों ओर बाउंड्रीवाल तक नहीं बनी थी, जिससे कोई भी अज्ञात व्यक्ति आसानी से कुएं तक पहुंचकर गांव की जान से खिलवाड़ कर सका। ग्रामीणों का सवाल है कि यह लापरवाही है या कोई गहरी साजिश? उनकी नाराजगी इस बात पर भी है कि पंचायत कुंभकर्णी नींद में सो रही थी और जब मौत कुएं तक पहुंच गई, तब जाकर उसकी नींद टूटी है।

फिलहाल, पानी की सप्लाई आनन-फानन में बंद कर दी गई है और पानी के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। ग्रामीण मांग कर रहे हैं कि दोषी की तुरंत गिरफ्तारी हो, पंचायत के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और गांव को तत्काल सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाए। संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया है और उनका पक्ष मिलने पर आगे प्रकाशित किया जाएगा।
    user_Baljeet Chouhan
    Baljeet Chouhan
    Credit reporting agency बिछुआ, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ 30 जून 2026 को आधिकारिक तौर पर नए सेना प्रमुख का पदभार भारतीय...
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    लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ 30 जून 2026 को आधिकारिक तौर पर नए सेना प्रमुख का पदभार भारतीय...
    user_भारत खबर लाइव सच्ची खबर का शहर
    भारत खबर लाइव सच्ची खबर का शहर
    छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में स्थित कान्हा नेशनल पार्क में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) के कारण लगातार हो रही बाघों की मौत पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की बेंच ने इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए केंद्र और राज्य सरकार को वायरस की रोकथाम के लिए निर्धारित मानकों के तहत कार्य करने तथा जल्द से जल्द एक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। मुंबई के वकील सुब्रत चक्रवर्ती की याचिका के अनुसार, पार्क में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और NTCA के नियमों की अनदेखी की जा रही है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि अप्रैल में बाघिन सुनैना, अमाही और उसके चार शावकों सहित 19 मई 2026 को नर बाघ महावीर की मौत का मुख्य कारण घातक CDV वायरस ही है। याचिकाकर्ता का यह भी आरोप है कि नियमों के बावजूद, प्रशासन ने रोग निगरानी, पशु चिकित्सा और जैव-सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। माननीय हाईकोर्ट ने इस संबंध में केंद्रीय पर्यावरण सचिव, NTCA और राज्य के वन अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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    मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में स्थित कान्हा नेशनल पार्क में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) के कारण लगातार हो रही बाघों की मौत पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की बेंच ने इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए केंद्र और राज्य सरकार को वायरस की रोकथाम के लिए निर्धारित मानकों के तहत कार्य करने तथा जल्द से जल्द एक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

मुंबई के वकील सुब्रत चक्रवर्ती की याचिका के अनुसार, पार्क में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और NTCA के नियमों की अनदेखी की जा रही है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि अप्रैल में बाघिन सुनैना, अमाही और उसके चार शावकों सहित 19 मई 2026 को नर बाघ महावीर की मौत का मुख्य कारण घातक CDV वायरस ही है। याचिकाकर्ता का यह भी आरोप है कि नियमों के बावजूद, प्रशासन ने रोग निगरानी, पशु चिकित्सा और जैव-सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। माननीय हाईकोर्ट ने इस संबंध में केंद्रीय पर्यावरण सचिव, NTCA और राज्य के वन अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
    user_INDRAJEET SINGH DASHMER
    INDRAJEET SINGH DASHMER
    पत्रकार बालाघाट, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • सरकारी भूमि पर वर्षों से अवैध कब्जे का गंभीर आरोप सामने आया है, जिसके विरोध में ग्रामीणों ने एक मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों द्वारा अब शासकीय भूमि का सीमांकन कराने और उस पर हुए अतिक्रमण को तत्काल हटाने की मांग उठाई जा रही है।
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    सरकारी भूमि पर वर्षों से अवैध कब्जे का गंभीर आरोप सामने आया है, जिसके विरोध में ग्रामीणों ने एक मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों द्वारा अब शासकीय भूमि का सीमांकन कराने और उस पर हुए अतिक्रमण को तत्काल हटाने की मांग उठाई जा रही है।
    user_BS News Network
    BS News Network
    Local News Reporter सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 17 हितग्राहियों को मिलने वाली पहली किस्त पिछले डेढ़ माह से अटकी हुई है। यह किस्त अभी तक लाभार्थियों तक नहीं पहुँच पाई है।
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    प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 17 हितग्राहियों को मिलने वाली पहली किस्त पिछले डेढ़ माह से अटकी हुई है। यह किस्त अभी तक लाभार्थियों तक नहीं पहुँच पाई है।
    user_Dev Anand
    Dev Anand
    कटंगी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • सिवनी में बाल एवं बंधक श्रम के उन्मूलन के उद्देश्य से एक जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया, जो सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
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    सिवनी में बाल एवं बंधक श्रम के उन्मूलन के उद्देश्य से एक जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया, जो सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
    user_Devendra thakur
    Devendra thakur
    Salesperson सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • मंगलवार शाम, वारासिवनी थाना क्षेत्र के ग्राम डोंगरगांव में स्थित कोंडलपथ मंदिर के समीप एक भीषण सड़क हादसे में पाँच लोग घायल हो गए। दो बाइकों के बीच हुई इस टक्कर के बाद, सभी घायलों को 108 एम्बुलेंस की मदद से सिविल अस्पताल वारासिवनी ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला चिकित्सालय बालाघाट रेफर कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, लिंगमारा निवासी देवनसिंह मड़ावी अपने परिवार के साथ शाम को वारासिवनी से लिंगमारा लौट रहे थे। इसी दौरान ग्राम डोंगरगांव के कोंडलपथ मंदिर के पास पीछे से आ रही ग्राम लिंगमारा निवासी भरतलाल बघेले द्वारा चलाई जा रही दूसरी बाइक अनियंत्रित होकर उनकी बाइक से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहनों पर सवार लोग सड़क पर गिरकर चोटिल हो गए। इस दुर्घटना में देवनसिंह मड़ावी के हाथ और पैर की अंगुली में चोट आई है, वहीं उनके साथ आर्यन मड़ावी के हाथ और पैर, वर्षा मड़ावी के हाथ व कंधे तथा शशिकला के हाथ और पैर में चोटें लगी हैं। चिकित्सकों ने वर्षा मड़ावी के दाहिने हाथ में फ्रैक्चर की भी पुष्टि की है। दूसरी ओर, दूसरी बाइक चला रहे भरतलाल बघेले के सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उनकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। दुर्घटना के तुरंत बाद, आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने घायलों की सहायता की और 108 एम्बुलेंस को सूचित किया। सूचना मिलते ही, 108 एम्बुलेंस के ईएमटी गजेंद्र पंजरे और पायलट इस्माईल खान मौके पर पहुँचे और सभी घायलों को सिविल अस्पताल वारासिवनी पहुंचाया। सिविल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के उपरांत, बेहतर इलाज के लिए सभी घायलों को जिला चिकित्सालय बालाघाट स्थानांतरित कर दिया गया। पुलिस ने भी दुर्घटना की सूचना मिलते ही मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल व्याप्त हो गया था। स्थानीय लोगों ने भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सड़क पर सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और तेज गति से बचने की अपील की है।
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    मंगलवार शाम, वारासिवनी थाना क्षेत्र के ग्राम डोंगरगांव में स्थित कोंडलपथ मंदिर के समीप एक भीषण सड़क हादसे में पाँच लोग घायल हो गए। दो बाइकों के बीच हुई इस टक्कर के बाद, सभी घायलों को 108 एम्बुलेंस की मदद से सिविल अस्पताल वारासिवनी ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला चिकित्सालय बालाघाट रेफर कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार, लिंगमारा निवासी देवनसिंह मड़ावी अपने परिवार के साथ शाम को वारासिवनी से लिंगमारा लौट रहे थे। इसी दौरान ग्राम डोंगरगांव के कोंडलपथ मंदिर के पास पीछे से आ रही ग्राम लिंगमारा निवासी भरतलाल बघेले द्वारा चलाई जा रही दूसरी बाइक अनियंत्रित होकर उनकी बाइक से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहनों पर सवार लोग सड़क पर गिरकर चोटिल हो गए। इस दुर्घटना में देवनसिंह मड़ावी के हाथ और पैर की अंगुली में चोट आई है, वहीं उनके साथ आर्यन मड़ावी के हाथ और पैर, वर्षा मड़ावी के हाथ व कंधे तथा शशिकला के हाथ और पैर में चोटें लगी हैं। चिकित्सकों ने वर्षा मड़ावी के दाहिने हाथ में फ्रैक्चर की भी पुष्टि की है। दूसरी ओर, दूसरी बाइक चला रहे भरतलाल बघेले के सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उनकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है।

दुर्घटना के तुरंत बाद, आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने घायलों की सहायता की और 108 एम्बुलेंस को सूचित किया। सूचना मिलते ही, 108 एम्बुलेंस के ईएमटी गजेंद्र पंजरे और पायलट इस्माईल खान मौके पर पहुँचे और सभी घायलों को सिविल अस्पताल वारासिवनी पहुंचाया। सिविल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के उपरांत, बेहतर इलाज के लिए सभी घायलों को जिला चिकित्सालय बालाघाट स्थानांतरित कर दिया गया। पुलिस ने भी दुर्घटना की सूचना मिलते ही मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल व्याप्त हो गया था। स्थानीय लोगों ने भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सड़क पर सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और तेज गति से बचने की अपील की है।
    user_Aanand Verma
    Aanand Verma
    वारासिवनी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
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