बिहार के गया जिले के फतेहपुर प्रखंड अंतर्गत कठौतिया केवाल पंचायत के निवासी दिनेश मांझी के 3 वर्षीय पुत्र पीयूष कुमार गत 17 जुलाई 2026 की देर रात गहरे बोरवेल में गिरकर संकट में फंस गए थे। इस घटना की जानकारी मिलते ही गया के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एडीएम (आपदा प्रबंधन) कुमार पंकज, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और फतेहपुर के बीडीओ, सीओ व थानाध्यक्ष को मौके पर पहुंचकर जल्द से जल्द रेस्क्यू करने का निर्देश दिया। अधिकारियों और बचाव दलों की लगभग 6 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद मासूम पीयूष कुमार को बोरवेल से जीवित और सकुशल बाहर निकाल लिया गया। इस सफल अभियान के बाद जिलाधिकारी द्वारा समाहरणालय सभाकक्ष में एक सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बचाव कार्य में जुटे एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही, इस कठिन घड़ी में संयम बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने के लिए पीयूष और उनके माता-पिता दिनेश मांझी एवं प्रमिला देवी को उपहार प्रदान किए गए। इस सम्मान समारोह में एडीएम (आपदा प्रबंधन) कुमार पंकज, एडीएम (विधि व्यवस्था) मो शफीक, डीपीआरओ दीपक चंद्र देव और ओसीडी अंकुर कुमार सहित कई अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए बताया कि इस खुले बोरवेल के लिए जिम्मेदार दोषी इंजीनियर और ठेकेदार को चिह्नित कर उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, पीएचईडी विभाग के अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में खुले पड़े सभी बोरवेल को 3 दिनों के भीतर बंद कराएं और इसका प्रमाण पत्र सौंपना सुनिश्चित करें।
बिहार के गया जिले के फतेहपुर प्रखंड अंतर्गत कठौतिया केवाल पंचायत के निवासी दिनेश मांझी के 3 वर्षीय पुत्र पीयूष कुमार गत 17 जुलाई 2026 की देर रात गहरे बोरवेल में गिरकर संकट में फंस गए थे। इस घटना की जानकारी मिलते ही गया के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एडीएम (आपदा प्रबंधन) कुमार पंकज, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और फतेहपुर के बीडीओ, सीओ व थानाध्यक्ष को मौके पर पहुंचकर जल्द से जल्द रेस्क्यू करने का निर्देश दिया। अधिकारियों और बचाव दलों की लगभग 6 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद मासूम पीयूष कुमार को बोरवेल से जीवित और सकुशल बाहर निकाल लिया गया। इस सफल अभियान के बाद जिलाधिकारी द्वारा समाहरणालय सभाकक्ष में एक सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बचाव कार्य में जुटे एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही, इस कठिन घड़ी में संयम बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने के लिए पीयूष और उनके माता-पिता दिनेश मांझी एवं प्रमिला देवी को उपहार प्रदान किए गए। इस सम्मान समारोह में एडीएम (आपदा प्रबंधन) कुमार पंकज, एडीएम (विधि व्यवस्था) मो शफीक, डीपीआरओ दीपक चंद्र देव और ओसीडी अंकुर कुमार सहित कई अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए बताया कि इस खुले बोरवेल के लिए जिम्मेदार दोषी इंजीनियर और ठेकेदार को चिह्नित कर उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, पीएचईडी विभाग के अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में खुले पड़े सभी बोरवेल को 3 दिनों के भीतर बंद कराएं और इसका प्रमाण पत्र सौंपना सुनिश्चित करें।
- गया जिले के टनकुप्पा थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में घायल एक युवक ने अपने ही चचेरे भाई पर जानबूझकर टक्कर मारने का गंभीर आरोप लगाया है।1
- झारखंड के रजरप्पा मंदिर का एक दृश्य सामने आया है, जिसमें मंदिर परिसर में मौजूद भारी भीड़ को साफ तौर पर देखा जा सकता है। वहाँ काफी संख्या में लोग जुटे हुए हैं।1
- जहानाबाद जिले के हुलासगंज में आधे-अधूरे नाले की उड़ाही की पोल खुल गई है। नाले की अधूरी सफाई के कारण अब नाले का पानी सीधे दुकानों के भीतर घुसने लगा है।1
- बिहार के गया जिले में शेरघाटी के योगापुर में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहाँ खेत में काम करने के दौरान करंट लगने से एक मजदूर की मौत हो गई। इस हादसे के बाद मृतक के चार बच्चों के सिर से उनके पिता का साया उठ गया है।1
- नवादा के हिसुआ प्रखंड में रविवार को गर्मी से हलकान लोगों को मौसम बदलने से बड़ी राहत मिली है। दिन के 4:00 बजे अचानक मौसम का मिजाज बदल गया, जिसके बाद हिसुआ प्रखंड के मंझवे, तुंगी, रेपुरा, धरमपुर और हिसुआ समेत कई अन्य गांवों में आधा घंटा तक झमाझम बारिश हुई और हवा चली। इस बारिश से मौसम सुहाना हो गया और लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि, इस खुशनुमा मौसम बदलाव के बाद क्षेत्र में दो घंटे तक बिजली गुल रही।1
- चतरा के इटखोरी बाजार में ज्वेलरी व्यवसायी दिलीप सोनी की बाइक की डिक्की से करीब 60 लाख रुपये के जेवरात चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में उड़ीसा के जाखापुर थाना क्षेत्र के दशमनिया गांव निवासी दीपक प्रधान को गिरफ्तार किया है, जो कुख्यात गुलगुलिया गैंग का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी ने प्रेसवार्ता में बताया कि आरोपी कोई साधारण चोर नहीं, बल्कि प्रशिक्षित अपराधी है। चतरा जिले के पत्थलगड़ा और जोरी में भी ज्वेलरी कारोबारियों को निशाना बनाने में इसकी संलिप्तता सामने आई है। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने वारदात से पहले व्यवसायी की दुकान और दिनचर्या की रेकी की थी। उसने ग्राहक बनकर दुकान में प्रवेश किया और आधा किलो चोरी का सोना सस्ते दाम पर बेचने का झांसा देकर व्यवसायी का विश्वास जीता। इसके बाद मौका मिलते ही वह डिक्की से जेवरात लेकर फरार हो गया। एसपी ने बताया कि गिरोह के सदस्यों को हैदराबाद में विशेष प्रशिक्षण दिया जाता था, जहां उन्हें बिना नुकसान पहुंचाए बाइक और कार की डिक्की खोलने, भीड़ में पहचान छिपाने, रेकी करने और वारदात के बाद चंद मिनटों में फरार होने की तकनीक सिखाई जाती थी। पुलिस के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का संचालन उड़ीसा से गिरोह का सरगना आकाश प्रधान करता है। वह गिरोह के सदस्यों को अपराध करने के एवज में एक लाख रुपये प्रतिमाह तक का भुगतान करता था। गिरोह में दर्जनों युवक शामिल हैं, जिन्हें योजनाबद्ध तरीके से विभिन्न राज्यों में भेजा जाता था। चतरा पुलिस इसे अपनी बड़ी सफलता मानते हुए गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी और चोरी गए जेवरात की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।1
- बिहार के घोसवरी थाना क्षेत्र के त्रिमूहान गांव में पुलिस के कुर्की अभियान के दौरान एक वारंटी ने आत्मसमर्पण कर दिया है। इस कार्रवाई के दौरान जब पुलिस ने उसके घर की तलाशी ली, तो वहां से करीब 15 लीटर देसी शराब बरामद की गई। पुलिस ने बरामद शराब को तत्काल जब्त कर लिया है और इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- बिहार की फतेहपुर पुलिस को शराब तस्कर के खिलाफ कार्रवाई करने पर धन्यवाद दिया गया है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक शराब तस्कर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश अभी भी लगातार जारी है।1
- बिहार में बारिश नहीं होने के कारण धान का बिचरा तैयार नहीं हो पा रहा है।1