पत्नी की फोटो एडिट कर वायरल करने से लेकर मारपीट, मोबाइल व ₹12 हजार छीनने के आरोप; शिकायतकर्ता ने जांच प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल जनपद जालौन में एक शिकायत के बाद हुई पुलिस जांच को लेकर मामला गरमा गया है। थाना सिरसाकलार क्षेत्र से जुड़े इस प्रकरण में अक्षय कुमार पुत्र चन्द्रपाल ने पुलिस अधीक्षक जालौन को प्रार्थना पत्र देकर अपने साथ कथित मारपीट, मोबाइल फोन और नकदी छीने जाने तथा पत्नी की फोटो एडिट कर वायरल किए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, 15 जुलाई 2026 को उसकी पत्नी की फोटो को एडिट कर आपत्तिजनक तरीके से व्हाट्सऐप पर वायरल किया गया। जानकारी मिलने पर उसने 112 नंबर पर सूचना दी और थाना सिरसाकलार में शिकायत की। शिकायत में आरोप है कि बाद में जब वह वापस आ रहा था, तब रास्ते में उसकी पत्नी सहित कुछ अन्य लोगों ने उसके साथ कथित रूप से मारपीट की। शिकायतकर्ता ने मोबाइल फोन छीनने और जेब में रखे 12 हजार रुपये ले जाने का भी आरोप लगाया है। अब पुलिस जांच पर ही उठ रहे सवाल मामला उस समय और गंभीर हो गया जब शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक को दिए दूसरे प्रार्थना पत्र में जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उसका आरोप है कि जांच के दौरान उसके और उसके परिवार के पक्ष को उचित तरीके से नहीं सुना गया तथा बाद में ऐसी रिपोर्ट लगा दी गई, जिस पर उसे आपत्ति है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की दोबारा निष्पक्ष जांच किसी सक्षम अधिकारी से कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। दस्तावेजों में पुलिस स्तर पर जांच किए जाने का उल्लेख भी है। ऐसे में अब असली सवाल यही है कि शिकायतकर्ता के आरोपों की जांच कितनी निष्पक्षता से हुई और जांच के दौरान दोनों पक्षों के बयान एवं उपलब्ध साक्ष्यों को किस तरह परखा गया? सवाल कई, जवाब जरूरी वायरल फोटो की सच्चाई क्या है? कथित मारपीट की घटना में वास्तव में क्या हुआ? मोबाइल और ₹12 हजार से जुड़े आरोपों की जांच कैसे हुई? शिकायतकर्ता द्वारा उठाई गई जांच संबंधी आपत्तियों का समाधान हुआ या नहीं? क्या पूरे मामले में दोनों पक्षों को समान अवसर देकर निष्पक्ष जांच की गई? हालांकि, ये सभी आरोप शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र में लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इन दस्तावेजों से नहीं होती। संबंधित दूसरे पक्ष और पुलिस का आधिकारिक विस्तृत पक्ष सामने आना अभी बाकी है। सच की राह में सवाल हजार मिलते हैं, हर मोड़ पर कुछ नए सवाल मिलते हैं। फैसला जल्दबाजी में नहीं, जांच के बाद हो, क्योंकि इंसाफ में दोनों पक्षों के बयान जरूरी होते हैं। अब देखना यह होगा कि पुलिस के उच्चाधिकारी इस मामले में दोबारा निष्पक्ष जांच कराते हैं या नहीं। आखिर शिकायतकर्ता की शिकायत में कितनी सच्चाई है और जांच रिपोर्ट कितनी निष्पक्ष—यह जांच के बाद ही साफ होगा। आपकी क्या राय है? क्या ऐसे मामलों में दोबारा निष्पक्ष जांच होनी चाहिए? क्या शिकायतकर्ता की आपत्ति पर उच्च अधिकारी को खुद संज्ञान लेना चाहिए? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। वीडियो पसंद आए तो लाइक करें, शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें। #Jalaun #UraiNews #Urai #Sirsakalar #JalaunPolice #UPPolice #SPJalaun #CrimeNews #CrimeNewsJalaun #UPCrime #UPCrimeNews #UPNews #UttarPradeshNews #JalaunSamachar #UraiSamachar #PoliceComplaint #NewsUpdate #NewsAlert #JalaunLive #UraiLive #UPNewsToday #JalaunReporter #JalaunJournalist #जनपद_जालौन #जालौन #उरई #सिरसाकलार #जालौन_पुलिस
पत्नी की फोटो एडिट कर वायरल करने से लेकर मारपीट, मोबाइल व ₹12 हजार छीनने के आरोप; शिकायतकर्ता ने जांच प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल जनपद जालौन में एक शिकायत के बाद हुई पुलिस जांच को लेकर मामला गरमा गया है। थाना सिरसाकलार क्षेत्र से जुड़े इस प्रकरण में अक्षय कुमार पुत्र चन्द्रपाल ने पुलिस अधीक्षक जालौन को प्रार्थना पत्र देकर अपने साथ कथित मारपीट, मोबाइल फोन और नकदी छीने जाने तथा पत्नी की फोटो एडिट कर वायरल किए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, 15 जुलाई 2026 को उसकी पत्नी की फोटो को एडिट कर आपत्तिजनक तरीके से व्हाट्सऐप पर वायरल किया गया। जानकारी मिलने पर उसने 112 नंबर पर सूचना दी और थाना सिरसाकलार में शिकायत की। शिकायत में आरोप है कि बाद में जब वह वापस आ रहा था, तब रास्ते में उसकी पत्नी सहित कुछ अन्य लोगों ने उसके साथ कथित रूप से मारपीट की। शिकायतकर्ता ने मोबाइल फोन छीनने और जेब में रखे 12 हजार रुपये ले जाने का भी आरोप लगाया है। अब पुलिस जांच पर ही उठ रहे सवाल मामला उस समय और गंभीर हो गया जब शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक को दिए दूसरे प्रार्थना पत्र में जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उसका आरोप है कि जांच के दौरान उसके और उसके परिवार के पक्ष को उचित तरीके से नहीं सुना गया तथा बाद में ऐसी रिपोर्ट लगा दी गई, जिस पर उसे आपत्ति है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की दोबारा निष्पक्ष जांच किसी सक्षम अधिकारी से कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। दस्तावेजों में पुलिस स्तर पर जांच किए जाने का उल्लेख भी है। ऐसे में अब असली सवाल यही है कि शिकायतकर्ता के आरोपों की जांच कितनी निष्पक्षता से हुई और जांच के दौरान दोनों पक्षों के बयान एवं उपलब्ध साक्ष्यों को किस तरह परखा गया? सवाल कई, जवाब जरूरी वायरल फोटो की सच्चाई क्या है? कथित मारपीट की घटना में वास्तव में क्या हुआ? मोबाइल और ₹12 हजार से जुड़े आरोपों की जांच कैसे हुई? शिकायतकर्ता द्वारा उठाई गई जांच संबंधी आपत्तियों का समाधान हुआ या नहीं? क्या पूरे मामले में दोनों पक्षों को समान अवसर देकर निष्पक्ष जांच की गई? हालांकि, ये सभी आरोप शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र में लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इन दस्तावेजों से नहीं होती। संबंधित दूसरे पक्ष और पुलिस का आधिकारिक विस्तृत पक्ष सामने आना अभी बाकी है। सच की राह में सवाल हजार मिलते हैं, हर मोड़ पर कुछ नए सवाल मिलते हैं। फैसला जल्दबाजी में नहीं, जांच के बाद हो, क्योंकि इंसाफ में दोनों पक्षों के बयान जरूरी होते हैं। अब देखना यह होगा कि पुलिस के उच्चाधिकारी इस मामले में दोबारा निष्पक्ष जांच कराते हैं या नहीं। आखिर शिकायतकर्ता की शिकायत में कितनी सच्चाई है और जांच रिपोर्ट कितनी निष्पक्ष—यह जांच के बाद ही साफ होगा। आपकी क्या राय है? क्या ऐसे मामलों में दोबारा निष्पक्ष जांच होनी चाहिए? क्या शिकायतकर्ता की आपत्ति पर उच्च अधिकारी को खुद संज्ञान लेना चाहिए? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। वीडियो पसंद आए तो लाइक करें, शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें। #Jalaun #UraiNews #Urai #Sirsakalar #JalaunPolice #UPPolice #SPJalaun #CrimeNews #CrimeNewsJalaun #UPCrime #UPCrimeNews #UPNews #UttarPradeshNews #JalaunSamachar #UraiSamachar #PoliceComplaint #NewsUpdate #NewsAlert #JalaunLive #UraiLive #UPNewsToday #JalaunReporter #JalaunJournalist #जनपद_जालौन #जालौन #उरई #सिरसाकलार #जालौन_पुलिस
- माती कोर्ट ने किशोरी से छेड़छाड़ करने व विरोध करने पर गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी देने के मामले में अभियुक्त को 3 वर्ष कारावास की सजा सुनाई और ₹10,000 के अर्थदंड से किया दंडित किशोरी से छेड़छाड़ करने व विरोध करने पर गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी देने के मामले में माती कोर्ट में माननीय न्यायालय एडीजे 13 ने अभियुक्त अजय सिंह पाल पुत्र राजन सिंह निवासी सिहुरा थाना अमराहट जनपद कानपुर देहात को दोषी करार दिया और अभियुक्त को 3 वर्ष कारावास की सजा सुनाई और ₹10,000 अर्थदंड से दंडित किया।1
- झींझक में पीएसी जवान के सूने घरों में लाखों की चोरी, CCTV फुटेज में दिखा संदिग्ध; मुकदमा दर्ज, तलाश में जुटी पुलिस झींझक में पीएसी जवान के सूने घरों में लाखों की चोरी, CCTV फुटेज में दिखा संदिग्ध; मुकदमा दर्ज, तलाश में जुटी पुलिस मंगलपुर थाना क्षेत्र के झींझक कस्बे के वार्ड नंबर-20 स्थित इंद्रा नगर में बंद पड़े दो मकानों को अज्ञात चोरों ने निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के जेवरात और कीमती घरेलू सामान पर हाथ साफ कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, इंद्रा नगर निवासी रामरानी पत्नी प्रेम नारायण अपनी बहू रंजना दुबे के साथ दो दिन पहले इटावा स्थित 28वीं वाहिनी पीएसी में तैनात अपने पुत्र यतेंद्र दुबे से मिलने गई थीं। इस दौरान दोनों मकान बंद पड़े थे। इसी का फायदा उठाकर रात में चोरों ने दोनों घरों के ताले तोड़ दिए और अंदर रखे सोने-चांदी के जेवरात समेत अन्य कीमती सामान चोरी कर फरार हो गए। पीड़िता रंजना दुबे ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि चोरी की वारदात के बाद आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें एक व्यक्ति मोटरसाइकिल से सामान ले जाता दिखाई दिया। फुटेज के आधार पर झींझक कस्बा निवासी प्रदुम्न दुबे की पहचान होने का दावा किया गया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। संदिग्ध की तलाश में पुलिस टीम जुटी हुई है और CCTV फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। थाना प्रभारी अनिल कुमार ने मंगलवार शाम करीब 5 बजे बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- थाना कालपी क्षेत्र के #गढ़गुवां गांव में करंट लगने से एक 19 वर्षीय युवक की असमय मृत्यु हो गई है l #ब्रेकिंग_न्यूज़ #जालौन जिले #कालपी से एक #दर्दनाक खबर सामने आई है। थाना कालपी क्षेत्र के #गढ़गुवां गांव में करंट लगने से एक 19 वर्षीय युवक की असमय मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम का माहौल है। जानकारी के मुताबिक, गढ़गुवां गांव निवासी 19 वर्षीय ब्रजेन्द्र (पुत्र जय सिंह) को गंभीर हालत में शाम लगभग 5:25 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) कालपी लाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के पिता जय सिंह ने बताया कि युवक को घर घर पर लगी समरसेबल चलाते समय बिजली का तेज करंट लग गया था। घटना के बाद सीएचसी कालपी के चिकित्सा अधिकारी डॉ. विशाल सचान ने कोतवाली कालपी पुलिस को लिखित सूचना भेजी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।1